Astrologer Omprakash Sharma

Astrologer Omprakash Sharma Student of Astrology

19/02/2025

दिल्ली की मुख्यमंत्री कोई महिला ही होगी

13/02/2025
आप सभी मित्रों को सादर जय श्री राम।कैसे है आप सब कमेंट करके जरूर बताएं
21/03/2024

आप सभी मित्रों को सादर जय श्री राम।
कैसे है आप सब कमेंट करके जरूर बताएं

01/01/2024

आंग्ल नववर्ष 2024 की हार्दिक शुभेच्छा
आपकी समस्त मनोकामनाएं इस वर्ष में पूरी हो और 2024 एक सुखद वर्ष के रूप में आपकी यादों में सदैव समाहित रहें 🌅👏

आप सभी मित्रों का बहुत-बहुत स्वागत है, मित्रों अंग्रेजी वर्ष बदलने वाला है 2024 में हम प्रवेश करने वाले हैं तो आईए जानते...
28/12/2023

आप सभी मित्रों का बहुत-बहुत स्वागत है,
मित्रों अंग्रेजी वर्ष बदलने वाला है 2024 में हम प्रवेश करने वाले हैं तो आईए जानते हैं प्रत्येक लगन एवं राशि के लिए 2024 कैसा रहेगा।
यह राशिफल आप चंद्र राशि एवं जन्म लग्न दोनों से देख सकते हैं। तो आइए शुरू करते हैं पहली मेष राशि एवम लग्न के लिए आगामी वर्ष 2024 क्या लेकर आया है।

मेष राशि एवं लग्न वालों को गुरु लग्न में विराजमान है शनि स्वयं की राशि के होकर एकादश स्थान में स्थित है एवं राहु 12 स्थान में और केतु छठे स्थान में गोचर कर रहे हैं।
भाग्य स्थान के स्वामी गुरु का आपके लग्न में स्थित होना निश्चय ही आपके भाग्य की वृद्धि कर रहा है धर्म कार्यों के लिए भी यह समय श्रेष्ठ है भाग्यश गुरु पर शनि की तीसरी दृष्टि होने से कार्यों में विलंब होने की संभावना है लेकिन कार्य रुकेंगे नहीं नौकरी पैसा लोगों को राहु की वजह से थोड़ी परेशानी हो सकती है जो लोग प्राइवेट जॉब में है उनका दूर ट्रांसफर हो सकता है या विदेश यात्रा की संभावना भी बन सकती है।
विद्यार्थियों के लिए या वर्ष बहुत श्रेष्ठ है। गहन अध्ययन रिसर्च फील्ड के विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई करने वालो के लिए यह श्रेष्ठ समय है। मई के महीने में जब गुरु राशि परिवर्तन करके आपके दूसरे भाव में आएंगे तब शिक्षा एवम धन के लिए समय और ज्यादा अनुकूल हो जायेगा।

धन धान्य और व्यापार की दृष्टि से भी समय श्रेष्ठ है।
विवाह एवम संतान के लिए मई तक का समय उत्तम है।
जो लोग इस वर्ष संतान की प्लानिंग करना चाहते है या विवाह करना चाहते है वो मई के बाद रुक जाएं।
चतुर्थ स्थान पर राहु की दृष्टि की वजह से पारिवारिक सुख सहयोग में कमी दिखाई देती है गृह कलह मित्र से धोखा आदि परिस्थितियों बन सकती है।
यदि ऐसी स्थिति बने तो आपको चाहिए कि आप जन्म स्थान से दूर चले जाएं
प्रेम संबंधों में थोड़ी बहुत परेशानी उतार-चढ़ाव के साथ समय ठीक है सुख का अनुभव कम करेंगे केतु के छठे स्थान में होने की वजह से स्वास्थ्य से परेशानी अज्ञात भय का अनुभव होगा।
दांपत्य जीवन अच्छा है।
बारवा राहु कोर्ट कचहरी की दृष्टि से परेशानी पैदा कर सकता है अतः गैर कानूनी कार्य न करें शनि एवं एवं गुरु आपको भरपूर सहयोग प्रदान कर रहे हैं लेकिन राहु की वजह से सुख में कमी का अनुभव हो सकता है घर का माहौल थोड़ा सा खराब हो सकता है कोर्ट कचहरी से परेशानी हो सकती है।
राहु की शांति के लिए मछलियों को पक्षियों को चीटियों को दाना डालें शिव आराधना एवं भैरव आराधना से उत्तम फल प्राप्त होंगे।

