SSC CGL 2016 – Tier I Exam – GS Questions Asked 1st Shift, 30th Aug 2016 (Day-4)
1.Maximum thorium reserve in which country ?Ans- India
2.When did french revolution began? Ans-1789
3.Father of Abul Fazal? Ans-Shail Mubarak
4.Euro Cup 2016 Winner? Ans-Portugal (beat France)
5.Morphology of chromosome can be best observed in which stage of cell division? Ans-metaphase stage
6.United Nations established in which year?Ans-24 Oct 1945
7.Which athlete is known as blade runner? Ans-Oscar Pistorius
8.Which is called quicklime? Ans-Cao (Calcium oxide)
9.Unit of radioactive? Ans-Curie
10.First viceroy who died in India?Ans-Lord Mayo
11.WEP full form? Ans-Wired Equivalent Privacy
12.Find Odd one? Agra, Darjeeling,Shimla, ooty Ans. Agra
13.Which of the following range parallel to the Indian Coastline?
14.Vande Mataram song has been taken from which Book? Ans. Anandamath
15.Which county allows human euthanasia? Ans. Netherlands
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भारत के शहरो व राज्य के भौगोलिक उपनाम-
1. ईश्वर का निवास स्थान - प्रयाग
2. पांच नदियों की भूमि -पंजाब
3. सात टापुओं का नगर- मुंबई
4. बुनकरों का शहर- पानीपत
5. अंतरिक्ष का शहर बेंगलुरू
6. डायमंड हार्बर -कोलकाता
7. इलेक्ट्रॉनिक नगर -बेंगलुरू
8. त्योहारों का नगर -मदुरै
9. स्वर्ण मंदिर का शहर -अमृतसर
10. महलों का शहर कोलकाता
11. नवाबों का शहर- लखनऊ
12. इस्पात नगरी -जमशेदपुर
13. पर्वतों की रानी -मसूरी
14. रैलियों का नगर -नई दिल्ली
15. भारत का प्रवेश द्वार मुंबई
16. पूर्व का वेनिस- कोच्चि
17. भारत का पिट्सबर्ग -जमशेदपुर
18. भारत का मैनचेस्टर- अहमदाबाद
19. मसालों का बगीचा -केरल
20. गुलाबी नगर- जयपुर
21. क्वीन ऑफ डेकन- पुणे
22. भारत का हॉलीवुड -मुंबई
23. झीलों का नगर -श्रीनगर
24. फलोद्यानों का स्वर्ग -सिक्किम
25. पहाड़ी की मल्लिका -नेतरहाट
26. भारत का डेट्राइट -पीथमपुर
27. पूर्व का पेरिस- जयपुर
28. सॉल्ट सिटी- गुजरात
29. सोया प्रदेश -मध्य प्रदेश
30. मलय का देश- कर्नाटक
31. दक्षिण भारत की गंगा- कावेरी
32. काली नदी- शारदा
33. ब्लू माउंटेन - नीलगिरी पहाड़ियां
34. एशिया के अंडों की टोकरी - आंध्र प्रदेश
35. राजस्थान का हृदय - अजमेर
36. सुरमा नगरी - बरेली
37. खुशबुओं का शहर -कन्नौज
38. काशी की बहन -गाजीपुर
39. लीची नगर देहरादून
40. राजस्थान का शिमला -माउंट आबू
41. कर्नाटक का रत्न -मैसूर
42. अरब सागर की रानी -कोच्चि
43. भारत का स्विट्जरलैंड -कश्मीर
44. पूर्व का स्कॉटलैंड- मेघालय
45. उत्तर भारत का मैनचेस्टर - कानपुर
46. मंदिरों और घाटों का नगर - वाराणसी
47. धान का डलिया- छत्तीसगढ़
48. भारत का पेरिस -जयपुर
49. मेघों का घर -मेघालय
50. बगीचों का शहर- कपूरथला
51. पृथ्वी का स्वर्ग -श्रीनगर
52. पहाड़ों की नगरी- डुंगरपुर
53. भारत का उद्यान -बेंगलुरू
54. भारत का बोस्टन -अहमदाबाद
55. गोल्डन सिटी -अमृतसर
56. सूती वस्त्रों की राजधानी - मुंबई
57. पवित्र नदी -गंगा
58. बिहार का शोक -कोसी
59. वृद्ध गंगा- गोदावरी
60. पश्चिम बंगाल का शोक- दामोदर
61. कोट्टायम की दादी- मलयाला
62. जुड़वा नगर --हैदराबाद- सिकंदराबाद
63. ताला नगरी -अलीगढ़
64. राष्ट्रीय राजमार्गों का चौराहा- कानपुर
