Heart touching

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Enjoy this life ....
आपका पूरे दिल से स्वागत है...!! ♥♥♥♥

13/02/2015

!!! Dar LAg rAhA hai pHiR uSi iK diN k AaNy
sE !!!
!!! K RusWa kaHin hO jAy na kOi pYar niBhanY
sE !!!
!!! Bint-e-hAwa ki izZaT hAi boHt keEmti sUn
lO !!!
!!! KahiN Lut jAy nA kiSi gHair K iK cHoTy
nAzRanY sE !!!
!!! Is diN k zAkhAm ziNdagi bHar bhArty nAhi
haN !!!
!!! Aur chUp nAhi sAktY kAbhi yE LAkh
chUpaNY sE !!!
!!! KyA aiK diN kA pYar bHi koi pYar hAi
Yaro !!!
!!! pYar To hOTa hAi umEr bhaR sAth niBhanY
Se !!!
!!! Meri nAzm kA mAqsad tAbhi pooRa hO gA
dOsto !!!
!!! AgEr kOi aiK bhi yE din Chor dE mEry
sAmjhAny sE !!!

13/02/2015

अजब हाल है आदमी की शख्शियत का,..
हवस खुद की उठती है तवायफ उसको कहता है..

09/02/2015

हमारे दरमियाँ कुछ तो रहेगा
चाहे वो फ़ासला ही सही …
********
सरकार ढूंढ-ढूढ कर सिर्फ “काले धन” वालो को ही पकड़ रही है..
“काले मन” वाले निश्चिन्त रहें….
*******
उस शक्श से फ़क़त इतना सा ताल्लुक हैं मेरा !!
वो परेशान होता है तो मुझे नींद नही आती है !!
*******
ऐसा नहीं है कि अब तेरी जुस्तजू नहीं रही,
बस टूट-टूट कर बिखरने की हिम्मत नहीं रही…
*******
तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन…
जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब
जाना अच्छा लगा…
********
“दिल में है जो दर्द वो किसे बताएं,
हँसते हुए ज़ख्म किसे दिखाएँ.
कहती है ये दुनिया हमे खुशनसीब,
मगर नसीब की दास्तान किसे सुनाएँ.”
********
मौसम नहि जो पल मे बदल जाऊ
जमीन से कहि दूर निकल जाऊ
पुराने वक्त का सिक्का हु यारो
मूजे फेक ना देना
बूरे दिनो मे शायद मै हि काम आ जाऊ.
********
पता तो मुझे भी था कि लोग बदल जाते
है……..
पर मैने तुम्हे कभी उन लोगो मे गिना नही था…
********
“नामुमकिन” ही सही मगर,
“महोब्बत” तुजसे ही है..!
********
कुछ रिश्तें मेहँदी के रंग की तरह हाेते है,
शुरूआत में चटख़ ,बाद में फिके पड जाते है..!!
********
तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की…
हम तो बेवजह खुद को खुशनसीब समझनेलगे…
********
“नसीब का लिखा तो मील ही जायेगा,
या रब,
देना हे तो वो दे जो तकदीर मे ना हो”..!!!
********
तुम्हारे पास छोड़ आया हूँ मैं, ख़ुद को कबसे…
इस बार मिलोगी जब, मैं ख़ुद को तुमसे मांग लूँगा…
********
बदल जाती हो तुम ….. कुछ पल साथ बिताने के
बाद……
यह तुम मोहब्बत करती हो या नशा….
********
कुछ तुम बांट लेना कुछ मैं बांट लूंगा । यूं कम हो जाएंगे गम
जिंदगी के ।।
********
तेरे वजूद में मै काश यूं उतर जाऊ…,
तू देखे आइना और मै, तुझे नज़र आऊ.
********

