08/06/2024
New Issue
SHODH SAMVAD Research forum's present working areas are Urdu, political sc, English, Tamil, Hindi, African, development, Sanskri,west Asia,linguistics
Shodhsamvad Research forum's present working areas are Urdu, political sc, English, Tamil, Hindi, African, development, Sanskri,west Asia,linguistics
08/06/2024
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“शब्द और कविता”
दीमक के चटे हुए कुछ शब्द
शब्दकोश से निकलते हैं
मतलब की खोज में
जाने किस कवि के पास।
उन्हें विश्वास है
किसी कवि की क़लम से
निकलने वाले शब्दों को
प्राप्त होता है अमरत्व
जैसे शकुन्तला अमर हुई है
कालिदास की कूँची से।
लेकिन शब्दों को पता क्या है
कवि भी चाट लिए गए हैं
शहद की तरह निचोड़ कर
भाव निकाल लिया गया है
उसकी संवेदना का
और डाल दिया गया है उसे
असंख्य चीटियों के सामने
दोबारा चाटने के लिए।
तो कौन किसको बचाएगा
शब्द कवि को
या कवि शब्द को
मतलब खो चुके हैं दोनों ही
केवल रंग बचा है बाहर का।
बेमतलब शब्दों से
बिना रंग के कवि
खुद के लिए तो
लिख सकता है कविता
पर दुनिया के लिए
मतलब निकालना कविता का
उन शब्दों का काम है
पर शब्द तो पहले ही
अपना अर्थ खो चुके हैं।
(जाहिदुल दीवान)
"विश्वविद्यालय स्टेशन"
रोज सुबह नौ बजे
हौज़ खास मेट्रो स्टेशन की वह दीवार घड़ी
पल भर मेरे लिए
ठहर जाती है चुपचाप
कर्तव्य के प्रकाश में
मेरे बदले हुए रंगों की
इकलौती साक्षी|
उसकी नज़र में कैद है
पूरे शहर की
चकाचौंध की थकान,
हवा की परतें धक्का देती है
सोई हुईं आत्माओं को
जगाने के लिए ढो कर ले जाती है
पशुवत भीड़ को खोई हुईं दिशाएँ|
उसी भीड़ में कहीं
मैं भी दिखाई देता हूँ
शीशे में खामोश चेहरे की तरह
मंजिल की पटकथा लिखता हुआ
उस ईमानदार आवाज को सुनता हूँ-
"यह विश्वविद्यालय स्टेशन है"
(जाहिदुल दीवान)
"अग्नि गुलाब"
धूप के विशाल तवे पर तप कर
जब मेरा शरीर
तुम्हारी ममता की शीतलता में
कुछ देर ठहर पाता है
इस दुनिया के सारे सुकून
हवाओं में घुल कर
मेरे दिल के पोर-पोर में
तुम्हारा चेहरा बनकर
खिल उठता है|
बिल्कुल आग की तरह खिलता है
तुम्हारा चेहरा अग्नि गुलाब
लेकिन तपिश नहीं होता उसमें
सूरज की तरह
पल्लवित करता है वह
मेरे सच्चे अरमानों को
इसलिए लौट आता हूँ मैं
तुम्हारी आग की शीतलता में|
हो सकता है मैं
अब तक भस्म हो चुका हूँ
और विलीन हो गया हूँ
तुम्हारी मुस्कान के तूफ़ान में
पर मुझे फिर भी
उसी शीतलता का एहसास है
जिसने मेरा अस्तित्व मिटाया है|
मेरे बाद भी तुम्हारे पास
कई पक्षी उड़ कर आएंगे
उदित होगा फिर एक
तपिश विहीन नया सूरज
तुम फिर खिलना इसी तरह
मेरे अग्नि गुलाब
और देना सबको
शीतलता का एहसास|
(जाहिदुल दीवान)
“जीवन संघर्ष”
सुख या दुःख
चाहे जो मिला तुम्हें
जीवन एक संघर्ष है।
यह अघोषित युद्ध है
खुद के ही खिलाफ़
परिस्थितियों से लड़ाई है
जीवन एक संघर्ष है।
तुमने जिसे दुश्मन समझा
वह तुम्हारा संघर्ष है
तय नहीं हार-जीत इसमें
यह तो भीतर की लड़ाई है
जीवन एक संघर्ष है।
ढूंढते फिरते हो तुम
कारण संघर्ष का
दिखाई देता है कोई चेहरा
लेकिन सच तो यह है
जो दिखाई देता है संघर्ष में
केवल होता है निमित्त मात्र
यही सबकी कहानी है
जीवन एक संघर्ष है।
इसलिए संघर्ष से मुक्ति
मृत्यु के समान है
अगर चाहते हैं कोई
मृत जैसा निष्क्रिय जीवन
तो छोड़ दें संघर्ष
यही ज्ञानी कहते हैं
जीवन एक संघर्ष है।
(जाहिदुल दीवान)
"एक अजनबी"
जिस्म की ज़जीर में
बंधी हुई मेरी चेतना
बार-बार पूछती है
कौन हूँ मैं?