जय श्री राम

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard!Pradeep Goyal, हेमराज हेमराज, Umesh Kuamr
22/11/2023

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard!

Pradeep Goyal, हेमराज हेमराज, Umesh Kuamr

13/11/2023

जीवन में ग्रहों के परिवर्तन से बदलाव आता अवश्य है लेकिन वो इतना धीरे धीरे होता है की सामान्यतः अधिक कुछ महसूस नहीं होता। चत्मकार जैसी घटनाएं बहुत कम लोगो के जीवन में घटित होती है। यदि गोचर से राहू केतु शनि अच्छे फल दे रहे है तब भी जब तक महादशा या अंतर्दशा पक्ष की नही होगी तब तक गोचर के ग्रहों से होने वाले परिवर्तनों से आप संतुष्ट नहीं होंगे। किसी भी लंबे चलने वाले ग्रहों का प्रभाव महसूस करने के लिए आपको छह महीने बाद ही विश्लेषण करना चाहिए। आजकल सोशल साइट्स पर रातों रात करोड़पति बनाने वाले ज्योतिषियो की बाढ़ आई हुई है और लोग सुनना भी यही चाहते है जबकि आधे प्रतिशत लोगों का जीवन भी रातों रात नही बदलता ये संभव नहीं क्योंकि ये प्रकृति विरुद्ध है।
और होना भी नही चाहिए क्योंकि अचानक घटने वाली घटनाएं सुखद भी हो तब भी उनका अंत कम ही सुखद होता है।
कहा गया है "सहज पके सो मीठा होय"

स्वाति नक्षत्र स्वाति नक्षत्र के चारो चरण तुला राशि में आते है जन्म के समय यदि चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में हो तो जातक की ...
11/10/2023

स्वाति नक्षत्र
स्वाति नक्षत्र के चारो चरण तुला राशि में आते है जन्म के समय यदि चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में हो तो जातक की जन्म राशि तुला मानी जाती है।
इस नक्षत्र में जन्म होने पर चरण अनुसार रु,रे, रो,ता अक्षरों से नाम शुरू होता है।
स्वाति नक्षत्र का स्वामी शुक्र है।
देवता वायुदेव है।
स्वाति नक्षत्र के लोग पक्के व्यापारी होते है,खरीदी बिक्री के काम में कुशल,सफल मीडिएटर,दलाली, एजेंसी आदि कार्यों में निपुण होते है।
अंदर से कुछ और बाहर से कुछ और होते है।
मीठा बोलते है।मन के भावों को शीघ्र ही प्रगट नही होने देते है।
सरकारी कार्यों से अच्छा लाभ होता है।
कामुक होते है तथा विपरीत लिंगी के प्रति सहज ही आकर्षित हो जाते है तथा स्वयं भी दूसरे को शीघ्र ही अपनी ओर आकर्षित कर लेते है।
सुंदरता के प्रति इनमे विशेष आकर्षण होता है।
सुंदर और शालीन स्त्रीयों के प्रति विशेष आकर्षण रखते है।
बहुत सारे विषयो का कम अधिक ज्ञान रखते है।
बोलने में कुशल, शत्रु कम ही होते है। सभी के प्रति सम दृष्टि रखते है यानी छोटा बड़ा जाति पाती धर्म आदि के प्रति सम भाव रखते है।
परिवार इनका बड़ा होता है ,स्टाफ बड़ा होता है।
अपने कुल में अधिक उन्नतिशील होते है।
उत्साही होते है,जीवन के तीन पुरुषार्थ ,(धर्म अर्थ काम) इन्हे सहज ही सुलभ हो जाते है।
जीवन को जीने की कला जानते है, खाने पीने एवम खुश रहने में विश्वास करने वाले होते है।
ईश्वर में दृढ़ विश्वास होता है लेकिन धार्मिक क्रियाओं के पालन में कम सक्रिय होते है।
मानवता में विश्वास रखते है और एक अच्छे मनुष्य होते है।

