Solution Point Dinara

Solution Point Dinara रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं

सबर कर बन्दे मुसीबत के दिन भी गुज़र जायेंगे,
हसी उड़ाने वालो के भी चेहरे उतर जायेंगे.

उपवास अन्न का ही नहीं
बुरे विचारो का भी करे.

सोच ये ना रखें की मुझे रास्ता अच्छा मिले, बल्कि
ये होना चाहिए कि मैं जहां पाव रखूं वो रास्ता अच्छा हो जाए. Sab Kuch Mil Jaaye to Jine Ka Kya Maza,
Jine Ke Liye Ek Kami Bhi Zaruri Hai.

जो अपने कदमों की काबिलियत पर विश्वास रखते हैं,
वो ही अक्सर मंजिल पर पहूँचते है.



जीना हैं तो दिपक की तरह जिओ
जो महल मे भी उतना ही प्रकाश देता हैं
जितना की गरीब की झोपड़ी में ।।

सुख भी बहुत है, परेशानियाँ भी बहुत है, लाभ भी है, हानियाँ भी बहुत है,
कया हुआ प्रभु ने थोड़े ग़म दे दिए, उसकी हम पर मेहरबानियाँ भी बहुत है

05/07/2017
27/05/2017

Happy Sunday

29/03/2017

Happy Navaratri
Jai Mata Di

26/03/2017

*❒ विश्व व देश में स्थान उत्पादन क्रम*
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
*1-हीरे का सबसे बड़ा उत्पादक देश*-रूस
*2-काजू का सबसे बड़ा उत्पादक -*भारत
*3-विश्व का सबसे बड़ा प्रमाणिक तेल भण्डार-*वेनेजुए
ला
*4-कपडा निर्यात में भारत का स्थान-*दूसरा
*5-सब्जी उत्पादन में भारत का स्थान-*दूसरा
*6-फल उत्पादन में भारत का स्थान-*दूसरा
*7-रेशम कीट पालन में भारत का स्थान-*दूसरा
*8-मत्स्य पालन में भारत का स्थान-*तीसरा
*9-मेंग्नीज़ उत्पादन में अग्रणी राज्य-*उडीसा
*10-मसाले उत्पादन में अग्रणी राज्य-*केरल
*11-कोयला उत्पादन में अग्रणी राज्य-*छत्तीसगढ़
*12-चीनी उत्पादन में अग्रणी राज्य-*उत्तर प्रदेश
*13-गेहूँ का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य-*उत्तर प्रदेश
*14-दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य-*उत्तर प्रदेश
*15-गेहूँ उत्पादकता में अग्रणी राज्य-*पंजाब
*16-जूट का सर्वाधिक क्षेत्रफल-*पश्चिम बंगाल
*17-मत्स्य पालन में अग्रणी राज्य-*पश्चिम बंगाल
*18-सब्जी उत्पादन में अग्रणी राज्य-*पश्चिम बंगाल
*19-केसर उत्पादन में अग्रणी राज्य-* जम्मूकश्मीर
*20-सोयाबीन उत्पादन में अग्रणी राज्य-*मध्यप्रदेश
*21-शहद उत्पादन में अग्रणी राज्य-*तमिलनाडु
*22-पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य-*तमिलनाडु
*23-अँडा उत्पादन में अग्रणी राज्य-*आंध्र प्रदेश
*24-फल उत्पादन में अग्रणी राज्य-*आंध्र प्रदेश
*25-रेशम कीट पालन में अग्रणी राज्य-*कर्नाटक
*26-पेट्रोलियम उत्पादन में अग्रणी राज्य-*गुजरात
*27-ऐस्बेस्टस उत्पादन में अग्रणी राज्य-*राजस्थान
*28-सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश-*भारत

26/03/2017

GK Trick –
Shorts cuts trick Indian PM
जवाहर भऐ लाल बहादुर – इंद्र बने मुरारी !

तब चौधरी के चरण छू – इंद्र भऐ राजी !

विश्व , चंद्र नरसिंह संहारे – अटल देव भऐ गुजराला !

अटल ते मनमोहन बोले – अबकी बार मोदी सरकार !

Explanation –
ट्रिकी वर्ड प्रधानमंत्री कार्यकाल
जवाहर जवाहर लाल नेहरू 1947 – 1964
लाल बहादुर लाल बहादुर शास्त्री 1964 – 1966
इंद्र इंदिरा गांधी 1966 – 1977
मुरारी मोरारजी देसाई 1977 – 1979
चौधरी चरण चौधरी चरण सिंह 1979 – 1980
इंद्र इंदिरा गांधी 1980 – 1984
राजी राजीव गांधी 1984 – 1989
विश्व विश्व नाथ प्रताप सिंह 1989 – 1990
चंद्र चंद्रशेखर सिंह 1990 – 1991
नरसिंह पी वी नरसिम्हाराव 1991 – 1996
अटल अटल बिहारी वाजपेयी 1996 – 1996 (13 दिन)
देव एच सी देवगौडा 1996 – 1997
गुजराला I.K. गुजराल 1997 – 1998
अटल अटल बिहारी वाजपेयी 1998 – 2004
मनमोहन मनमोहन सिंह 2004 – 2014
मोदी नरेंद्र मोदी 2014 – अब तक

प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को मुर्शिदाबाद के दक्षिण में 22 मील दूर नदिया जिले में गंगा नदी के किनारे 'प्लासी' नामक स्था...
02/02/2017

प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को मुर्शिदाबाद के दक्षिण में 22 मील दूर नदिया जिले में गंगा नदी के किनारे 'प्लासी' नामक स्थान में हुआ था। इस युद्ध में एक ओर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना थी तो दूसरी ओर थी बंगाल के नवाब की सेना। कंपनी की सेना ने रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में नबाव सिराज़ुद्दौला को हरा दिया था। किंतु इस युद्ध को कम्पनी की जीत नही मान सकते कयोंकि युद्ध से पूर्व ही नवाब के तीन सेनानायक, उसके दरबारी, तथा राज्य के अमीर सेठ जगत सेठ आदि से कलाइव ने षडंयत्र कर लिया था। नवाब की तो पूरी सेना ने युद्ध मे भाग भी नही लिया था युद्ध के फ़ौरन बाद मीर जाफर के पुत्र मीरन ने नवाब की हत्या कर दी थी। युद्ध को भारत के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण माना जाता है इस युद्ध से ही भारत की दासता की कहानी शुरू होती है।

