21/06/2022
अब तक 100 में से 10 को नोकरी मिलती थी, बाकी 90 चप्पल चटकाते घूमते थे या हेल्पर, गार्ड, ड्राइवर, कन्डेक्टर इत्यादि बनकर अपना जीवन यापन के जुगाड़ में लग जाते थे....
अब आगे से 100 में से 25 को नोकरी, बाकी 75 को 4 साल ट्रेनिंग और लगभग 12 लाख नकद,,,,,4 साल रहना, खाना आना जाना फ्री कर दिया गया है....
अगर किसी वजह से निपट गए तो एक करोड़,,,,अपंग हो गए तो 50 लाख.....
इसके अलावा सभी फोर्स में वरीयता,,,,लोन मिलने लायक सरकारी मोहर लगी प्रोफ़ाइल.....
कुछ लोगो को यह घी हज़म नही हो रहा है....
अबे जिनको कलेक्टर बनना है उनको कौन रोक रहा है.....वे बनो,,,,
17 साल की उम्र में कौन कलेक्टर बन जाता है....???
22 साल का कौन लड़का अभी तक कमाने की योग्यता रखने लायक बन जाता है...??
अबे जिंदगी ही 22 के बाद शुरू होती है मूर्खो,,,,,तब तुम्हारे एक हाथ में स्किल, सरकारी सर्टिफिकेट और दूसरे हाथ में 12 लाख होंगे,,,,अगर कंजूसी करोगे तो ये 20 लाख भी हो सकते हैं....
जिन लड़को को अपनी पढ़ाई पर विश्वास है कि वो इंटेलिजेंट हैं और पढ़कर आगे जा सकते हैं कलक्टर, आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, क्लर्क, बन सकते हैं,,,,या फिर जिनके मां बाप के पिछवाड़े में दम है कि वो अपने बच्चे को पैसे या अपनी दुकान, प्रोपर्टी के दम पर कामयाब कर सकते हैं ,,,,,,,यह योजना उन लोगों के लिए है ही नही....
लेकिन जो परिवार अपने बच्चे के बड़े होने की राह देख रहा है कि कब मेरा बच्चा बड़ा हो और परिवार को संभाले,,,,कमजोर आर्थिक स्थिति को सुधारे,,,,, बहन की शादी कराए,,,,,घर में छप्पर पड़ा है उसे हटाए.....
उनके पेट पर,,, उनकी आशाओं पर कुठाराघात करने की कोशिशें क्यों कर रहे हो,,,,,, पापियों.....
अबे तुम्हे कोई जबर्दस्ती घर से उठाकर लेकर जा रहा है क्या...??
जैसे अब तक जी रहे थे आगे भी उसी तरह जियो....
चप्पल चटकाते,,,,सरकार को गरियाते,,,,,, मां बाप को दोष देते,,,,, भगवान को दोष देते....
क्योंकि जिसे ईमानदारी से मेहनत करनी है और जीवन में कुछ करना है उसे 22 साल की उम्र में स्किल दे दो और 20 लाख रुपए दे दो,,,,,साथ में लोन लेने लायक प्रोफ़ाइल दे दो
फिर उसे आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता....
बाकी टॉमी भौंकते थे,,,,भौंकते हैं,,,,,भोंकते रहेंगे.....
क्योंकि ईश्वर ने उन्हें भौंकने के लिए ही जन्म दिया है ।एक सीधी सी बात है जिसको अग्निवीर नही बनना,
कोई जबरदस्ती नही कर रहा, जरूरी नही है जाना।
जो जाना चाहते है ये भर्ती उनके लिए है,
तुम बनो कलेक्टर,करते रहो पढाई,किसने रोका है।
जिनको “अग्निपथ” योजना नहीं समझ आ रही उनके लिए पहले से मनरेगा है ना - ओर तुम उसी लायक हो।
औकात 'मनरेगा' की हो तो
‘अग्निवीर' समझ नहीं आयेगा।
अग्नि पथ योजना का "हिंसक विरोध" ये बताता है कि - चोट "सही जगह" करने का प्रयास हुआ है ।
बस जरूरत है “वामपंथी और कांगी” जैसे विरोधी दलों से इसे बचाने और अडिग रह कर लागू करने की ।
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वैसे “Armed Forces” की “रेगुलर भर्ती” बंद नहीं हुई है।