19/10/2024
कितनी आसानी से सफ़ेद झूंठ बोलते हैं लोग
We are here to help the students who are in problem regarding their subjects.
19/10/2024
कितनी आसानी से सफ़ेद झूंठ बोलते हैं लोग
अब लगे रहेंगे पक्ष विपक्ष आरोप प्रतिआरोप में लेकिन काम कोई नहीं करवाएगा।
हर उस जगह पर पहुंचेंगे जहाँ समस्या है।
इस से एक बात तो साफ है ये सभी समस्याओं को जानते हैँ मगर जानबूज कर अनजान बने रहते हैँ।
गोल माल है सब गोलमाल है
जिसे खा रहे सब जानता का माल है
मजबूर है जानता पूरे शहर का बुरा हाल है।
बरसाती मेंढको के निकलने का समय चल रहा है दोस्तों जरा संभल कर रहना।
एक बात तो सच है
आप सावन के अंधे को सही नहीं दिखा सकते ।
लेकिन ये भी बात सच है जब तक उसे अकल आती है तब तक सब कुछ निकल चुका होता है
अहंकार इतना की जले जा रहे हैं,
अपने ही अपनों से दूर चले जा रहे हैं।
ना जाने कहाँ खो गया है भाईचारा,
अन्धकार ही अन्धकार में चले जा रहे हैं।
कुछ लोग रिश्तों को इस तरह चाट रहे हैँ,
की दीमक भी हैरत मान रहे है ।
ताक पर रख दी है उन्होंने शर्मो-हया,
भाई को भाई से बांट रहे है।
कुछ लोग पैदाइसी एहसान फरामोश होते हैँ
उनका कितना भी भला कर लो
डंक मारे बिना नहीं मानते
17/09/2023
THE NAME YOU CAN TRUST UPON
चापलूसों का जमाना है,
ईमानदारी का न कोई ठिकाना है। मेहनत नहीं देखता कोई, बस आजकल यही जमाना है ।
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