65. पेठा नगरी -आगरा
66. भारत का टॉलीवुड- कोलकाता
67. वन नगर -देहरादून
68. सूर्य नगरी -जोधपुर
69. राजस्थान का गौरव- चित्तौड़गढ़
70. कोयला नगरी -धनबाद
*The Naked Truth of Life*There was a man with four wives. He loved his fourth wife the most and took great care of her and gave her the best.He also loved his third wife and always wanted to show her off to his friends. However, he always had a fear that she might runaway with some other man.He loved his second wife too. Whenever he faced some problems, he always turned to his second wife and she would always help him out.He did not love his first wife though she loved him deeply, was very loyal to him and took great care of him.One day the man fell very ill and knew that he is going to die soon. He told himself, *_"I have four wives. I will take one of them along with me when I die to keep me company in my death."_*Thus, he asked the fourth wife to die along with him and keep him company. *_"No way!"_* she replied and walked away without another word.He asked his third wife. She said *_"Life is so good over here. I'm going to remarry when you die"._*He then asked his second wife. She said *_"I'm Sorry. I can't help you this time around. At the most I can only accompany you till your grave."_*By now his heart sank and he turned cold. Then a voice called out: *_"I'll go with you. I'll follow you no matter where you go."_*The man looked up and there was his first wife. She was so skinny, almost like she suffered from malnutrition. Greatly grieved, the man said, *_"I should have taken much better care of you while I could have!"_*Actually, we all have four wives in our lives.a. *The fourth wife is our body.* No matter how much time and effort we lavish in making it look good, it'll leave us when we die.b. *The third wife is our possession, status and wealth.* When we die, they go to others.c. *The second wife is our family and friends.* No matter how close they had been there for us when we're alive, the furthest they can stay by us is up to the grave.d. *The first wife is our soul,* neglected in our pursuit of material wealth and pleasure. It is actually the only thing that follows us wherever we go.
1. गूगल एक सैकेंड में करीब 9,30,900 रूपए कमाता है।2. आपको फेसबुक के संस्थापक का नाम मार्क ज़ुकरबर्ग है यह तो पता होंगालेकिन क्या आपको गूगल के संस्थापक का नाम पता है? उनका नाम लैरी पेज और सर्जे ब्रिन है।3. गूगल के 40 देशो में 70 से भी ज़्यादा ऑफिस है। यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।4. गूगल ने पिछले 12 सालो में 827 कंपनियो को खरीदा है। अब आप अंदाज़ा लगा सकते है की गूगल कितनी बड़ी कंपनी है।5. गूगल में फिलहाल 417000 से भी ज़्यादा कर्मचारी काम करते है मगर अब तक गूगल के कई कर्मचारी अरबपति बन चुके है।6. वेसे तो गूगल की सही आय कोई नहीं बता सकता मगर गूगल की सालाना आय करीब $50,00,00,00,000,000,000,000,000 डॉलर है।