तुझे याद कर लूं तो मिल जाता है सुकून दिल को,
मेरे गमों का इलाज भी कितना सस्ता है ….
********
बड़ी शिदत से कोशिश कर रहा हूँ
अब में तुम्हे भूलने की,
कभी बहुत दिल से दुआ करता था
तुम्हे अपना बनाने की.
********
लोग कहते हैं कि मेरा दिल पत्थर का है..
लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे..जो इसे भी तोड़ गए..!!
*******
तेरा ईगो तो दो दिन की कहानी है ..
लेकिन अपनी अकड़ तो बचपन से ख़ानदानी है..
*******
ना तोल मेरी मोहब्बत अपनी दिल्लगी से,
देख कर मेरी चाहत को अक्सर तराजू टूट जाते हैं ।
*******
उस शक्श से फ़क़त इतना सा ताल्लुक हैं मेरा !!
वो परेशान होता है तो मुझे नींद नही आती है !!
********
तुम पत्थर भी मारोगे तो भर लेंगे
झोली अपनी ।…
क्योंकि हम दोस्तो के तोहफ़े ठुकराया नहीं करते ||
*******
ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे ,
कान लगाकर नहीं ,
दिल लगाकर सुनो !!
********
सोचता हूँ इस दिल मे एक कब्रिस्तान बना लूँ ,
सारे ख्वाब मर रहे हैँ एक एक करके..!!
********
मेरे बटुए में तुम पाओगे अक्सर नोट खुशियों के,
मैं सब चिल्लर उदासी के अलग ‘गुल्लक’ में रखता हूं.
*******
किसी ने मुझसे पूछा ” वादें ” और ” यादें ” में क्या अन्तर है … मैंने
सिर्फ इतना कहा …. वादें इन्सान तोड़ता है और यादें इन्सान
को तोड़ती हैं …
********
इस कश्मकश में सारा दिन गुज़र जाता हे की उससे बात करू
या उसकी बात करू..!!!
********
वह कितना मेहरबान था, कि हज़ारों गम दे गया…
हम कितने खुदगर्ज़ निकले, कुछ ना दे सके उसे प्यार के सिवा।
*******
तमन्नाओ की महफ़िल…..तो हर कोई सजाता है.
पूरी उसकी होती है……जो तकदीर लेकर आता है..!!
*******
तुमने भी हमें बस एक दिए की तरह समझा था,
रात गहरी हुई तो जला दिया सुबह हुई तो बुझा दिया !!
*******
‘समय’ और ‘समझ’ दोनों एक साथ खुश किस्मत
लोगों को ही मिलते हैं…
क्योंकि……..,
अक्सर ‘समय’ पर ‘समझ’ नहीं आती
और ‘समझ’ आने पर ‘समय’ निकल जाता है………
********
शौक से तोड़ो दिल मेरा मै क्यू परवाह करू,,,
तुम ही रहते हो इसमे अपना ही घर उजाड़ोगे…
********
यह आरजू नहीं कि किसी को भुलाएं हम,
न तमन्ना है कि किसी को रुलाएं हम,
जिसको जितना याद करते हैं,
उसे भी उतना याद आयें हम.
********
यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझे.,
खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे.!
********
नामुमकिन ही सही मगर…
मोहब्बत ‘तुझ’ ही से है…!!
********
पता है मैं हमेशा खुश क्यों रहता हूँ ?
क्योंकि मैं खुद के सिवा किसी से
कोई उम्मीद नहीं रखता..!
********
दीखाने के लीए तो हम भी बना सकते है ताजमहल,मगर मूमताज
को मरने दे हम वो शाहजहा नही…!
********
साथी तो मुझे सुख में चाहिए…..
दुःख में तो मै अकेलi ही काफी हूँ………!!!!!!!
*******
तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में,
लबों तक आते आते तुम ग़ैर हो गए..
*******
दिया जरुर जलाऊंगा चाहे मुझे ईश्वर मिले न मिले,
हो सकता है दीपक की रोशनी से किसी मुसाफिर को ठोकर न लगे….
********
किसी के पाँव से काँटा निकाल कर देखो..!!
तुम्हारे दिल की ‘चुभन’ जरूर कम होगी..!!
********
बाज़ार के रंगों से रंगने की मुझे जरुरत नहीं…
किसी की याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है….
********
हम तो आइना है दाग दिखाएंगे चेहरे के,जिसे बुरा लगे वो सामने से
हट जाए..
********
बस एक तुमको न जीत सके हम,
उम्र बीत गयी,
खुद को जुआरी बनाते बनाते..
*******
रोज़गार है तो सोमवार है,
वर्ना सातों दिन रविवार है…
*******
ऐ समन्दर…
मैं तुझसे वाकिफ नहीं हूँ मगर इतना बताता हूँ,