ब्रिटिश उदय

इस युद्ध से कम्पनी को बहुत लाभ हुआ वो आई तो व्यापार हेतु थी किंतु बन गई राजा। इस युद्ध से प्राप्त संसाधनो का प्रयोग कर कम्पनी ने फ्रांस की कम्पनी को कर्नाटक के तीसरे और अन्तिम युद्ध मे निर्णायक रूप से हरा दिया था। इस युद्ध के बाद बेदरा के युद्ध मे कम्पनी ने ड्च कम्पनी को हराया था।इस युद्ध की जानकारी लन्दन के इंडिया हाउस लाइब्ररी में उपलब्ध है जो बहुत बड़ी लाइब्ररी है और वहां भारत की गुलामी के समय के 20 हज़ार दस्तावेज उपलब्ध है। वहां उपलब्ध दस्तावेज के हिसाब से अंग्रेजों के पास प्लासी के युद्ध के समय मात्र 300 सिपाही थे और सिराजुदौला के पास 18 हजार सिपाही।

अंग्रेजी सेना का सेनापति था रोबर्ट क्लाइव और सिराजुदौला का सेनापति था मीरजाफर। रोबर्ट क्लाइव ये जानता था की आमने सामने का युद्ध हुआ तो एक घंटा भी नहीं लगेगा और हम युद्ध हार जायेंगे और क्लाइव ने कई बार चिठ्ठी लिख के ब्रिटिश पार्लियामेंट को ये बताया भी था। इन दस्तावेजों में क्लाइव की दो चिठियाँ भी हैं। जिसमे उसने ये प्रार्थना की है की अगर पलासी का युद्ध जीतना है तो मुझे और सिपाही दिए जाएँ। उसके जवाब में ब्रिटिश पार्लियामेंट के तरफ से ये चिठ्ठी भेजी गयी थी की हम अभी (1757 में) नेपोलियन बोनापार्ट के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं और पलासी से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे लिए ये युद्ध है और इस से ज्यादा सिपाही हम तुम्हे नहीं दे सकते।

रोबर्ट क्लाइव ने तब अपने दो जासूस लगाये और उनसे कहा की जा के पता लगाओ की सिराजुदौला के फ़ौज में कोई ऐसा आदमी है जिसे हम रिश्वत दे लालच दे और रिश्वत के लालच में अपने देश से गद्दारी कर सके। उसके जासूसों ने ये पता लगा के बताया की हाँ उसकी सेना में एक आदमी ऐसा है जो रिश्वत के नाम पर बंगाल को बेच सकता है और अगर आप उसे कुर्सी का लालच दे तो वो बंगाल के सात पुश्तों को भी बेच सकता है। और वो आदमी था मीरजाफर और मीरजाफर ऐसा आदमी था जो दिन रात एक ही सपना देखता था की वो कब बंगाल का नवाब बनेगा। ये बातें रोबर्ट क्लाइव को पता चली तो उसने मीरजाफर को एक पत्र लिखा। कम्पनी ने इसके बाद कठपुतली नवाब मीर जाफर को सत्ता दे दी किंतु ये बात किसी को पता न थी के सत्ता कम्पनी के पास है। नवाब के दरबारी तक उसे क्लाइव का गधा कहते थे कम्पनी के अफ़सरों ने जम कर रिश्वत बटोरी बंगाल का व्यापार बिल्कुल तबाह हो गया था इसके अलावा बंगाल मे बिल्कुल अराजकता फ़ैल गई थी।

पलासी युद्ध के कारण और परिणाम

आधुनिक भारत के इतिहास में प्लासी युद्ध का अत्यंत महत्व है। इस युद्ध के द्वारा ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने बंगाल के नवाब सिराजुददौला को पराजित कर बंगाल में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव डाली। इस लिए इस युद्ध को भारत के निर्णायक युद्धों में विशिष्ट स्थान उपलब्ध है। बंगाल मुगल साम्राज्य का एक अभिन्न अंग था। परन्तु औरंगजेब की मृत्यु के बाद इसके अन्तर्गत विभिन्न प्रांतों में अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर दी। जिसमें अलवर्दी खाँ ने बंगाल पर अपना अधिकार कर लिया। उन्हें कोई पुत्र नहीं था। सिर्फ तीन पुत्रियाँ थी। बड़ी लड़की छसीटी बेगम नि:सन्तान थी। दूसरी और तीसरी से एक- एक पुत्र थे। जिसका नाम शौकतगंज, और सिराजुद्दौला था। वे सिराजुद्दौला को अधिक प्यार करते थे। इसलिए अपने जीवन काल में ही उसने अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। 10 अप्रैल 1756 को अलवर्दी की मृत्यु हुई। और सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना परन्तु शुरु से ही ईस्ट इण्डिया कम्पनी के साथ उसका संघर्ष अवश्यभावी हो गया। अंत में 23 जून 1757 को दोनों के बीच युद्ध छिड़ा जिसे प्लासी युद्ध के नाम से जाना जाता है। इस युद्ध के अनेक कारण थे जो इस प्रकार है।

आंतरिक संघर्ष-

गद्दी पर बैठते ही सिराजुद्दौला को शौकतगंज के संघर्ष का सामना करना पड़ा क्योकि शौकतगंज नवाब बनना चाहता था। इसमें छसीटी बेगम तथा उसके दिवान राजवल्लाव और मुगल सम्राट का समर्थन उसे प्राप्त था इस लिए सिराजुद्दौला ने सबसे पहले उस आन्तरिक संघर्ष को सुलझाने का प्रयास किया। क्योकि इसी के चलते बंगाल की राजनीति में अंग्रेजों का हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा था नवाब ने शौकतगंज की हत्या कर दी। और इसके पश्चात उसने अंग्रेजों से मुकाबला करने का निश्चय किया।