7. आपको यह तो पता होंगा की एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम गूगल की ही देन है। पर क्या आप यह जानते है की हर 5 में से 4 स्मार्टफोन एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर ही चलते है।8. गूगल ने अपने "Head Office" में लगभग 20000 बकरियों को घास काटने के लिए रखा गया है । जी हा आपने सही पढ़ा दरअसल गूगल अपने दफ्तर के लॉन में घास काटने वाली मशीन का उपयोग नहीं करता क्योंकि इससे निकलने वाले धुंए और आवाज़ से वहाँ काम कर रहे कर्मचारियों को परेशानी होती है।9. हर हफते 220,000 से भी ज्यादा लोग गूगल में जॉब के लिए अपलाई करते है|10. गूगल की 95% से भी ज़्यादा कमाई उसके द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों से आती है।11. यकीन मानिये,आपकी पलक झपकते ही गूगल ने 550 लाख रूपए कमा लिए होंगे।12. आप अक्सर सोचते होंगे की "Google" शब्द आया कहा से है हम आपको बताते है, असल में 1 पीछे 100 शून्य लगाने पर जो संख्या बनती है उसे "Googol" कहते हैं और इसी शब्द से ही बना है "Google"।13. अब आप सोच रहे होंगे की गूगल का नाम "Googol" क्यों नहीं रखा गया "Google" ही क्यों रखा गया ? दरअसल "Google" यह नाम एक स्पेलिंग मिस्टेक है। मतलब टाइप करते समय "Googol" की जगह "Google" टाइप हो गया और नतीजा आपके सामने है।14. गूगल ने "You Tube" को 2006 में ख़रीदा था, उस समय कई लोगो ने इस डील को गूगल की एक बड़ी गलती मानी थी और आज यू ट्यूब को पूरी दुनिया में हर महीने करीब 6 अरब घंटो तक देखा जाता है।15. हर सेकंड में गूगल पर 60,000 से भी ज्यादा सर्च किये जाते है|16. 2010 के बाद से गूगल ने प्रति सप्ताह में कम से कम एक कंपनी को ख़रीदा है|17. गूगल ने अपने स्ट्रीट व्यू मेप के लिए 80 लाख 46 हजार किलोमीटर सड़क के बराबर फोटोग्राफ लिए है।18. गूगल का पूरा सर्च इंजन 100 मिलियन गीगाबाइट का है। उतना डाटा अपने पास सेव करने के लिए एक टेराबाइट की एक लाख ड्राइव की जरुरत होगी।19. गूगल ने अपने एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम को ABCD के अल्फाबेट के हिसाब से नाम दिए गए हैं Cupcake, Donut, Eclair, Froyo, Gingerbread, Honeycomb, Ice Cream Sandwich, Jelly Bean, Kitkat, Lolipop और Marshmallow।20) गूगल को Yahoo कंपनी ने एक मिलियन डॉलर में खरीदना चाहा था लेकिन ऐसा नहीं हो सका।21. गूगल जब लांच हुआ था तब गूगल के संस्थापक को HTML कोड की ज़्यादा जानकारी नहीं थी इसीलिए उन्होंने गूगल का होमपेज एकदम सिंपल रखा था और अभी भी यह बिल्कुल सिंपल ही है।22. 2005 में गूगल ने गूगल मेप और गूगल अर्थ जैसी नई एप्लीकेशन लांच की। इसमें ऐसे फीचर हैं, जो पलभर में पूरी दुनिया का नाप दें । वही अब इसकी पहुंच चाँद तक है।23. ”Don’t be evil” यह गूगल का अनाधिकृत नारा(Unofficial Slogan) है।24. गूगल के होमपेज पर 88 भाषाओ का इस्तेमाल किया जा सकता है।25. गूगल सर्च इंजिन का उपनाम (Nick Name) "BackRub" है।
24/07/2016
सोच को बदलो सितारे बदल जायेंगे,
नज़र को बदलो नज़ारे बदल जायेंगे,
अरे ऐ इंसान, जरा एक बार अपनी जबां को तो बदलो,
हम सारे के सारे बदल जायेंगे।"अधिकार V/s कर्तव्य"