वो आँखें तुझसे ज़्यादा गहरी हैं जिनका मैं आशिक हूँ.
*******
तेरी मोहब्बत से लेकर तेरे अलविदा कहने तक..
मेंने सिर्फ तुजे चाहा है, तुजसे कुछ नहीं चाहा..!
*******
तुज़से दोस्ती करने का हिसाब ना आया,
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया,
हम तो जागते रहे तेरे ही ख़यालो मे,
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया..!!!
*******
“कोई दोस्त कभी पुराना नहीं होता,
कुछ दिन बात न करने से बेगाना नहीं होता,
दोस्ती में दुरी तो आती रहती हैं,
पर दुरी का मतलब भुलाना नहीं होता.”
********
मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर..
हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं…
*******
“हम अपने पर गुरुर नहीं करते,
याद करने के लिए किसी को मजबूर नहीं करते.
मगर जब एक बार किसी को दोस्त बना ले,
तो उससे अपने दिल से दूर नहीं करते.”
*******
काश फिर मिलने की वजह मिल जाए,
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए…
********
वो किताबों में दर्ज था ही नहीं ..
सिखाया जो सबक ज़िंदगी ने ..
*******
इस शहर के लोगों में वफ़ा ढूँढ रहे हो ,
तुम जहर कि शीशी में दवा ढूँढ रहे हो..!!
*******
“सोचा था घर बनाकर बेठुंगा सुकून से,
पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला..!!”
********
मुनासिब समझो तो सिर्फ इतना ही बता दो…
दिल बैचैन हैं बहुत, कहीं तुम उदास तो नहीं…
********
चलने की कोशिश तो करो, दिशाए बहोत है,
रस्तो पे बिखरे काटो से ना डरो,
तुम्हारे साथ दूवाए बहोत है |
********
वहाँ तक तो साथ चलो ,जहाँ तक साथ मुमकिन है ,
जहाँ हालात बदल जाएँ , वहाँ तुम भी बदल जाना ….
********
दुश्मन के सितम का खौफ नहीं हमको,
हम तो दोस्तों के रूठ जाने से डरते हैं……!!
********
काश बनाने वाले ने दिल कांच के बनाये होते,
तोड़ने वाले के हाथ में ज़ख्म तो आये होते…!!
********
तेरे एक-एक लफ्ज़ को हज़ार मतलब पहनाये हमने…
चैन से सोने ना दिया तेरी अधूरी बातों ने…
********
ना बादशाह हूँ मै दिलों का,
ना शायर हूँ मै लफ़्ज़ों का ..
. बस जुबां साथ देती है,
मै बातें दिल से करता हूँ !!
********
तुम आसमां की बुलंदी से जल्द लौट आना…
मुझे जमीन की हकीकत पे बात करनी है …!!
********
दिल में मोहब्बत, काले धन की तरह
छुपा रक्खी है…
खुलासा नहीं करते,
कि कहीं हंगामा न मच जाये…
********
मैं कैसे उस शख्स को रुला सकता हूँ…
जिसे शख्स को मैंने खुद रो-रो कर मांगा हो…
********
ऐ ज़िन्दगी मुझे कुछ , मुस्कुराहटें उधार दे दे…
‘अपने’ आ रहे हैं मिलने की रस्म निभानी है…
********
तमाम उम्र इसी बात का गुरुर रहा मुझे …
किसी ने मुझसे कहा था की हम तुम्हारे है !!
********
जब जेब में रुपये हो तो दुनिया आपकी औकात देखती है,
और जब जेब में रुपये न हो तो दुनिया अपनी औकात दिखाती है….
********
हालात के साथ वों बदलते हे जो कमज़ोर होते हें,
हम तो हालात को ही बदल के रख देते हैं ….
********
ये तेरे याद के बादल जो बसते हे इन आँखों में काजल की तरह….
यूँ बेवजह बरसजाना…………. तो इनकी आदत ना थी….!!!
********
ना लफ़्ज़ों का लहू निकलता हैं,ना किताबें बोल पाती हैं,
मेरे दर्द के दो ही गवाह थे,दोनों ही बेजुबां निकले…
********
तू चाँद और मैं सितारा होता,
आसमान में एक आशियाना हमारा होता,
लोग तुम्हे दूर से देखते,
नज़दीक़ से देखने का हक़ बस हमारा होता.
********
बहुत भीड़ हो गई तेरे दिल में
“जालिम”…
अच्छा हुआ हम वक्त पर निकल
गए….
*******
अभी इतनी जल्दी क्या है मुझे छोड़ने की,
मेरी साँसें अभी बाकी हैं, और कोशिश करलो तोड़ने की…!!!
*******
“इश्क के सहारे जिया नहीं करते,
गम के प्यालों को पिया नहीं करते,
