10/04/2024
इस्लाम के पांच पिलर हैं...
शाहदा,
सलात यानि दुआ, ज़कात,
रोज़ा और हज हैं।ll
चांद की रोशनी बिखर गई है आसमान में,
खुशियों का माहौल है सारे जहां में
देखो यहां हर कोई अल्लाह की इबादत कर रहा है
ऐसी बरकत छाई है ईद के त्यौहार में..ll
16/11/2023
महान मोहम्मद शमी... नहीं महानतम मोहम्मद शमी.भारत का हीरा, तमाम विरोध के बाबजूद शमी नेआज लगाये ,आज का मैच आसान नहीं था.न्यूजीलैंड इस टारगेट को भी छू लेता अगर भारत के पास मोहम्मद शमी नहीं होता. उनके पास सिर्फ मोहम्मद शमी के सीम और स्विंग का जवाब नहीं था.शमी ज़ब दौड़ता है तो वह न शोयब अख्तर की तरह आक्रामक नजर आता है और न स्लेजिंग करता है जो तेज गेंदबाजों का दूसरा हथियार होता है.बॉल हाथ से छूटते तक शमी नॉन अग्रेसिव फ़ास्ट बॉलर लगता है लेकिन बॉल टप्पा खाते ही रॉकेट की तरह स्टंप पर आता है.शमी को विकेट मिल जाता है. कमाल यह है कि शमी विकेट मिलने के बाद अधिक उतावला होकर जश्न भी नहीं मनाता बस राइट हैंड को ऊपर कर एम्पायर की तरह ऑउट का इशारा करता है. बल्कि उनके विकेट का सारा जश्न कोहली मनाता है, जोर से हवा में उछलकर चीखते हुए बल्लेबाज को घूरते हुए कोहली शमी को साथ देता है.विरले ही है ऐसा भद्र तेज गेंदबाज.भारत आज अगर फाइनल पहुंचा है तो तमाम बल्लेबाजों से बड़ा हाथ शमी का है.कोहिनूर है भारत का मोहम्मद शमी ❤️❤️
01/10/2023
#बहुत_हि_कड़वी_सच्चाई
अगर देश प्रेम होता तो हर वर्ल्ड कप से पहले ऐसे बड़े बड़े स्टार टीम इंडिया के साथ दिखते , जेसे IPL में ये खिलाड़ी अपने अपने टीम के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़े दिखते हैं !
हर मैच में अपनी उपस्थित दर्ज कराते !
ये इस देश की विडंबना है कि जिस देश से पहचान मिली ,
बड़े नमो में धौनी हो या सचिन ये तब तक नहीं जाएगे जब तक इनको पैसे का लालच नहीं दिया जाएगा ! क्या पेसे से देश प्रेम खरीदा या जगाया जा सकता है ?
जवाब देते हुए ही आगे जाइयेगा।
।।भारत माता की जय !!
25/03/2023
#तुम_घबराना_नहीं_दोस्त
#रेहला_पलामू_झारखंड_न्यूज़
#हमारा_दायित्व_बनता_है
यह तस्वीर तब की है, जब तीसरे वनडे में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले सूर्या 7वें नंबर तक अपनी बैटिंग का इंतजार कर रहे थे। पहले 2 वनडे मुकाबलों में उनका खाता नहीं खुला था और ऐसे में तीसरा वनडे उनके ODI करियर के लिए निर्णायक सिद्ध होने वाला था। टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करने वाले सूर्यकुमार को इस बार लोअर ऑर्डर में बैटिंग के लिए भेजा जा रहा था। भारत का स्कोर 35.1 ओवर में 185 पर 5 विकेट आउट हो गया। यहां से भारत को जीत के लिए 89 गेंद पर 85 रनों की आवश्यकता थी। सूर्यकुमार यादव रहते, तो निश्चित तौर पर टीम इंडिया यह मुकाबला जीत जाती। ऐसे में सूर्या के पास पहले 2 वनडे मुकाबलों की नाकामी भुलाने का भरपूर मौका था।
स्पिनर एस्टन एगर ने 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेंथ बॉल डाली। सूर्यकुमार यादव के शरीर का झुकाव लेग साइड की तरफ ज्यादा था। वह बैकफुट से गेंद को डिफेंड करना चाहते थे। सूर्यकुमार यादव बॉल बीट कर गए और उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा विकेटों पर जा लगा। लगातार तीसरा गोल्डन डक...! किसी भी बल्लेबाज के लिए इससे ज्यादा दुखद और कुछ नहीं हो सकता। आउट होने के बाद सूर्या के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं। जिस खिलाड़ी से टीम इंडिया को हारा हुआ मैच जिताने की अपेक्षा की जा रही थी, वह लगभग बने-बनाए मुकाबले को फंसाकर आ गया। विराट के आउट होने के बाद अगली ही गेंद पर सूर्यकुमार वापस...!
सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आनी थी और आई भी। हर दूसरा शख्स सूर्य कुमार को शून्य कुमार बताने पर आमादा हो गया। कुछ लोगों का वश चले तो सूर्या को आजीवन टीम इंडिया से प्रतिबंधित कर दें। उसे कभी भी भारतीय टीम के लिए क्रिकेट मैच खेलने का अवसर ना दें। पर यहां समझने की बात यह है कि अगर आपने कभी भी जिंदगी में बल्ला उठाया है, तो निश्चित तौर पर मानेंगे कि जब बैट्समैन का कॉन्फिडेंस कम होता है तो उसे ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ता है। जिस गेंद को घुटने टिका कर यही सूर्यकुमार डीप स्क्वायर लेग बाउंड्री के स्टैंड में मारा करते थे, उस बॉल पर सूर्या बोल्ड हो गए।
सूर्यकुमार यादव इस वनडे सीरीज में बिल्कुल भी परफॉर्म नहीं कर सके। यह बात हर क्रिकेट फैन को स्वीकार करनी चाहिए। श्रेयस अय्यर की अनुपस्थिति में उन्हें जो अवसर मिला था, अगर सूर्या उसका भरपूर लाभ उठाते तो निश्चित तौर पर वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी दावेदारी जताते। हालांकि वह अंडर प्रेशर आ गए और उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इसका यह मतलब नहीं है कि सूर्यकुमार यादव खत्म हो गए। जब 2011 में यह खिलाड़ी अपने प्राइम फॉर्म में था, तब इसने टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए 10 वर्षों का इंतजार किया है। इस दौरान घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगा दिया है। पुराने प्रदर्शन को देखकर मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि सूर्यकुमार यादव पूरी ताकत के साथ वापस आएंगे। फिर से एक दफा रनों का अंबार लगाएंगे। ❤️
25/12/2022
नवनीत भैया के पास रात को सांताक्लॉज आया और बोला कि कोई wish मांगो ........
🎅
नवनीत भैया बोले : मेरी बीवी, झगड़ा बहुत करती है कोई दूसरी बीवी दिलवा दो
इसके बाद सांताक्लॉज ने नवनीत शुक्ल भैया को बहुत मारा
😡
फिर पता चला नवनीत भैया की बीवी ही सांताक्लॉज बन के आयी थी
🥳😬
सावधान रहें
🧐
सतर्क रहे
किसी और के नहीं
....खुद के त्योहार ही मनायें 🙏
😏
24/12/2022
सिक्किम में सड़क दुर्घटना में सेना के वीर जवानों के शहीद होने की खबर अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है।
ईश्वर जवानों की पुण्यआत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
जय हिंद🇮🇳
17/11/2022
..*मेरा वार्ड , मेरा परिवार* ..
*अबकी बारी*....
*दवे कुचले लोगों की तैयारी*
*वार न जाए खाली*✈️✈️
*पर्षद है तुम्हारी*....
