08/03/2025
इदार-ए-क़ुरआन (आई क्यू): एक नया तालीमी इंक़िलाब
आज के दौर में तालीम सिर्फ़ एक ज़रूरत ही नहीं, बल्कि हमारी पहचान और हमारे मुस्तक़बिल भी है। मगर एक लंबे अ़र्से से मुस्लिम समाज दो तालीमी निज़ामों के बीच तकसीम है:
एक तरफ़ वो हैं जो सिर्फ़ मॉडर्न एजुकेशन हासिल कर रहे हैं और उसी की बात करते हैं लेकिन दीनी तालीम से बिल्कुल महरूम हैं और दूसरी तरफ़ वो हैं जो सिर्फ़ मदरसा एजूकेशन की बात करते हैं और नए ज़माने के साथ क़दम से क़दम मिलाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। इस तालीमी खाई को पाटने के लिए इदार-ए-क़ुरआन (आई क्यू) एक बेहतरीन और दूरअंदेशी तालीमी मॉडल पेश करता है।
आई क्यू: दीन और दुनिया का संगम:-
इदार-ए-क़ुरआन (आई क्यू) राजस्थान के लगभग बीच में वाक़े क़स्बा शेरानी आबाद (ज़िला: डीडवाना-कुचामन) में स्थित एक इंस्टीट्यूशन है, जो एक साथ 100% स्कूल और 100% मदरसा दोनों का रोल अदा कर रहा है। यहाँ स्टूडेंट्स को इंग्लिश मीडियम के साथ-साथ मुकम्मल दर्से निज़ामी भी पढ़ाया जाता है, ताकि वो 12वीं क्लास तक आते-आते आलिमे-दीन भी बन सकें। इस यूनिक सिस्टम की वजह से कोई भी स्टूडेंट ना तो माडर्न एजूकेशन से महरूम रहेगा और ना ही दीन की रौशनी से दूर रहेगा।
आई क्यू की जरूरत क्यों?:-
आज़ादी के बाद से ही हमें ऐसे इदारों की सख़्त ज़रूरत थी, मगर अफ़सोस कि ऐसा ना हो सका, जिसके नतीजे में तीन बड़े नुकसानात हुए:
1. हमारा दीनी तबक़ा माली तौर पर कमज़ोर रहा।
2. मॉडर्न एजुकेशन हासिल करने वाले लोग इस्लामी तालीम से बेगाना हो गए।
और
3. इस्लामी तालीम आ़म नहीं हो सकी और दुनिया के सामने इस्लाम का सही चेहरा नहीं पेश हो सका।
आई क्यू का तालीमी निज़ाम और खूबियां:-
आई क्यू अपने इस तालीमी ख़्वाब को दुनिया में राइज 2 बेहतरीन एजुकेशन सिस्टम्स को एक साथ नाफ़िज़ करके मुमकिन बनाना चाहता है:
1. डे बोर्डिंग एजुकेशन सिस्टम:- स्टूडेंट्स सुबह से शाम तक तालीम हासिल करें, जिससे दोनों निसाब मुकम्मल किए जा सकें।
2. स्मार्ट क्लासेज़ एजुकेशन सिस्टम:- डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके तालीम को आसान और असरदार बनाया जाए।
आई क्यू की खास बातें:-
✅ मॉडर्न और दीनी तालीम का मुकम्मल इंतज़ाम
✅ सीबीएसई पैटर्न बिल्डिंग और एक्सपीरियंस्ड टीचर्स
✅ इंग्लिश और अरेबिक स्पीकिंग इन्वायरमेंट
✅ कम वक्त़ में ज़्यादा तालीम देने का इनोवेटिव सिस्टम
✅ स्मार्ट क्लासेज और टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल।
आई क्यू के फ्यूचर प्लान:-
आई क्यू अपने मुकम्मल प्लान में अकेला इदारा नहीं, बल्कि इसके तहत हॉस्टल, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन दारुल इफ्ता, ई-टीचिंग सिस्टम सहित कई सपोर्टिंग इंस्टिट्यूशंस भी काम करेंगे लेकिन चूंकि इन तमाम मंसूबों को पूरा करने और उम्मत को एक एडवांस तालीमी मिशन देने के लिए इसे क़दम-क़दम पर आपकी मदद दरकार है, जो मदद दर अस्ल उम्मत की तालीमी बेहतरी की मदद होगी और चूंकि यह इदारा किसी की जा़ती मिल्कियत नहीं, बल्कि पूरी मिल्लत की अमानत है, इस लिए यह हम सबकी ज़िम्मेदारी भी है कि हम इसे मुकम्मल करने में अपना हिस्सा डालें।
ताज़ा तरीन बड़ी ज़रूरतें:-
(1) 2019 से बाक़ी ज़मीन का पेमेंट करना
(2) सेकंड फ्लोर की मुकम्मल फिनिशिंग
(3) थर्ड फ्लोर का मुकम्मल तमीराती काम
(4) पांच बीघा ज़मीन की बाउंड्री वॉल
(5) ज़रूरतमंद बच्चों के तमाम इख़राजात
(6) बैरुनी बच्चों के लिए हॉस्टल का इंतजा़म।
📌 तआवुन का तरीका:
A/C Name: IDARA E QURAN
A/C Number: 27170110064085
IFSC Code: UCBA0002717
Branch: SHERANI ABAD, RJ 341302
PhonePe, Paytm, Google Pay: 9828049081
📌 संपर्क करें:
📞 खालिद अयूब मिस्बाही शेरानी
(सेक्रेटरी, इदार-ए-क़ुरआन)
📱 Mob: 9828049081
📩 E-mail: [email protected]
आइए! इदार-ए-क़ुरआन (आई क्यू) को मिलकर एक बेहतरीन तालीमी इदारा बनाएं, ताकि हमारी आने वाली नस्लें एक मुकम्मल तालीमी निज़ाम से फ़ायदा उठा सकें और दुनिया व आख़िरत दोनों में कामयाब हो सकें।