Forum for Ex-students of P. K. Roy Memorial College, Dhanbad

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01/05/2020


हमारा इम्यून सिस्टम क्या करता है वायरस को हराने के लिए ?

ज्यादातर लोग कोरोना वायरस से इन्फेक्ट होके अपने आप ठीक हो जा रहे हैं। कैसे ? .

एक बड़ा युद्ध होता है बाकायदा !

#वायरस_का_हमला :

वायरस आया शरीर में, 4 दिन गले में रहा, फिर लंग्स में उतर गया, लंग्स में एक सेल के अंदर घुसा और उसके रिप्रोडक्शन के तरीके को इस्तेमाल करके खुद की copies बना ली, फिर सारी copies मिलके अलग अलग सेल्स को अंदर घुसकर ख़त्म करना शुरू कर देती है। अब बहुत सारे वायरस हो गए हैं फेफड़ों में, मौत के करीब पहुँचने लगता है इंसान। शुरू में वायरस फेफड़ों के epithelial सेल्स को इन्फेक्ट करता है।

वायरस अभी जंग जीत रहा होता है।

#शरीर_के_सेनापति_तक_खबर_पहुँचती_है :

हमारे शरीर का सेनापति होता है हमारा इम्यून सिस्टम,
इम्यून सिस्टम के पास सभी दुश्मनों का लेखा जोखा होता है की किसपर कौनसा अटैक करना है,
एंटी-बॉडीज की एक सेना तैयार की जाती है और वायरस पर हमले के लिए भेज दी जाती है।

#एंटी_बॉडी_सेना_की_रचना :

एंटीबाडी सेना की रचना अटैक के तरीके को देखकर होती है,
अगर वो वायरस पहले अटैक कर चुका है तो उसकी एंटीबाडी रचना पहले से मेमोरी में होगी और उसे तुरत वायरस को मारने के लिए भेज दिया जाता है।
अगर वायरस नया है जैसा की कोविद 19 के केस में है तो इम्यून सिस्टम हिट एंड ट्रायल से सेना की रचना करता है।

सबसे पहले भेजा जाता है हमारे शरीर के सबसे फेमस योद्धा "इम्मुनोग्लोबिन g" को,
ये शरीर की सबसे कॉमन एंटीबाडी है और ज्यादातर युद्धों में जीत का सेहरा इसी के बंधता है।
इम्मुनोग्लोबिन g सेना शुरूआती अटैक करती है वायरस सेना पर और उसे काबू करने की कोशिश करती है।
इम्मुनोग्लोबिन g सेना को कवर फायर देती है एंटीबाडी इम्मुनोग्लोबिन m सेना जो अटैक की दूसरी लाइन होती है।

#युद्ध_की_शुरुआत :

भीषण युद्ध छिड़ता है दोनों ही पार्टियों में,
इम्मुनोग्लोबिन g वायरस पर टूट पड़ता है और उसे बेअसर करने की कोशिश करता है,
जो सेल्स अभी तक ख़त्म नहीं हुए होते हैं उन्हें बचाने की कोशिश की जाती है ताकि वो सुसाइड ना कर ले,
लेकिन वायरस क्यूंकि अभी ताकतवॉर है इसलिए वो इम्यून सेल्स को भी इन्फेक्ट करना शुरू कर देता है, जो की वायरस को अपनी जीत के तौर पर लगता है। लेकिन...

#इम्यून_सिस्टम_की_वानर_सेना :

इम्मुनोग्लोबिन g और इम्मुनोग्लोबिन m के अलावा हमारा इम्यून सिस्टम एक गुरिल्ला आर्मी भी छोड़ देता है खून में,
जिसमे की तीन टाइप के प्रमुख योद्धा हैं,
पहले हैं B सेल्स, जो जनरल सेना टाइप है, जैसे हर मिस्त्री के पास एक बंदा होता है जो सब कुछ जानता है,
दुसरे हैं हेल्पर T सेल्स, जो मददगार सेल्स होते हैं, और बाकी सेल्स को हेल्प करते हैं,
तीसरे और सबसे इम्पोर्टेन्ट होते हैं किलर T सेल्स, जो शिवाजी और राणा प्रताप की तरह चुस्त योद्धा होते हैं और आत्मघाती हमला टाइप करते हैं जिस से वायरस के छक्के छूट जाते हैं।