जय श्री कृष्णा

11/10/2023

चित्रा नक्षत्र
चित्रा नक्षत्र के दो चरण कन्या राशि में एवम शेष दो चरण तुला राशि के अंतर्गत आते है।
चित्रा नक्षत्र में जन्मे लोग बिल्कुल अलग तरह के रंग एवम डिजाइन के वस्त्र पहनते है।
बड़े छापे वाले या अटपटे और गहरे रंग के वस्त्र अधिक पसंद करते है।
इनकी आंखे बड़ी, गोलाई लिए हुवे तथा भौंहे पतली व लंबी होती है।
पहले दो चरण में जन्म हो तो पुरुषों के अंदर स्त्रियोचित गुणों दिखाई देते है।
स्त्रियों की तरह चटकीले रंग के वस्त्र पहनना और उन्ही की तरह आभूषण पसंद होते है।
ये लोग अपनी पत्नी की चैन अंगूठी पहनने में भी गुरेज नहीं करते।
बुद्धिमान होते है, तथा शिल्प विद्या इंजीनियर मिस्त्री आदि के कामों में कुशल होते है।
इन लोगो की आस्थाएं एवम विश्वास टिकाऊ नहीं होते। वाहन सुख अच्छा मिलता है।
बहुपुत्रवान होते है।
अंतिम दो चरणों में जन्म हो अर्थात तुला राशि हो तो अंतर्मन से व्यापारी होते है।
अपने स्वभाव, आदतों और सुख सुविधाओं में कटौती करना इन्हे पसंद नही होता।
कई बार इनकी बुद्धि बड़े अनोखे ढंग से सोचती है, यद्यपि अपने निर्णयों एवम निष्कर्षों पर बाद में खुद ही शर्मिंदा होते है या पछताते है।

जय श्री कृष्णा

हस्त नक्षत्र हस्त नक्षत्र के चारो चरण कन्या राशि के अंतर्गत आते है। इस नक्षत्र पर चन्द्रमा का आधिपत्य है।इसके देवता सूर्...
11/10/2023

हस्त नक्षत्र
हस्त नक्षत्र के चारो चरण कन्या राशि के अंतर्गत आते है। इस नक्षत्र पर चन्द्रमा का आधिपत्य है।इसके देवता सूर्य है।
इस नक्षत्र में जन्म लिए हुवे जातकों की धनी बनने की तमन्ना बड़ी ऊंची होती हैं और प्रायः अपने बुध्दिबल और युक्तिबल से ये लोग पैसा कमा भी लेते है। पैसे को लेकर उचित अनुचित का विचार नहीं करते। कार्य को उत्साह पूर्वक संपन्न करते है।
सामान्यतः किसी और के अधीन कार्य करने में सहजता का अनुभव करते है।साहसी होते है।
स्त्रियों के विषय में मन चंचल होता है।
रोजगार आदि को लेकर अक्सर घर से बाहर रहते है।
शराब आदि के शौकीन हो सकते है।
निर्दयी होना भी इनकी विशेषता है।
पुत्र सुख इन्हे प्राप्त होता है एवम दूसरो की प्रगति देख कर ईर्ष्या का अनुभव करते है।

