04/11/2025
CBSE 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी, दो बार होंगे दसवीं के एग्जाम
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने साल 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है. बोर्ड ने बताया है कि क्लास 10 और 12 दोनों की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी. सबसे खास बात यह है कि 2026 से CBSE क्लास 10 के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा. यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की सिफारिशों के तहत किया जा रहा है.
सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं की परीक्षा तिथियां जारी कर दी हैं. बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी.कक्षा 10वीं की परीक्षा 10 मार्च 2026 को समाप्त होगी, जबकि 12वीं की परीक्षा 9 अप्रैल 2026 तक चलेगी. दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की जाएंगी.
सीबीएसई ने कक्षा 9वीं और 11वीं के पंजीकरण डेटा के आधार पर 24 सितंबर 2025 को पहली बार 2026 की परीक्षाओं के लिए एक प्रारंभिक अस्थायी डेटशीट भी जारी की थी.इसका उद्देश्य यह था कि सभी संबंधित पक्ष -जैसे स्कूल, शिक्षक और छात्र अपनी तैयारियां पहले से ही उसी के अनुसार तय कर सकें.
CBSE Board Exams Final Datesheet 2025: ऐसे करें डाउनलोड
सीबीएसई (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025 की फाइनल डेटशीट जारी कर दी है. अगर आप इसे डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें —
सबसे पहले सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं.
-अब होमपेज पर दिख रहे 'Latest @ CBSE' सेक्शन में जाएं.
-वहां पर आपको 'CBSE Board Exam Datesheet 2025’ का लिंक मिलेगा-उस पर क्लिक करें।
-अब आप अपनी कक्षा 10वीं या 12वीं की टाइम टेबल के लिंक पर क्लिक करें.
-आपकी स्क्रीन पर डेटशीट ओपन हो जाएगी.
-डाउनलोड बटन पर क्लिक कर डेटशीट को सेव कर लें.
-भविष्य में काम आने के लिए इसका प्रिंटआउट निकाल लें.
08/10/2025
CBSE Board Exam 2026: सीबीएससी 10th, 12th LOC फॉर्म भरने की लास्ट डेट नजदीक, जल्द कर लें अप्लाई
सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की ओर से कक्षा दसवीं एवं कक्षा बारहवीं के लिए LOC फॉर्म (Submission of List of Candidates (LOC) for Class X/XII) भरने की लास्ट डेट नजदीक है। ऐसे में जिन विद्यालयों ने अभी तक अपने छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया है वे बिना देरी करते हुए सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एलओसी फॉर्म भर सकते हैं।
फॉर्म भरने के लिए सीबीएसई की ओर से दिए गए निर्देश
सीबीएसई की ओर से स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी छात्र के विषय कोड या नाम दर्ज करने में किसी प्रकार की गलती न करें, नहीं तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूलों की होगी। अगर स्कूल फॉर्म भरते समय विषय कोड या नाम में गलती करते हैं तो उसको एडिट करने पर स्कूलों को अतिरिक्त शुल्क जमा करना पड़ेगा।
इन डेट्स में करेक्शन करने का रहेगा मौका
सीबीएसई की ओर से LOC Form में करेक्शन के लिए विंडो 13 अक्टूबर को ओपन की जाएगी जो 27 अक्टूबर तक खुली रहेगी।
बोर्ड एग्जाम डेट्स हो चुकी घोषित
सीबीएसई की ओर से कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए संभावित टाइम टेबल पहले ही जारी किया जा चूका है। साझा की गई जानकारी के मुताबिक सेकेंडरी क्लास की परीक्षाएं 17 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक एवं सीनियर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जाएंगी।
बोर्ड एग्जाम में भाग लेने के लिए 75 फीसदी अटेंडेंस जरूरी
सीबीएसई क्लास 10th, 12th बोर्ड एग्जाम में भाग लेने के लिए स्टूडेंट्स की स्कूल में न्यूनतम 75 फीसदी अटेंडेंस होना अनिवार्य है। 75 फीसदी उपस्थिति के बिना छात्रों को बोर्ड एग्जाम देने से रोक दिया जायेगा। ऐसे में छात्र डेली स्कूल में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकी एग्जाम के समय किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली होगी लागू