अंग्रेज द्वारा नवाब के विरुद्ध षडयंत्र-

प्रारंभ से ही अंग्रेजों की आखें बंगाल पर लगी हुई थी। क्योकि बंगाल एक उपजाऊ और धनी प्रांत था। अगर बंगाल पर कम्पनी का अधिकार हो जाता तो उसे अधिक से अधिक धन कमाने की आशा थी। इतना ही नहीं वे हिन्दु व्यापारियों को अपनी ओर मिलाकर उन्हें नवाब के विरुद्ध भड़काना शुरु किया नवाब इसे पसन्द नहीं करता था।

व्यापारिक सुविधाओं का उपयोग-

मुगल सम्राट के द्वारा अंग्रेजों को निशुल्क सामुद्रिक व्यापार करने की छूट मिलि थी लेकिन अंग्रेजों ने इसका दुरुपयोग करना शुरु किया। वे अपना व्यक्तिगत व्यापार भी नि:शुल्क करने लगे और देशी व्यापारियों को बिना चुंगी दिए व्यापार करने के लिए प्रोत्साहित करने लगे। इससे नवाब को आर्थीक क्षति पहुँचती थी। नवाब इन्हें पसन्द नहीं करता था जब, उन्होने व्यापारिक सुविधाओं के दुरुपयोग को बन्द करने का निश्चय किया तो अंग्रेज संघर्ष पर उतर आए।

अंग्रेजों द्वारा किले बन्दी-

इस समय यूरोप में सप्तवर्षीय युद्ध छिड़ने की आशंका थी। जिसमें इंगलैण्ड और फ्रांस एक दूसरे के विरुद्ध लड़ने वाले थे अत: दूसरे देश में भी जो अंग्रेज और फ्रांसीसी थे। उन्हे युद्ध की आशंका थी। इसलिए अपनी- 2 स्थिति को मजबूत करने के लिए उन्होनें किलेबन्दी करना शुरु किया। नवाब इसे बर्दास्त नहीं कर सकता था।

अंग्रेज द्वारा सिराजुद्दौला को नवाब की मान्यता नहीं देना-

बंगाल की प्राचीन परम्परा के अनुसार अगर कोई नया नवाब गद्दी पर बैठता था तो उस दिन दरवार लगती थी। और उसके अधीन निवास करने वाले राजाओं, अमीरों या विदेशी जातियों के प्रतिनिधियों को दरबार में उपस्थित हो कर उपहार भेट करना पड़ता था। कि वे नये नवाब को स्वीकार करते है। परन्तु सिराजुद्दौला के राज्यभिषेक के अवसर पर अंग्रेजों का कोई प्रतिनिधि दरबार में हाजिर नहीं हुआ। क्योकि वे सिराजुद्दौला को नवाब नहीं मानते थे इसके चलते भी दोनों के बीच संघर्ष की संम्भावना बढ़ती गई।

नवाब बदलने की कोशिश-

अंग्रेज सिराजुद्दौला को हटा कर किसी ऐसे व्यक्ति को नवाब बनाना चाहते थे जो उसके इशारे पर चलने के लिए तैयार हो इसके लिए अंग्रेजों ने प्रयास करना शुरु किया। ऐसी परिस्थिति में संघर्ष टाला नहीं जा सकता था।

कलकत्ता पर आक्रमण-

जब नवाब ने किले बंदी करने को रोकने का आदेश जारी किया तो अंग्रेजों ने उसपर कोई ध्यान नहीं दिया वो किले का निर्माण करते रहे। इसपर नवाब क्रोधित हो उठा और 4 जुन 1756 को कासिमबाजार की कोठी पर आक्रमण कर दिया। अंग्रेज सैनिक इस आक्रमण से घबड़ा गए और अंग्रेजों की पराजय हुई और कासिम बाजार पर नवाब का अधिकार हो गया। इसके बाद नवाब ने शिघ्र ही कलकत्ता के फोर्ट विलिय पर आक्रमण किया यहाँ अंग्रेज सैनिक भी नवाब के समक्ष टीक नहीं पाया और इसपर भी नवाब का अधिकार हो गया। इस युद्ध में काफी अंग्रेज सैनिक गिरफ्तार किये गये।

काली कोठरी की दुर्घटना-

उपर्युक्त लड़ाई में नवाब ने 146 अंग्रेज सैनिकों को कैद कर लिया तो उसे एक छोटी सी अंधेरी कोठरी में बन्द कर दिया इसकी लम्बाई 18 फिट और चौड़ाई 14- 10 फिट थी। यह अंग्रेजों के द्वारा बनाया गया था और इसमें भारतीय अपराधियों को बन्द किया जाता था। चुँकि गर्मी का दिन था और युद्ध के परिम थे 123 सैनिकों की मृत्यु दम घुटने के कारण हो गई और 23 सैनिक बचे जिसमें हाँवेल एक अंग्रेज सैनिक भी था। उसी के इस घटना की जानकारी मद्रास के अंग्रेजों को दी। इसी दुर्घटना को काली कोठरी की दुर्घटना के नाम से जाना जाता है। इसके चलते अंग्रेजों का क्रोध भड़क उठा और वे नवाब से युद्ध की तैयारी करने लगे।

अंग्रेजों द्वारा कलकत्ता पर पुन: अधिकार-

अपनी पराजय का बदला लेने के लिए अंग्रेज ने शीघ्र ही कलकत्ता पर आक्रमण कर दिया। इस समय नवाब ने मानिकचन्द को कलकत्ता का राजा नियुक्त किया था। लेकिन वह अंग्रेजों का मित्र और शुभचिन्तक था। फलत: अंग्रेजों की विजय हुई कलकत्ता नवाब के चंगुल से मुक्त हो गया। 9 फरवरी 1757 को दोनों के बीच अली नगर की संधि हुई और अंग्रेजों को फिर से सभी तरह के व्यवहारिक अधिकार उपलब्ध हो गया।

