24/05/2026
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24/05/2026
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करनाल जिले के सभी संघर्षशील और झुझारू साथियों ने निवेदन है कि चलो फिर एक और अंतिम बार सभी मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर अपनी मंजिल और अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा और जोश के ज़ोर लगा दें!अपने भाइयों द्वारा दिए गए 9जून के डीएसई पंचकूला में दिए गए प्रोग्राम को सफल बनाये !इस दिए गए प्रोग्राम को कामयाब करने के लिए अपने जिला स्तर पर 26 मई सुबह 8 बजे हम सभी सेक्टर -12 फ़वारा पार्क में एकत्रित होंगे और वहाँ से अपनी रूपरेखा बनाकर सेक्टर -13 में करनाल शहर के विधायक और अभी हाल ही हरियाणा समीक्षा समिति के सदस्य के रूप में चुने गए श्री जगमोहन आनंद जी मिलेंगे और उन्हें तीन साल की पालिसी में शामिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अभी हाल में आए हुए फैसलों की कॉपी के साथ ज्ञापन पत्र देंगे और उन्हें अपनी पैरवी करने के लिए अनुरोध करेंगें और साथ में जिला शिक्षा अधिकारी को भी मिलेंगे और उन्हें अपने डीडीओ के माध्यम से रिप्रजेंटेशन भेजने में जो दिक्कत आ रही है उसे सुलझाने का प्रयास करेंगे और उनके माध्यम से भी एक अपना मांग पत्र मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री जी के नाम भेंजेंगे!मेरी पूर्व के सभी जिला प्रधानो ब्लॉक प्रधानो और पुराने सभी सक्रिय साथियों से मार्मिक अपील है कि अपने सभी पुराने गिले शिकवे भुलाकर एक बार मिलकर आख़िरी धक्का मार दो !शायद आप सबके सामूहिक प्रयास से अबकी बार हम मैदान जीत जाएँ!किंग ब्रूस और स्पाइडर वाली कहानी सत्य हो जाए!बस एक बार फिर से अपने आपको जीवित महसूस करवा दो सरकार को!मेरी रिटायर होने वाले और रिटायर हो चुके सभी साथियों से विनम्र निवेदन है कि वो भी इस संघर्ष में हमारे साथ आगे रहे ताकि उन्हें भी पिछली नियुक्ति तिथि से सभी लाभ मिल सके !जो साथी हमारे जिले के हमारे बीच नहीं रहे उनके परिवार वालों को एक्स ग्रेशिया पालिसी का लाभ दिला सकें! हर ब्लॉक से कम से कम 20-20 साथी एक दूसरे को फ़ोन के माध्यम से अपनी अपनी टीम बनाकर मंगलवार सुबह फव्वारा पार्क ज़रूर पहुँचे! जय एकता जय संघर्ष!इंक़लाब जिंदाबाद!हमारा भाईचारा जिंदाबाद !💪🤜✊👊✌️✌️🙏🙏
20/05/2026
**🚨 रेवाड़ी से बड़ी खबर: भीषण गर्मी को देखते हुए बदला स्कूलों का समय, उपायुक्त ने जारी किए आदेश!**
**रेवाड़ी, 20 मई:** हरियाणा में लगातार बढ़ रहे पारे और भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन सख्त और सतर्क हो गया है। बच्चों को हीटवेव (लू) के खतरे से बचाने के लिए रेवाड़ी के उपायुक्त (DC) ने जिले के सभी स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव करने का सरकारी आदेश जारी कर दिया है।
# # # ⏰ अब यह रहेगा स्कूलों का नया समय
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, रेवाड़ी जिले के **सभी सरकारी और गैर-सरकारी (Private) विद्यालयों** का समय अब **प्रातः 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक** निश्चित कर दिया गया है।
