15/01/2022
Commerce study circle की तरफ़ से आप सभी को मकरसंक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं।।
A leading institution for study of commerce,where dream comes true. If you know about yourself means
15/01/2022
Commerce study circle की तरफ़ से आप सभी को मकरसंक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं।।
18/11/2021
13/09/2020
Ledger Posting । How to make Ledger? । Part-1 । Class-11th Accounts In this video we are going to cover following topic:- 1-How to make ledger? 2-Posting all accounts in Ledger format 3- Format of Ledger ---------------------...
जिस देश की अर्थव्यवस्था कि 70% आबादी गाँव,गरीब और गैरत पर निर्भर हो वह देश जब कुछ शाही और विलायती उद्योग के उत्थान पर NSE, BSE और SENSEX और Rating एजेन्सी पर निर्भर हो वहा पलायन ही जिविका का स्तम्भ होगा
जिस कृषि प्रधान देश में कृषि संयंत्र और संसाधनों की
माँग मे वृद्धि या कमी की जगह मारूती की मांग मे कमी या वृद्धि देखी जाये वहाँ पलायन ही जिविका पालन का विकल्प होगा
जहाँ कुछ विशेष गैर कृषि व ग्रामीण उद्योगपति के आय और turnover के आधार पर राश्त्रिय आय और GDP तय होगा अथवा 70% वर्ग की आय का हिस्सा 30%के बराबर होगा वहां पलायन व गैर निर्भरता ही विकल्प है
जिस देश की 70%आबादी मे खून की अल्पता और उसके मिट्टी मे पानी की नमी न हो वहां माटी से पलायन ही
नवजीवन होगा
जहाँ विकास के नाम पर एक निश्चित केन्द्र /स्थान पर
ही विकास के विकल्प तय होगा पलायन भी एक विशेष छेत्र की तरफ़ होगा
जहाँ असंगठित छेत्र के प्रत्येक व्यक्ति के साथ सरकार
अपनी जिम्मेदारी स्वयं तय नहीं करेगी वहाँ पलायन और प्रलय
सम्भावी है
यह लेख आँकडो और तकनिकी आधारित नही है
क्योंकि यह लेख 70% आबादी के सामान्य समझ के अनुरूप लिखा है .30% जो सरकार और एजेन्सीज के अर्थशास्त्री हैं उनसे तो सम्मुख होकर ही तर्क किया जा सकेगा
अतः वे ईसे समझने का निष्फ़ल प्रयास न करें
सन्जीव मिश्रा (माटी का मन)
कामर्स स्टडी सर्किल
9453829861
आप सभी से निवेदन है कि youtube पर accountancy fever channel पर भेजे गये video को अभी download न करे कम से कम एक video प्रतिदिन online पूरा जरूर चलाये आपका data खर्च जरूर होगा लेकिन मुझे youtube पर plateform set करने मे आपका बहुत योगदान और आभार होगा
01/05/2020
https://www.youtube.com/channel/UCzDd-F3t6NI1_2JDDMa0RLg
मैं,संजीव कुमार मिश्रा आप सभी स्नेही जनों से करबद्ध निवेदन करता हूं कि आप हमारे यूट्यूब चैनल *Accountancy Fever* को सब्सक्राइब करें,वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखें और शेयर करें।
आज के इस डिजिटल युग में *Accountancy Fever* जैसे प्लेटफॉर्म का उद्देश्य धन अर्जित करना बिल्कुल नहीं है बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य गांव-गांव तक के बच्चों को,जो मेरे क्लासरूम तक पहुँचने से वंचित रह जाते हैं, उनतक आसान भाषा में कॉमर्स के विभिन्न विषयों की जानकारी को पहुंचना है।
और ये उद्देश्य आपके सहयोग के बिना कभी सम्भव नहीं होगा।
आप हमारे अपने हैं इसलिए मैं आपसे यह उम्मीद करता हूँ आप रोज़ एक वीडियो अवश्य देखेंगे और शेयर करेंगे एवं समाज को शिक्षित बनाने में अपना योगदान देंगे।🙏🏻
accountancy fever *This channel shows the easiest way of learning accountancy..... Means accountancy on your fingertips 😊😊 subscribe to the channel and tell us your views*
16/06/2017
classes of Commerce
u.p. board,cbse board,b com will be commenced from 1july 2019
14/06/2017
The Lesson Of Life
दीपावली के पावन पर्व पर सभी मित्रों संस्था के छात्रों एवं मार्गदर्शक स्वजनों को हार्दिक बधाई।
01/05/2016
Made with
https://bnc.lt/f1Fc/hkLpOi5R1s
Photo Everyone's Creative
01/05/2016
कर्मेव ही सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथै ,
नहीं सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः।
एक छात्र जो मध्यमवर्गीय परिवार से था जिसके पिता की आमदनी बहुत अच्छी नहीं थी अपने एक संपन्न मित्र के आधुनिक ब्रांडेड कपड़े मोबाइल गाड़ी इत्यादि देखकर उन्हें पाने की जद्दोजहद में था जिससे उसका पढाई से मन हटने लगा और किसी भी तरह उन सब चीजों को पाने की आतुरता होने लगी।जबकि वह शिक्षा के दृष्टि से मेघावी था लेकिन धीरे धीरे वह अपने नैसर्गिक छमता को भूलने लगा और अपने मित्र की छमता में अपने को खोजने लगा।उसके पिता को यह एहसास हो रहा था लेकिनबेटे की युवाउम्र उतावलापन को देखकर कुछ कह नहीं पाते ।
एक दिन पिता ने बेटे के साथ बाजार जाकर ब्रांडेड घड़ी,मोबाइल,जूता इत्यादि ख़रीदा और बेटे क साथ विकलांग एवं अनाथ आश्रम में गए।एक विकलांग को उन्होंने जूता भेंट किया तो रोतेहुए कहा कि मै जूते क्या करूँगा मेरे पास तो पैर ही नहीं है।जिसे घडी दिया उसके कलाई ही नहीं था जिसे मोबाइल दिया उसने मन कर दिया कि उसका तो कोई अपना है ही नहीं वो किस्से बात करेगा।पिता ने बोला बच्चों मैं ये चीजें तुम लोग के लिए इसलिए लाया हूँ कि तुम्हे भी आम बच्चों की तरह ये शौक पुरे करने का हक है।फिर कहा बच्चों तुम खुद बताओ की तुम्हे क्या दे सकता हूँ।
सभी बच्चों ने बेटे क़ी तरफ देखकर बोला कि अंकल क्या हमें आपके बेटे की तरह ही पैर,हाथ,और आपसा पिता मिलेगा क्या जो अन्य बच्चों के लिए इतना सोचता है तो अपने बच्चों के लिए कितना सोचता होगा।
पिता ने बेटे से कहा बेटा मैंने इतने पैसे गैरों पर खर्च दिए लेकिन वो लेने से इनकार कर दिए हैं और एक तुम हो जो मांगते हो तो मै नहीं दिला सका मै शर्मिंदित हूँ बल्कि तुम्हे इन सभी की जरुरत थी अतः ये तुम रख लो।
आगे बेटे ने क्या जवाब दिया ये बच्चे ही अपनी अपनी समझ से स्पष्ट करेंगे