02/04/2020
2 अप्रैल, 2020 को संपूर्ण विश्व में ‘विश्व स्वलीनता जागरूकता दिवस’ (World Autism Awareness Day) मनाया जा रहा है। ऑटिज़्म एक
गंभीर विकासात्मक विकार है जो संवाद और बातचीत करने की क्षमता को बाधित करता है। और बच्चे के शिक्षण के साथ साथ सम्पूर्ण विकास को प्रभावित करता है
यह तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालकर व्यक्ति के समग्र संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक शैक्षिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
ज्ञातव्य है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 18 दिसंबर, 2007 को प्रतिवर्ष 2 अप्रैल को इस दिवस को मनाने की घोषणा की गई थी।
वर्ष 2020 में इस दिवस पर हम सभी को एक शपथ के साथ वर्ल्ड ऑटिज्म डे को मनाना चाहिए‘ऑटिज़्म से पीड़ित महिलाओं एवं लड़कियों का सशक्तिकरण’ की ओर विशेष ध्यान देते हुए सभी ऐसे बच्चे जो ऑटिज्म से ग्रसित हैं एवं ऐसे सभी लोग जो ऑटिज्म के शिकार हैं सभी को एक साथ मिलकर हमें उनका चौमुखी विकास के बारे में सोचना चाहिए समाज में तमाम तरह की जो अवधारणाएं हैं उन अवधारणाओं से अलग हटकर हमें इन बच्चों के विकास के बारे में सोचना चाहिये जो शिक्षा एवं पुनर्वास से वंचित हैं ऐसे बच्चों के लिए एक अच्छे वातावरण में खेल शिक्षा एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था मे सहयोग जागरुक्ता फैलाकर कर सकते है आओ हम सभी मिलकर इस अवसर पर सभी बच्चों को उनके विकास को लेकर के आगे चलें मेरा सभी माता पिता उसे भाई बहनों से निवेदन है कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे यदि वह वंचित रहता है तो वह हमारे देश का दुर्भाग्य होगा अतः सभी बच्चौ को शिक्षित करने मे सहयोग करे इस दिवस का उद्देश्य स्वलीनता से ग्रस्त बच्चों तथा बड़ों के जीवन में सुधार हेतु कदम उठाना और उन्हें सार्थक जीवन व्यतीत करने में मदद करना है।
जय हिन्द
जय भारत
जय शिक्षक
आपका अपना
अरविन्द नेहरा
विशेष अध्यापक
पूर्वी दिल्ली नगर निगम