# # # 📅 कब से लागू होंगे आदेश?
यह आदेश आज **20 मई 2026** से ही तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे।
# # # 📋 आदेश की मुख्य बातें:
* **पृष्ठ कर्मांक:** 1142–44 / विकास (दिनांक 20.05.2026)
* यह फैसला जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), रेवाड़ी के पत्र क्रमांक जी-2/2026/281 (दिनांक 19.05.2026) के संदर्भ में लिया गया है।
* इस आदेश की प्रतियां जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और जिला लोक एवं संपर्क अधिकारी (DPRO) को आगामी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं।
> **💡 नोट:** अभिभावक और स्कूल संचालक ध्यान दें कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस समय सारणी का पालन करना अनिवार्य है।
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20/05/2026
📌 बड़ी खबर: अतिथि अध्यापकों को तुरंत पक्का करे सरकार, 2014 की नियमितीकरण पॉलिसी को लागू करने की उठी मांग!**
**फतेहाबाद, 20 मई:** हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ और राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वर्ष 2014 की नियमितीकरण पॉलिसी के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों (Guest Teachers) को बिना किसी देरी के नियमित (पक्का) करने की जोरदार मांग उठाई है।
अध्यापक संघ के जिला प्रधान राजपाल मिताथल, सचिव देसराज माचरा और सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव कृष्ण कुमार नैन सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस संबंध में एक साझा रणनीति तैयार की है।
*📅 19 से 28 मई तक सौंपा जाएगा ज्ञापन**
नेताओं ने बताया कि दोनों संगठनों के कार्यकर्ता **19 मई से 28 मई तक** सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को ज्ञापन सौंपेंगे। इस दौरान अतिथि अध्यापकों को आवेदन प्रक्रिया में आ रही सभी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
🔥 9 जून को पंचकुला 'शिक्षा सदन' पर महाप्रदर्शन**
बात यहीं नहीं रुकेगी! अध्यापक संघ ने एलान किया है कि आगामी **9 जून को** तीन साल के सेवाकाल की पॉलिसी के तहत नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेशभर के कच्चे-पक्के शिक्षक पंचकुला स्थित **'शिक्षा सदन'** पर एकत्रित होंगे और एक जोरदार राज्य-स्तरीय प्रदर्शन करेंगे।
⚖️ क्या है पूरा कानूनी मामला? क्यों अटकी थी फाइल?**
* **सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला (17 अप्रैल):** माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीतियों को पूरी तरह वैध (Valid) करार दे दिया है।
* **हाईकोर्ट का आदेश (29 अप्रैल):** पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के पक्ष में आदेश जारी करते हुए, सरकार को 4 सप्ताह के भीतर पात्र अध्यापकों से आवेदन मांगने के निर्देश दिए हैं।
* **2014 का इतिहास:** सितंबर 2014 में हुड्डा सरकार ने ग्रुप बी, सी और डी के कर्मचारियों के लिए नीति बनाई थी, जिसके तहत कई विभागों के कर्मचारी पक्के भी हुए थे। अतिथि अध्यापकों के लिए भी आदेश जारी हुए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता (Code of Conduct) के कारण मामला लटक गया था।
* **2015 और 2018 का मोड़:** साल 2015 में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इन नीतियों को होल्ड पर डाल दिया और 2018 में हाईकोर्ट ने इन्हें रद्द कर दिया था।
> **अब स्थिति क्या है?** सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के ताजा और सकारात्मक फैसलों के बाद अब अतिथि अध्यापकों के नियमित होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है।
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📢 संघ की मुख्य मांगें:**
1. प्रदेश के अतिथि अध्यापक इन नीतियों के तहत नियमित होने की सभी शर्तें पूरी करते हैं, इसलिए उन्हें **तत्काल प्रभाव से पक्का किया जाए**।
2. नियमितीकरण का लाभ **जून 2014 से** ही काल्पनिक या वास्तविक रूप से दिया जाए।
3. आवेदन प्रक्रिया को सरल किया जाए ताकि खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) से लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों तक कागजी कार्रवाई बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
शिक्षकों का साफ कहना है कि अब जब अदालत ने हरी झंडी दे दी है, तो सरकार को बिना किसी टालमटोल के इस निर्णय को तुरंत जमीनी स्तर पर लागू करना चाहिए।
**✍️ रिपोर्ट: HAAS Haryana News Desk**
**👍 पेज को Like और Share जरूर करें ताकि हर शिक्षक तक यह आवाज पहुंचे!**
19/05/2026
मैना यादव
*प्रैस नोट*
*दिनांक 18/05/26*
*2014 की पॉलिसी की अनुपालना में अतिथि अध्यापकों को अतिशीघ्र नियमित करे सरकार - हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ*
