10/11/2024
ज़ाहिर सूचना का प्रतिवाद
Admission Open for all Nursing Courses I.e: GNM, BSC Nursing
10/11/2024
ज़ाहिर सूचना का प्रतिवाद
02/11/2024
भरोसे की आड़ लेकर वो क़रीब आते है,
और बिना आग लगाए वो जिंदगी को जला जाते है।
31/10/2024
सहेली के साथ मिलकर कालेज खोला, दे गई दगा
साथ में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली सहेली पर भरोसा कर उसके साथ मिलकर नर्सिंग कालेज खोला लेकिन बाद में सहेली दगा दे गई। न केवल कालेज हड़प लिया बल्कि मारा-पीटा भी। इसके अलावा, खुद को कालेज का ऑनर बताकर वो कई जगह झूठी शिकायतें कर रही हैं।
पीडि़ता का नाम है डॉक्टर श्रीमति तुलसी श्रृंगी और सहेली है डॉ. मनीषा द्विवेदी। दोनों ने साथ में पी.एच.डी. नर्सिंग की पढ़ाई की थी और बाद में अच्छी मित्रता के चलते नर्सिंग कालेज खोलने का फैसला किया। उन्होंने 8 अप्रैल 2021 को पीथमपुर के सेक्टर नं. 1 में प्रयागराज कालेज ऑफ नर्सिंग की नींव रखी। कालेज में 105 सीटें आवंटित हुई थी। इसमें डिप्लोमा की 50 और डिग्री कोर्स की 55 सीट थी। डॉक्टर श्रृंगी का कहना है कि इससे पूर्व वे किसी कालेज में प्रिंसीपल थी लेकिन नौकरी छोडक़र कालेज संभाला लेकिन डॉ. द्विवेदी एक दिन भी कालेज नहीं आईं। मैं ही अकेली संभालती रहीं। कालेज का बैंक अकाउंट भी वो ही हैंडल करती रहीं और मुझे कभी उस बारे में कुछ पता नहीं चला। दोनों ने 20-20 लाख रुपए लगाकर कालेज शुरू किया था और बाद में उसने एक रुपया भी नहीं लगाया जबकि मैं ही खर्च करती रही। जब मुझे पता चला कि बैंक के अकाउंट से वो बिना मुझे बताए ट्रांजेक्शन कर रही है तो मैंने टोका लेकिन उसने गोलमोल जवाब दिया। मैंने भरोसा कर लिया और वो मनमानी करती रही। मैंने उसे कई बार कालेज आकर काम संभालने को कहा लेकिन वो कभी कालेज नहीं आई बल्कि मैं ही काम करती रही। डॉक्टर श्रृंगी बताती हैं कि सहेली द्वारा किए जा रहे गलत कामों में मैंने विरोध किया तो वो कोई जवाब नहीं देती और देती तो गोलमोल। मेरे मन में कालेज को ऊंचाईयों पर ले जाने का सपना था, इसलिए भरोसा करती रही। एक दिन 29 अगस्त 2023 को वो बेटी रितिका के साथ कालेज आईं और दरवाजा बंद कर मुझसे जानकारियां मांगने लगी। मैंने जो जानकारियां देना थी, वो दे दी जिसके बाद उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और कॉलेज के सभी मूल दस्तावेज लेकर चली गई। इसकी रिपोर्ट पीथमपुर थाने में दर्ज है। तमाम गड़बडिय़ों के बाद आखिरकार कालेज बंद हो गया। अब डॉ. मनीषा द्विवेदी कई जगह आवेदन देकर कालेज को खुद का बता रही हैं। उसने अपने पति को कालेज का ट्रैजरार बना रखा था जिन्होंने कई गडबडिय़ां की। मेरे खिलाफ कई जगह आवेदन भी दिए हैं। कालेज में पढ़ रहे बच्चे मेरे साथ हैं जिन्होंने पत्र लिखकर मेरे (तुलसी श्रृंगी) के प्रति समर्थन जताया है। अब स्थिति ये है कि जो पैसा लेकर मैंने कालेज शुरू किया था, उसका ब्याज भरना पड़ रहा है जबकि मेरे हाथ कुछ नहीं आया। चार साल तक मैंने नौकरी नहीं की और कालेज में मुफ्त सेवाएं दी, ये भी मेरा नुकसान हुआ। जबकि वो समर्पण कॉलेज ऑफ नर्सिंग (अरिहंत अस्पताल के बेसमेंट में संचालित) में बतौर प्रिंसीपल कार्यरत रही है। शुरुवात में पैसे लगाने के बाद डॉक्टर श्रीमति तुलसी श्रृंगी और उनके पति श्री श्रृंगी द्वारा अपने घरवालों, परिचितों और बैंकों से ब्याज पर करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपए उधार लेकर कॉलेज में लगाए ताकि कॉलेज का संचालन अच्छे से हो। इसमें डॉक्टर श्रीमति तुलसी श्रृंगी का पश्चिम बंगाल स्थित पुश्तैनी घर भी बेचना पड़ा और ससुराल की जमा पूंजी और ससुर के रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली एक मुश्त रकम भी इस कॉलेज में लगा दी। कॉलेज के चक्कर में खुद तो बर्बाद हुई और परिवार वालों को भी बर्बाद कर दिया। डॉक्टर श्रृंगी ने बताया कि उन्होंने पीथमपुर थाने समेत तिलक नगर थाना और साइबर सेल में प्रमाणों समेत शिकायत की है। सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की है।
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PRO Dhar