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अब वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में Artificial Intelligence (AI) आधारित मूल्यांकन और डिजिटल चेकिंग प्रणाली को बड़े पैमाने पर लागू करने जा रहा है।
04/10/2025
CBSE के स्कूलों में शुरू होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, महंगी कोचिंग से मिलेगा छुटकारा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अब छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहने देना चाहता। इसके लिए बोर्ड ने नई योजना के तहत अपने संबद्ध स्कूलों में ही तैयारी की सुविधा देने की रूपरेखा तैयार की है। सीबीएसई के सूत्रों के अनुसार, बोर्ड की एक समिति ने सुझाव दिया है कि स्कूलों में विशेष सेंटर फाॅर एडवांस्ड स्टडीज स्थापित किए जाएं, जहां छात्रों को जेईई मेन्स, नीट-यूजी और सीयूईटी-यूजी की प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग नियमित पढ़ाई के साथ ही उपलब्ध कराई जाएगी।
बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को महंगी कोचिंग का सहारा न लेना पड़े और वे स्कूल स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पा सकें। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय भी इस समय यह समीक्षा कर रहा है कि जेईई और नीट जैसे पेपर 12वीं के पाठ्यक्रम से किस हद तक मेल खाते हैं और कठिनाई स्तर कहीं छात्रों को अतिरिक्त कोचिंग लेने के लिए तो बाध्य नहीं कर रहा।
प्रधानाचार्यों के एनुसार, यदि यह योजना लागू होती है तो छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में समन्वय बनाने में काफी आसानी होगी। शिक्षकोंं का मानना है कि इस पहल से शिक्षा की समानता और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा। इसके साथ ही, छात्रों और अभिभावकों को यह भी राहत मिलेगी कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस योजना का विस्तृत रोडमैप और संचालन की प्रक्रिया सभी संबद्ध स्कूलों को भेज दी जाएगी, ताकि नया शैक्षणिक सत्र इसे लागू करने के लिए तैयार हो। शिक्षकों का यह भी सुझाव है कि स्कूलों में कोचिंग के साथ-साथ माक टेस्ट, आनलाइन संसाधन और विशेषज्ञ शिक्षकों की मार्गदर्शन कक्षाएं भी आयोजित की जाएं, जिससे छात्र परीक्षा की कठिनाइयों और पैटर्न से पूरी तरह परिचित हो सके।
30/09/2025
भ्रष्टाचार की रोकथाम पर निबंध लिखेंगे सीबीएसई के विद्यार्थी
सीबीएसई के विद्यार्थी भ्रष्टचार की रोकथाम पर निबंध लिखेंगे। सीबीएसई स्कूलों में भ्रष्टाचार की रोकथाम और ईमानदार को प्रोत्साहित करने के लिए निबंध प्रतियोगिता होगी। यह प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक होगी। सीबीएसई और केंद्रीय सतर्कता आयोग मिलकर इसका आयोजन कर रहे हैं। सीबीएसई का कहना है कि विद्यार्थियों में शुरू से ही ईमानदारी का बोध कराया जाना जरूरी है। इसमें यह प्रतियोगिता काफी फायदेमंद होगी। इस प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चे शामिल होंगे। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को ‘सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी पर 500 से 600 शब्दों में निबंध लिखना होगा। इसके लिए एक घंटे का समय दिया जाएगा।
निबंध हिन्दी या अंग्रेजी में लिख सकते हैं। सीबीएसई ने स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वह प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों प्रविष्ठियां 6 अक्टूबर तक भेज दें। स्कूल स्तर पर चुनी गई तीन सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान स्कूल में सम्मानित किया जाएगा। सीबीएसई स्कूलों से बोर्ड को भेजी गई प्रविष्टियों का मूल्यांकन क्षेत्रीय स्तर पर होगा। इसके बाद पांच प्रविष्टियों को केंद्रीय सतर्कता आयोग के पास भेजा जाएगा और लिखने वाले को सम्मानित किया जाएगा।
26/09/2025
CBSE बोर्ड परीक्षा के टाइम टेबल पर विवाद... परीक्षा की तारीख और छुट्टियों को लेकर स्टूडेंट्स ने उठाए ये सवाल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है. डेटशीट जारी होने के कुछ दिन अब इसकी काफी चर्चा हो रही है और कारण ये है कि इसमें दी गई छुट्टियों को लेकर लोग नाखुश है. डेटशीट जारी होने के बाद परीक्षा के पेपर के बीच कम या असमान गैप को लेकर आपत्तियां उठाई जा रही हैं और कहा जा रहा है कि इससे स्टूडेंट्स की तैयारी प्रभावित हो सकती है.