फ्रांसीसीयों पर अंग्रेजों का आक्रमण-

अंग्रेजों ने फ्रांसीसीयों की वस्ती चन्द नगर पर आक्रमण कर दिया। और उसे अपने अधिन कर लिया। फ्रांसिसी नवाब के मित्र थे इसलिए नवाब इस घटना से काफी क्षुब्ध थे।

मीरजाफर के साथ गुप्त संधि –

इसी समय अंग्रेजों ने नवाब को पदच्युत करने के लिए एक षडयंत्र रचा। इसमें नवाब के भी कई लोग शामिल थे। जैसे- रायदुर्लभ प्रधान सेनापति मीरजाफर और धनी व्यापाकिर जगत सेवक आदि। अंग्रेजों ने मीरजाफर को बंगाल का नवाब बनाने का प्रलोभन दिया और इसके साथ गुप्त संधि की इस संधि के पश्चात नवाब पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होने अली नगर की संधि का उलंघन किया है और उसी का बहाना बनाकर अंग्रेज ने नवाब पर 22 जुन 1757 को आक्रमण कर दिया। प्लासी युद्ध के मैदान में घमासान युद्ध प्रारंभ हुआ मीरजाफर तो पहले ही अंग्रेजों से संधि कर चुका था फलत: नवाब की जबरदस्त पराजय हुई। अंग्रेजों की विजय हुई। नवाब की हत्या कर दी गई और मीरजाफर को बंगाल का नवाब बनाया गया।

प्लासी युद्ध के परिणाम-

प्लासी युद्ध के द्वारा बंगाल में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव डाली गई। अंग्रेजों को नवाब बनाया गया। प्लासी का युद्ध वास्तव में कोई युद्ध नहीं था यह एक षडयंत्र और विश्वासघाति का प्रदर्शन था प्रसिद्ध इतिहासकार ‘पानीवकर’ के अनुसार प्लासी का युद्ध नहीं, परन्तु इसका परिणाम काफी महत्वपूर्ण निकला। इसलिए इसे विश्व के निर्णायक युद्धों में स्थान उपलब्ध है। क्योंकि इसी के द्वारा बंगाल में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव डाली गई। क्लाइव ने इस युद्ध को क्रांति की संज्ञा दी है। वास्तव में यह एक क्रांति थी क्योंकि इसके द्वारा भारतीय इतिहास की धारा में महान परिवर्तन आ गया और एक व्यापारिक संस्था ने बंगाल की राजनितिक बागडोर अपने हाथों में ले ली। इसके विभिन्न तरह के परिणाम दृष्टिगोचर होते है।

राजनीतिक परिणाम-

इसके राजनीतिक परिणाम भारत के लिए घातक सिद्ध हुआ। इसके द्वारा एक व्यापारिक संस्था के हाथों में राजनीतिक अधिकारों का समावेश हुआ और भारत में अंग्रेजी सत्ता कायम हुआ। वस्तुत: यह ब्रिटिश राष्ट्र के लिए अत्यधिक महत्व था इस युद्ध के पश्चात मीरजाफर को बंगाल का नवाब बनाया गया। परन्तु यह क अयोग्य व्यक्ति था। इसके अयोग्यता काफायता उठाते हुए बंगाल का वास्तविक शासक अंग्रेज बन गए। बंगाल पर अंग्रेजों का प्रभाव बढ़ता गया और धीरे- 2 ब्रिटिश साम्राज्य के विस्तार का मार्ग साफ होता गया। सिराजुद्दौला के हटने से अंग्रेजों को राजनीतिक प्रभुत्व बढाने का फायदा मिला। मुगल साम्राज्य के लिए बी प्लासी का परिणाम घातक सिद्ध हुआ बंगाल से प्रतिवर्ष मुगल शासक को अच्छी आमदनी होती थी लेकिन अब यह आमदनी समाप्त हो गई। अंग्रेजों को भारतीय नरेशों को कमजोरी की जानकारी मिल गई। भविष्य में उसने उसका काफी फायदा उठाया और उत्तरी भारत की विजय का मार्ग प्रशस्त हुआ।

आर्थीक परिणाम-

इस युद्ध के द्वारा अंग्रेजों को काफी आर्थीक लाभ पहुँचा मीरजाफर ने कम्पनी को 1 करोड़ 17 लाख रुपये दिये जिससे कम्पनी की आर्थीक स्थिति काफी मजबूत हो गई बंगाल की लुट से बी उसे काफी धन हाथ लगा। कम्पनी के मठ कर्मचारीयों को साढ़े 12 लाख रुपए मिले। क्लाइव को दो लाख 24 हजार रुपए मिले। इस युद्ध के पश्चात कम्पनी धीरे- 2 जागीदार बाद में बंगाल की दीवान बन गई। इस प्रकार इसके द्वारा भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव डाली गई। अंग्रेजों को पुन: व्यापार करने का अधिकार मिला मीरजाफर ने कम्पनी को घुस के रूप में 3 करोड़ रुपए प्रदान किए तथा व्यापार से भी अंग्रेजों ने 15 करोड़ का मुनाफा कमाया।

कम्पनी को हुए लाभ

भारत के सबसे सम्रध तथा घने बसे भाग से व्यापार करने का एकाधिकार।
बंगाल के शाशक पर भारी प्रभाव क्योंकि उसे सत्ता कम्पनी ने दी थी इस स्थिथि का लाभ उठा कर कम्पनी ने अप्रत्यक्ष सम्प्रभु सा व्यवहार शुरू कर दिया।
बंगाल के नवाब से नजराना, भेंट, क्षतिपूर्ति के रूप मे भारी धन वसूली।
एक सुनिश्चित क्षेत्र २४ परगना का राजस्व मिलने लगा
बंगाल पे अधिकार व एकाधिकारी व्यापार से इतना धन मिला कि इंग्लैंड से धन मँगाने कि जरूरत नही रही, इस धन को भारत के अलावा चीन से हुए व्यापार मे भी लगाया गया
इस धन से सैनिक शक्ति गठित की गई जिसका प्रयोग फ्रांस तथा भारतीय राज्यों के विरूद्ध किया गया
देश से धन निष्काष्न शुरू हुआ जिसका लाभ इंग्लैंड को मिला वहां इस धन के निवेश से ही औधोगिक् क्रांति शुरू हुई थी
भारतीय राजनीति पर पड़े प्रभाव[संपादित करें]
इस घटना से एक नई राजनैतिक शक्ति का उदय हुआ। कम्पनी के हित राजनीति से जुड़ गए और वह प्रभुत्व प्राप्ति मे जुट गयी। मुग़ल साम्राज्य के दुर्बलता भी साफ हो गई। कम्पनी को भारत के शासक वर्ग की चरित्र, फूट का पता लग गया।

