Anglo Sanskrit School Alumni Association

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We are the group of previous n present students from 150 years old ASVJ school, Darya Ganj, New Delhi

21/12/2025

*सागो का सरदार है बथुवा*
*सबसे अच्छा आहार है बथुवा*

बथुवा अंग्रेजी में Lamb's Quarters, वैज्ञानिक नाम Chenopodium album.

साग और रायता बना कर बथुवा अनादि काल से खाया जाता रहा है लेकिन क्या आपको पता है कि विश्व की सबसे पुरानी महल बनाने की पुस्तक शिल्प शास्त्र में लिखा है कि *हमारे बुजुर्ग अपने घरों को हरा रंग करने के लिए प्लस्तर में बथुवा मिलाते थे* और हमारी बुढ़ियां *सिर से ढेरे व फांस (डैंड्रफ) साफ करने के लिए बथुवै के पानी से बाल धोया करती।* बथुवा गुणों की खान है और *भारत में ऐसी ऐसी जड़ी बूटियां हैं तभी तो मेरा भारत महान है।*

बथुवै में क्या क्या है?? मतलब कौन कौन से विटामिन और मिनरल्स??

तो सुने, बथुवे में क्या नहीं है?? *बथुवा विटामिन B1, B2, B3, B5, B6, B9 और विटामिन C से भरपूर है तथा बथुवे में कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, मैगनीज, फास्फोरस, पोटाशियम, सोडियम व जिंक आदि मिनरल्स हैं। 100 ग्राम कच्चे बथुवे यानि पत्तों में 7.3 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 4.2 ग्राम प्रोटीन व 4 ग्राम पोषक रेशे होते हैं। कुल मिलाकर 43 Kcal होती है।*

जब बथुवा शीत (मट्ठा, लस्सी) या दही में मिला दिया जाता है तो *यह किसी भी मांसाहार से ज्यादा प्रोटीन वाला व किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ से ज्यादा सुपाच्य व पौष्टिक आहार बन जाता है* और साथ में बाजरे या मक्का की रोटी, मक्खन व गुड़ की डळी हो तो इस खाने के लिए देवता भी तरसते हैं।

जब हम बीमार होते हैं तो आजकल डॉक्टर सबसे पहले विटामिन की गोली ही खाने की सलाह देते हैं ना??? गर्भवती महिला को खासतौर पर विटामिन बी, सी व लोहे की गोली बताई जाती है और बथुवे में वो सबकुछ है ही, कहने का मतलब है कि *बथुवा पहलवानो से लेकर गर्भवती महिलाओं तक, बच्चों से लेकर बूढों तक, सबके लिए अमृत समान है।*

यह साग प्रतिदिन खाने से गुर्दों में पथरी नहीं होती। बथुआ आमाशय को बलवान बनाता है, गर्मी से बढ़े हुए यकृत को ठीक करता है। बथुए के साग का सही मात्रा में सेवन किया जाए तो निरोग रहने के लिए सबसे उत्तम औषधि है। बथुए का सेवन कम से कम मसाले डालकर करें। नमक न मिलाएँ तो अच्छा है, यदि स्वाद के लिए मिलाना पड़े तो काला नमक मिलाएँ और देशी गाय के घी से छौंक लगाएँ। बथुए का उबाला हुआ पानी अच्छा लगता है तथा दही में बनाया हुआ रायता स्वादिष्ट होता है। किसी भी तरह बथुआ नित्य सेवन करें। *बथुवै में जिंक होता है जो कि शुक्राणुवर्धक है 🙊

बथुवा कब्ज दूर करता है और अगर *पेट साफ रहेगा तो कोइ भी बीमारी शरीर में लगेगी ही नहीं, ताकत और स्फूर्ति बनी रहेगी।*

कहने का मतलब है कि जब तक इस मौसम में बथुए का साग मिलता रहे, नित्य इसकी सब्जी खाएँ। बथुए का रस, उबाला हुआ पानी पीएँ और तो और *यह खराब लीवर को भी ठीक कर देता है।*

*पथरी हो तो एक गिलास कच्चे बथुए के रस में शकर मिलाकर नित्य पिएँ तो पथरी टूटकर बाहर निकल आएगी।*

। आँखों में सूजन, लाली हो तो प्रतिदिन बथुए की सब्जी खाएँ।

पेशाब के रोगी बथुआ आधा किलो, पानी तीन गिलास, दोनों को उबालें और फिर पानी छान लें । बथुए को निचोड़कर पानी निकालकर यह भी छाने हुए पानी में मिला लें। स्वाद के लिए नींबू जीरा, जरा सी काली मिर्च और काला नमक लें और पी जाएँ।

*आप ने अपने दादा दादी से ये कहते जरूर सुना होगा कि हमने तो सारी उम्र अंग्रेजी दवा की एक गोली भी नहीं ली। उनके स्वास्थ्य व ताकत का राज यही बथुवा ही है।*

मकान को रंगने से लेकर खाने व दवाई तक बथुवा काम आता है और हाँ सिर के बाल ...... क्या करेंगे शम्पू इसके आगे।

लेकिन अफसोस , *हम किसान ये बातें भूलते जा रहे हैं और इस दिव्य पौधे को नष्ट करने के लिए अपने अपने खेतों में जहर डालते हैं।*

*तथाकथित कृषि वैज्ञानिकों (अंग्रेज व काळे अंग्रेज) ने बथुवै को भी कोंधरा, चौळाई, सांठी, भाँखड़ी आदि सैकड़ों आयुर्वेदिक औषधियों को खरपतवार की श्रेणी में डाल दिया और हम भारतीय चूं भी ना कर पाये।
Body mind soul connect
Vishnu Dutt
9873356271

Photos from Anglo Sanskrit School Alumni Association's post 15/12/2025

Glimpse of sunset in fields . What a view AQI is even less than 50 !