------------------------पैदा होने से लेकर और समझदार होने तक और उसके बाद भी हमारे माता पिता हमें अपना "कर्तव्य" समझ कर पालते है. समझदार होने के बाद हम अपने माता पिता को कहते हैं कि जो कुछ भी आपने हमारे लिए किया है, वो तो हमारा "अधिकार" है. अब जब हमने ये कह ही दिया है तो बताइए हमारा अपने माता पिता के लिए क्या क्या "कर्तव्य" हैं ? कभी सोचा है, जरा सोचिये ? आज "अधिकार" वाली बात जो हमने अपने माता पिता से बोली, तो क्या यही बात हमारे बच्चे हम से नहीं बोलेंगे, जरा ये सोच कर तो देखिये ?आज की तारीख में हम बहुत ही ज्यादा Self Centered हो गए हैं और ये सोचते हैं की "हम और हमारे बच्चे", इस वाक्य को ध्यान से समझिएगा, "हम और हमारे बच्चे". अब सोचिये, आगे आने वाले समय में क्या हमारे बच्चे भी हमारी इसी सोच को लेकर नहीं चलेंगे - "हम और हमारे बच्चे". हम इंसानों को बहुत बड़ी ग़लतफ़हमी होती है कि हम अपने बच्चों के लिए इतना कर दें कि वो भी बुढ़ापे में हमें देखें, पर हम इंसान इस बात को भूल जाते हैं कि हम ये सोच खुद अपने बच्चों में डालते हैं यानि "हम और हमारे बच्चे". वो भी अगर हमारी ही राह पर चलते है तो इसमें गलत क्या है, हम लोगों को बिलकुल भी बुरा नहीं लगना चाहिए. हम ही उन्हें Forward Model सीखा रहें हैं, हम सिर्फ और सिर्फ एक ही कीमत में अपने बच्चों से उम्मीद कर सकते हैं, जब हम खुद Reverse Model Follow करें यानि "जिस तरह, जिस जूनून के साथ हम अपने बच्चों को "कर्तव्य" के साथ पालते हैं उसी जूनून के साथ हम अपना "कर्तव्य" समझकर अपने माता पिता का भी ख्याल रखें", न कि सिर्फ ये सोचें की जो कुछ उन्होंने हमारे लिए किया है वो हमारा "अधिकार" था और हमें मिलना ही चाहिए था.मित्रों हम जहाँ हैं जैसे हैं अपने "अधिकार के कारण नहीं" बल्कि "उनके कर्तव्यों के कारण हैं", ये एक कटु सत्य है.मित्रों, 9 महीने अपने गर्भ में रखने के बाद जब दुखी माँ की बददुआएं निकलती हैं तो इंसान सिर्फ हिलता नहीं, उसकी जिंदगी में भूकम्प आ जाता है.मान कर चलिए हमें अपनी सोच "हम और हमारे बच्चे" से बदलकर "हम, हमारे माता पिता और हमारे बच्चे" किसी भी हाल में करनी ही होगी.किसी ने सही कहा है :-गलतफहमियों के सिलसिले इस कदर फैले हैं,
कि हर ईंट सोचती है कि दीवार उसी से है.
पनी जिंदगी में "कर्मों का तूफ़ान" पैदा करो,
भाग्य के रास्ते अपने आप खुल जायेंगे1. "कर्म करो, फल की इच्छा मत करो."
2. "हमारी सफलता हमारे द्वारा किये गए "कार्य के पीछे की नियत" पर निर्भर करती है....."
---------------------------------1. "कर्म करो, फल की इच्छा मत करो" :-
धर्म का अर्थ होता है कर्तव्य. हमारे ग्रंथों ने कर्त्तव्य को ही धर्म कहा है. हमें भी जीवन में अपने कर्त्तव्य को पूरा करने में कभी भी ये नहीं सोचना है कि ये कर्त्तव्य करने से हमारा नाम होगा या बेइजत्ती, हमारा फायदा होगा या नुकसान. अपने मन को सिर्फ और सिर्फ अपने कर्तव्य पर टिकाकर काम करना है. इससे हमें अपनी "जिंदगी के सबसे बढ़िया परिणाम" मिलेंगे और सबसे बड़ी बात हम काफी बिमारियों से मुक्त रहेंगे. हमारे बीमार पड़ने के सबसे बड़े कारणों में से एक है, हमारा अपने "कर्तव्यों को करने से पहले उसके फायदे या नुकसान के बारे में सोचकर कार्य करना".चलिए जरा कुछ उदाहरण लेते हैं :-
1. स्कूल या कॉलेज में पढ़ाई पर कम और कितने नंबर आएंगे, इस पर ज्यादा ध्यान देते हैं.
2. अपने ऑफिस में काम में पूरा ध्यान न लगा कर, हमारी सैलरी कितनी और कब बढ़ेगी, इस पर ज्यादा ध्यान देते हैं.
3. बिज़नेस में पूरा ध्यान ग्राहक की सेवा में न लगा कर, साल के आखिर में कितना मुनाफा होगा, इस पर ज्यादा ध्यान देते हैं.