कुछ नवाब दोस्त हैं हमारे,
जिनको परेशान न करो तो वो याद ही किया नहीं करते.”
*******
अगर है गहराई तो चल डुबा दे मुझ को,
समंदर नाकाम रहा अब तेरी आँखो की बारी है !
********
“देर रत जब किसी की याद सताए,
ठंडी हवा जब जुल्फों को सहलाये.
कर लो आंखे बंद और सो जाओ क्या पता,
जिसका है ख्याल वो खवाबों में आ जाये.”
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अभी तो धुप निकलने के बाद सोया है,
सारी रात तुजे याद कर कर के रोया है.
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अब कोई खास फर्क नही पडता ख्वाहिशे अघुरी रेहने पर…..!!
क्युं की हमने बहुत करीब से देखा हे अपने अजीझ सपनों को तुटते
हुऐ…..!!
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गिरे बुज़ुर्ग को उठाने भरे बाजार में कोई नहीं आया,
गोरी का रुमाल क्या गिरा पूरा बाजार दौड़ आया…
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होता अगर मुमकिन तुझे साँस बना कर रखते सीने में….!
तू रुक जाये तो मैं नही, मैं मर जाऊ तो तू नही….!!
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तक़दीर का ही खेल है सब,
पर ख़्वाहिशें है की समझती ही नहीं…..
*******
यूँ तो हम अपने आप में गुम थे,
सच तो ये है की वहाँ भी तुम थे..!
*******
आदत हो गयी है तेरे करीब रहने की……
तेरी सांसो की खुशबु वाला इत्र मिलता है कही….!!!?
********
लोग समझते हैं के मैं तुम्हारे हुस्न पर मरता हूँ..
अगर तुम भी यही समझते हो तो सुनो..
जब हुस्न खो दो तब लौट आना…
********
सारे गमों को पैरों से ठुकरा देते हैं,
हम उदास हों तो बस मुस्कुरा देते हैं.
********
मुझसे मां से दो पल की जुदाई सही नहीं जाती हॆ…
पता नहीं बेटीयां ये हुनर कहां से लाती हॆं…!!!
********
अजीब कहानी है इश्क और मोहब्बत की,
उसे पाया ही नहीं फिर भी खोने से
डरता हूँ…
*******
बहुत याद आते हो ……..”तुम”
दुआ करो मेरी याददाश्त चली जाये…!!!!
********
तुम्ही ने छुआ होगा….
हवा यूँ बेवजह कभी नहीं महकी..
*******
क़्या लूटेगा जमाना खुशीयो को हमारी,
हम तो अपनि खुशिया
दूसरो पर लूटा के जिते है!.
*******
पतंग सी हैं जिंदगी, कहाँ तक
जाएगी…..!!
रात हो या उम्र, एक ना एक दिन कट
ही जाएगी….!!
********
उस घडी मेरा इश्क हदें भूल जाता है,
जब लडते लडते वो कहती हैं: “लेकिन प्यार मैं ज्यादा करती हू
तुमसे” !!!
********
हमे सिंगल रेहने का शौक नही,
हमारा तेवर झेल सके वो आज तक मिली नही..!!
********
रिश्ते अगर बढ़ जाये हद से तो ग़म मिलते है…
इसलिए आजकल हम हर शख्स से कम मिलते है…
********
महफ़िलों की शान न समझना मुझे;
मैं तो अक्सर हँसता हूँ गम छुपाने के लिये…..
*********
बहुत जी चुके उनके लिये जो मेरे लिये सब कुछ थे…
अब जीना है उनके लिये जिनके लिये मैं सब कुछ हूँ…
********
सँभाले तो हूँ ख़ुद को तुझ बिन मगर
जो छू ले कोई तो बिखर जाऊँ मैं…
********
तुम मुझे अब याद नहीं आते…
तुम मुझे याद हो गये हो अब…
*******
मेरे यार मुख्तसर सी बात है ,
मुझे तुम से बेइंतिहा प्यार है ….
*******
ज़िंदगी की उम्र कुछ कम हो रही थी
वो साँसे दे गयी फिर से मेरे दर्द को !!!
********
ख़्वाबों को तो अक्सर हकीकत की ज़मीन पर ही रक्खा है,
ये बदबख्त अरमान चले गए आसमानों की दहलीज़ परे !!
********
शीशे में डूब कर पीते रहे उस ‘जाम’ को…
कोशिशें तो बहुत की मगर, भुला न पाए एक ‘नाम’ को !!
********
हर तन्हा रात में इंतज़ार है उस शख़्स का..
जो कभी कहा करता था तुमसे बात न करूँ तो रात भर नींद
नहीं अाती…
********
इक ठहरा हुआ खयाल तेरा,
कितने लम्हों को रफ़्तार देता है..
********
बचपन में पिताजी के बटुए में हमेशा मेरी जरूरतों से ज्यादा पैसे रहते