#युद्ध_का_लम्बा_खिंचना :

जितना युद्ध लम्बा खिंचता जाता है उतनी ही मात्रा में B और दोनों टाइप के T सेल्स की मात्रा खून में बढ़ती जाती है।

#ज़िन्दगी_और_मौत_का_फर्क :

इंसानी मौत के ज्यादा चांस तब हैं जब उसका इम्युनिटी का सेनापति पहले से किसी और बीमारी से लड़ रहा हो, इसलिए उसकी सेना को दो या ज्यादा fronts पर लड़ना होता है, और कुछ केसेस में हार भी हो जाती है।
वायरस इम्यून सेल्स को इन्फेक्ट करता रहता है और ट्रैप में फंसता रहता है, फिर इम्मुनोग्लोबिन g और इम्मुनोग्लोबिन m, खून से सप्लाई हो रही वानर सेना से मिल के वायरस को बुरी तरह रगड़ना शुरू कर देती है,
इस लड़ाई ट्रैप वगैरह में कई दिन लग जाते हैं, इसलिए बीमार और वृद्ध व्यक्ति इतना अगर झेल गया तो बच जाता है वरना lung बर्बाद हो जाता है मौत हो जाती है, लेकिन स्वस्थ इंसान में मौत का सवाल ही पैदा नहीं होता, वायरस की ही जीभ बाहर फिंकवा देता है हमारा इम्युनिटी सेनापति ।
इस युद्ध के दौरान इंसान को ज्यादा से ज्यादा आराम करना चाहिए ताकि सेनापति को युद्ध के अलावा बाकी चीज़ों की टेंशन ना लेनी पड़े।

#इम्युनिटी_सेनापति_की_जीत :

जीत के बाद जश्न होता है, इस समय आपके खून में बी और टी सेल्स भारी मात्रा में होते हैं और सारे इकट्ठे "इंक़लाब ज़िंदाबाद" बोल देते हैं,
जीत होते ही ये वाक़या इम्यून सिस्टम की मेमोरी के इतिहास में दर्ज़ हो जाता है,
कुछ वायरस जो की ताकतवर होते हैं उनका इतिहास हमेशा के लिए लिख लिया जाता है जैसे की चिकनपॉक्स और पोलियो वाले का, की जब भी ये शरीर पर दुबारा हमला करे तो कैसे जल्दी से निपटाना है इसको, ताकि देर ना हो जाए !
कुछ वायरस फालतू टाइप्स भी होते हैं जैसे जुकाम टाइप्स, उनको इम्यून सिस्टम मेमोरी महीना दो महीना रख के रद्दी में फेंक देती है, की फिर आएगा तो देख लेंगे दम नहीं है बन्दे में। इसीलिए इंसान को जुकाम होता रहता है साल दर साल, क्यूंकि ये सेनापति के हिसाब से हल्का वायरस है, कभी भी आसानी से ख़त्म किया जा सकता है इसे।

प्रतीकात्मक लेख Dr. S. K. Singh, Director- Super Max Gastro Liver and Maternity Center Gandhi Nagar Moradabad,

  DiariesIn a remote interior district of Tirchi in TN, a very poor pregnant lady, enduring labour pains, with great dif...
25/04/2020

Diaries

In a remote interior district of Tirchi in TN, a very poor pregnant lady, enduring labour pains, with great difficulty reaches the district hospital, 7km away.

The doctors said only C sec can be done & will require 1unit of blood for the mother, but was unavailable bcoz of covid 19 lockdown. The husband steps out in desperation to arrange for blood.

He is questioned by a police constable for breaking lockdown rules...

After hearing the story, the constable says... I'am of the same blood group & agrees to donate the blood.

The delivery takes place & both mother & the infant boy are
safe & sound.