Indore Nursing College
Pithampur Meri Jaan
Kavita Dwivedi
Collector Office Dhar
Collector Office Indore
CM Madhya Pradesh
Rajendra Shukla
Rajendra shukla fans club
Madhya Pradesh Police
Kailash Vijayvargiya
Jansampark Madhya Pradesh
Indian National Congress - Madhya Pradesh
India News Madhya Pradesh
MADHYAPRADESH DARPAN
Dainik Bhaskar
Patrika Madhya Pradesh
Sanjha Lokswami
The Nursing Times
Dr Mohan Yadav
31/10/2024
सहेली के साथ मिलकर कालेज खोला, दे गई दगा
साथ में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली सहेली पर भरोसा कर उसके साथ मिलकर नर्सिंग कालेज खोला लेकिन बाद में सहेली दगा दे गई। न केवल कालेज हड़प लिया बल्कि मारा-पीटा भी। इसके अलावा, खुद को कालेज का ऑनर बताकर वो कई जगह झूठी शिकायतें कर रही हैं।
पीडि़ता का नाम है डॉक्टर श्रीमति तुलसी श्रृंगी और सहेली है डॉ. मनीषा द्विवेदी। दोनों ने साथ में पी.एच.डी. नर्सिंग की पढ़ाई की थी और बाद में अच्छी मित्रता के चलते नर्सिंग कालेज खोलने का फैसला किया। उन्होंने 8 अप्रैल 2021 को पीथमपुर के सेक्टर नं. 1 में प्रयागराज कालेज ऑफ नर्सिंग की नींव रखी। कालेज में 105 सीटें आवंटित हुई थी। इसमें डिप्लोमा की 50 और डिग्री कोर्स की 55 सीट थी। डॉक्टर श्रृंगी का कहना है कि इससे पूर्व वे किसी कालेज में प्रिंसीपल थी लेकिन नौकरी छोडक़र कालेज संभाला लेकिन डॉ. द्विवेदी एक दिन भी कालेज नहीं आईं। मैं ही अकेली संभालती रहीं। कालेज का बैंक अकाउंट भी वो ही हैंडल करती रहीं और मुझे कभी उस बारे में कुछ पता नहीं चला। दोनों ने 20-20 लाख रुपए लगाकर कालेज शुरू किया था और बाद में उसने एक रुपया भी नहीं लगाया जबकि मैं ही खर्च करती रही। जब मुझे पता चला कि बैंक के अकाउंट से वो बिना मुझे बताए ट्रांजेक्शन कर रही है तो मैंने टोका लेकिन उसने गोलमोल जवाब दिया। मैंने भरोसा कर लिया और वो मनमानी करती रही। मैंने उसे कई बार कालेज आकर काम संभालने को कहा लेकिन वो कभी कालेज नहीं आई बल्कि मैं ही काम करती रही। डॉक्टर श्रृंगी बताती हैं कि सहेली द्वारा किए जा रहे गलत कामों में मैंने विरोध किया तो वो कोई जवाब नहीं देती और देती तो गोलमोल। मेरे मन में कालेज को ऊंचाईयों पर ले जाने का सपना था, इसलिए भरोसा करती रही। एक दिन 29 अगस्त 2023 को वो बेटी रितिका के साथ कालेज आईं और दरवाजा बंद कर मुझसे जानकारियां मांगने लगी। मैंने जो जानकारियां देना थी, वो दे दी जिसके बाद उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और कॉलेज के सभी मूल दस्तावेज लेकर चली गई। इसकी रिपोर्ट पीथमपुर थाने में दर्ज है। तमाम गड़बडिय़ों के बाद आखिरकार कालेज बंद हो गया। अब डॉ. मनीषा द्विवेदी कई जगह आवेदन देकर कालेज को खुद का बता रही हैं। उसने अपने पति को कालेज का ट्रैजरार बना रखा था जिन्होंने कई गडबडिय़ां की। मेरे खिलाफ कई जगह आवेदन भी दिए हैं। कालेज में पढ़ रहे बच्चे मेरे साथ हैं जिन्होंने पत्र लिखकर मेरे (तुलसी श्रृंगी) के प्रति समर्थन जताया है। अब स्थिति ये है कि जो पैसा लेकर मैंने कालेज शुरू किया था, उसका ब्याज भरना पड़ रहा है जबकि मेरे हाथ कुछ नहीं आया
30/10/2024
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!
27/10/2024
बदला न अपने आपको जो थे वही रहे
मिलते रहे सभी से मगर अजनबी रहे
अपनी तरह सभी को किसी की तलाश थी
हम जिसके भी क़रीब रहे दूर ही रहे
दुनिया न जीत पाओ तो हारो न ख़ुद को तुम
थोड़ी बहुत तो ज़ेहन में नाराज़गी रहे
गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे
हर वक़्त हर मक़ाम पे हँसना मुहाल है
रोने के वास्ते भी कोई बेकली रहे
निदा फ़ाज़ली
26/10/2024
Memories from 2017...!!!!
With former Indian cricketer Mr. Sandeep Patil at India Innovation and Excellence Summit.
20/10/2024
Time really flies!
10/10/2024
देश के सच्चे सपूत पद्म विभूषण श्री रतन टाटा जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
भगवान आपको श्री चरणों में स्थान प्रदान करें।
हार्दिक श्रद्धांजलि 💐🕉️
ाटा
#रतनटाटा