चंडीगढ़ - हरियाणा विद्यालय आध्यापक संघ सबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल फेडरेशन आफ इण्डिया के राज्य प्रधान प्रभु सिंह, राज्य महासचिव रामपाल शर्मा, कैशियर संजीव सिंगला, वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह, प्रैस प्रवक्ता निशा,राज्य सचिव पूनम देवी, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव कृष्ण कुमार नैन, राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के राज्य प्रधान दिनेश यादव व राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए सरकार से मांग की माननीय सुप्रीम कोर्ट व हरियाणा एवं पंजाब हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार बिना विलम्ब प्रदेश के सरकारी विद्यालयों मे कार्यरत अतिथि अध्यापको को नियमित किया जाए। अध्यापक नेताओं ने बताया की माननीय पंजाब एवं हाईकोर्ट ने अपने आदेश मे कहा है कि चार सप्ताह तक नियमितीकरण की शर्तों को पूरा करने वाले अतिथि अध्यापक अपने अपने आवेदन शिक्षा विभाग के अधिकारियो के समक्ष प्रस्तुत करें और उसके बाद विभाग अतिथि अध्यापको को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। अध्यापक नेताओं ने बताया हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ व राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने सयुक्त तौर पर अतिथि अध्यापको के नियमितीकरण के लिए आवेदन विद्यालय मुखिया के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारियों को भिजवाने हेतु ठोस रणनीति बनाई है। 19 मई से 28 मई तक दोनों संगठनों के कार्यकर्त्ता अपने अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारियो को ज्ञापन सौंपेगे व अतिथि अध्यापको को आवेदन प्रस्तुति के समय आने वाली समस्याओ का समाधान निकलेंगे और तीन साल की सेवाकाल की पालिसी के तहत अतिथि अध्यापको को नियमित करने की मांग को लेकर 9 जून को शिक्षा सदन पंचकुला मे प्रदेश के कच्चे पक्के अध्यापक मिलकर जोरदार प्रदर्शन करेगें।
अध्यापक नेताओं ने कहा कि 17 अप्रैल के माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय के एक अहम फैसले अनुसार 16 एवं 18 जून 2014 की हरियाणा सरकार की नियमितीकरण की नीतियों को वैध करार दिया गया है। 29 अप्रैल को माननीय पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के पक्ष मे आदेश पारित किया है उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत सभी अतिथि अध्यापक इन दोनों नीतियों के तहत नियमित होने की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। अत: तत्काल प्रभाव से सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाए और जून 2014 से सभी लाभ प्रदान किए जाएं। उन्होंने बताया कि 2014 में हरियाणा सरकार ने ग्रुप बी,सी एवं डी के तहत कार्यरत सभी कच्चे कर्मचारियों/शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए नीतियां बनाई थी और इनके तहत कई विभागों के 4654 कर्मचारियों को पक्का किया गया था। संगठन के लगातार प्रयास से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए श्री एस एस ढिल्लों प्रिसिंपल सचिव मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ने वित सचिव शिक्षा विभाग को 09/09/2014 को लिखित आदेश दिया था। परन्तु इसके दो दिन बाद ही विधानसभा चुनाव की घोषणा के चलते आचार संहिता लगने के कारण अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मामला अधर में लटक गया और सभी शर्तों को पूरा करने के बावजूद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने से वंचित कर दिया गया था। परन्तु 2014 के
विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सता परिवर्तन हो गया और भाजपा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते नियमितीकरण की इन नीतियों को 5 मई,2015 को होल्ड पर रखते हुए कर्मचारियों के नियमितीकरण के रस्ते बंद कर दिए और इसके बाद जून 2018 में इन नीतियों के खिलाफ लगी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन नीतियों को रद्द कर दिया। तत्पश्चात माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय ने 26 नवंबर 2018 को यथास्थिति बरकरार रखते हुए मामले की सुनवाई जारी रखी। जिस पर 17 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए 2014 मे बनी पालिसी को सही बताया और हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को नियमित करने का फैसला सुनाया वक्ताओ ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि उपरोक्त निर्णय को लागु करते हुए तुरंत प्रभाव से अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाए।
जारीकर्ता - रामपाल शर्मा महासचिव
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ
16/05/2026
हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत अनुबंधित (Contractual) एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत सेवा के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
# हरियाणा: सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के परिवारों को मिलेगी ₹3 लाख की सहायता
**चंडीगढ़:**
हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और पब्लिक अंडरटेकिंग्स में कार्यरत गैर-स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को एक बड़ी राहत दी है। सरकार की नीति के अनुसार, यदि किसी अनुबंधित (Contract), दैनिक वेतनभोगी (Daily Wage), तदर्थ (Ad-hoc) या सर्विस प्रोवाइडिंग एजेंसी के माध्यम से अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके पीड़ित परिवार को **₹3 लाख (3.00 लाख रुपये)** की अनुकंपा वित्तीय सहायता (Ex-gratia Compassionate Financial Assistance) प्रदान की जाएगी।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ (22) ने इस नीति को लेकर कर्मचारियों और उनके परिवारों को जागरूक किया है। संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में कार्यरत ऐसे सभी पात्र कर्मचारियों के परिजनों को जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेज तैयार कर अपने संबंधित कार्यालय या विभाग में जमा कराने चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर यह मदद मिल सके।