कक्षा 10 के छात्रों की क्या है आपत्ति
कक्षा 10 के स्टूडेंट्स का कहना है, विज्ञान का पेपर 25 फरवरी को रखा गया है, जो कई भाषाओं—जैसे उर्दू, पंजाबी, बंगाली, तमिल, मराठी, गुजराती, मणिपुरी और तेलुगु-तेलंगा के एक दिन बाद है. इससे इन छात्रों को तैयारी के लिए कोई अवकाश नहीं मिलेगा. एक छात्र ने X पर लिखा है कि पंजाबी में परीक्षा देने वाले छात्रों को भी कोई अवकाश नहीं है. सभी पंजाब छात्रों को इसे लेकर दिक्कत होगी, कृपया डेटशीट पर पुनर्विचार करें.
कक्षा 12 के छात्रों की क्या है आपत्ति
कक्षा 12 के स्टूडेंट्स का कहना है फिजिक्स परीक्षा ठीक फिजिकल एजुकेशन के तुरंत बाद रखी गई है, जिससे विद्यार्थियों को भारी दबाव महसूस हो रहा है. एक स्टूडेंट ने लिखा, 'कई छात्र चिंतित हैं कि टेंटेटिव डेटशीट में फिजिकल एजुकेशन परीक्षा फिजिक्स के पेपर ठीक एक दिन पहले रखी गई है. इससे तैयारी के लिए बहुत कम समय मिलता है. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया छात्रों के हित में शेड्यूल पर पुनर्विचार और समायोजन करें.'
कुछ विषयों जैसे सोशल साइंस और इकोनॉमिक्स के पेपर भी भाषा पेपर के अगले ही दिन निर्धारित हैं, जिससे छात्रों को पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है. कई छात्रों का मानना है कि ऐसे बैक-टू-बैक शेड्यूल से उनकी तैयारी पर असर पड़ेगा, खासकर जिन विषयों में सेलेबस ज्यादा है.
बता दें कि इस साल लगभग 45 लाख छात्र देश भर में 204 विषयों की परीक्षा देंगे, जिनमें भारत के अलावा 26 अन्य देशों के विद्यार्थी भी शामिल हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित वे छात्र हैं, जिनके लगातार दो दिन कठिन या मुख्य विषयों की परीक्षा है.
शिक्षकों का सुझाव है कि छात्र अध्ययन की निरंतरता बनाए रखें और परीक्षा के बीच के गैप पर निर्भर न रहें. हालांकि, कई अभिभावक और छात्र लगातार शेड्यूल में बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ को यह शेड्यूल मैनेज होने लायक लग रहा है.
22/09/2025
व्रत के दौरान बच्चों को खिलाएं ये पौष्टिक आहार, नहीं होगी कमजोरी
नवरात्रि का समय न सिर्फ आध्यात्मिक पूजा-पाठ का पर्व होता है, बल्कि यह हमारे शरीर को डिटॉक्स करने का भी एक बेहतरीन मौका होता है। लेकिन, कई बच्चे भी अक्सर नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत रखने की जिद करते हैं, जिसके कारण पेरेंट्स उन्हें रोक भी नहीं पाते हैं। लेकिन, बच्चों के व्रत रखने के कारण माता-पिता अक्सर ये सोचकर परेशान हो जाते हैं कि उनके शरीर में पोषण की कमी इस दौरान कैसे पूरी करें, और उन्हें पौष्टिक आहार कैसे दें? दरअसल, जब बच्चे उपवास रखते हैं तो यह जरूरी हो जाता है कि उन्हें ऐसी डाइट दी जाए जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर हो।
व्रत के दौरान बच्चों के लिए पौष्टिक आहार कैसे खिलाएं?