थे…
ये कारनामा मैं कभी अपने बटुए से नहीं दिखा पाया ।।
*********
पिता जी ने इतना पैसा खर्च करके पढना-लिखना सिखाया,
पर ऑफिस की बिल्डिंग में एंट्री अंगूठा टेक कर ही मिलती है..
********
लाजिमी नहीं की आपको आँखों से ही देखुं।
आपको सोचना आपके दीदार से कम नहीं।।
********
बेचैनी जब भी बढ़ती है धुंए में उड़ा देता हूँ ,
और लोग कहते हैं मैं सिगरेट बहुत पीता हूँ… !
********
वो जो तुमने एक दवा बतलाई थी ग़म के लिए,
ग़म तो ज्यूं का त्यूं रहा बस हम शराबी हो गये….
********
तुम सामने आये तो, अजब तमाशा हुआ..
हर शिकायत ने जैसे, खुदकुशी कर ली..!!
********
“पहुँच गए हैं, कई राज मेरे गैरों के पास,
कर लिया था मशवरा,
इक रोज़ अपनों के साथ…!!”
********
सुलग रहे है कब से मेरे, दिल में ये अरमान,
रोक ले अपनी बहो में तू, आज मेरे तूफ़ान |
********
जब जब में लेता हूँ साँस तू याद आती है,
मेरी हर एक साँस मे तेरी खुश्बू बस जाती है,
कैसे कहूँ तेरे बिना में ज़िंदा हूँ,
क्यूंकी हर साँस से पहले तेरी खुश्बु आती है…
********
दिया है ठोकरों ने सम्हलने का हौसला
हर हादसा ख़याल को गहराई दे गया…
********
अक्सर पूछते है लोग, किसके लिए लिखते हो …??
अक्सर कहता है दिल…..”काश कोई होता”…!!
********
अपने गमो की तू नुमाइश न कर,
यूँ क़ुदरत से लड़ने की कोशिश न कर,
जो हे कुदरत ने लिखा वो होकर रहेगा,
तू उसे बदलने की आजमाइश न कर ।।
********
जिस दिन आपने अपनी जिन्दगी को खुलकर जी लिया,
वही दिन आपका है, बाकि तो सिर्फ केलेंडर की तारीखें हैं।
********
जो दिलो में शिकवे और जुबान पर शिकायते कम रखते है,
वो लोग हर रिश्ता निभाने का दम रखते हैं…
********
ए मेरे दिल ,
कभी तीसरे की उम्मीद भी ना किया कर ,
सिर्फ तुम और मैं ही हैं इस दश्त-ए-तन्हाई में …….
********
कभी तुम मुझे अपना तो कभी गैर करते गये,
देख मेरी नादानी हम सिर्फ तुम्हे अपना कहते गये…!!
********
लोग पूछते है ये शायरी कैसे बनी ?
मैं कहता हूँ- कुछ आँसू कागज़ पर गिरे और छप गए…
********
उसकी प्यारी मुस्कान होश उड़ा देती हैं,उसकी आँखें हमें
दुनिया भुला देती हैं,आएगी आज भी वो सपने मैं यारो,बस
यही उम्मीद हमें रोज़ सुला देती हैं..
********
बरसात आये तो ज़मीन गीली न हो,
धूप आये तो सरसों पीली न हो,
ए दोस्त तूने यह कैसे सोच लिया कि,
तेरी याद आये और पलकें गीली न हों।
*******
एक ही शख्स था मेरे मतलब का
आखिरकार
वो भी मतलबी निकला..!!
*******
पर्दा तो होश वालों से किया जाता है ,
बेनकाब चले आओ हम तो नशे में है..!!
*******
ज़ख़्म दे कर ना पुछा करो दर्द की शिद्दत…!
“दर्द तो दर्द” होता है थोड़ा क्या, ज्यादा क्या…
********
वो रोई तो जरूर होगी खाली कागज़ देखकर,
ज़िन्दगी कैसी बीत रही है पूछा था उसने ख़त में”!!!
********
रात सारी गुज़र जाती है इन्हीं हिसाबों में,,
उसे मोहब्बत थी…?नहीं थी…? है…?नहीं है…!!!
********
“गलत कहेते है लोग की सफेद रंग मै वफा होती है…दोस्तो…!!!!
अगर ऐसा होता तो आज “नमक” जख्मो की दवा होता…..”
********
तलाश है इक ऐसे शक्स की , जो आँखो मे उस वक्त दर्द देख ले,
जब दुनियाँ हमसे कहती है, क्या यार तुम हमेशा हँसते ही रहते हो…
*******
जीवन में कभी किसी को कसूरवार न बनायें…..
अच्छे लोग खुशियाँ लाते हैं! बुरे लोग तजुर्बा!!
********
लोग कहते हैं कि वक़्त किसी का ग़ुलाम नहीं होता,
फिर ‘तेरी मुस्कराहट’ पे वक़्त क्यूँ थम सा जाता है…!!!
*******
काश आंसुओ के साथ यादे भी बह जाती …
तो एक दिन तस्सली से बैठ के रो लेते…
*******
हमको तो बेजान चीज़ों पर भी प्यार आता है….यारा,
तुझमें तो फिर भी मेरी जान बसी है….
********
मौत से तो दुनिया मरती है ,


