28/08/2023
*पैर के सिवा कुछ नहीं?* आज की रूहानी रोटी:- * पैर के सिवा कुछ नहीं? * यूहन्ना 13:10,में, यीशु ने उस से ,(यानी पतरस से) कहा जो नहा चुका है, उसे * पांव यानि...
‘Aasha’ means ‘Hope’ and ‘Lata’ means ‘Creeper’. In Hindi, the word could be further Bhatti Mines Sanjay Colony: A brief overview of the land and its people.
Bhatti mines Sanjay Colony lies at the far southern edge of the city of Delhi, at Asola near Chattarpur in the Delhi National capital region. This protected area is one of the last surviving remnants of Delhi Ridge. So far apart from some areas, the government hasn’t notified /approved the area for habitation purpose. And a long and continues struggle has ensued by the people for securing their ho
28/08/2023
*पैर के सिवा कुछ नहीं?* आज की रूहानी रोटी:- * पैर के सिवा कुछ नहीं? * यूहन्ना 13:10,में, यीशु ने उस से ,(यानी पतरस से) कहा जो नहा चुका है, उसे * पांव यानि...
आज की रूहानी रोटी:-
*पैर के सिवा कुछ नहीं?*
यूहन्ना 13:10,में, यीशु ने उस से ,(यानी पतरस से) कहा जो नहा चुका है, उसे *पांव यानि पैर* के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं; परन्तु वह बिलकुल शुद्ध है: और तुम शुद्ध हो; *परन्तु सब के सब नहीं।*
यहूदियों के रीति रिवाजों में एक रिवाज यह भी था की जब भी वो कही बाहर से आते थे सबसे पहले वो अपने को शुद्ध करने के लिए अपने हाथ, पैर,मुंह को धोकर अंदर जाते थे,
यूहन्ना :2,7में, लिखा हैं, वहां यहूदियों के शुद्ध करने की रीति के अनुसार पत्थर के छ: मटके धरे थे, जिन में दो दो, तीन तीन मन समाता था।
प्रभु यीशु मसीह जानते थे की यह मनुष्यो की बनाई हुई रीति रिवाजों को तो मानते हैं, पर अन्दर से यह अपने बुरे कामों से भरे हुए हैं, इसीलिए प्रभु यीशु मसीह ने इन्हे फटकार भी लगाई।
मती 23:25,में लिखा हैं, हे कपटी शास्त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय, तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर से तो मांजते हो परन्तु वे भीतर अन्धेर असंयम से भरे हुए हैं।
लेकिन प्रभु यीशु मसीह ने अपने चेलों को शुद्ध कर दिया था, रीति रिवाजों के मटको में भरे पानी से नही
बल्कि परमेश्वर के पवित्र वचन के द्वारा,
यूहन्ना 15:3,में लिखा हैं, तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, *शुद्ध हो।*
मती 5:20,में लिखा हैं, क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, (किससे कहते हैं,? हमसे) कि यदि तुम्हारी (यानी हमारी) धामिर्कता शास्त्रियों और फरीसियों की धामिर्कता से बढ़कर न हो, तो तुम (यानी हम) स्वर्ग के राज्य में कभी प्रवेश करने न पाएंगे॥
प्रभु यीशु मसीह जानते थे की रीति रिवाजों के माध्यम से ना तो शास्त्रियों और फरीसियों का स्वर्ग में प्रवेश होगा और ना ही यह परमेश्वर की चुनी हुई कोम को जाने देंगे,क्योंकि स्वर्ग में प्रवेश के लिए अंदर और बाहर से शुद्धिकरण होना जरूरी हैं।तभी प्रभु यीशु मसीह ने कहा जो नहा चुका है, उसे *पांव यानि पैर* के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं;
यहां यह एक सवाल हैं, जो नहा चुके हैं, उन्हे पैर धोने की क्या आवश्यकता हैं? इसी सवाल में से एक और सवाल निकलता हैं, पैर ही धोने की क्या जरूरत हैं ? हाथ क्यों नही? तो अगर हम पैर को ही समझने की कोशिश करें, तो हमें समझना पड़ेगा। के पैर का ही जिक्र क्यों आया हैं? आइए इसे समझते हैं,
प्रभु यीशु मसीह ने अपने वक्तव्य में कहा,तुम शुद्ध हो; *परन्तु सब के सब नहीं।* यानी यहां बात यहुदा इस्कृतियो की हो रही थी, क्योंकि यहुदा इस्कृतियो इसके बाद मसीह को पकड़वा कर क्रूस पर चढ़ाने वाला था। सिर्फ वो ही शुद्ध नहीं था।बाकी सब शुद्ध थे।
आज भी ना जाने ऐसे कितने हैं, जो प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ा रहे हैं, उन्होंने बपतिस्मा तो ले लिया ऊपर से तो शुद्ध हो गए पर चालचलन में अशुद्ध हैं, इसलिए उनके पैर धोने जरूरी हैं।