4. राजनीति में एक बार जीतने के बाद, काम करने की जगह, पहले दिन से ही अगली बार का टिकट मिलेगा की नहीं, इस पर ज्यादा ध्यान देते हैं.मित्रों शुरू से ही "अपनी पसंद के परिणाम की इच्छा" हमारे अंदर नकारात्मक भाव पैदा करती है और फिर हम हर वक़्त अपने कर्त्तव्य यानि कार्य को न कर अपनी "पसंद के परिणाम" पर ही "ध्यान केंद्रित" कर देते हैं और अपने को "धीरे धीरे कमजोर" करते हैं.गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने यही कहा है - "कर्म करो, फल की इच्छा मत करो" और "कर्म ही पूजा है."2. मित्रों हमें इससे भी महत्वपूर्ण बात, "किसी भी कार्य को करने के पीछे की नियत" को भी समझना होगा, जी हाँ किसी भी कार्य (चाहे छोटा हो या बड़ा).
अगर पहले से ही हमारी नियत गलत है और हमने वो कार्य शुरू कर दिया तो पहले से ही समझ लीजिएगा कि वो कार्य शुरू होकर चलने तो लग जायेगा पर बहुत आगे तक नहीं जा सकता. जैसे :-
(a) अगर हम "स्कूल/ कॉलेज" में पढ़ाई "अपना भविष्य बनाने की नियत से नहीं" अपितु "अपने दोस्तों को दिखाने की नियत" से कर रहें हैं तो हम बहुत ज्यादा सफल नहीं हो पाएंगे.
(b) अगर हम "ऑफिस" में काम "खुद को सीखने की नियत से नहीं" अपितु "अपने बॉस को खुश करने की नियत" से कर रहे हैं तो भी हम अपनी जिंदगी में बहुत ज्यादा सफल नहीं होंगे.
(c) अगर हम "बिज़नेस" अपने को "बढ़ाने की नियत से नहीं" अपितु "अपने प्रतिद्वंद्वीयों को गिराने" के लिए कर रहे हैं तो भी हम बिज़नेस में बहुत ज्यादा सफल नहीं होंगे.
(d) अगर हम "राजनीति "समाज को बढ़ाने की नियत से नहीं" अपितु "अपने को बढ़ाने" के लिए कर रहे हैं तो भी हम एक दिन नीचे आएंगे ही आएंगे.मित्रों जब हम कोई भी "काम सिर्फ दूसरों को दिखाने या दूसरों को गिराने की नियत" से करते हैं तो हम दूसरों के "सोच के जाल" "(Trap of Thinking)" में फंस जाते हैं और तब हमारी "अपनी सोच बंद" हो जाती है और हम "दूसरों की सोच के इर्द गिर्द ही घूमते घूमते" अपनी सारी की सारी जिंदगी गुजार देते हैं.इसलिए मित्रों आप सभी से नम्र निवेदन है की जिंदगी जीनी है, तो, "किसी को भी गिराने की सोच से कोई काम मत करो" और "अगर हमने ये किया, तो समझ लीजिएगा कि जब उस काम की "शुरूआत ही गलत नियत" से हुई है, तो, हमें जिंदगी में "सफलता मिलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता."ये बात भी भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में हमें "समझाकर", "सचेत रहने" के लिए कहा है कि "हमारी सफलता कार्य के पीछे की नियत पर ही निर्भर करती है."मित्रों अगर हम "अपना धर्म यानि कर्त्तव्य यानि कर्म" "बिना किसी फल की इच्छा के साथ करेंगे" और "किसी भी कार्य को करने से पहले "निस्वार्थ नियत" को साथ रखेंगे" तो मान कर चलिए हमको किसी भी "कर्म के" "सबसे बेहतर, जी हाँ सबसे बेहतर फल मिलेंगे, इसमें कोई संशय नहीं.किसी ने बिलकुल सही कहा है :-अपनी जिंदगी में "कर्मों का तूफ़ान" पैदा करो,
भाग्य के रास्ते अपने आप खुल जायेंगे ......