आशिक तो प्यार से ही मर जाता है …..”
********
हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ ,
हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा ।
*******
हजार गम मेरी फितरत नही बदल सकते ;
क्या करू मुझे आदत हे मुस्कुराने की ।
*******
सिमट गया मेरा प्यार भी चंद अल्फाजों में,
जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं…
********
शानदार जगा पे जाना और जानदार लोगो से दोस्ती करना ये
मेरा शौंक हे।।।
*********
हर रात जान-बूझ कर रखता हूँ दर खुला..
कोई तो हो लूटेरा जो मेरे गम भी लूट ले…
********
माना की तेरी हर चाल तेज हैं पर,
पगली
आजकल हमारा craze हैं !
*********
काबील नजरो के लीये हम जान दे दे पर..
कोई गुरुर से देखे ये हमे मंजुर नही..
********
चाहिए जो वो चीज़ ही कम है,
ग़म ज़ियादा है और खुशी कम है…
********
आज साक़ी तो मेहरबां है, मगर
क्या करें अपनी प्यास ही कम है…
********
ये दिल में लहर प्यार की जो उठ रही है ,
यार एक दिन तो किनारा मिल ही जायेगा ……
********
यारा होंठों पे लिये हुए दिल की बात ,
याद करता हूँ तुझे मैं सारी सारी रात….
********
कांटे तो नसीब में आने ही थे.!
फूल जो हमने गुलाब चुना था.!!
********
चलो सो जाते है अब किसी सच
क़ी तलाश मे ,