The SP after hearing the story... rewards the constable with ₹1000/-

DGP of TN hears the story & gifts him ₹10,000/-

The 23 yr old constable in turn gifts the entire 11k to Sulochana, the mother for the hospital bills.

Picture of the young 23yr old Constable.
Via Whatsapp post.

25/04/2020

मैंने किताब के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी सीखी। यह हम में से प्रत्येक के लिए होता है, लेकिन हमें नहीं पता कि इसका कोई नाम है या नहीं। आइए देखें कि वे क्या हैं।

1) *Dog’s Ear * - जब हम पढ़ने से पहले बुकमार्क के रूप में पुस्तक पृष्ठ के शीर्ष कोने को मोड़ते हैं।

2) * librocubicularist* - एक व्यक्ति जो बिस्तर में लेटते हुए किताब पढ़ता है।

3) * Epeolatry * - शब्द की पूजा करने के लिए। शब्दों में एक उत्कृष्ट मिठास, वाक्यों में इसका उपयोग मन को मोहित करता है।इह आकर्षण विशेष रूप से भाषाविदों के बीच देखा जाता है।

4) * Logophile * - एक व्यक्ति जो शब्दों से मोहग्रस्त है।

5) * Bibliosmia* - पुरानी किताबों की महक।७

6) * Book bosomed* - व्यक्ति पुस्तक के बिना एक पल भी नहीं रह सकता।

6) * Omnilegent * - विषय को जज किए बिना सभी प्रकार की किताबें पढ़ें।

6) * BallyCumber * - जब हम आधी पढ़ते हैं तो,हम जो भी किताबें छोड़ते हैं ।उन्हें BallyCumber कहा जाता है

9) * Tsundoku* - जापानी शब्द। कोई अंग्रेजी पर्यायवाची नहीं हैं। इसका मतलब है कि खरीद के बाद से एक बार भी किताब नहीं खोली गई है।
10) * Princep* - किसी पुस्तक की पहली मुद्रित प्रतिलिपि को प्रिंसेप कहलाती है।

11) *Sesquipedalian * - एक शब्द जिसमें कई शब्दांश या वाक्यांश हैं। उदाहरण के लिए- ses / qui / pe / da / li / an

12) *Colophon * - पुस्तक की रीढ़, या कवर पर प्रकाशक का प्रतीक।

13) * Biblioclasm * - पुस्तकों को जानबूझकर नष्ट करना।

१४) * fascile* - टुकड़ा। पहला खंड, दूसरा खंड ... आदि .. एक फ़ासील एक पुस्तक है जिसे लंबे समय से विभिन्न संस्करणों में प्रकाशित किया गया है - जैसे कि एनसाइक्लोपीडीया ब्रिटानिका, ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी।

15) * Afficted* - किसी कहानी के अंत में और उसे पढ़ने के बाद बहुत दुखद, भले ही आप रोना चाहते हों, लेकिन रो नहीं सकते, लोग क्या कहेंगे ये सोच के ।इस भावना को afficted कहा जाता है।
16) * Bookklempt* - जब आपने किसी श्रृंखला की अंतिम पुस्तक पढ़ी है। आप जानते हैं कि इससे अधिक टुकड़े बाहर नहीं आएंगे। लेकिन आप इस सच्चाई को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। इस भावना को बुकक्लेमेट कहा जाता है।

16) *Chaptigue* - अगली सुबह एक किताब पढ़ने के बाद, आप जानते है की आप बहुत थका हुआ महसूस करेंगे।इसिको claptigue कहा जाता है।

16) *Delitrium * - नई खरीदी गई किताब की गंध जो आपको अच्छा लगता है,उसे डेलिट्रियम बोला जाता है।

19) * Madgedy * - बार-बार एक दुखद कहानी पढ़ना और इसे फिर से पढ़ने की उम्मीद करना की इस बार निश्चित रूप से अलग होगा।
20) * Mehnertia * - बहुत पढ़ने के बाद किताब पढ़ना बंद करें और शुरू से फिर से पढ़ना शुरू करें। क्योंकि तब तक आप जो पढ़ रहे हैं उसे पढ़ने की क्षमता खो चुके हैं।

