24/08/2025
*एक जीर्ण-शीर्ण विरासत 111 साल की इमारत राजकीय इंटर कॉलेज एटा के ऐतिहासिक भवन के विशाल हाल को संवारने-बचाने हेतु विनम्र अनुरोध*
*आदरणीय बन्धुओ*,
आप सब भली भांति जानते हैं कि जिला एटा स्थित जी आई सी ( राजकीय इंटर कॉलेज, एटा ) का भवन 111 साल पुराना होने के साथ साथ एक शिक्षा का मंदिर ही नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर है, विरासत है। समूचे राज्य में इतना पुराना कोई भी न तो इंटर कॉलेज है और न ही किसी कालेज की इमारत 111 साल पुरानी है। वैसे तो इस कालेज के छात्रों को कई बार हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा में समूचे प्रदेश में सर्वोच्च स्थान हासिल करने का गौरव मिला है। यही नहीं इस कालेज के छात्र ने भारत सरकार के केंद्रीय वित्त सचिव के पद को भी सुशोभित किया है। और तो और एडीजीपी ( पुलिस ), आई जी, ब्रिगेडियर, कर्नल, मेजर, नौ सेना के कमांडर व वायु सेना में ग्रुप कैप्टन, डी आर डी ओ, इसरो के वैज्ञानिक सहित पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन महामहिम ए पी जे अब्दुल कलाम साहब के सहयोगी के पदों तक को इस कालेज के छात्रों ने सुशोभित किया है। शिक्षा, साहित्य, विज्ञान, कला, गीत-संगीत, खेल,राजनीतिक क्षेत्र में भी इस कालेज के छात्रों ने समय-समय पर अनेकों कीर्तिमान भी स्थापित किये हैं। प्रख्यात क्रांतिकारी गणेश शंकर विद्यार्थी के सहयोगी रहे अमर शहीद महावीर सिंह राठौर, प्रख्यात गीतकार पद्मविभूषण गोपाल दास नीरज, प्रख्यात हाकी खिलाड़ी वायु सेनाधिकारी देवेन्द्र सिंह तोमर एवं फ्लाइंग आफीसर रवीन्द्र नाथ रावत , पूर्व सांसद हरनाथ सिंह यादव, दूरदर्शन के निदेशक अखिलेश गुरहा, ब्रिगेडियर योगेश गुरहा, सीनियर एडवोकेट मनमोहन वर्मा, उ०प्र० की हाई स्कूल परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त आयुष वैज्ञानिक डा० चंडीश्वर नाथ, पूर्व राष्ट्रपति के सहयोगी रहे कृष्ण मोहन वर्मा, उ० प्र० में इंटरमीडिएट की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त अजय रस्तोगी, केन्द्रीय सचिव राजीव टकरू, जिले में शिक्षा के विकास में अग्रणी भूमिका निबाहने वाले राजनीतिज्ञ समाजसेवी मनोज चतुर्वेदी, कृषि वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह पुंढीर, सी ई ओ सर्वेश गुरहा, शिक्षाविद डा० रामनिवास यादव, हृदय रोग विशेषज्ञ डा० मुकेश जैन, आगरा मेडीकल कालेज के प्राचार्य रहे डा. ए.के.गुप्ता, डा० आदित्य अग्रवाल, आईपीएस एडीजीपी अजय चौधरी, आई ए एस राजेश यादव एवं ए डी जी पी नवनीत सिकेरा, कांगो स्थित शांति सेना में प्रतिनिधि अधिकारी रहे आईपीएस उपेंद्र बघेल, जवाहरलाल नेहरू पी जी कालेज के प्रबंधक रामनरेश मिश्रा, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रहे ग्रीश चंद्र मिश्रा, वैज्ञानिक सत्य प्रकाश, विधायक सदर प्रजापालन वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष/ विधायक अजय यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख वजीर सिंह यादव, डा० आशा अग्रवाल, ,पूर्व निदेशक बेसिक शिक्षा, उ०प्र० संजय यादव , डा० रमाकांत यादव, डिप्टी डायरेक्टर, सैफई मेडीकल कालेज , पूर्व ब्लाक प्रमुख अजब सिंह, डा० अखिलेश सोलंकी, बी एस एन एल लखनऊ के चीफ जनरल मैनेजर राजेश कुमार,चीफ जनरल मैनेजर ओ एन जी सी सुशील आर्य, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश अचल कुमार पालीवाल, टैक्निकल आफीसर जियो टैलीकाम राजीव गुप्ता, उप महाप्रबंधक बी एस एन एल आगरा अखिलेश मिश्रा, विमल प्रकाश दुबे जनरल मैनेजर सिडबी ,ए आर एम राजेश यादव, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पुरुषोत्तम दास, ए डी जे राजवीर सिंह, डा० सुभाष यादव, डा० हरेंद्र यादव, देवेन्द्र सिंह चौधरी बंटी ब्लाक प्रमुख आदि अनेकों ऐसे छात्र / छात्राएं रहे हैं जिन्होंने बीते दशकों में इस कालेज का न केवल नाम रौशन किया बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग विलक्षण पहचान भी बनाई।
