11/03/2018
"अद्भुत प्रशिक्षण संस्थान"
प्रदेश का एक मात्र ऐसा आवासीय संस्थान जहाँ डिफेंस की तैयारी के लिए समस्त संसाधन उपलब्ध हैं। अपनी गौशाला से उत्पन्न शुद्ध देशी गाय का दूध, पोषक तत्वों से भरपूर अपने खेतों से उपजाये गये शुद्ध अनाज व सब्जियां। योग प्राणायाम का उच्च कोटि का प्रशिक्षण, शारीरिक प्रशिक्षण के लिए करनल व सी ओ रैंक के अधिकारियों से लेकर सूबेदार तक उपलब्ध। हर तीसरे महीने पर्वतारोहण के प्रशिक्षण के लिए पहाड़ी इलाकों मे बच्चों के पर्यटन की व्यवस्था। हार्स राइडिंग से लेकर तैराकी की व्यवस्था। रोप क्लाइंबिंग, बाक्सिंग, किक बाक्सिंग इत्यादि खेलों के प्रशिक्षण के लिए उच्चकोटि के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उपलब्ध। ध्यान योग के लिए उच्च कोटि के प्रशिक्षक उपलब्ध। मानसिक स्तर को मजबूत करने के लिए उच्च कोटि का शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण। किसी भी सेक्टर मे प्रवेश प्राप्ति के लिए लिखित परीक्षा मे निश्चितरुप से सफलता दिलाने के लिए अत्यन्त योग्यवान व अनुभवी अध्यापकगण।
इन सबके साथ साथ हम लेते हैं बच्चों के शत प्रतिशत चयनित होने की गारंटी। जय हिंद।।
20/02/2018
एस्सेल डिफेंस एकैडमी, खजुरहट, फैजाबाद। प्रदेश का पहला ऐसा प्रशिक्षण संस्थान होगा, जहाँ आपके बच्चों को मिलेगा उच्च कोटि के प्रशिक्षण के साथ साथ चिकित्सीय निरीक्षण मे उच्च पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थ, अनाज व सब्जियों की पैदावार भी संस्थान स्वयं की भूमि मे जैविक खाद के ही माध्यम से करेगा, दुग्ध उत्पादन का कार्य भी संस्थान स्वयं की गौशाला मे करेगा जिससे बच्चों को उच्च गुणवत्तायुक्त शुद्ध दूध उपलब्ध हो सकेगा। उच्च कोटि की दिनचर्या से युक्त होगा बच्चों का प्रत्येक दिन। तथा बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के प्रति इस स्तर तक जागरुक किया जाएगा कि वे स्वयं ही रातदिन एक करने लगेंगे अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए। एस्सेल डिफेंस एकैडमी कर रहा है स्वयं के स्टेडियम का निर्माण भी, जहाँ 400 मीटर का रेसिंग टृैक होगा, एक फुटबाल ग्राउंड होगा, एक उच्च कोटि के जिम के साथ साथ होगा एक स्वीमिंग पूल भी। अतः अपने बच्चों के भविष्य के शत प्रतिशत निर्माण के लिए उन्हें हमारे संस्थान मे आज ही पंजीकृत करें।
10/02/2018
एस्सेल डिफेंस एकैडमी का मतलब शतप्रतिशत सफलता के साथ सेना मे चयन। जय हिन्दी।।
07/02/2018
।।ॐ श्री गणेशाय नमः।।
वक्रतुण्ड महाकाय, सर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।