21/03/2023
Mother's Pride Narela
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Mother's Pride Narela, Nursery, 2013, Railway Road, Narela, Delhi.
21/03/2023
21/03/2023
26/01/2023
“सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, हम बुलबुले हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा,
परबत वो सबसे ऊंचा हमसाया आसमां का, वह संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा!
गणतंत्र दिवस की बधाइयां !! जय हिंद !!”
27/12/2022
*साहिबजादे शहीदी दिवस*
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चार 'साहिबजादों' को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘ *साहिबजादे शहीदी दिवस* ’ मनाया गया । छात्रों को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा नरेला में ले जाया गया और उन्हें भारत के गौरवपूर्ण इतिहास का स्मरण करवाते हुए हमेशा अत्याचार और अधर्म के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया गया ।
*सिक्ख धर्म सीखने का धर्म है।* अन्याय और अत्याचार का प्रतिकार करने में श्री गुरु अर्जुन देव जी, हिन्द की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके बलिदानी साहिबजादों का योगदान अविस्मरणीय है। गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा स्थापित *खालसा पंथ* इस देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहा है । मुगल शासन के समय में जब हिंदुओं का उत्पीड़न किया गया और मुगल सम्राट औरंगजेब के शासनकाल में लोगों को इस्लाम में परिवर्तित होने के लिए मजबूर किया गया, तब *श्री गुरु तेग बहादुर जी* ने कश्मीरी पंडितों के समर्थन में गैर-मुसलमानों के इस्लाम में जबरन धर्मांतरण का विरोध करते हुए अपना बलिदान दिया।
श्री गुरु तेग बहादुर जी ने आस्था, विश्वास और अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था । उनकी यह शहादत दुनिया में मानव अधिकारियों के लिए पहली शहादत थी, इसलिए उन्हें सम्मान के साथ *'हिंद की चादर'* कहा जाता है।
उन्हीं के पदचिह्नों पर चलते हुए, देश और धर्म की रक्षा के लिए *साहिबजादे बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह* मुगलों के साथ युद्ध करते हुए शहीद हुए। उन्होंने गुरुवाणी की पंक्ति ‘सूरा सो पहचानिए, जो लड़े दीन के हेत, पुर्जा पुर्जा कट मरै, कबहू ना छाड़े खेत’ को सच किया। *साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह* को इस्लाम कबूल नहीं करने की वजह से जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया। उनकी दादी मां *माता गुजर कौर जी* ने अपने पोतों की शहादत की खबर सुनते ही अपना देह त्याग कर दिया। इस तरह देश और धर्म की रक्षा में *श्री गुरु गोबिंद सिंह जी* महाराज का सारा परिवार शहीद कर दिया गया।
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी एक मानवतावादी लौहपुरुष थे जिन्होंने अन्याय, अत्याचार और पापों को खत्म करने के लिए और गरीबों की रक्षा के लिए 14 युद्ध लड़े। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए समस्त परिवार का बलिदान किया, जिसके लिए उन्हें ' *सरबंसदानी* ' (पूरे परिवार का दानी ) भी कहा जाता है।
गुरु गोबिंद सिंह जी महान सन्त, कवि और योद्धा थे, जिन्होंने मुगल सत्ता के विरुद्ध स्वातंत्र्य- चेतना का शंखनाद किया। उन्होंने अपने पुत्रों अजीत सिंह जी, जुझार सिंह जी, जोरावर सिंह जी और फतेह सिंह जी को उदात्त संस्कार दिए। उसी के बल पर उन्होंने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर कर दिए, किंतु सिर नहीं झुकाया।
🙏इंसानियत की रक्षा के लिए शहादत की इससे बड़ी लड़ाई आज तक किसी इतिहास में दर्ज नहीं हुई है। 🙏
25/12/2022
Wishing you All a Christmas blessing and
A New Year full of hope! 🎉
With love from Mother's Pride Narela 🤞
08/11/2022
May Shri Guru Nanak Dev Ji inspire you all to achieve all your goals, dreams and ambitions. May his blessings be with you in all your endeavours!
🙏 Happy Gurpurab 🙏
'Satguru Nanak Pargatya.....
Miti dhund jag chanan hoya....'
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2013, Railway Road, Narela
Delhi
110040