फिलिप्पियो 3:18,में लिखा हैं, *क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं,* जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार की है और अब भी रो रोकर कहता हूं, *कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।*
इसमें बेहद खास बाद जो हैं, वो हमें यह समझनी हैं, की बुजुर्ग पौलुस कह रहे हैं,*क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।*
तभी प्रभु यीशु मसीह ने कहा *पांव यानि पैर* के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं; शायद तभी बुजुर्ग पौलुस कहते हैं,
रोमियो 8:14, में लिखा हैं, इसलिये कि जितने लोग *परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं,* वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।
और जो परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वही शुद्ध हैं, और यह वो हैं जिनके पैर धुले हुए हैं, बुजुर्ग पौलुस चालचलन पर एक और बेहद खूबसूरत बात लिखते हैं,
रोमियो 12:2,में लिखा हैं, और इस संसार के सदृश न बनो; *परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए,* जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो॥
चालचलन तो तभी बदलेगा न जब हम शुद्ध होंगे और हमारे पैर भी धुले होंगे,
रोमियो 13:12-14, में लिखा हैं, रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें। जैसा दिन को सोहता है, *वैसा ही हम सीधी चाल चलें;* न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन,न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में।वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो।
अगर हमें मसीह में जीवन व्यतीत करना हैं, तो मसीह की सी चाल चलनी हैं,और इसके लिए पैरो का शुद्ध होना जरूरी हैं, तभी हम अंधकार के कामों से निकल कर ज्योति में चल सकते हैं वरना बेहद मुश्किल हैं, इस लिए ही प्रभु यीशु मसीह जानते थे की मसीह में हमारा चालचलन कितना मुश्किल हैं,
इफिसियो 4:12,में लिखा हैं, सो मैं जो प्रभु में बन्धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, *उसके योग्य चाल चलो।*
क्या हम मसीह में होकर भी मसीह के योग्य चाल चल रहें हैं? यीशु इस बात को बखूबी जानते थे, की यह बात बेहद मुश्किल हैं,
मती 16:24,में लिखा हैं, तब यीशु ने अपने चेलों से कहा; *यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप का इन्कार करे और अपना क्रूस उठाए, और मेरे पीछे हो ले।*
मसीह के पीछे चलने के लिए ही तो पैरो का धुला होना अवश्य हैं, क्यों? क्योंकि परमेश्वर पवित्र हैं, स्वर्ग पवित्र हैं प्रभु यीशु मसीह पवित्र हैं, और मसीह के ही पीछे हमे जाना हैं और हमे उसके साथ स्वर्ग में जाना हैं, और उसके पीछे जाने के लिए पैर धोकर पवित्र होना जरूरी हैं,बुजुर्ग पौलुस कहते हैं, सो मैं जो प्रभु में बन्धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, *उसके योग्य चाल चलो।*
निर्गमन 3:5,में लिखा हैं, उस ने (यानी परमेश्वर के दूत ने) कहा इधर पास मत आ, और अपके पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है।
मूसा को अब परमेश्वर के बताए रास्ते पे चलना हैं, परमेश्वर के दूत ने समझा दिया अपने पैरो को शुद्ध करले क्योंकि अब तुझे परमेश्वर के पीछे चलना हैं, हम भी सांसारिक जूतियों को उतार दे जो हमें बजाए परमेश्वर और उसके बेटे की संगति के ऐसी जगहों में ले जाती हैं, जो हमारे चालचलन को बजाए सुधारने के बिगाड़ती हैं, काश प्रभु यीशु मसीह मेरे और आपके भी पैरो को धो दें, प्रभु यीशु मसीह हम सब के साथ हो ताकि हमारा चालचलन प्रभु में शुद्ध हो और हम हमेशा उसकी संगति में हो। आमीन
मसीह में आपका भाई अनिल विलकिंसन सबको जय मसीह की
आज की रूहानी रोटी:-
NRC:- राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर
पिछले दिनों देश में NRC (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) का मुद्दा बड़े ही जोरों शोरों से चर्चा में था, देश की नागरिकता के लिए रजिस्टर में नाम लिखा होना चाहिए। अन्यथा आप देश के नागरिक नहीं अगर देखा जाए तो इसकी सबसे ज्यादा चिंता मसीह समाज को होनी चाहिए, क्योंकि हमारा भी एक स्वदेश हैं, वहा भी एक रजिस्टर यानी किताब लिखी जा रही हैं, क्या मसीहों का नाम उस में लिखा हैं, क्योंकि यहा से जाने के बाद हमें जाना तो (स्वर्ग यानी स्वदेश) में ही हैं, क्योंकि यहां से जाने के बाद स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए हमारा नाम उसमें लिखा होना चाहिए? अगर वहा नाम नही लिखा मिला तो स्वर्ग में प्रवेश करना नामुमकिन है,फिर नर्क की आग ही हमारा देश होगा। आइए पहले थोड़ा देश की नागरिकता के लिए समझ लेते हैं। फिर यहा से स्वर्ग में जाने के लिए वहा की नागरिकता के विषय में समझ लेगें।
NRC Rules : देश भर में संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर या एन.आर.सी (NRC) के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। ज्यादातर शान्तिपूर्ण वातावरण में विरोध हो रहे थे, कही किसी की नागरिकता किन्ही कागजातों की वजह से खत्म न हो जाए बहुत से लोगों में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर या एन.आर.सी (NRC) के नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति में थे। वजह शायद पेपर पूरे ना होने पर देश की नागरीकता नही मिलेगी।यानी जिस भारतीय नागरिक का नाम इस रजिस्टर में लिखा नही होगा वो भारतीय नागरिक नही कहलाएगा।
यह तो बात रही देश की नागरिक होने की थी।क्या कभी हमने सोचा कि हम सब को एक दिन इस देश इस दुनिया को छोड़ कर जाना है। क्योंकि ठीक यहा के कायदे कानून की तरह स्वर्ग में भी जाने के लिए कुछ कायदे कानून हैं। वहाँ ना तो जाती प्रमाण पत्र की जरूरत होती है,ना आधार कार्ड की ना धरनों की ना आज़ादी के नारों की? वहा के लिए तो केवल पृथ्वी पर हमारा चाल चलन ही देखा जाएगा। लगता हैं कि हम वहा के लिए भी भ्रम में है।
आइये पवित्र बाइबल में से स्वर्ग के विषय में देखे और समझे कि वहा के क्या कायदे कानून है। पवित्र बाइबल के अनुसार...
प्रकाशितवाक्य 21:27, में लिखा है, और उस (यानी स्वर्ग) में कोई अपवित्र वस्तु या घृणित काम करनेवाला, या झूठ का गढ़ने वाला, *किसी रीति से प्रवेश न करेगा;* पर *केवल वे लोग जिन के नाम मेम्ने (यानी प्रभु यीशु मसीह) के जीवन की पुस्तक में लिखे हैं॥*
स्वर्ग में भी कुछ कंडीशन हैं।स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए कितने हैं जो इस बात की चिंता कर रहे हैं कि प्रभु यीशु मसीह जोकी जीवन की पुतस्क हैं, उसमें हमारा नाम लिखा होना अनिवार्य हैं, अन्यथा स्वर्ग में प्रवेश होना नामुमकिन हैं।
प्रभु यीशु मसीह ने कहा उन से मत डरो जो शरीर को घात करते पर उससे डरो जो शरीर और आत्मा दोनों को घात कर सकता हैं।और वो हैं जीवित परमेश्वर जिन्हें जीवन देने का भी अधिकार है और फिर लेने का भी अधिकार है पर बेहद अफसोस कि बात हैं कि हमें आत्मा के विषय कोई चिंता नही जबकि एक दिन सबको यहा से जाना हैं। उस शरीर की नागरिकता के लिए परेशान होते हैं जो एक दिन यहा पर मिट्टी में मिल जाना हैं।
आज मानवजाति घमण्ड में चूर हैं नही जानती हर मनुष्य को एक दिन यहा से पलायन करना हैं फिर उसका इंसाफ होना हैं।और इंसाफ कैसे होगा? पवित्र बाइबल बताती है।
मलाकी 3:16, में लिखा है, तब यहोवा का भय मानने वालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धर कर उनकी सुनता था; और जो यहोवा का भय मानते और उसके (यानी यहोवा परमेश्वर के) नाम का सम्मान करते थे, *उनके स्मरण के निमित्त उसके साम्हने एक पुस्तक लिखी जाती थी।*
हमारे उठने बैठने चलने सोचने बोलने का हिसाब एक पुस्तक में लिखा जा रहा है, जिसके द्वारा हमारा प्रवेश स्वर्ग में होना हैं। क्या हमें वहा की कुछ भी चिंता हैं? जो यहा से जाने के बाद हमारा हमेशा का स्थान हैं। प्रभु यीशु मसीह ने हमें एक एक बात खोल कर बताई हमारा मार्गदर्शन किया ताकि हम सब स्वर्ग में प्रवेश कर सके। आइये देखें....