बक्सर का युद्ध अक्टूबर 1764 में बक्सर नगर के आसपास ईस्ट इंडिया कंपनी और मुगल नबाबों के बीच लड़ा गया था।बंगाल के नबाब मीर...
02/02/2017

बक्सर का युद्ध अक्टूबर 1764 में बक्सर नगर के आसपास ईस्ट इंडिया कंपनी और मुगल नबाबों के बीच लड़ा गया था।

बंगाल के नबाब मीर कासिम, अवध के नबाब शुजाउद्दौला, तथा मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना अंग्रेज कंपनी से लड़ रही थी। लड़ाई में अंग्रेजों की जीत हुई और इसके परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा और बांग्लादेश का दीवानी और राजस्व अधिकार अंग्रेज कंपनी के हाथ चला गया।

पृष्ठभूमि:-

प्लासी के युद्ध के बाद सतारुढ़ हुआ मीर जाफ़र अपनी रक्षा तथा पद हेतु ईस्ट इंडिया कंपनी पर निर्भर था। जब तक वो कम्पनी का लोभ पूरा करता रहा तब तक पद पर भी बना रहा। उसने खुले हाथो से धन लुटाया, किंतु प्रशाशन सम्भाल नही सका, सेना के खर्च, जमींदारों की बगावातो से स्थिति बिगड़ रही थी, लगान वसूली मे गिरावट आ गई थी, कम्पनी के कर्मचारी दस्तक का जम कर दुरूपयोग करने लगे थे वो इसे कुछ रुपयों के लिए बेच देते थे इस से चुंगी बिक्री कर की आमद जाती रही थी बंगाल का खजाना खाली होता जा रहा था।

हाल्वेल ने माना की सारी समस्या की जड़ मीर जाफ़र है। उसी काल में जाफर का बेटा मीरन मर गया जिस से कम्पनी को अवसर मिल गया था और उसने मीर कासिम जो जाफर का दामाद था, को सत्ता दिलवा दी। इस हेतु 27 सितंबर 1760 एक संधि भी हुई जिसमे कासिम ने 5 लाख रूपये तथा बर्दवान, मिदनापुर, चटगांव के जिले भी कम्पनी को दे दिए। इसके बाद धमकी मात्र से जाफ़र को सत्ता से हटा दिया गया और मीर कासिम सत्ता मे आ गया। इस घटना को ही 1760 की क्रांति कहते है।

मीर कासिम का शासन काल ( 1760-64)

मीर कासिम ने रिक्त राजकोष, बागी सेना, विद्रोही जमींदार जैसी विकट समस्याओ का हल निकाल लिया। बकाया लागत वसूल ली, कम्पनी की मांगें पूरी कर दी, हर क्षेत्र मे उसने कुशलता का परिचय दिया। अपनी राजधानी मुंगेर ले गया, ताकि कम्पनी के कुप्रभाव से बच सके सेना तथा प्रशासन का आधुनिकीकरण आरम्भ कर दिया।

उसने दस्तक पारपत्र के दुरूपयोग को रोकने हेतु चुंगी ही हटा दी। मार्च १७६३ मे कम्पनी ने इसे अपने विशेषाधिकार का हनन मान युद्ध आरम्भ कर दिया। लेकिन इस बहाने के बिना भी युद्ध आरम्भ हो ही जाता क्योंकि दोनों पक्ष अपने अपने हितों की पूर्ति मे लगे थे। कम्पनी को कठपुतली चाहिए थी लेकिन मिला एक योग्य हाकिम।

1764 युद्ध से पूर्व ही कटवा, गीरिया, उदोनाला, की लडाईयों मे नवाब हार चुका था उसने दर्जनों षड्यन्त्र्कारियों को मरवा दिया (वो मीर जाफर का दामाद था और जानता था कि सिराजुदोला के साथ क्या हुआ था।)

अवध, मीर कासिम, शाह आलम का गठ जोड़:-

मीर कासिम ने अवध के नवाब से सहायता की याचना की, नवाब शुजाउदौला इस समय सबसे शक्ति शाली था। मराठे पानीपत की तीसरी लड़ाई(1761) से उबर नही पाए थे, मुग़ल सम्राट तक उसके यहाँ शरणार्थी था, उसे अहमद शाह अब्दाली की मित्रता प्राप्त थी।

जनवरी 1764 मे मीर कासिम उस से मिला उसने धन तथा बिहार के प्रदेश के बदले उसकी सहायता खरीद ली। शाह आलम भी उनके साथ हो लिया। किंतु तीनो एक दूसरे पर संदेह करते थे।

परिणाम

परिणाम बेहद मह्ताव्पूर्ण निकले। सहज ही प्रयास से पूरा अवध कम्पनी को मिल गया था। नवाब शुजाउदौला की हालत इतनी गिर गई की उसने कम्पनी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था (मई 1764)। शाह आलम भी कम्पनी की शरण मे आ गया था। बंगाल अब कम्पनी का अधीनस्थ राज्य बन गया। अवध उस पर आश्रित तथा मुग़ल सम्राट कम्पनी का पेंशन भोगी। ये सभी कार्य इलाहाबाद की संधि (16 अगस्त 1764) से हुआ इस के बाद बंगाल, बिहार, उड़ीसा, झारखण्ड की दीवानी कम्पनी को मिल गई थी। बंगाल मे द्वैध शासन शुरू हो गया। मीर कासिम ने अवध के नवाब से सहायता की याचना की, नवाब शुजाउदौला इस समय सबसे शक्ति शाली था। मराठे पानीपत की तीसरी लड़ाई से उबर नही पाए थे, मुग़ल सम्राट तक उसके यहाँ शरणार्थी था, उसे अहमद शाह अब्दाली की मित्रता प्राप्त थी जनवरी 1764 मे मीर कासिम उस से मिला उसने धन तथा बिहार के प्रदेश के बदले उसकी सहायता खरीद ली। शाह आलम भी उनके साथ हो लिया। किंतु तीनो एक दूसरे पर संदेह करते थे।