1. निम्न में से कौन एक उड़ने वाली छिपकली है?→ड्रेको2. घोंसला बनाने वाला एकमात्र साँप कौन-सा है?→किंग कोबरा3. भारत में पायी जाने वाली सबसे बड़ी मछली कौन-सी है?→ह्वेल शार्क4. दालें किसका एक अच्छा स्रोत होती हैं?→प्रोटीन5. देशी घी में से सुगन्ध क्यों आती है?→डाइएसिटिल के कारण6. इन्द्रधनुष में किस रंग का विक्षेपण अधिक होता है?→लाल रंग7. टेलीविजन का आविष्कार किसने किया था?→जे. एल. बेयर्ड8. हीरा चमकदार क्यों दिखाई देता है?→सामूहिक आंतरिक परावर्तन के कारण9. 'गोबर गैस' में मुख्य रूप से क्या पाया जाता है।→मिथेन10. दूध की शुद्धता का मापन किस यन्त्र से किया जाता है?→लैक्टोमीटर11. पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्त्व कौन-सा है?→ऐलुमिनियम12. मोती मुख्य रूप से किस पदार्थ का बना होता है?→कैल्सियम कार्बोनेट13. मानव शरीर में सबसे अधिक मात्रा में कौन-सा तत्व पाया जाता है?→ऑक्सीजन14. किस प्रकार के ऊतक शरीर के सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं?→एपिथीलियम ऊतक15.मनुष्य ने सर्वप्रथम किस जन्तु को अपना पालतू बनाया?→कुत्ता
1. अंतरिक्ष में कुल कितने तारामंडल हैं? – 89 2. सूर्य का पृष्ठीय तापमान कितना आंका गया है? – 6000°C 3. सूर्य के रासायनिक मिश्रण में हाइड्रोजन का प्रतिशत कितना है? – 81% 4. किस ग्रह को ‘सौन्दर्य का देवता’ कहा जाता है? – शुक्र को 5. सौरमंडल का सबसे ठंडा ग्रह कौन-सा है? – नेप्च्यून 6. हेली पुच्छल तारा कितने वर्ष बाद नजर आता है? – 76 वर्ष 7. हेली पुच्छल तारा को किस वर्ष देखे जाने की संभावना है? – 2062 में 8. हेली पुच्छल तारा अंतिम बार कब दिखई दिया था? – 1986 ई .में 9. ग्रहों के गति के नियम को किसने प्रतिपादित किया? – केप्लर ने10. कौन-से ग्रह मंगल और यूरेनस के मध्य स्थित हैं? – बृहस्पति और शनि 11. अपने परिक्रमा पथ पर पृथ्वी लगभग किस माध्य वेग से सूर्य के चक्कर लगाती है? – 30km/s 12. मंगल पर जीवन की उपस्थिति के लिए कौन-सी एक अवस्था सबसे सुसंगत है? – बर्फ
(IAS Interview Questions and Answers )
Ques. 1: Why do you want to become an IAS Officer?
Ans.: Serving the nation with pride, maintaining peace and administering the society in a descent way and helping other officials to make the country keep on developing, is my motto. This is why I want to become an IAS officer.
Ques. 2: Can you work under pressure?
Ans.: Pressure may be defined as a situation in which we don’t able to control what happening in our work/ activity/ life. I think I will not face any problem regarding pressure because I love my job and for me becoming IAS will be a dream come true. I will take it easily.
Ques. 3: What will you do if I run away with your sister?
Ans.: I can’t find a better match for my sister than you, sir.
Ques. 4: If you had three apples and four oranges in one hand and four apples and three oranges in the other hand, what would you have?
Ans.: I have very large hand.
Ques. 5: How can you lift an elephant with one hand?
Ans.: It is not a problem, since you will never find an elephant with one hand.
Ques. 6: Bay of Bengal is in which state?
Ans.: Liquid.
Ques. 7: If you throw a red stone into the blue sea what it will become?Ans.: It will Wet or Sink as simple as that.
Ques. 8: Shall I ask you one tough Question or 5 easy questions?
Ans.: One tough question.
Ques. 9: Which one came first "Egg / Hen"
Ans.: Egg.
Ques. 10: How?
Ans.: Sir, You said you will ask only one tough question.
Ques. 11: How can a man go eight days without sleep?