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
*वोटर लिस्ट में नाम लिखाए*। *वोटर कार्ड सभी बनवाए*।।
*नहीं करेंगे यदि मतदान*।
*होगा बहुत बड़ा नुक़सान*।।
*मत देना अपना अधिकार*।
*बदले में ना लो उपहार*।।
*बहकावे में कभी न आना*। *सोच-समझ कर बटन दबाना*।।
*जागरूक समाज की क्या पहचना*।
*शत-प्रतिशत होगा मतदान*।।
*वोट करें वफ़ादारी से*।
*चयन करें समझदारी से*।।
*बनो देश के भाग्य विधाता*।
*अब जागो प्यारे मतदाता*।।
*न जाति पे, न धर्म पे*।
*बटन दबेंगा, कर्म पे*।।
*वोट हमारा है अनमोल*।
*कभी न लेंगे इसका मोल*।।
*डालें वोट, बूथ पर जाए*।
*लोकतंत्र का पर्व मनाए*।।
*छोड़ो अपने सारे काम*।
*पहले चलो करें मतदान*।।
👇👇👇👇👇👇👇👇
*जो बाटे दारू, साड़ी ,नोट*।
*उनको कभी ना देंगे वोट*।।
*लोकतंत्र का भाग्य-विधाता*।
*होगा जागरूक मतदाता*।।
*वोट की कीमत कभी न लेंगे*। *लेकिन वोट ज़रूर देंगे*।।
*निर्भय होकर मतदान करेंगे*।
*देश का हम सम्मान करेंगे*।।
*बड़े हो या जवान*।
*सभी करें मतदान*।।
*वोट हमारा है अधिकार*।
*करें नहीं इसको बेकार*।।
*जाएं, वोट डालने जाएं*।
*अपना वोट काम में लाएं*।।
*हम मतदाता जिम्मेदार*।
*डालें वोट सभी नर-नार*।।
*ये है सबकी ज़िम्मेदारी*।
*डालें वोट सभी नर-नारी*।।
*जब भी वोट डालने जांए*। *पहचान पत्र साथ ले जांए*।।
*छोड़ के अपने सारे काम*।
*पहले चलो करे मतदान*।।
*लोकतंत्र का यह आधार*।
*वोट न कोई हो बेकार*।।
*न नशे से, न नोट से*।
*किस्मत बदलेगी वोट से*।।
*समय वोट के लिए निकालें*। *जिम्मेदारी कभी ना टाले*।।
*घर-घर साक्षरता ले जाएंगे*। *मतदाता जागरूक बनाएंगे*।।
*सबकी सुनें, सभी को जानें*। *निर्णय अपने मन का मानें*।।
*वोट डालने जाना है*।
*अपना फर्ज़ निभाना है*।।
06/11/2022
*30/10/2022 को मेरे वार्ड में*…
*मेरा वार्ड , मेरा परिवार*....
*सूर्य उपासना महापर्व की संध्या पर.. छठ माता के साथ साथ सम्पूर्ण व्रती और ग्रामीण जनता का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अपने करीबियों के साथ*
अबकी बारी....
पर्षद की बारी....
सहयोग और समर्थन की अभिलाषा 🤝🤝🙏
25/09/2022
22 सितम्बर को रात के 2 बज रहे थे..... देश की कई locations पर अचानक ही पुलिस, NIA और ED की teams इकठ्ठा होनी शुरू हो गयी थी..... उन्हें पता था कहाँ action लेना है.... उन्हें इंतज़ार था अंतिम आदेश का.
वहीं दिल्ली मे एक Command Center मे इस समय माहौल बड़ा ही गंभीर था... गृह मंत्रालय, पुलिस, Intelligence एजेंसीज, NIA और ED के ढेरों वरिष्ठ अफसर बैठे थे और लगातार phone आदि पर निर्देश आदि दिए जा रहे थे.... पूरे देश मे 6 control room मे भी माहौल तनावपूर्ण था.
3:30 बजते हैं... और दिल्ली के Command Center से एक आदेश आता है.. Go Ahead... और इसी के साथ 93 locations पर एकाएक हलचल होती है.. और शुरू हो जाता है Operation Midnight.
********* ********* ********
29 अगस्त को गृह मंत्रालय में काफी चहल पहल थी....गृह मंत्री अमित शाह ने एक urgent मीटिंग बुलाई थी... एक दिन पहले ही रात को वो गांधीनगर से लौटे थे... वहाँ उन्होंने NFSU (नेशनल Forensic science यूनिवर्सिटी) के पहले convocation मे भाग लिया था.
Meeting मे NIA, ED, IB और RAW के Chief मौजूद थे... इनके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण अधिकारी भी उपस्थित थे.