.
रही साँसे तो सुबह फिर इस
झूठी दुनीया का दीदार करना है..
********
कीस कदर मासूम सा लहजा था उसका..
धीरे से जान कहकर बेजान कर दीया..!
********
मेरे यार,
तू ही मेरी ज़िन्दगी है, तू ही मेरी जान है ,
मुझको तू मिल जाये मेरा यही एक अरमान है …..
********
हाथ पर हाथ रखा उसने तो मालूम हुआ ,
अनकही बात को किस तरह सुना जाता है !
********
मजा आता है किस्मत से लड़ने में,
किस्मत आगे बढ़ने नहीं देती
और मुझे रुकना आता नहीं..!!
********
सिर्फ लफ़्ज़ों को न सुनो, कभी आँखें भी पढो ..
कुछ सवाल बड़े खुद्दार हुआ करते है…
********
मैंने जान बचा के रखी है एक जान के लिए ,
इतना इश्क कैसे हो गया एक अनजान के लिए…!!
*******
आप भुलाकर देखो, हम फिर भी याद आएंगे,
आपके चाहने वालों में,
आपको हम ही नज़र आएंगे,
आप पानी पी-पी के थक जाओगे,
पर हम हिचकी बनकर याद आएंगे.
********
अगर हो इजाज़त तो तुमसे एक बात पूछ लू !
वो जो इश्क हमसे सीखा था, अब किससे करते हो..?….
*******
मेरी बहादुरी के किस्से मशहुर थे शहर में ,
तुझे खो देने के डर ने कायर बना दिया ।
********
एक अज़ब सी जंग छिड़ी है,
इस तन्हाई के आलम मेँ।
आँखे कहती है की सोने दे,
और दिल कहता है की रोने दे॥
*******
उन्होने एक दिन हमसे अजब सा सवाल कर डाला,
कि मरते तो मुझ पर हो तो फिर जिते किसके लिये हो..??
********
वो हैं की जाने को खड़े हैं,
दिल है की बैठा जा रहा है…!
********
“तेरी हसरतों के पंख लगा के उड़ता हूँ…मैं हवा से शर्तं लगा के
उड़ता हूँ!!”
********
उसका हँसकर नज़र झुका लेना,
सारी शर्ते कुबूल हो जैसे l
********
खामोशी की जुबां बयां कर देती है सब कुछ,
जब दिल का रिश्ता जुड जाता है किसी से …
********
पूछा था हाल उन्हॊने बड़ी मुद्दतों के बाद…
कुछ गिर गया है आँख में…कह कर हम रो पड़े…..
********
पीते पीते ज़हर-ए-ग़म अब जिस्म नीला पड़ गया..
कुछ दिनों में देखना हम आसमां होने को हैं….!!
********
ये तो सच हैं की हमे चाहने वाले बहोत हैं…
पर ये हमारी जिद थी की हमे सिफ्र तु चाहै………
********
जिस दिन आपने अपनी सोच बड़ी कर
ली ,
बड़े बड़े लोग आपके बारे मे सोचना शुरू कर देंगे..!!
********
तैरी चाहत तो किसमत की बात है मिले या ना मिले…
पर दिल को राहत जरूर मिल जाती है तुझै अपना सोचकर…
********
कयामत टूट पड़ती है ज़रा से होंठ हिलने पर …
ना जाने क्या हश्र होगा अगर वो मुस्कुराये तो…
********
सुना है तुम ले लेते हो हर बात का बदला…
आजमाएंगे कभी तुम्हारे लबो को चूम कर…
*******
ये नजर चुराने की आदत आज भी नही बदली उनकी …
कभी मेरे लिए जमाने से और अब जमाने के लिए हमसे…
********