यहां यह जानकारी देना भी प्रासंगिक है कि वर्ष 2016 में भी इस प्राचीन विरासत के जीर्णोद्धार हेतु इस कालेज के पूर्व छात्रों द्वारा प्रयास किये गये थे और निर्माण विशेषज्ञों व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों-अभियंताओं द्वारा निर्माण व्यय का आकलन किया गया था और उसे स्वीकृति हेतु राज्य सरकार को भेजा गया था। लेकिन विधान सभा चुनावों की घोषणा और आचार संहिता लग जाने के कारण वह प्रयास परवान नहीं चढ़ पाया। विगत दिनों जी आई सी में प्रतिभाशाली फुटबाल खिलाड़ी बालिकाओं के सम्मान और दशम पुस्तक महोत्सव के आयोजन से सम्बंधित मिलन समारोह के अवसर पर कालेज भवन एवं उसके हाल के जीर्णोद्धार का मुद्दा फिर उठा। इस अवसर पर मौजूद दिल्ली के स्पेशल पुलिस कमिश्नर अजय चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में कालेज के पूर्व छात्रों, प्राचार्यों, शिक्षकों तथा खिलाड़ियों ने एक स्वर से कहा कि कालेज के जीर्णोद्धार के सम्बंध में हमें अब अपने स्तर पर क्रमबद्ध योजना के तहत प्रयास करने चाहिए और कालेज के पूर्व छात्रों के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों-वर्गों से भी सहयोग हेतु अपील करनी चाहिए। सबसे पहले हमें कालेज के विशाल हाल के जीर्णोद्धार का प्रयास करना चाहिए। हमें इस अभियान में जुट जाना चाहिए और सभी से सहयोग हेतु अपील करनी चाहिए।
अत: आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि इस पुनीत पावन यज्ञ में अपना सामर्थ्य भर सहयोग दे शिक्षा के इस प्राचीन मंदिर एवं ऐतिहासिक धरोहर कहें या विरासत को बचाने के प्रयास में हर संभव योगदान देने का कष्ट करें। यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है कि इस पुनीत पावन यज्ञ में कालेज के दिवंगत पूर्व छात्रों के परिजनों द्वारा भी उनकी पुण्य स्मृति में किया गया योगदान महत्वपूर्ण होगा । यह एक प्रेरणादायी प्रयास होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि कालेज भवन के समक्ष 1969 में कालेज के यशस्वी प्रधानाचार्य श्री बाबूलाल जी गुप्त के प्रयास से कालेज के पूर्व छात्रों व उनके अभिभावकों के योगदान से महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर फब्बारे का निर्माण किया गया था। इसके अलावा 2008-2009 के सत्र में तत्कालीन प्रधानाचार्य शौकीन सिंह यादव के कार्यकाल में कालेज के पूर्व क्रीड़ा व छात्रावास अधीक्षक तथा बाद में प्रधानाचार्य रहे श्री ब्रजपाल सिंह यादव स्मृति उद्यान के आगे लगे *फब्बारे के समक्ष शिलापट में उसके निर्माण व जीर्णोद्धार में सहयोगी दानदाताओं के नाम आज भी अंकित हैं। इस जीर्णोद्धार की योजना में सहयोग करने वाले एवं दान दाताओं के नाम हाल में शिला पटों पर अंकित किये जायेंगे जो भावी दशकों तक स्मृति स्वरूप जीवंत रहेंगे*। यह भी कि विगत वर्षों में कालेज के पूर्व छात्र व ए डी जी पी श्री अजय चौधरी द्वारा छात्रों के बैठने हेतु कुर्सियों के निमित्त एक लाख रुपये की राशि कालेज को दी गयी है। पूर्व छात्र विधायक श्री प्रजापालन वर्मा ने कालेज के मुख्य द्वार का निर्माण कराया है व नगर पालिका परिषद एटा के चेयरमैन रहे श्री राकेश गांधी द्वारा कालेज की टूटी दीवार के कुछ हिस्से का भी निर्माण करवाया गया है। यहां आप सभी को यह जानकारी देना आवश्यक है कि *कालेज के 2014 में सम्पन्न शताब्दी समारोह के आयोजन में व्यय उपरांत 36 हजार रुपये की शेष धनराशि अभी भी राष्ट्रीय कृत बैंक पंजाब नेशनल बैंक, एटा की जी टी रोड स्थित मुख्य शाखा में जमा है और हाल के जीर्णोद्धार हेतु जमा राशि के व्यय आदि में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता बरती जायेगी।*
अंत में हम सभी कालेज के प्रतिभाशाली व कालेज की राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पताका फहराने वाले अनाम छात्रों के नाम अनजाने में हमसे उल्लेख किये जाने से छूट गये हैं, उनसे हम करबद्ध क्षमा मांगते हैं। आशा है वे सभी साथी हमें क्षमा करने की कृपा करेंगे।
*हम सभी आपके इस मूल्यवान योगदान के प्रति सदैव आभारी रहेंगे। सादर। ससम्मान।*
Copy