21) * Rageammend* - जब आप अपने पसंदीदा पुस्तक को पढ़ने के लिए अन्य दोस्तों को पढ़ने की सलाह देते हैं।और यह सुनने के बाद कि वे पहले से ही इसे पढ़ चुके हैं और इसे बिल्कुल पसंद नहीं है, तो आपके दिमाग की स्थिति, यही है।

22) * Swapshame* - जब आप एक किताब पढ़ रहे हों। एक और किताब जो आपने पढ़ी है और शुरुआत याद है।सही में आगे इसको पड़ना है की नही-मन की यह अवस्था स्वापशेम है।

आप समझते हैं कि यदि आपने पुस्तक में ज्ञान प्राप्त कर लिया है, तो भी आपको पुस्तक के बारे में इतना ज्ञान हो सकता है, लेकिन हमें यह पता नहीं था। किताबों का कोई विकल्प नहीं हो सकता। किताबें पढ़ें और दूसरों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

अनुलेखन
सौजन्य: एक मित्र के व्हाट्सएप पोस्ट से।

25/04/2020

अब तूही बता तुझे क्या कहूं
बीमारी कहूं कि बहार कहूं
पीड़ा कहूं कि त्यौहार कहूं
संतुलन कहूं कि संहार कहूं
अब तूही बता तुझे क्या कहूं

मानव जो उदंड था
पाप का प्रचंड था
सामर्थ का घमंड था
मानवता को कर रहा खंड खंड था
नदियां सारी त्रस्त थी
सड़के सारी व्यस्त थी
जंगलों में आग थी
हवाओं में राख थी
कोलाहल का स्वर था
खतरे में जीवो का घर था
चांद पर पहरे थे
वसुधा के दर्द बड़े गहरे थे

फिर अचानक तू आई
मृत्यु का खौफ लाई
संसार को डराई
विज्ञान भी घबराई
लोग यूं मरने लगे
खुद को घरों में भरने लगे
इच्छाओं को सीमित करने लगे
प्रकृति से डरने लगे

अब लोग सारे बंद हैं
नदिया स्वच्छंद हैं
हवाओं में सुगंध है
वनों में आनंद है
जीव सारे मस्त हैं
वातावरण भी स्वस्थ हैं
पक्षी स्वरों में गा रहे
तितलियां भी इतरा रही

अब तूही बता तुझे क्या कहूं🙏
सौजन्य: एक मित्र के व्हाट्सअप पोस्ट से।

23/04/2020

नमस्कार मित्रों।

19/04/2020

सततं यदि वैफल्यं
नैराश्यं चेद् भजस्व मा।
तालकोद्धाटिका कुञ्जे
कदाचित् कुञ्चिकान्तिमा।।

"लगातार हो रही असफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए। कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी ताले को खोल देती है।"
🙏🏻 सुप्रभातम् 💐
🙏🏻💐😊

शुभम करोति कल्याणम, अरोग्यम धन संपदा, शत्रु-बुद्धि विनाशायः, दीपःज्योति नमोस्तुते !आप सभी को सपरिवार दिवाली, गोवर्धन पूज...
07/11/2018

शुभम करोति कल्याणम,
अरोग्यम धन संपदा,
शत्रु-बुद्धि विनाशायः,
दीपःज्योति नमोस्तुते !
आप सभी को सपरिवार दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज एवं छठ की हार्दिक शुभकामनाएं। दीपोत्सव आपके जीवन को सुख, समृद्धि, सुख-शांति, सौहार्द एवं अपार खुशियों की रोशनी से जग-मग करे...।

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपिग़रीयसी।।आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।🇮🇳🇮🇳🇮🇳
15/08/2018

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपिग़रीयसी।।
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Ebooks के लिये 10 बेहतरीन टेलीग्राम चैनल्स:
06/04/2018

Ebooks के लिये 10 बेहतरीन टेलीग्राम चैनल्स:

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06/04/2018

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06/04/2018

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06/04/2018

तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में ऐ दोस्त ...

दर्द हो तो समझ लेना की मोहब्बत अभी बाकी है!

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