स्वयं के बल पर आगे बढ़ते है इसलिए कठोर और स्पष्टवादी हो जाते है।

जय श्री कृष्णा

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्रइस नक्षत्र का प्रथम चरण सिंह राशि में और शेष तीन चरण कन्या राशि में आते है।ये लोग सूर्य के समान त...
10/10/2023

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
इस नक्षत्र का प्रथम चरण सिंह राशि में और शेष तीन चरण कन्या राशि में आते है।
ये लोग सूर्य के समान तेजस्वी,सब पर छा जाने वाले,अपने पुरुषार्थ से धन कमाने वाले होते है।
धन कमाने के साथ धन का भोग करना भी इन्हे खूब आता है।
अर्थात धनी और सुखी होते है।
विरोधियों को शीघ्र ही परास्त कर देते है।
कवि हृदय होते है। व्यक्तित्व सुंदर और आकर्षक रहता है। विपरीत लिंगी को शीघ्र ही आकर्षित कर लेते है।
अपने विषय के अच्छे जानकार होते है।
सबसे। मधुर व्यवहार करने वाले,धैर्यवान,और प्रसिद्ध होते है।
उच्च अधिकारियों एवम राज्य वर्ग में दखल रखते है।
वाहन सुख इन्हे सहज ही प्राप्त रहता है।
कलात्मक अभिरुचि रखने वाले होते है तथा भ्रमणशील होते है।
सच सुनना पसंद करते है।
व्यापार में अच्छा मुनाफा कमाते है।
क्योंकि धन कमाने की युक्तियां ये निकाल ही लेते है।

जय श्री कृष्णा

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्रपू.फा. नक्षत्र के चारो चरण सिंह राशि में आते है शुक्र महाराज इस नक्षत्र के स्वामी है,इसके देवता अ...
10/10/2023

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र
पू.फा. नक्षत्र के चारो चरण सिंह राशि में आते है शुक्र महाराज इस नक्षत्र के स्वामी है,इसके देवता अर्यमा है जो की पितरों के अधिपति माने जाते है।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लिए हुवे जातकों को पानी से विशेष प्रेम होता है। वाणी इनकी मधुर होती है और सबके काम आने वाले होते है।
घूमने फिरने के शौकीन होते है।
दिखने में आकर्षक एवम सुंदर होते है। यदि शासन प्रशासन में हो तो विशेष तरक्की करते है।

बुद्धि भले ही साधारण हो लेकिन भाग्यशाली होते है।इसलिए समृद्धशाली होते है तमाम भौतिक सुविधाएं इनके पास होती है। भाग्य के बल पर प्रायः योग्य लोगो को पीछे धकेल कर ये आगे बढ़ जाते है।
ज्यादा धन संचय नही कर पाते।अपने हानि लाभ का आकलन तुरंत कर लेते है।
नाचने गाने आदि का भी शौक होता है।
अभिमान ज्यादा होता है इसलिए निंदा के पात्र बनते है।
शरीर पर नसों का उभार अधिक होता है।
कामवासना में शीघ्र ही लिप्त हो जाते है।
जहां अपने लाभ की बात हो वहा इनका दिमाग बहुत तेज चलता है।
अनुशासन के मामले में कठोर होते है, अनुशासन हीनता बर्दाश्त नहीं करते।
इनके अधीन बहुत से लोग काम करते है।
ज्यादा तरक्की न भी करे तो भी स्थानीय स्तर के नेता या अधिकारी होते है।

मित्रों नक्षत्र विषयक जानकारी आपको कैसी लग रही है, कृपया कमेंट्स के माध्यम से मुझे बताए
यदि पसंद आए तो पोस्ट को लाइक करे एवम पेज को फॉलो करें...

धन्यवाद

जय श्री कृष्णा

Address

Dewas
Dewas
452001

Telephone

+919993227454

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Astrologer Omprakash Sharma posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to Astrologer Omprakash Sharma:

Shortcuts

Share