युद्ध:-
23 अक्टूबर 1764 को युद्ध हुआ जिसमे मुनरो ने तीनो को हरा दिया था।

02/02/2017

संसद से बजट अपडेट्स लाइव...
-निवेश के लिए 1.5 लाख तक की सीमा
-5 से 10 लाख तक 20 प्रतिशत इनकम टैक्स
-10 लाख से ज्यादा आय पर 30 प्रतिशत तक टैक्स
-1 करोड़ से ज्यादा आय वालों पर 1 प्रतिशत सरचार्ज जारी रहेगा
-टैक्स स्लैव में बदलाव, 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर 5% टैक्स
-इनकम टैक्स घटाया गया
इनकम टैक्स में राहत: 3 लाख की कमाई टैक्स फ्री, करदाताओं को 12,500 का फायदा
-3 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
-2 हजार से ज्यादा रकम चेक या ड्राफ्ट से लेनी होगी
-एक पार्टी एक व्यक्ति से कैश में 2 हजार ही ले सकती है
-बॉन्ड खरीदकर राजनीतिक पार्टियों को दिया जा सकता है
-राजनीतिक दलों को आयकर दाखिल करना होगा
-3 लाख से ज्यादा कैश में लेनदेन नहीं
-3 लाख से ज्यादा कैश डिजिटल से होगा
-राजनीतिक दल अब सिर्फ 2000 ही कैश ले सकती हैं, अब तक 20000 थी लिमिट
-छोटी कंपनियों को कर में राहत का ऐलान
-50 करोड़ तक सलाना टर्न ओवर वाले को देना 25 % टैक्स. बता दें कि अभी टैक्स 30 प्रतिशत देना पड़ता है
-मध्यम वर्ग को राहत, सस्ता लोन देने पर जोर
-नोटबंदी के बाद लोगों को आय ज्यादा बतानी पड़ रही है
-सस्ते घरों के लिए योजना में लाएंगे बदलाव
-भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा कर मुक्त होगा
-सिर्फ 24 लाख लोग 10 लाख से ज्यादा आय दिखाते हैं
-99 लाख लोगों ने 2.5 लाख से कम आय बताई
-कर चोरी का भार ईमानदार लोगों पर पड़ता है
-1.72 लाख लोगों ने 50 लाख से ज्यादा आय बताई
-टैक्स बचाने वालों की संख्या ज्यादा
-भीम एप से भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा
-चैक बाउंस होने पर कड़े होंगे नियम
-आर्थिक अपराधियों पर सख्त होगी सरकार
-देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त होगी
-फौजियों के लिए केंद्रीकृत यात्रा प्रणाली
-रक्षा बजट के लिए 274114 करोड़ का बजट
-वैज्ञानिकों मंत्रालयों के लिए 37435 करोड़ आवंटित
-सरकार घाटा 3.2 प्रतिशत, अगले साल 3 प्रतिशत करने का लक्ष्य
-गैर कानूनी जमा पर नए कानून बनेंगे
-वित्तीय क्षेत्र के लिए QRT का प्रस्ताव
-व्यापारियों के लिए कैशबैक योजना का प्रस्ताव
-2.5 हजार करोड़ डिजिटल लेने-देन का लक्ष्य
-FDI को और उदार बनाया जाएगा, FIPB खत्म होगा
-आधार कार्ड से पेमेंट करने के लिए 20 लाख मशीनें लाई जाएंगी
-डिजिटल योजना में पोस्टऑफिस की भी भागीदारी होगी
-डाकघर में बनाए जाएंगे पासपोर्ट
बजट में खुशखबरी: अब डाकघरों में बनवा सकेंगे पासपोर्ट
-हाईवे के विकास के लिए 64 हजार करोड़
-विदेश निवेश के लिए ऑनलाइन अर्जी दायर कर सकेंगी कंपनियां
-90 प्रतिशत से ज्यादा एफडीआई ऑटो रूट के जरिए
-बुनियादी ढांचे के लिए 3.96 लाख करोड़ का आवंटन
शेयर बाजार में IRCTC बतौर कंपनी लिस्ट होगी
-मेट्रो रेल के लिए नई नीति की घोषणा की जाएगी
-पीपीपी मॉडल से छोटे शहरों में भी एयरपोर्ट बनाए जाएंगे
-टूरिज्म और धार्मिक यात्राओं के लिए अलग से ट्रेनें चलाई जाएंगी
-कोच की शिकायतों के लिए कोच मित्र योजना लाई जा रही है
-वरिष्ठ नागरिकों के लिए LIC योजना लाएगी सरकार
-2019 तक सभी ट्रेनों में बायो टॉयलेट्स
-रेल विकास के लिए 1.32 लाख करोड़ आवंटित
जेटली के बजट भाषण में रेलवे को बस चंद मिनट, किए ये बड़े ऐलान
-रेलवे स्टेशनों को दिव्यांगों के लिए आसान बनाया जाएगा
-3500 किमी. नई रेल लाइन बनेंगी
-7000 हजार स्टेशनों पर सोलर लाइनें
-IRCTC से ई-टिकट पर सर्विस टैक्स नहीं लगेगा
ई-टिकट पर नहीं लगेगा सर्विस चार्ज, पढ़ें-कितना सस्ता होगा टिकट
-रेलवे स्टेशनों को दिव्यांगों के लिए आसान बनाया जाएगा
-मेडिकल PG कोर्स में 5 हजार सीटें बढ़ाई जाएंगी
-रेलवे में विकास और स्वच्छता पर जोर
-मानव रहित क्रॉसिंग पूरी तरह से खत्म
-रेलवे सेफ्टी के लिए 1 लाख करोड़
-स्टेशनों के विकास के लिए 25 स्टेशन का चयन
-2018 तक चेचक और 2022 तक टीबी खत्म करेंगे
-झारखंड और गुजरात में 2 नए एम्स बनेंगे
बजट की बड़ी बातें: छोटे शहरों में भी एयरपोर्ट, गुजरात-झारखंड में एम्स
-2017 तक कालाबाजर समाप्त करने का ब्लूप्रिंट
-350 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की शुरुआत
-स्किल इंडिया के लिए 1000 कौशल केंद्र
-IIT और मेडिकल परीक्षाओं के लिए अलग से बॉडी बनेगी. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाने का प्रस्ताव
BUDGET: IIT, मेडिकल के लिए राष्‍ट्रीय परीक्षा एजेंसी, ये हैं युवाओं से जुड़े ऐलान
-उच्च शिक्षा में सुधार के लिए UGC में सुधार होगा
-फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़
-पीएम आवास योजना में 23 हजार करोड़ का आवंटन
-पीएम सड़क योजना में 2019 तक 4 लाख करोड़ खर्च करेंगे
-प्रधानमंत्री अवास योजना के तहत 2019 तक एक करोड़ घर दिए जाएंगे
-अगले साल 1 मई तक देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी
-5 हजार करोड़ सिंचाई फंड के लिए
Budget 2017: महिलाओं को मिली 'शक्त‍‍ि', लेकिन सुरक्षा पर खर्च नहीं
-मनरेगा के लिए अब तक का सबसे बड़ा आवंटन, दिए 48 हजार करोड़
-8 हजार करोड़ का डेयरी विकास कोष
-जम्मू-कश्मीर और पूर्वोंत्तर के किसानों को कर्ज में प्रमुखता
-हर गरीब को रोजगार देने की कोशिश
-10 लाख तलाबों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा
-बापू की 150वीं जयंति पर 1 करोड़ लोगों गरीबी रेखा से बाहर लाया जाएगा
-किसानों को 10 लाख करोड़ का कर्ज देंगे
-किसानों को कर्ज देने वाली संस्था का कम्प्यूटरीकरण
जेटली के पिटारे से किसानों के लिए सौगातों की बरसात
-2017-18 में कृषि विकास दर 4.1 का अनुमान
-फसल बीमा अब 30 की बजाय 40 फीसदी होगा
-नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम होगा
-करों को लेकर ईमानदार व्यक्तियों का सम्मान होगा
-गांव की तरक्की और बुनियादी ढांच पर जोर दिया जाएगा