20/01/2015

"Mere Sabr Ki inteha Toh Dekho...Woh
Mujhse Lipat Kar Roya Magar Kisi Aur Ke
Liye"

23/12/2014

बात ये नहीं की तेरे बिन जी नहीं सकते...

बात ये है की तेरे बिना जीना नहीं चाहते...

23/12/2014

आज भी हमारे देश में 'तू प्यार है, किसी और का, तुझे
चाहता कोई और है' गाना सुनकर 10 में से 8 लड़के
तो जजबाती हो ही जाते हैं।

23/12/2014

शायद तू कभी प्यासा मेरी तरफ लौट आये,
आँखों में लिए फिरता हूँ , दरिया तेरी खातिर.!!

Photos 29/11/2014

जब हमारे किसी के साथ पसंद और विचार मिलने लग जाते
है ...तो हमारी दोस्ती हो जाती है.... दोस्ती करने की जरुरत
नहीं वो तो अपनेआप हो जाती है..... पर बहुत बार दोस्ती में एक
पक्ष ही दिल से काम लेता है ..... और दूसरा तो सिर्फ समय
अच्छा निकल जाए या मतलब के लिए ही दोस्ती रखता है तब बात
बहुत बिगड़ जाती है .... यहाँ बहुत बार एक दोस्त अपने दोस्त के लिए
समझौता करते जाता है दूसरा दोस्त उसे बेवकूफ समझ मजे लेते
रहता है ....और उस दोस्त को अपनी गलती का अहसास
भी नहीं होता..... तब बहुत अकेलापन लगता है .....जब हम
किसी का सच्चे दिल से करते है ..चाहे फिर वो कोई भी हो पर जब
वो सिर्फ हमारी भावनाओं से खेल रहा हो ..सिर्फ काम निकलवाने के
लिए हमसे अच्छा बन रहा हो और जब काम निकल जाए तो एक पल
भी नहीं लगता उसे बदलने के लिए .. यही दुनिया का दस्तूर है .....पर
जब इंसान सबसे ज्यादा भरोसा परमात्मा पर और खुद पर
करता है ..खुद पर ही आत्मनिर्भर होता है ..जो भी काम वो दूसरो के
लिए करे वह निष्काम भाव से करता है तो उसे कभी अकेलापन महसूस
नहीं होता .....इसलिए करीबी दोस्त बनाना हो तो खुद को बनाओ .खुद
को जानो तो तुम्हे महसूस होगा की आप स्वयं के लिए क्या हो ....
तब आप खुद से कहोगे ..तू न जाने कौन है तू ..फूलो के बागीचे
का सरताज है तू ..होंगे इस बगीचे में फूल हज़ार ...पर इन गुलो में
गुलाब है तू ..खुद पर भरोसा रखो ..कभी अपने आप को कम न
समझो ..पर परमात्मा के बताये राह पर चलो ...जीवन में फिर
वो अकेलापन और दुःख कभी महसूस ही नहीं होता ...

21/09/2014

जीतनी इज्जत उस खुदा की है उतनी इज्जत मेरे दिल मै मेरे दोस्तो की है,
फर्क सिर्फ इतना है की खुदा खुद एक कुदरत है और मेरे दोस्त मेरे लिये जन्नत है
सुप्रभात

13/08/2014

Ye baat aur hai wo nibha na sake,
magar jo unhone kiye the wo wade
gajab ke the..!

13/08/2014

Whatsapp पे होती तो भी जब तक नंबर नहीं देती तब तक क्या फायदा.

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