# # # नीति की मुख्य बातें और दिशा-निर्देश:
* **पात्र कर्मचारी:** यह नीति उन सभी कर्मचारियों पर लागू होती है जो हरियाणा सरकार के अधीन Ad-hoc, Daily Wage, या Contract basis (जिसमें आउटसोर्सिंग या सर्विस प्रोवाइडिंग एजेंसी के जरिए लगे कर्मचारी भी शामिल हैं) पर कार्यरत थे और जिनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की पूर्व स्वीकृति से की गई थी।
* **सहायता राशि:** मृतक कर्मचारी के पूर्ण रूप से आश्रित और जरूरतमंद (Indigent) परिवार के सदस्यों को एकमुश्त ₹3,00000 (तीन लाख रुपये) की अनुकंपा वित्तीय सहायता दी जाएगी।
* **लागू होने की तिथि:** यह नीति इसके जारी होने की तिथि से प्रभावी मानी गई है।
* **आवश्यक प्रक्रिया:** मृतक कर्मचारी के परिजनों को संबंधित विभाग (जैसे शिक्षा विभाग के मामले में स्कूल या जिला शिक्षा कार्यालय) में जाकर आवश्यक फाइल और आवेदन तैयार करके जमा करना होगा। विभाग के प्रमुख (Head of Department) या सक्षम प्राधिकारी इस पर त्वरित कार्रवाई करेंगे।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ ने सभी साथियों से अपील की है कि वे अपने आस-पास के ऐसे पीड़ित परिवारों की पहचान कर उनकी फाइल तैयार करवाने में मदद करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार इस सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
15/05/2026
Old memories ✍️
15/05/2026
*प्रैस नोट*
*दिनांक 14/05/2026*
*2014 की नियमितीकरण की पॉलिसी के तहत अतिथि अध्यापकों को अतिशीघ्र नियमित किया जाए - मंजीत कौर
" 17 मई को रोहतक मे होगी प्रदेश स्तरीय कन्वेशन व 9 जून को शिक्ष सदन पंजकुला पर किया जाएगा जोरदार प्रदर्शन "
यमुनानगर - राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ व हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की मीटिंग नेहरू पार्क मे हुई जिसकी अध्यक्षता मंजीत कौर ने की व मंच संचालक जयप्रकाश मित्तल ने किया । बैठक मे निर्णय लिया गया कि तीन साल की सेवाकाल की पालिसी के तहत अतिथि अध्यापको को नियमित करने की मांग को लेकर 17 मई को रोहतक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य स्तरीय कन्वेंशन में हिस्सा लेंगे व 9 जून को शिक्षा सदन पंचकुला मे प्रदेश के कच्चे पक्के अध्यापक मिलकर जोरदार प्रदर्शन करेगें।
बैठक को संबंधित करते हुए राजकीय अनुबंधित अद्यापक संघ के राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान संजय कंबोज ओमप्रकाश धनकड़, सुरेंद्र कुमार ने कहा माननीय सर्वोच्च न्यायलय द्वारा 16 अप्रैल को एक अहम फैसले सुनाया गया जिसके अनुसार 16 एवं 18 जून 2014 की हरियाणा सरकार की नियमितीकरण की नीतियों को वैध करार दिया गया है। 29 अप्रैल को माननीय पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के पक्ष मे आदेश पारित किया है उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत सभी अतिथि अध्यापक इन दोनों नीतियों के तहत नियमित होने की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। अत: तत्काल प्रभाव से सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाए और जून 2014 से सभी लाभ प्रदान किए जाएं। उन्होंने बताया कि 2014 में हरियाणा सरकार ने ग्रुप बी,सी एवं डी के तहत कार्यरत सभी कच्चे कर्मचारियों/शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए नीतियां बनाई थी और इनके तहत कई विभागों के 4654 कर्मचारियों को पक्का किया गया था। संगठन के लगातार प्रयास से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए श्री एस एस ढिल्लों प्रिसिंपल सचिव मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ने वित सचिव शिक्षा विभाग को 09/09/2014 को लिखित आदेश दिया था। परन्तु इसके दो दिन बाद ही विधानसभा चुनाव की घोषणा के चलते आचार संहिता लगने के कारण अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मामला अधर में लटक गया और सभी शर्तों को पूरा करने के बावजूद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने से वंचित कर दिया गया था। परन्तु 2014 के
विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सता परिवर्तन हो गया और भाजपा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते नियमितीकरण की इन नीतियों को 5 मई,2015 को होल्ड पर रखते हुए कर्मचारियों के नियमितीकरण के रस्ते बंद कर दिए और इसके बाद जून 2018 में इन नीतियों के खिलाफ लगी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन नीतियों को रद्द कर दिया। तत्पश्चात माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय ने 26 नवंबर 2018 को यथास्थिति बरकरार रखते हुए मामले की सुनवाई जारी रखी। जिस पर 17 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए 2014 मे बनी पालिसी को सही बताया और हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को नियमित करने का फैसला सुनाया वक्ताओ ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि उपरोक्त निर्णय को लागु करते हुए तुरंत प्रभाव से अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाए बैठक मे सुरेंद्र सिंह दहिया, विकास रादौर, मंजू सहित बडी संख्या मे अध्यापक उपस्थित थे.
14/05/2026
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13/05/2026
High कोर्ट