31/01/2017

*Brand Ambassadors in India 2017 (Updated)*

Important for Government exams preparation
.
● Bindheswar Pathak : Swachh Rail Mission
● Dia Mirza : Swachh Saathi programme
● John Abraham : Arunachal Pradesh
● Lionel Messi : Tata Motors global
● M S Dhoni : Craig McDermott International Cricket Academy (Australia).
● M S Dhoni : Mobile handset maker Lava International
● Madhuri Dixit : INTEX.
● Madhuri Dixit : Mothers’ Absolute Affection.
● Narendra Modi : Incredible India
● Nawazuddin Siddiqui : UP’s ‘Samajwadi Kisan Beema Yojana’.
● P V Sindhu : CRPF
● P V Sindhu and Sakshi Malik : Swachh Bharat Mission.
● Priyanka Chopra : Assam tourism
● R Ashwin : Equitas SFB
● Rahul Dravid : T20 World Cup for the Blind
● Ramdev : Yoga and Ayurveda
● Ranbir Kapoor : Renault India
● Ricky Ponting : Tasmania
● Sachin Tendulkar : Kerala’s anti-liquor campaign
● Sakshi Malik : Beti Bachao, Beti Padhao campaign for Haryana.
● Salman Khan : BMC’s Open Defecation Free drive.
● Salman Khan :Yellow Diamond, snack maker
● Shatrughan Sinha : Bihar
● Sonam Kapoor : Kalyan Jewellers
● Sunil Gavaskar : The First Group.
● Vidya Balan : UP’s Samajwadi Pension Yojna.
● Virat Kohli : BSF.
● Virat Kohli : Manyavar
● Virat Kohli : Punjab National Bank
● Virat Kohli : Valvoline

विश्व के प्रमुख संगठन और उनके मुख्यालय**********************************1. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) - न...
23/12/2016

विश्व के प्रमुख संगठन और उनके मुख्यालय
**********************************
1. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) - नैरोबी
2. अफ़्रीकी एकता संगठन (OAU) - आदिस-अबाबा
3. गैट (GATT) - जेनेवा
4. एशियाई विकास बैंक (ADB) - मनीला
5. नाटो (NATO) - ब्रुसेल्स
6. एमनेस्टी इंटरनेशनल - लंदन
7. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) - वाशिंगटन डी. सी.
8. रेडक्रॉस - जेनेवा
9. सार्क (SAARC) - काठमाण्डु
10. इंटरपोल (INTERPOL) - पेरिस(लेओंस)
11. विश्व व्यापार संगठन (WTO) - जेनेवा
12. अमरीकी राज्यों का संगठन (OAS) - वाशिंगटन डी. सी.
13. यूनेस्को - पेरिस
14. परस्पर आर्थिक सहायता परिषद् (COMECON) - मास्को
15. वर्ल्ड काउंसिल ऑफ़ चर्चेज (WCC) - जेनेवा
16. यूरोपीय ऊर्जा आयोग (EEC) - जेनेवा
17. यूनिसेफ - न्यूयॉर्क
18. पश्चिमी एशिया आर्थिक आयोग (ECWA) - बगदाद
19. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (UNHCR) - जेनेवा
20. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) - वियना
21. संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) - वियना
22. संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मलेन (UNCTAD) - जेनेवा
23. विश्व वन्य जीव संरक्षण कोष (WWF) - ग्लांड(स्विट्ज़रलैंड)
24. अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक कमिटी (IOC) - लुसाने
25. यूरोपीय कॉमन मार्केट (ECM) - जेनेवा
26. राष्ट्रमंडलीय राष्ट्राध्यक्ष सम्मलेन (CHOGM) - स्ट्रान्सबर्ग
27. पेट्रोलियम उत्पादक देशों का संगठन (OPEC) - वियना
28. आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) - पेरिस
29. यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ECTA) - जेनेवा
30. राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) - लंदन
31. यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) - जेनेवा
32. यूरोपीय संसद - लक्जमबर्ग
33. यूरोपियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन (ESRO) - पेरिस
34. यूरोपियन परमाणु ऊर्जा समुदाय (EURATON) - ब्रुसेल्स
35. एशिया और प्रशांत क्षेत्रों का आर्थिक और सामाजिक आयोग - बैंकाक
36. अफ़्रीकी आर्थिक आयोग (ECA) - आदिस-अबाबा
37. विश्व बैंक - वाशिंगटन डी. सी.
38. अरब लीग - काहिरा
39. दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संघ (ASEAN) - जकार्ता
-----------------------------------------------------