13/12/2025
13/12/2025

I got over 10 reactions on one of my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

09/04/2025

*ए एस वी जे स्कूल*

19वीं सदी में दिल्ली पर मुगल वंश का शासन रहा और 1857 में हुई क्रांति को आज़ादी का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम माना गया और जिसके चलते दिल्ली शहर के अधिकांश भवनों पर उसका प्रभाव पड़ा और जनजीवन अस्त-व्यस्त सा हो चला।
उस काल की दिल्ली में आम जन द्वारा शिक्षा के महत्व को प्रायः अंगीकार नहीं किया जाता रहा।
दिल्ली शहर के नागरिकों के बीच शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी अभाव रहा।
ऐसी विचित्र पीड़ादायक सामाजिक स्थिति में दूरदर्शी, जन-हितैषी एवं मानवतावादी प्रबुद्ध जन के एक प्रतिष्ठित छोटे से समूह ने दिल्ली की चारदीवारी में किशोर छात्रों के लिए एक विद्यालय खोलने का प्रण लिया।
लाला रोम्मीमल, रायसाहब लाला चुन्नामल, लाला रामकृष्ण दास, रायबहादुर लाला अम्बा प्रसाद, रायसाहब लाला ईश्वरी प्रसाद, रायबहादुर लाला श्यो प्रसाद, रायबहादुर धर्म सुधाकर और लाला वज़ीर सिंह, पुरानी दिल्ली के निवासी इन आठ संभ्रांत-जन ने संस्था का नाम "एंग्लो संस्कृत विद्यालय" रखा।
भारतीय संस्कृति के साथ-साथ समय की आवश्यकता, आंग्ल भाषा और तदनुसार उनके समन्वय के उद्देश्य को रखकर दिल्ली शहर में अपनी तरह के पहले स्कूल का शुभारंभ बसंत पंचमी के पावस दिवस, फरवरी 1869 में रायसाहब लाला चुन्नामल की चांदनी चौक के निकट कटरा नील में बनी हवेली में 3 अध्यापक और 62 छात्रों के साथ किया गया, जिसके हेड मास्टर, लाला रामजस राय बने।
सौ वर्षों से अधिक के समय में विद्यालय ने अपनी पहचान दिल्ली शहर में एक प्रतिष्ठित विद्यालय के रूप में अंकित की, जिस के कुछेक छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गुणवत्ता का प्रदर्शन करके युगीन शिक्षा-मंदिर के गौरव को स्वर्णिम अक्षरों में स्थापित किया।

*ए एस वी जे स्कूल के चंद पूर्व दिग्गज छात्र-*

दिल्ली शहर में कन्याओं की शिक्षा के लिए स्थापित पहले स्कूल, इंद्रप्रस्थ हिन्दू गर्ल्स स्कूल और इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमन के प्रणेता, जुगल किशोर

कॉमर्शियल स्कूल, दरियागंज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स और लेडी श्रीराम कॉलेज के संस्थापक, श्रीराम

कार्ड पंचिंग सिस्टम तकनीक का शुभारंभ करने वाले और 2011 की जनगणना में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यवसायी, दीपक चिरिमार

हिन्दी सिने-जगत के प्रसिद्ध गायक, मुकेश

भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख सदस्य रहे, अनिल जैन

पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा जनक वैज्ञानिक, डॉ. अब्दुल क़ादिर

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के निदेशक, डॉ. पी. के. दवे

वरिष्ठ हृदय- रोग विशेषज्ञ, पद्मश्री के. के. अग्रवाल

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रहे, डॉ. सी. के. खन्ना

प्रतिष्ठित प्रकाशन समूह, एस चांद एंड कंपनी के स्वामी, सुल्तान चंद

वरिष्ठ हिन्दी कवि, विष्णु प्रभाकर

दिल्ली सरकार में विधानसभा अध्यक्ष के पद पर आसीन रहे, चौधरी प्रेम सिंह

प्रसिद्ध शिक्षण संस्था, रामजस फाउंडेशन के सचिव, आत्मप्रकाश अग्रवाल

वरिष्ठ जन-नायक एवं पूर्व सांसद, जय प्रकाश अग्रवाल

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री रहे, डॉ. अशोक कुमार वालिया

दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं पूर्व सांसद रहे, डॉ. हर्षवर्धन

एन सी आर अंचल के प्रतिष्ठित अस्पताल समूह, कैलाश के संस्थापक सांसद, डॉ. महेश शर्मा@

06/04/2024

Dear Members,
Exciting news! We're thrilled to announce that a significant number of our esteemed members have joined us on this journey. In our ongoing commitment to foster community engagement, we're delighted to invite you to an upcoming online talk show scheduled for April 6th, 2024 (Saturday).
Event Details:
Date: April 6th, 2024 (Saturday)
Time: 6:00 PM to 7:00 PM
Join us via the following link: [https://meet.google.com/jvs-qhsm-syd] (Note: The link remains unchanged and will also be shared in our WhatsApp group for easy access.)
We encourage all members to attend and benefit from our stress management program of day to day activities. This Saturday, we have the privilege of hosting Mr.Vishnu Dutt, one of our most respected and senior members, who will share insights on:
"How to keep fit and energetic in day-to-day life"
Don't miss out on this invaluable opportunity to enhance your well-being. We look forward to your active participation!
Warm regards,

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