Mr. Ziddi Jaat official
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07/09/2023
तुमको था मुझपे हां यकीन कितना था
अफसोस ये ख्वाब था मगर हसीन कितना था
काश के उस रात की सुबह हुई न होती
सुबह का मौसम खिला था मगर गमगीन कितना था
अफसोस ये ख्वाब था मगर हसीन कितना था
हर बात पे हामी भरनी ये कब तय हुआ था
हर बात पे आंह भरना ये कब तय हुआ था
तय तो हुआ था एक दूसरे का ख्याल रखेंगे
मामला मोहब्बत का है माना मगर संगीन कितना था
अफसोस ये ख्वाब था मगर हसीन कितना था
तुम ना मिलते तो क्या में चल नही पाता
अपने हालात ए जिंदगी क्या में बदल नही पाता
तुमसे मिलकर लगा रंग मेरा फीका फीका सा है
थोड़ा तन्हा सा था में मगर रंगीन कितना था
अफसोस ये ख्वाब था मगर हसीन कितना था
Jaat ki jaatni 😎😍
Om namah shivaya 🙏🙏
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Etmadpur
14/03/2024