01/09/2019
Last chance
B.Ed.
course in an undergraduate program commonly known as Bachelors of Education.The duration of this course is generally about two years,which consists four semesters.This course is particularly opted by those who want to pursue their career in teaching
01/09/2019
Last chance
12/08/2018
Last to complete B.ed in 2 years.
Admission in Jammu university last chance to do B.Ed in 2yrs from Next session its going to 4yr course Interested Please contact us
06/05/2018
UGC NET 2018 | CBSE UGC NET July 2018 On behalf of University Grants Commission (UGC), Central Board of Secondary Education (CBSE) is conducting UGC NET 2018. The CBSE UGC NET July 2018 will be held on July 08, 2018, to determine the eligibility of candidates for Assistant Professor only or Junior Research Fellowship or both. National E...
06/05/2018
06/05/2018
Adhyapika-NSDC :- Admission open 2018-20 for B.ED/JBT/NTT/ECCE. Admission Through direct counselling in UGC+NCTE Recg colleges.
Call :- 9911543210,
06/05/2018
नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप? हमे पूरी आशा है आप बिल्कुल अच्छे से होंगे स्वागत है आपका, सक्सेस इन हिंदी एक बार फिर आपकी सेवा में हाजिर है रोजगार से सम्बंधित विषय के साथ। आजका हमारा विषय है कैसे बने टीचर, एक अध्यापक कैसे बने B.Ed करने के बाद और क्या-क्या अवसर है इसकी पूरी जानकारी हम आपके साथ शेयर करेंगे। दोस्तों, अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि कैसे और क्यों ये क्षेत्र आपके लिए साबित हो सकता है बेहतरीन क्षेत्र। कैसे आपको इससे रोजगार मिल सकता है और कैसे आप अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं तो चलिए शुरू करते है।
शिक्षण क्षेत्र में बी.एड. का महत्व
हम जानते हैं कि एक शिक्षित समाज ही स्वस्थ समाज के रूप में उभर सकता है| शिक्षा, हमारे लिए सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं बनती, बल्कि हमें जीवन को बेहतर तरीके से जीने का सलीका सिखाती है। एक शिक्षित मनुष्य जीवन की जटिलतम समस्याओं को भी बेहद आसानी से सुलझा सकता है।
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शिक्षा हासिल करना हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है। किसी भी छात्र को शिक्षा देने की प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। एक शिक्षक सिर्फ अपने शिष्य को शिक्षित नहीं करता बल्कि इसी माध्यम से देश और अपने समय की पीढ़ी को भी शिक्षित करता है। इसीलिए समाज में शिक्षण कार्य को बेहद सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
शिक्षा के इस महत्त्व को समझते हुए ही भारत में शिक्षण कार्य करने के लिए एक विशेष डिग्री हासिल करनी होती है जिसे हम बी.एड. कहते हैं। यह 2 वर्ष का स्नातक कोर्स होता है जिसमें शिक्षा, संस्कृति और मानवमूल्य, शैक्षणिक मनोविज्ञान, शैक्षणिक मूल्यांकन, शिक्षा दर्शन आदि विषय पर अध्ययन किया जाता है।
इसे करने के बाद आप शिक्षण कार्य हेतु तैयार हो जाते हैं। बी.एड. किये बिना आप एक शिक्षक के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं।
बी.एड. करने के बाद अध्यापन कार्य
बी.एड. करने के बादआप टीजीटी और पीजीटी के तहत नौकरी तलाश सकते हैं। अगर आपने बी.एड. के साथ बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी. या स्नातक स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण की है तब आप TGT ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) के तहत कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक अध्यापन का कार्य कर सकते हैं।
सुनहरे भविष्य के लिए ये CAREER OPTION होंगे फायदेमंद
ध्यान रहे कि वर्ष 2011 के बाद से शिक्षण स्तर को बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार ने बी.एड. के साथ ही TET टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टी.ई.टी.) की परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है।
ऐसी स्थिति में आप PGT पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के तहत किसी भी सरकारी या निजी स्कूल में कक्षा 12 तक शिक्षण कार्य हेतु आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए भी टी.ई.टी. पास करना अनिवार्य है। एम.एड. या शिक्षाशास्त्र में एम.ए. करके भी आप उच्च शिक्षा मेंअध्यापन हेतु जा सकते है लेकिन इसके साथ ही आपको शिक्षाशास्त्र में NET नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) क्वालीफाई करना होगा।
B.Ed करने के बाद अन्य विकल्प और वेतनमान
किसी विद्यालय में अध्यापन कार्य करने के अलावा आप ऑनलाइन ट्यूटर, एजुकेशन कंसलटेंट, शिक्षा शोध, कंटेंट राइटर, अनुदेशक, अकादमिक काउंसलर आदि के पद पर आवेदन कर सकते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़ी किसी संस्था में आवेदन करके शिक्षा के क्षेत्र में जॉब तलाश सकते हैं।
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इसके अतिरिक्त यदिशिक्षण कार्य को लेकर आपमें समझ विकसित है और अगर आप सक्षम है तब निजी विद्यालय खोलकर उसका मैनेजमेंट भी देख सकते हैं।
वेतनमान पर बात करें तो टीजीटी अध्यापकों को 2.5 लाख से 3.5 लाख तक का वार्षिक वेतनमान मिलता है। पीजीटी अध्यापकों को 4 लाख से 5 लाख तक वार्षिक वेतनमान मिलता है। इसके अलावा विभिन्न अन्य पदों पर योग्यता और अनुभव के आधार पर वेतनमान अलग-अलग होता है।