व्रत के दौरान बच्चों के शारीरिक विकास का ध्यान रखने के लिए जरूरी है कि आप उनके खानपान के तरीके पर ध्यान दें। इसलिए उपवास रखने वाले बच्चों के व्रत रखने पर आप इन बातों का ध्यान रखें-
1. सेंधा नमक वाले चिप्स खिलाने से बचें
मार्केट में मिलने वाले सेंधा नमक वाले आलू के चिप्स या नमकीन बच्चों को बहुत पसंद होते हैं। लेकिन, अगर आपका बच्चा व्रत रख रहा है तो आप उसे ये खिलाने से बचें, क्योंकि इसमें पोषण की कमी होती है और सेहत के लिए भी ये फायदेमंद नहीं होती है। इसके स्थान पर आप अपने बच्चे को मखाने रोस्ट करके खिला सकते हैं, इनमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बच्चों के लिए फायदेमंद होते हैं।
2. तले हुए पकोड़े की जगह खिचड़ी खिलाएं
व्रत के दौरान कुट्टू के आटे की पूरी, कचौड़ी या साबूदाने के वडे बच्चों को बहुत पसंद होते हैं। लेकिन, बच्चों के लिए यह हैवी और पचाने में मुश्किल हो सकते हैं। इसलिए, आप अपने बच्चे को कुट्टू या सिंघाड़े के आटे के बने चीलें या साबूदाना की खिचड़ी खिला सकते हैं। ये कम ऑयली होते हैं और पचने में भी आसान होते हैं, साथ ही बच्चों के पेट को भी देर तक भरा रखने में मदद करते हैं।
3. फ्रेंच फ्राइज़ के स्थान पर उबला आलू
फ्रेंच फ्राइज यानी तले हुए आलू बच्चों को बहुत ज्यादा पसंद होते हैं, लेकिन व्रत में बच्चों को इन्हें देने से बचना चाहिए। इसके स्थान पर आप अपने बच्चे को उबले हुए आलू की चाट बनाकर उसमें सेंधा नमक, नींबू का रस, कटा हरा धनिया और थोड़ा सा जीरा डालकर खिला सकते हैं, ये टेस्टी और हेल्दी दोनों होते हैं।
4. स्नैकिंग के लिए फ्रूट स्मूदी या फल
व्रत के दौरान फल बच्चों के लिए सबसे अच्छा विकल्प होता है, जो हेल्दी होने के साथ, बच्चों को हाइड्रेटेड रखने और पोषण देने में मदद करता है। फलों में नेचुरल शुगर, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। इसलिए आप बच्चों की डाइट में केला, सेब, पपीता, अनार आदि फलों से भरी प्लेट या इनकी स्मूदी शामिल कर सकते हैं।
5. हाइड्रेशन का ध्यान रखें
व्रत रखने के लिए दौरान बच्चों के शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। बच्चे दिनभर खेलते और दौड़ते हैं, जिसके कारण उनके शरीर को पानी की जरूरत ज्यादा होती है। व्रत रखने के दौरान डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आप उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी और नारियल पानी पिलाएं। इससे उनके शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी होगी और बच्चा हेल्दी रहेगा।
22/09/2025
सीबीएसई स्कूल नेशनल गेम्स में खिलाड़ियों ने जीता कांस्य पदक
बहादुरगढ़। एमडीयू यूनिवर्सिटी कैंपस रोहतक में आयोजित सीबीएसई स्कूल नेशनल गेम्स में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यालय की छात्र टीम ने 4 गुणा 100 मीटर तैराकी मेडले रिले इवेंट में कांस्य पदक जीता। विजेता टीम में दिव्यांशु गुलिया, जयवर्धन राव, नितेश खत्री और मयंक तुसीर शामिल रहे। इस उपलब्धि प्रधानाचार्या ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का जज्बा और आत्मविश्वास प्रेरणा का स्रोत है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।
22/09/2025
CBSE : 9वीं-11वीं का रजिस्ट्रेशन 16 अक्टूबर तक हो सकेगा
सीबीएसई ने कक्षा 9वीं, 11वीं के छात्रों के रजिस्ट्रेशनऔर कक्षा 10वीं व 12वीं के छात्रों के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (एलओसी) जमा करने का शेड्यूल जारी कर दिया है। एलओसी 30 सितंबर तक जमा किया जा सकता है। इस अवधि में अभिभावक बिना विलंब शुल्क के एलओसी जमा कर सकते हैं।
यदि किसी कारण से समय पर जमा नहीं हो पाता है तो 3 से 11 अक्तूबर तक विलंब शुल्क के साथ एलओसी जमा किया जा सकेगा। वहीं, कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 अक्तूबर तय की गई है। इस अवधि में रजिस्ट्रेशन बिना विलंब शुल्क के किया जाएगा। इसके बाद विलंब शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 17 से 31 अक्तूबर तक चलेगी।