Ans.: Not a Big deal, He sleeps at night.
ताकतवर कौन - मैं या वो
ताकतवर कौन - Positivity या Negativity
ताकतवर कौन - भारत का निर्माणकर्ता या भारत को पीछे धकेलने वालासोच है हमारी आखिर "भारत के निर्माणकर्ता" हैं हम.
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कोई आदमी बार बार आकर हमारे साथ बदतमीजी,गाली गलौच और जगह जगह हमारी बेज्जती करता है ? एक दिन मैंने भी उसके साथ बदतमीजी, गाली गलौच कर दी.सोचिये कमजोर कौन ?"कमजोर मैं हूँ" क्योँकि दूसरे ने मुझे अपनी negativity से इतना उकसाया की मैं भी उसके साथ negativity करने लगा.मैं तब अपने आप को ताकतवर मानता जब दूसरा व्यक्ति मेरी positive बातों में आ कर खुद भी positive बातें करने लग जाता.जब मैंने और ध्यान से सोचा, तो मुझे इसका उत्तर बहुत ही गहरा मिला :-
मैंने उस आदमी के साथ बदतमीजी और गाली गलौच करके Negative काम किया और अपने पैदाइशी Nature से छेड़ छाड़ की क्योकि इंसान का पैदाइशी Nature सिर्फ और सिर्फ Positive होता है. सोच कर देखिये जब हम बच्चे थे और हमें समझ नहीं थी तो हम हर किसी के साथ चाहे जानवर हो या इंसान, Positivity में ही रहते थे. पर हम जैसे जैसे बड़े होने लगे और "कहने को" समझदार होने लगे, हम दूसरों की बातें सुन सुन कर Positivity से Negativity की तरफ जाने लगे, और इस तरह Negative काम और Negative बात करके हम सिर्फ और सिर्फ अपनी Ego Satisfy कर रहे हैं और कुछ नहीं ……मित्रों अपने को पहचानने और ठीक करने के लिए हमें किसी दूसरे की सलाह की जरुरत नहीं हैं. हम "हर क्षण", "हर वक़्त" अपने को देख सकते हैं कि हम अपना Positive Increase कर रहे हैं या Negative. अगर हम किसी की बुराई कर रहे है या बुरा सोच रहे है तो हम अपने आस पास Negativity का Aura (प्रभामंडल) तैयार कर रहे हैं और अगर हम किसी के बारे में अच्छा सोच रहे है या किसी के लिए अच्छा कर रहे हैं तो हम अपने आसपास Positivity का Aura (प्रभामंडल) तैयार कर रहे है."हम तारीफ करने की आदत डालें" और "तारीफ करें हर उस व्यक्ति की" जो हमारे आस पास कुछ भी अच्छा काम (चाहे कितना ही छोटा क्योँ न हो) कर रहे हैं, अगर हम उस व्यक्ति का साथ नहीं दे सकते तो कम से कम उनके अच्छे काम के लिए तारीफ कर के उसको प्रोत्साहित तो कर ही सकते हैं और "टोकिए हर उस व्यक्ति को" जो हमारे आसपास कुछ गलत कर रहा है, हमारे चुप रहने से उसको शह मिलती है और हम अपना ही नुकसान कर रहे होते हैं.मित्रों हम इसलिए पीछे नहीं कि हमारा देश Knowledge,Talent से भरपूर नहीं है. हम पीछे हैं " सही/अच्छे व्यक्तियों के गलत चीजों पर न बोलने की वजह से."मित्रों ध्यान रहे हमारे समाज में गलत लोग सिर्फ और सिर्फ पूरी जनसँख्या के 1% भी नहीं हैं.मित्रों क्या हम फिर से इन 1% लोगों के गुलाम बनने की तैयारी में तो नहीं हैं ???इसलिए मित्रों अब सिर्फ चुप रहने का समय नहीं है. अब समय आ गया है की "भारत का युवा उठे" और भारत को बुलंदियों तक पहुंचाने में अपना अपना योगदान दे चाहे वो योगदान कितना ही छोटा क्योँ न हो.सोच है हमारी आखिर "भारत के निर्माणकर्ता" हैं हम.जय हिन्द
जय भारत
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