अमित शाह अपने सचिव भल्ला जी को कुछ इशारो मे कहते हैं, और भल्ला जी उन्हें कुछ फाइल्स दे देते हैं.... उन पर सरसरी नजर डाल कर अमित शाह बोलते हैं कि यह सब ठीक लग रहा है... अब मुझे आगे की कार्यवाही का roadmap बना कर दीजिये.... और मुझे यह सब 20 दिन मे चाहिए... उसमे actionable items भी दीजियेगा.
इसके बाद meeting ख़त्म हो जाती है.. और अगली meeting schedule होती है 19 सितम्बर के लिए.
इस meeting के ठीक 5 दिन बाद कोची मे प्रधानमंत्री मोदी 'INS विक्रांत' को देश को समर्पित करते हैं.....और program के कुछ ही घंटों बाद NSA अजीत ढोभाल केरल के राजभवन मे एक meeting करते हैं... जिसमें केरल पुलिस के DGP, अन्य कई बड़े अफसर और कुछ महत्वपूर्ण IAS अफसर भी थे... उस meeting मे क्या हुआ होगा... यह कुछ हफ्तों बाद दिखाई देने वाला था.
19 सितम्बर को एक बार फिर गृह मंत्रालय मे हलचल थी.... सभी डिपार्टमेंट तो थे ही, साथ मे NSA भी call पर थे... भल्ला साहब कुछ जरूरी कागजात अमित शाह को दिखाते हैं... और उनका In-principle approval ले लिया जाता है.
Orders दे दिए जाते हैं, गृह मंत्रालय मे एक Command center बनाया जाता यही...वहीं 6 बड़े शहरों मे control room बनाये जाते हैं , हर department को अपनी अपनी teams बनाने को कह दिया जाता है..... इस operation मे 250 के लगभग NIA, ED, और IB के लोग भाग लेने वाले थे.... वहीं कई हजार CAPF और स्थानीय पुलिस के जवान भी थे... पुलिस के साथ तालमेल बैठाने के लिए 4 IG, एक ADG, और 16 SP का अलग से दल बनाया गया था....गृह मंत्रालय से सख्त आदेश थे, इस पूरे operation को गुप्त रखने के.
******* ****** *******
22 सितम्बर 3:30 बजे... Go ahead मिलने के बाद धड़ाधड़ सभी ठिकानो पर teams घुसती हैं... PFI के नेता और अन्य मेंबर उस समय गहरी नींद मे सो रहे थे....आँखे खुलते ही सामने NIA, ED और CAPF के लोगों को देख उनके चेहरे पीले पड़ जाते हैं.
जहाँ Teams छापे मार रही थी.. वहीं पुलिस और CAPF बाहर तैनात थी... आस पास के इलाकों को sanitize किया जा चुका था.... Drones उड़ रहे थे और किसी भी तरह के unnatural movement की ख़बर सीधे command center को भेजनें का आदेश था... लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं... सुबह का समय कहिये या अच्छी planning.... किसी भी छापे के दौरान अप्रिय स्थिति नहीं बनी.
PFI के गुर्गो के पास से ढेरों Digital evidences, Gadgets, डायरी, और अन्य आपत्तिजनक documents मिले... सब जब्त किये गए.
4:30 तक यह कार्यवाही पूरी हो चुकी थी... PFI का सम्पूर्ण नेतृत्व अब गिरफ्तार हों चुका था.... अब उन्हें दिल्ली भेजने की तैयारी शुरू हो चुकी थी.... देशभर मे ढेरों हवाई जहाज, हेलीकाप्टर और convoy तैयार थी... इन आतंकियों को इनके ठिकाने पर ले जाने के लिए.
सबसे कमाल की बात थी कि इतने सारे राज्यों मे यह operation चला.. जिनमे से कई राज्यों की सरकारों के केंद्र से रिश्ते अच्छे नहीं... कई मे तो खुल कर PFI operate करता है... जनसमर्थन भी उनके साथ था... फिर भी यह operation secret रहा... इसका श्रेय तो बनता है.
वहीं राजनीतिक पार्टियां भी अवाक थी.. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इन कार्यवाही का विरोध कैसे करें... और क्या कह कर करें.