🕸🕸🕸🕸🕸🕸🕸*1 PAN* -permanant account numbe*2. PDF*-portable document format*3. HDFC -*-housing development finance corporat...
23/12/2016

🕸🕸🕸🕸🕸🕸🕸
*1 PAN* -permanant account numbe
*2. PDF*-portable document format
*3. HDFC -*-housing development finance corporation
*4. SIM -*-Subscriber Identity Module
*5. ATM -* -Automated Teller machine
*6. IFSC -*-Indian Financial System Code
*7. FSSAI(fssai) -*-'फुल सेफ्टी अँड स्टँडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया'
*8-Wi-Fi-*-wireless fidelity
1.) *GOOGLE* - Global Organization Of Oriented Group Language Of Earth.
2.) *YAHOO* - Yet Another Hierarchical Officious Oracle.
3.) *WINDOW* - Wide Interactive Network Development for Office work Solution.
4.) *COMPUTER* - Common Oriented Machine Particularly United and used under Technical and Educational Research.
5.) *VIRUS* - Vital Information Resources Under Siege.
6.) *UMTS* - Universal Mobile Telecommunicati ons System.
7.) *AMOLED* - Active-matrix organic light-emitting diode.
8.) *OLED* - Organic light-emitting diode.
9.) *IMEI* - International Mobile Equipment Identity.
10.) *ESN* - Electronic Serial Number.
11.) *UPS* - Uninterruptible power supply.
12. *HDMI* - High-Definition Multimedia Interface.
13.) *VPN* - Virtual private network.
14.) *APN* - Access Point Name.
15.) *SIM* - Subscriber Identity Module.
16.) *LED* - Light emitting diode.
17.) *DLNA* - Digital Living Network Alliance.
18.) *RAM* - Random access memory.
19.) *ROM* - Read only memory.
20.) *VGA* - Video Graphics Array.
21.) *QVGA* - Quarter Video Graphics Array.
22.) *WVGA* - Wide video graphics array.
23.) *WXGA* - Widescreen Extended Graphics Array.
24.) *USB* - Universal serial Bus.
25.) *WLAN* - Wireless Local Area Network.
26.) *PPI* - Pixels Per Inch.
27.) *LCD* - Liquid Crystal Display.
28.) *HSDPA* - High speed down-link packet access.
29.) *HSUPA* - High-Speed Uplink Packet Access.
30.) *HSPA* - High Speed Packet Access.
31.) *GPRS* - General Packet Radio Service.
32.) *EDGE* - Enhanced Data Rates for Globa Evolution.
33.) *NFC* - Near field communication.
34.) *OTG* - On-the-go.
35.) *S-LCD* - Super Liquid Crystal Display.
36.) *O.S* - Operating system.
37.) *SNS* - Social network service.
38.) *H.S* - HOTSPOT.
39.) *P.O.I* - Point of interest.
40.) *GPS* - Global Positioning System.
41.) *DVD* - Digital Video Disk.
42.) *DTP* - Desk top publishing.
43.) *DNSE* - Digital natural sound engine.
44.) *OVI* - Ohio Video Intranet.
45.) *CDMA* - Code Division Multiple Access.
46.) *WCDMA* - Wide-band Code Division Multiple Access.
47.) *GSM* - Global System for Mobile Communications.
48.) *WI-FI* - Wireless Fidelity.
49.) *DIVX* - Digital internet video access.
50.) *APK* - Authenticated public key.
51.) *J2ME* - Java 2 micro edition.
52.) *SIS* - Installation source.
53.) *DELL* - Digital electronic link library.
54.) *ACER* - Acquisition Collaboration Experimentation Reflection.
55.) *RSS* - Really simple syndication.
56.) *TFT* - Thin film transistor.
57.) *AMR*- Adaptive Multi-Rate.
58.) *MPEG* - moving pictures experts group.
59.) *IVRS* - Interactive Voice Response System.
60.) *HP* - Hewlett Packard.
*Do we know actual full form of some words???*
*🔗News paper =*
_North East West South past and present events report._
*🔗Chess =*
_Chariot, Horse, Elephant, Soldiers._
*🔗Cold =*
_Chronic Obstructive Lung Disease._
*🔗Joke =*
_Joy of Kids Entertainment._
*🔗Aim =*
_Ambition in Mind._
🔗Date =
_Day and Time Evolution._
*🔗Eat =*
_Energy and Taste._
*🔗Tea =*
_Taste and Energy Admitted._
*🔗Pen =*
_Power Enriched in Nib._
*🔗Smile =*
_Sweet Memories in Lips Expression._
*🔗SIM =*
_Subscriber Identity Module_
*🔗etc. =*
_End of Thinking Capacity_
*🔗OK =*
_Objection Killed_
*🔗Or =*
_Orl Korec (Greek Word)_
*🔗Bye =*♥
_Be with you Everytime._

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