यूहन्ना 14:6,में लिखा हैं, यीशु ने उस (यानी अपने चेले) से कहा, मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूं; *बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास स्वर्ग में नहीं पहुंच सकता।*
और यह बात हम सब जानते हैं कि पिता यानी परमेश्वर कहा रहता हैं? वो स्वर्ग में विराजमान हैं बाइबल के सत्य के अनुसार कोई भी प्राणी बिना प्रभु यीशु मसीह को जाने और उनको अपने जीवन का उद्धारकर्ता माने स्वर्ग में प्रवेश नही कर सकता क्योंकि यही तो जीवन की पुस्तक हैं, जिसमें धर्मियों के नाम लिखे जाते हैं, जिसके द्वारा हमारी नागरीकता स्वर्ग में तय होती है, क्योंकि जिसका नाम जीवन की पुस्तक में लिखा नही मिलेगा वो स्वर्ग में कदापि प्रवेश नही कर सकता।
वहा के लिए ना तो धरने ना नारे ना पुलिस ना धारा144 सिर्फ अपने पापों से पचताप और प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने के साथ ही उद्धार और स्वर्ग में प्रवेश की एंट्री साफ होती है।हम सब इस पर गंभीरता से विचार करें।क्योंकि हम सब को एक दिन वही जाना हैं।प्रभु हम सबका मार्गदर्शन करें और हमारी आत्मिक आँखें खोले ताकि हम सब जीवन की पुस्तक में अपने अपने नाम लिखवाने की होड़ में रहें और हम सब के नाम जीवन की पुतस्क में लिखे मिले चाहे यहा के रजिस्टर में लिखे हो या नहीं पर प्रभु यीशु मसीह की पुतस्क में जरूर लिखे हो। प्रभु सबको आशीष दे।आमीन
प्रभु में प्रभु का दास अनिल विलकिंसन
01/09/2022
Today coloring was done to the children in class Nursery A.
Today,
On 31st August Rajeshwari Karuna School (Aashalata Victoria Wilkinson), Class Nursery teachers Kavita Maurya and Vinita Jacob practised an activity
Show and Tell..
राजेश्वरी करुणा स्कूल( आशालता विक्टोरिया विल्किंसन एन जी ओ) नर्सरी कक्षा के बच्चें! बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ साथ खेल कूद भी जरूरी हैं ताकि उनका दिमागी संतुलन बना रहें। बच्चें पढ़ेंगे तो बढ़ेंगे खेलेंगे तो फिट भी रहेंगे। दोनों ही काम जरूरी हैं।
24/08/2022
Rajeshwari karuna school (Aashalata victoria wilkinson NGO) this is the time for fun and play nursery class...
09/08/2022
Rajeshwari Karuna School which is being run by Aashalata Victoria Wilkinson NGO, and supported by "Nora Solomon Foundation,"
On the occasion of 75th year of India's independence, the school is making an model of India Gate in Tri Color with lot of preprations related this independence day
06/08/2022
We are ready to celebrating 75 independent day.
27/07/2022
Celebrate with nursery class on red day in school today
Activity time for nursery class