मैंने इसको-उसको देखा
न जाने किस-किस को
सिर्फ एक शरीर ही समझा,
फिर उन्हें फूलते देखा
फलते देखा
और एक दिन आया जब
उन्हें ढलते देखा
गलते भी देखा|
तब चेतना पूछती है
कौन थे वे?
अब मुक्ति चाहिए मुझे
स्वर्ग के लिए नहीं
इस धरती का मर्म
जानने के लिए|
कहाँ से आए हम
जानना है मुझे,
क्या फिर मिलेंगे कहीं
इसी तरह
ढलने के पश्चात्
गलने के बाद भी?
मेरी चेतना कहती है
सिर्फ एक जिस्म भर का
अस्तित्व नहीं है मेरा|
आखिर कौन हूँ मैं
किस चीज़ की तलाश में
भटक रहा हूँ?
(जाहिदुल दीवान)
"चयन"
सही हो या गलत
चयन ही जीवन है|
आत्मा को मानते हो तो
शरीर धारण करना चयन है,
चयन के कारण ही सुख है
चयन के कारण है दुःख|
सब कुछ मन को पता है
कितना और क्या,
क्यों चाहिए तुम्हें
फिर भी भटकते हो अगर
यही अज्ञान है|
दोषी नहीं है कोई दूसरा
अगर तुम्हीं ने चुना है गलत तो,
आधे-अधूरे तो सिर्फ
मन का एक भ्रम है|
चयन ही जिसका गलत है
जीवन उसी का नरक है|
(जाहिदुल दीवान)
सभी देशवासियों को ईद की शुभकामनाएँ
26/03/2024
*Fellowship Alert*📣📣
*SBI - Youth for India Fellowship*
SBI (state bank of india) Foundation, has launched its 13-month long Fellowship that enables the nation's youth to work on rural development projects in partnership with experienced NGOs for creating an holistic developed Bharat.
*Apply for the 2024 -2025 cohort here* : https://youthforindia.org/application
*Basic Eligibility*
The applicant must-
be
•Indian citizen, or a citizen of Nepal/Bhutan / Overseas Citizen of India (OCI).
• Aged 21 and 32 years of age
• Completed Bachelor’s degree
Read more at
https://youthforindia.org/profile
*Remuneration monthly to a fellow is ₹17,000/-*
*Deadline : 31st May 2024*
Students for Holistic Development of Humanity Foundation
(SHoDH Delhi Prant)
Join us for more such updates on ongoing and new fellowships 📚➡️
https://chat.whatsapp.com/JTTWcIMehmC2gwcKXo43qE
Youth-For-India Recognized as the flagship program of SBI Foundation, it is a 13-month long Fellowship that enables the nation's youth to work on rural development projects in partnership with experienced NGOs.
"हम अलग कैसे?"
मैं तुमसे कुछ पूछना चाहता हूँ!
क्या सच में हम अलग-अलग हैं?
यह कविता मैं लिख रहा हूँ,
तुम शामिल हो मेरी सोच में|
कदम मैं बढ़ा रहा हूँ,
दिशा तय कर रहे हो तुम|
दुनिया मुझे देखकर
ऐसा महसूस करती है,
जैसे मैं तुम्हारा ही मूर्त रूप हूँ|
फिर भी अलग कैसे हुए
अस्तित्व हमारे?
(जाहिदुल दीवान)
24/03/2024
'Please Mind the Gap'
'कृपया सावधानी से उतरे'
*अनुवाद करते समय स्रोत भाषा और लक्ष्य भाषा की इस प्रकृति को समझना बहुत जरूरी है| उल्लिखित दोनों वाक्यों में ढांचागत अंतर जरूर है, लेकिन अर्थ की दृष्टि से दोनों एक समान हैं|