डेटा वेरिफिकेशन भी होगा : बोर्ड द्वारा स्कूलों के भेजे गए निर्देश के अनुसार, डेटा वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए एलओसी का वेरिफिकेशन 13 से 27 अक्तूबर तक किया जाएगा। कक्षा 9वीं और 11वीं के पंजीकरण के लिए वेरिफिकेशन 14 से 28 नवंबर तक होगा।कहा गया है कि वे सभी दस्तावेजों को जमा करने से पहले खुद भी जांच अवश्य कर लें।
पांच विषयों में दो तरह के कोड – गलत भरा तो परीक्षा में छात्र-छात्राओं के विषय ही बदल जाएंगे। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के एलओसी को लेकर स्कूलों को सख्त निर्देश दिया है और इन विषयों को लेकर कोड समेत सूची जारी की है। एलओसी में इन विषयों के अलग कोड भरने को लेकर निर्देश दिया गया है। सीबीएसई के परीक्षा नियत्रंक ने सभी स्कूलों के साथ बच्चों और अभिभावकों को भी इसमें सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा कि एलओसी को लेकर लगातार बताया जा रहा।
20/09/2025
सीबीएसई 10वीं-12वीं के छात्र नोट कर लें ये बात, वरना नहीं दे पाएंगे बोर्ड परीक्षा
सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नियमों को लेकर एक नोटिस जारी किया है. सीबीएसई ने कहा है कि सभी छात्रों को इन नियमों को फॉलो करना होगा. अगर कोई छात्र नियमों के विरुद्ध पाया जाता है तो उसे परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा. बोर्ड ने इन नियमों को कुल 7 प्वाइंट्स में जारी किया है.
ये हैं वो 7 नियम-
कक्षा 10वीं और 12वीं यानी दो कक्षाएं जो दो वर्षीय कार्यक्रम हैं, जिसमें कक्षा 9-10 और 11-12 शामिल हैं. ऐसे में छात्रों को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए लगातार दो वर्षों तक पढ़ाई करना अनिवार्य होगा.
सीबीएसई ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए सभी छात्रों का कम से कम 75% अटेंडेंस होना जरूरी है.
इसके अलावा सीबीएसई ने नए नियमों के अनुसार दो सालों तक छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) अनिवार्य होगा. अगर कोई छात्र इंटरनल असेस्मेंट में शामिल नहीं होता है. ऐसे में उन छात्रों का बोर्ड रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा.
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले स्डूटेंस को एडिशनल सब्जेक्ट जोड़ने का ऑफर देता है. कक्षा 10 के छात्र अधिकतम 2 अतिरिक्त विषय (Additional Subjects) और कक्षा 12वीं के छात्र 1 अतिरिक्त विषय चुन सकते हैं, जिनकी पढ़ाई छात्रों को दो साल अनिवार्य रूप से करनी होगी.
वहीं, अगर कोई स्कूल सीबीएसई के बिना अनुमति के कुछ अलग विषय की पढ़ाई कराता है तो उस स्कूल के छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे.
जिन छात्रों को अतिरिक्त विषयों में कंपार्टमेंट या एसेंशियल रिपीट दिया गया है, वो छात्र प्राइवेट उम्मीदवार के रूप में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे.
इन नियमों का पालन न करने वाले छात्र बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त विषय प्राइवेट उम्मीदवार के रूप में शामिल नहीं किए जाएंगे.
20/09/2025
भारतीय शिक्षा की नई उड़ान, अब CBSE बनेगा इंटरनेशनल बोर्ड,
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अब एक अंतरराष्ट्रीय बोर्ड बनने की दिशा में अग्रसर है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि दुनिया भर में CBSE की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है. वर्तमान में, 28 देशों में 240 CBSE स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें अकेले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 100 से अधिक स्कूल शामिल हैं. बांग्लादेश, सऊदी अरब, कुवैत, रूस, इंडोनेशिया, म्यांमार, ईरान और कतर जैसे देशों में भी CBSE स्कूल चल रहे हैं.
19/09/2025
ज्ञान एक ऐसा निवेश है जिसका लाभ पूरे जीवन भर प्राप्त होता है।
Knowledge is an investment that benefits throughout life.