17/05/2026
"भारत में पैदा होना सौभाग्य है; जब पैदा होते है तब नहीं जब समझ में आए तब" - मनोज भारती गुप्ता ( स्ट्रीट फोटोग्राफर )
"Education is simply the soul of a society as it passes from one generation to another" Teach him, to learn to lose…And also to enjoy winning. Dad”
सामूहिक पागलपन या क्या हम करियर से बच सकते हैं ?
1950 के दशक में हाईस्कूल और सेकंडरी परीक्षाओं में 50% पाने वाले बच्चे लोगों की नज़र में हीरो होते थे. 1960 के दशक में हाईस्कूल और सेकंडरी परीक्षाओं में 60% पाने वाले बच्चे लोगों की नज़र में हीरो होते थे. 1970 के दशक में हाईस्कूल और सेकंडरी परीक्षाओं में 70% पाने वाले बच्चे लोगों की नज़र में हीरो होते थे. 1980 के दशक में हाईस्कूल और सेकंडरी परीक्षा
17/05/2026
"भारत में पैदा होना सौभाग्य है; जब पैदा होते है तब नहीं जब समझ में आए तब" - मनोज भारती गुप्ता ( स्ट्रीट फोटोग्राफर )
10/05/2026
"भारत में पैदा होना सौभाग्य है; जब पैदा होते है तब नहीं जब समझ में आए तब" - मनोज भारती गुप्ता ( स्ट्रीट फोटोग्राफर )
नोट: "संपूर्णता का कोई प्रारंभ नहीं होता है "
इसीलिए व्यक्ति के अस्तित्व को स्वीकार करना ही काफी नहीं है : अगर उसे सही रोशनी में देखना है तो उसे अक्षय, नित-नूतन स्वतःस्फूर्तता के स्रोत के बतौर- मान्यता देनी होगी और समझना होगा कि 'संपूर्णता का कोई प्रारंभ नहीं होता है ' विशिष्ट को सम्पूर्ण के जरिए और सम्पूर्ण को विशिष्टो के जरिए ही समझना होगा, क्योंकि हीगेल घोषित करता है कि 'सार्वभौमिक' को 'विशिष्ट' ही साकार करता है।
08/05/2026
भारत में पैदा होना सौभाग्य है,
जब पैदा होते है तब नहीं,
जब समझ में आए तब - मनोज भारती गुप्ता ( स्ट्रीट फोटोग्राफर)
07/05/2026
पीड़ा महानता की कीमत है, और कि त्याग के बगैर कोई सफलता नहीं ~ अर्नाल्ड हाऊज़र
05/05/2026
"भारत में पैदा होना सौभाग्य है; जब पैदा होते है तब नहीं जब समझ में आए तब" - मनोज भारती गुप्ता ( स्ट्रीट फोटोग्राफर )