THE CA Institute Run by Professionals

THE CA Institute Run by Professionals "THE CA" Institute Run by Professionals providing coaching classes for students of CA/CWA/CS. "THE CA" is a premier commerce institute founded by CA.

Permanently closed.

Praveen Gupta.The institute is located at near uttam nagar east metro station, New Delhi. Guidance and Coachings are being provided by the well qualified faculties having practical experience in their respective subject. SOME FEATURES OF "THE CA"

1 .Coachings are provided in small batches of maximum 20 students with personal . attention on each and every student.
2. Regular tests are conducted to monitor the progress of the students.
3. Stress is given on clarity of concepts rather than cramming the subjects.
4.Students once registered with "THE CA" can continue taking personal guidance . . from the faculties for the preparation of exams and in weak subjects even after . completion of their classes and that too without any additional cost.

06/04/2018
17/01/2014

S2E is an online learning platform providing customized self-paced learning modules and helps you to connect with fellow members in a constructive manner.

17/06/2013

Fresh Batches of CWA/CMA- INTER (Accounts, Costing and Taxation) starting from 1st July,2013 for Dec. 2013 and June 2014. Free trial classes starting from 25th June 2013.

"THE CA" SCHOOL OF COMMERCE
Contact : 8860710371

17/06/2013

Fresh Batches of CS- Executive (Accounts, Costing and Taxation) starting from 1st July,2013 for Dec. 2013 and June 2014. Free trial classes starting from 25th June 2013.

"THE CA" SCHOOL OF COMMERCE
Contact : 8860710371

17/06/2013

Fresh Batches of CA- IPCC (Accounts, Costing/ FM and Taxation) starting from 1st July,2013 for Nov. 2013 and May 2014. Free trial classes starting from 25th June 2013.

"THE CA" SCHOOL OF COMMERCE
Contact : 8860710371

17/01/2013

मैंने गाँधी को क्यों मारा " ? नाथूराम गोडसे का अंतिम बयान

{इसे सुनकर अदालत में उपस्तित सभी लोगो की आँखे गीली हो गई थी और कई तो रोने लगे थे एक जज महोदय ने अपनी टिपणी में लिखा था की यदि उस समय अदालत में उपस्तित लोगो को जूरी बना जाता और उनसे फेसला देने को कहा जाता तो निसंदेह वे प्रचंड बहुमत से नाथूराम के निर्दोष होने का निर्देश देते }

नाथूराम जी ने कोर्ट में कहा --सम्मान ,कर्तव्य और अपने देश वासियों के प्रति प्यार कभी कभी हमे अहिंसा के सिधांत से हटने के लिए बाध्य कर देता है .में कभी यह नहीं मान सकता की किसी आक्रामक का शसस्त्र प्रतिरोध करना कभी गलत या अन्याय पूर्ण भी हो सकता है .प्रतिरोध करने और यदि संभव हो तो एअसे शत्रु को बलपूर्वक वश में करना , में एक धार्मिक और नेतिक कर्तव्य मानता हु .मुसलमान अपनी मनमानी कर रहे थे .या तो कांग्रेस उनकी इच्छा के सामने आत्मसर्पण कर दे और उनकी सनक ,मनमानी और आदिम रवैये के स्वर में स्वर मिलाये अथवा उनके बिना काम चलाये .वे अकेले ही प्रत्येक वस्तु और व्यक्ति के निर्णायक थे .महात्मा गाँधी अपने लिए जूरी और जज दोनों थे .गाँधी ने मुस्लिमो को खुश करने के लिए हिंदी भाषा के सोंदर्य और सुन्दरता के साथ बलात्कार किया .गाँधी के सारे प्रयोग केवल और केवल हिन्दुओ की कीमत पर किये जाते थे जो कांग्रेस अपनी देश भक्ति और समाज वाद का दंभ भरा करती थी .उसीने गुप्त रूप से बन्दुक की नोक पर पकिस्तान को स्वीकार कर लिया और जिन्ना के सामने नीचता से आत्मसमर्पण कर दिया .मुस्लिम तुस्टीकरण की निति के कारन भारत माता के टुकड़े कर दिए गय और 15 अगस्त 1947 के बाद देशका एक तिहाई भाग हमारे लिए ही विदेशी भूमि बन गई .नहरू तथा उनकी भीड़ की स्विकरती के साथ ही एक धर्म के आधार पर राज्य बना दिया गया .इसी को वे बलिदानों द्वारा जीती गई सवंत्रता कहते है किसका बलिदान ? जब कांग्रेस के शीर्ष नेताओ ने गाँधी के सहमती से इस देश को काट डाला ,जिसे हम पूजा की वस्तु मानते है तो मेरा मस्तिष्क भयंकर क्रोध से भर गया .में साहस पूर्वक कहता हु की गाँधी अपने कर्तव्य में असफल हो गय उन्होंने स्वय को पकिस्तान का पिता होना सिद्ध किया .
में कहता हु की मेरी गोलिया एक ऐसे व्यक्ति पर चलाई गई थी ,जिसकी नित्तियो और कार्यो से करोडो हिन्दुओ को केवल बर्बादी और विनाश ही मिला ऐसे कोई क़ानूनी प्रक्रिया नहीं थी जिसके द्वारा उस अपराधी को सजा दिलाई जा सके इस्सलिये मेने इस घातक रस्ते का अनुसरण किया ..............में अपने लिए माफ़ी की गुजारिश नहीं करूँगा ,जो मेने किया उस पर मुझे गर्व है . मुझे कोई संदेह नहीं है की इतिहास के इमानदार लेखक मेरे कार्य का वजन तोल कर भविष्य में किसी दिन इसका सही मूल्या कन करेंगे

