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नवाचारी शिक्षण

28/09/2026
26/09/2026

_ORIGIN OF RIVER NARMADA_ -
भूगोल किताब से अलग कहानी

*1. गंगा से भी पुरानी:*
आपकी भूगोल की किताब कहती है गंगा भारत की सबसे बड़ी नदी है, पर विज्ञान कहता है गंगा छोटी है। हिमालय बनने से पहले भी एक नदी इस धरती पर बह रही थी - *नर्मदा।*

जब करोड़ों साल पहले भारतीय प्लेट प्राचीन महाद्वीप गोंडवाना से टूट कर अलग हुई, तो धरती में एक दरार बनी। उसी दरार में नर्मदा बही। गंगा तो हिमालय बनने के बाद आई, नर्मदा हिमालय से भी पहले की है।

*2. सबसे विद्रोही नदी:*
भारत की बाकी सभी बड़ी नदियाँ पूरब की ओर बह कर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, पर नर्मदा नियम नहीं मानती। वो पश्चिम की ओर बहती है।

- *लंबाई:* 1,312 KM - अमरकंटक से अरब सागर तक
- *खास बात:* इसका कोई डेल्टा नहीं बनता। अंत में बिखरती नहीं, एक ही मुंह से समुद्र में मिल जाती है। वही रास्ता जो उसने पहाड़ बनने से पहले बनाया था।

*3. टाइम कैप्सूल है इसकी घाटी:*
नर्मदा घाटी में इतिहास दफन है -
- 6.5 करोड़ साल पुराने डायनासोर के जीवाश्म
- 5 लाख साल पुरानी मानव खोपड़ी - *नर्मदा मानव* जो हाथनोरा, सीहोर में मिली
- 10,000 साल पुरानी भीमबेटका की गुफा चित्रकला - जो आपकी धार जिले के पास ही है

*4. हर पत्थर शिव है:*
यहाँ लोग नदी को पानी नहीं मानते। परंपरा है - नर्मदा के तल से कोई भी पत्थर निकालो, वो पहले से ही शिव है। उसे *नर्मदेश्वर शिवलिंग* कहते हैं। एक मंदिर नहीं, लाखों पत्थर, हर एक अपने आप में पवित्र।

*5. परिक्रमा - दुनिया में कहीं नहीं:*
इसी आस्था से *नर्मदा परिक्रमा* जन्मी। लोग सिर्फ दर्शन करने नहीं आते, पूरी नदी की पैदल यात्रा करते हैं। दोनों किनारे, उद्गम से समुद्र तक और वापस - कभी-कभी 3 साल तक लग जाते हैं। एक ही नियम - कभी नदी पार करके दूसरा किनारा नहीं जाना। इसे परिक्रमा कहते हैं और ऐसी परंपरा भारत की किसी और नदी में नहीं है।

आखिरी लाइन वीडियो की सबसे सुंदर है -
> *Ganga gives us life. Narmada watched life begin.*
> गंगा हमें जीवन देती है, नर्मदा ने जीवन को शुरू होते देखा है।

*नर्मदा परिक्रमा क्या है?*

*3 साल, 3 महीने, 13 दिन* की परंपरा है, पर आजकल लोग टुकड़ों में भी करते हैं।

1. *मुख्य परिक्रमा:* अमरकंटक (उद्गम) से शुरू करो, दक्षिण किनारे से चलते हुए भरूच (समुद्र) जाओ, फिर नदी पार करके उत्तर किनारे से वापस अमरकंटक आओ। पूरा चक्कर - *2600-3000 KM पैदल।*

*नियम जो परिक्रमा वासी मानते हैं:*
- नर्मदा को कभी पार नहीं करना (जब तक समुद्र न आ जाए)
- नर्मदा का पानी ही पीना, बाहर का खाना नहीं मांगना
- दिन में पैदल चलना, रात में किसी आश्रम/मंदिर में रुकना
- 3 बार नर्मदा स्नान

23/09/2026

विज्ञान संचारक, आर के साइंस पार्क गोंदिया, शिक्षा फाउंडेशन, नीरज व रश्मि वर्मा

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23/09/2026

*राज्य अलंकरण 2026
आयोजक प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़*

विज्ञान रत्न श्री सुरेश अग्रवाल महाराष्ट्र 40 वर्ष से अधिक क्षेत्र विज्ञान प्रयोग पर कार्य

*सरस्वती पुत्र सम्मान*

*उत्कृष्ट खोजिया विद्यार्थी सामान*

*उत्कृष्ट विद्यालय सम्मान*

*महर्षि वशिष्ठ गुरु सम्मान*

*हरित योद्धा सम्मान*

उत्कृष्ट कार्य हेतु अन्य विभिन्न सम्मान

संस्था NEST की पर्यावरण एवं विज्ञान दो पुस्तक का विमोचन

अतिथियों एवं संस्था के विज्ञान संचारकों के द्वारा पद प्रक्षालन साथ सम्मानित किया गया

22/09/2026

विज्ञान रत्न श्री सुरेश अग्रवाल

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