वहीं PFI के आतंकी हैरान थे... कि उन्हें इस तरह पकड़ कर ले जाया जा रहा है... और कहीं कोई विरोध नहीं हुआ... कोई मजहबी हल्ला नहीं मचा....लोगों ने पुलिस आदि पर पथराव नहीं किया... कोई मौलाना आदि सामने नहीं आया..... PFI के कैडर के हौसले बुलंद हुआ करते थे... उन्हें लगता था कि वो कुछ भी कर लें... लेकिन उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता था... लेकिन यह धारणा बुरी तरह से टूट गयी थी.
****** ******* *********
अब कुछ सवाल और facts
- PFI को Ban क्यो नहीं किया??
Ban करना कोई permanent हल नहीं होता... क्यूंकि आप Ban करेंगे, वो किसी नये नाम से आ जाएंगे.
PFI ने भी समाज सेवा और राजनीति के नाम पर कई संस्थाएं बना रखी हैं... जो मुखौटे का काम करती हैं..... जैसे Social Democratic Party of India, Campus Front of India, National Women's Front, All India Imam Council, All India Legal Council, HRDF, Social Democratic Trade Union, Rehab India Foundation.
आप PFI ban करेंगे, ये दूसरी संस्थाओं से काम चलाएंगे.... ऐसे मे इलाज क्या है??
इलाज है इनकी समूची लीडरशिप को अंदर करना, और ऐसा इंतजाम करना कि इन्हे मुस्लिम समाज और राजनीतिक पार्टियों का समर्थन ना मिले.
- क्या आप जानते हैं PFI की समूची लीडरशिप 'अशराफ' है... और आतंकी घटनाओं को करने वाले, उसमे मरने वाले, सड़क पर हल्ला करने वाले अधिकांश पसमंदा हैं???
आगे का आप स्वयं समझ लीजिये.
- अजीत डोभाल साहब को कुछ पॉपकॉर्न फर्जी जेम्स बांड कहते हैं.... लेकिन वो इंसान जानता है उसे क्या करना है, कब करना है और क्यों करना है.
30 जुलाई को अजित ढोभाल ने एक Interfaith Peace meeting मे भाग लिया था... उसके बाद पॉपकॉर्न और कट्टर छाप लोग उन पर बड़े भड़के थे... कुछ तो उन्हें मौलाना घोषित कर दिए थे.
लेकिन उस meeting मे एक resolution पास किया गया था... कितनो को पता है कि उसमे क्या लिखा था?? शायद किसी ने ना पढ़ा ना समझा..... Search कीजिए और पढ़िए.... आपको PFI के ऊपर की गयी कार्यवाही और उसके बाद की चुप्पी समझ आ जाएगी.
अंत मे यही कहूँगा, कि यह बड़ा ही सफल operation रहा है... कुछ लोगों को संशय है कि इन आतंकियों को छोड़ दिया जायेगा..... ऐसा नहीं होने वाला.
NIA ने 3-4 साल इस काम पर होमवर्क किया है... सबूत इकट्ठे किये हैं... वहीं ED के पास सारे financial transactions हैं.... NIA का conviction rate 93% है.... इन लोगों का छूटना बहुत मुश्किल है... और बिना लीडरशिप और पैसे के PFI क्या काम करेगा??
आप इसे मास्टरस्ट्रोक माने या नहीं.. यह आपकी मर्जी.... लेकिन आतंकियों के network पर इस तरह से पूरी planning और secrecy से कार्यवाही करना, और देश मे कोई दंगा फसाद न होने देना एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जायेगी.
वो भी ऐसे समय मे.. जब दुनिया भर मे सरकारें ऐसे तत्वों के सामने surrender कर रही हैं.... हमने देखा है इंग्लैंड, अमेरिका और यूरोप के देश कैसे इन तत्वों के सामने नतमस्तक कर रहे हैं.
ऐसे मे यह आप पर छोड़ता हूँ... आप इसका श्रेय सरकार को दें.. इसका मजाक बनाएं... इसकी बुराई करें... क्योंकि वो आपका अधिकार है.. लोकतंत्र है भाई लोग 😂
साभार