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18/02/2026
07/02/2026
खत्म हो गया IAS-IPS के लिए बार-बार यूपीएससी एग्जाम वाला नियम, 10 पॉइंट में जानें क्या-क्या बदला यूपीएससी ने सेवा में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई करने वाले नियम में बड़ा बदलाव किया है। अब सेवा में रहते हुए ऑफिसर्स सिर्फ एक बार यूपीएससी एग्जाम दे सकते हैं। पहले ऑफिसर्स रैंक सुधारने के लिए कई बार एग्जाम में बैठ सकते थे।
यूपीएससी परीक्षा के लिए आवेदन करने पर प्रतिबंध का नियम क्या है? यूपीएससी के नए नियम के अनुसार, सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट मिलेगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। नए नियम की शर्ते इस प्रकार हैं-
1. सिर्फ एक और मौका: जिस उम्मीदवार को CSE-2025 या उससे पिछले सालों के आधार पर किसी भी सर्विस में जगह मिली है, उसे अपनी पसंद के अनुसार CSE-2026 या CSE-2027 में शामिल होने का एक बार मौका दिया जाएगा, ताकि वह अपने बचे हुए अटेम्प्ट का इस्तेमाल कर सके, बशर्ते वह अन्य एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करता हो, और उसे सर्विस से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, जो उम्मीदवार CSE-2028 या उसके बाद की परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें अपनी अलॉट की गई सर्विस से इस्तीफा देना होगा।
2. पिछली परीक्षाओं के नतीजे भी दायरे में: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन में मल्टीपल अटेंप्ट्स को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार, जो उम्मीदवार पिछली परीक्षा के नतीजों के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या भारतीय विदेश सेवा (IFS) में नियुक्त हुआ है और उस सेवा का सदस्य बना हुआ है, वह सिविल सेवा परीक्षा-2026 में शामिल होने के लिए योग्य नहीं होगा।
3. प्रीलिम्स क्रैक करने बाद भी नहीं मिलेगा मेन्स का मौका: अगर ऐसा कोई उम्मीदवार सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 होने के बाद IAS या IFS (पिछली परीक्षा के आधार पर) में नियुक्त होता है और वह उम्मीदवार उस सेवा का सदस्य बना रहता है, तो वह उम्मीदवार सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 में शामिल होने के लिए योग्य नहीं होगा, भले ही उसने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 पास कर ली हो।
4. मेन्स का रिजल्ट होने के बाद भी नहीं होगी नई नियुक्ति: अगर ऐसा कोई उम्मीदवार सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 शुरू होने के बाद लेकिन आयोग द्वारा परिणाम घोषित होने से पहले IAS या IFS में नियुक्त होता है और उस सेवा का सदस्य बना रहता है, तो उस उम्मीदवार को CSE-2026 के परिणाम के आधार पर किसी भी सेवा/पद पर नियुक्ति के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
5. दोबारा IPS बनने का मौका नहीं: जो उम्मीदवार पिछली परीक्षा के नतीजों के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित या नियुक्त हुआ है, वह CSE-2026 के परिणाम के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा का विकल्प चुनने या उसमें शामिल होने के लिए योग्य नहीं होगा।
6. ट्रेनिंग से सिर्फ एक बार छूट: IAS या IPS या ग्रुप ए सेवा मिलने के बाद, उम्मीदवार CSE-2027 परीक्षा तभी दे सकते हैं, जब संबंधित प्राधिकरण द्वारा CSE-2026 के आधार पर अलॉट की गई सेवा के ट्रेनिंग से छूट दी जाती है। उसे CSE-2027 में शामिल होने में सक्षम बनाने के लिए ट्रेनिंग में शामिल होने से केवल एक बार छूट दी जाएगी।
7. नो स्टेप- नो सर्विस: चयनित उम्मीदवार केवल फाउंडेशन कोर्स (FC) में ट्रेनिंग में शामिल होगा। हालांकि, अगर ऐसा उम्मीदवार CSE-2026 के आधार पर अलॉट हुई सेवा के लिए ट्रेनिंग में शामिल नहीं होता है और न ही ट्रेनिंग में शामिल होने से छूट लेता है, तो CSE-2026 के आधार पर उसकी सेवा अलॉटमेंट रद्द कर दी जाएगी।
8. नए सेलेक्शन के बाद पुराना सेलेक्शन कैंसिल हो जाएगा: अगर कोई ऐसा उम्मीदवार यूपीएससी CSE-2027 में सेलेक्ट होता है, तो वह CSE-2026 या CSE-2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा को एक्सेप्ट कर सकता है और CSE-2027 के लिए निर्धारित ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। इस लेवल पर उसके द्वारा चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सेवा का अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा। अगर उसे CSE-2027 के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं की जाती है, तो वह CSE-2026 के माध्यम से आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है।
9. दोनों सेलेक्शन भी रद्द हो सकते हैं: अगर वह CSE-2026 या CSE-2027 के आधार पर आवंटित सेवा के लिए ट्रेनिंग में शामिल नहीं होता है, तो दोनों सेवाओं के लिए उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।
10. तीसरी बार अप्लाई करने से पहले देना होगा इस्तीफा: पहले दो अटेंप्ट में सफल होने और चयनित उम्मीदवार तीसरी अटेंप्ट नहीं दे सकते। अगर वे CSE-2028 और उसके बाद किसी भी CSE में बैठना चाहते हैं तो उन्हें वर्तमान सेवा से इस्तीफा देना होगा।
निम्नलिखित में से किन्हें मिलकर ‘गांधी शांति पुरस्कार’ के प्राप्तकर्ता का चयन करने के लिए जूरी बनती है?
I. भारत का राष्ट्रपति
II. भारत का प्रधानमंत्री
III. भारत का मुख्य न्यायाधीश
IV. लोक सभा में प्रतिपक्ष का नेता
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) केवल II और IV
(b) I, II और III
(c) II, III और IV
(d) केवल I और III
31/01/2026
गुरु रविदास कहते हैं धर्म वो नहीं जो मंदिर में शोर करे,
धर्म वो है जो भूखे को रोटी और अपमानित को सम्मान दे।
यही गुरु रविदास जी का महान विचार था।
गुरु रविदास जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।
#गुरु_रविदास_जयंती
31/01/2026
30/01/2026
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