जब तक सिन्धु नदी भारत के ध्वज के नीछे से ना बहे तब तक मेरी अस्थियो का विश्लन मत करना

{यह जानकारी अधिक से अधिक लोगो तक पहुचने के लिए SHARE करे और अमर शहीद नाथूराम गोडसे जी को श्रधांजलि अर्पित करे }
{यह पोस्ट हम फिर से पोस्ट कर रहे है ताकि ज्यादा ज्यादा लोगो को सचाई पता चल सके }

17/12/2012

Friends..Announcing Special Batches For B.COM (P/H) for may/june 2013 session.
Introductory concessional Fees for complete courses of B.Com I, II & III year is Rs. 1000 per subject.
Concessional fees is applicable only on admission in Dec. 2012.
All classes are by Highly Qualified Professional faculties.
"THE CA" SCHOOL OF COMMERCE
C-39, MILAP NAGAR, NEAR UTTAM NAGAR EAST METRO STATION.
CALL AT 9871377738, 8860710371
free trial classes are available.

17/12/2012

Friends.. announcing fresh batches for
CA- IPCC
CWA-INTER
CS- EXECUTIVE
COST/FM AND ACCOUNTS at
"THE CA" SCHOOL OF COMMERCE
from 25th Dec
Faculty : CA. PRAVEEN GUPTA.
MORNING AND EVENING BATCHES.
Registration open.

01/12/2012

UPCOMING BATCHES FOR CA-IPCC GROUP I
ACCOUNTING FROM 5th DEC.
COST/FM- FROM 15th DEC.
INCOME TAX- FROM 4tH DEC.

ATTEND INTRODUCTORY CLASSES FREE OF COST
"THE CA" SCHOOL OF COMMERCE
PH. NO. 9871377738, 8860710371

29/10/2012
26/10/2012

pls give urs comment on this Issue.........

सरकार
महात्मा गांधी को
'राष्ट्रपिता' की उपाधि नहीं दे
सकती क्योंकि संविधान एजुकेशनल
और..
मिलिट्री टाइटल के अलावा कोई और
उपाधि देने की इजाजत नहीं देता। गृह
मंत्रालय ने आरटीआई में पूछे एक
सवाल
के जवाब
में यह जानकारी दी। यह सवाल
लखनऊ की 11वीं की एक स्टूडेंट
ऐश्वर्या पाराशर ने
पूछा था।
ऐश्वर्या ने कई आरटीआई दाखिल कर
पूछा था कि गांधीजी को 'राष्ट्रपिता'
क्यों कहा जाता है? जब उसे
बताया गया कि गांधीजी को ऐसी कोई
उपाधि नहीं दी गई है, तो उसने
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र
लिखकर
महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता घोषित
करने के लिए अधिसूचना जारी करने
की रिक्वेस्ट
की थी।
ऐश्वर्या की अर्जी इस निर्देश के साथ
गृह
मंत्रालय को भेजी गई
थी कि उनकी रिक्वेस्ट
पर क्या कार्रवाई की गई,
इसका खुलासा किया जाए। गृह
मंत्रालय ने
अपने जवाब में
महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता'
का खिताब
न दिए जाने के लिए सांवैधानिक
मजबूरियों का हवाला दिया।
मंत्रालय ने
कहा कि संविधान की धारा 8(1)
एजुकेशनल और मिलिट्री टाइटल के
अलावा कोई
और
उपाधि देने की इजाजत सरकार
को नहीं देती —

Address

Delhi
110059

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when THE CA Institute Run by Professionals posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share