17/05/2026
प्रिय मित्र एवं दिल्ली यूनिवर्सिटी के आदरणीय धीरज कुमार जी द्वारा भेंट की गई पुस्तक “Demography, Representation, Delimitation: The North-South Divide in India” (लेखक: Avi K. Mishra) का अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हुआ।
धीरज जी ने यह पुस्तक देते हुए कहा कि चूँकि मैं निरंतर विद्यार्थियों के बीच रहकर शोध, समसामयिक विषयों पर विमर्श तथा UPSC एवं सिविल सेवा अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करता हूँ, इसलिए यह पुस्तक मेरे लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। उनके इस स्नेहपूर्ण उपहार के लिए मैं उनका हृदय से आभारी हूँ।
पुस्तक का अध्ययन करने पर यह स्पष्ट हुआ कि यह कृति भारत के संवैधानिक और राजनीतिक विमर्श के एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय—जनसंख्या, प्रतिनिधित्व और परिसीमन को गहराई से प्रस्तुत करती है। विशेष रूप से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच उभरते राजनीतिक संतुलन के प्रश्न को जिस संतुलित और तथ्यपरक दृष्टिकोण से रखा गया है, वह विचारोत्तेजक है।
दक्षिण भारत के वे राज्य, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है, भविष्य में संसदीय प्रतिनिधित्व में कमी की आशंका का सामना कर सकते हैं, जबकि उत्तर भारत के अधिक जनसंख्या वाले राज्यों के लिए सीटों में वृद्धि की संभावना है। यह स्थिति भारतीय संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक संतुलन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
लेखक ने आँकड़ों, संवैधानिक प्रावधानों और ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से इस जटिल विषय को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है।
यह पुस्तक न केवल शोधार्थियों और नीति-निर्माताओं के लिए, बल्कि UPSC एवं सिविल सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।
एक महत्वपूर्ण और समकालीन विषय पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत करने के लिए लेखक को साधुवाद तथा इस पुस्तक को स्नेहपूर्वक भेंट करने के लिए धीरज कुमार जी का पुनः धन्यवाद।
13/05/2026
नेह नीड़ में आयोजित दिव्यांग सहायता शिविर में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ।
इस पुनीत अवसर पर सशक्त भारत मंच की ओर से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे अनेक प्रबुद्ध एवं सम्माननीय व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में —
श्री सीताराम शर्मा जी (वरिष्ठ जेल अधीक्षक, गाजियाबाद),
श्री वासुदेव शर्मा जी (वरिष्ठ स्वयंसेवक)
नवोउज्ज्वल फाउंडेशन के संस्थापक,
श्री अमोल जी (प्रांत संयोजक, सक्षम),
ब्रजघाट स्थित ग्राम के आदरणीय प्रधान जी,
तथा श्री कन्हैयालाल जी भाईसाहब और दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री धीरज कुमार जी शामिल रहे।
समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में समर्पित ऐसे सभी व्यक्तित्वों को नमन एवं हार्दिक बधाई।
#सशक्त_भारत_मंच
07/05/2026
ऑपरेशन सिंदूर में हमारे वीर जवानों ने जिस अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
इस अभियान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि।
आपका बलिदान सदैव राष्ट्र की स्मृतियों में अमर रहेगा।
देश आपकी वीरता, समर्पण और त्याग को कभी नहीं भूलेगा।
आपकी शहादत हम सभी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
शत्-शत् नमन, वीर जवानों।
जय हिन्द 🇮🇳
06/05/2026
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के माननीय रजिस्ट्रार प्रोफेसर पवन शर्मा जी से शिष्टाचार भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आगामी कार्यक्रमों हेतु आपके सहयोग और सकारात्मक सहभागिता के लिए हृदय से आभार। आशा है कि आपके मार्गदर्शन में समाजहित एवं राष्ट्रहित के अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न होंगे।
#लालबहादुरशास्त्रीराष्ट्रीयसंस्कृतविश्वविद्यालय
#प्रोफेसरपवनशर्मा
#शिष्टाचारभेंट
#सशक्तभारतमंच
#आगामीकार्यक्रम
#नईदिल्ली
#शिक्षा
#संवाद
#राष्ट्रनिर्माण
05/05/2026
श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दर्शन विभाग के डीन प्रोफेसर अनेकांत जैन जी से शिष्टाचार भेंट हुई।
भेंट के दौरान उन्होंने कुतुब मीनार पर अपने शोध कार्य पर आधारित पुस्तक मुझे भेंट स्वरूप प्रदान की, जिसमें अत्यंत गहराई से अध्ययन किया गया है।
वास्तव में उनका यह शोध कार्य अतुलनीय और अत्यंत प्रशंसनीय है। इस उत्कृष्ट कृति को भेंट करने के लिए हृदय से धन्यवाद। #संविधान #शिक्षा #इतिहास #भारतीय_संस्कृति
04/05/2026
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस
मैं लगभग दो हज़ार से अधिक टीवी डिबेट्स में भाग ले चुका हूँ। इस दौरान अनेक पत्रकारों और टीवी एंकरों से मिलने का अवसर मिला—जिनमें कई अत्यंत प्रभावशाली और उत्कृष्ट व्यक्तित्व है।
उन्हीं में से एक हैं प्रतीक त्रिवेदी जी, जो “भैया जी कहिन” शो के माध्यम से विशेष पहचान रखते हैं। आप वास्तव में जनता के बीच जाकर, ग्राउंड ज़ीरो पर खड़े होकर, आम लोगों के मुद्दों को बेबाकी और साहस के साथ उठाते हैं। आपकी पत्रकारिता न केवल सार्थक है, बल्कि अत्यंत जीवंत और रोमांचक भी है, जिससे जनता का गहरा जुड़ाव दिखाई देता है।
चाहे सर्दी हो, गर्मी हो या बरसात—आपका कार्य कभी नहीं रुकता। मैंने आपको कई बार कड़ी धूप में, पसीने से तर-बतर होते हुए भी, पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपना दायित्व निभाते हुए देखा है।
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सशक्त भारत मंच की ओर से प्रतीक त्रिवेदी भाई को जनता के बीच जाकर सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
बस यही कहना चाहूँगा—प्रतीक त्रिवेदी भाई, आप इसी प्रकार निडरता और निष्पक्षता के साथ जनता के मुद्दों को उठाते रहें और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को और अधिक सशक्त बनाते रहें।
इस दिवस को हम देवर्षि नारद जयंती के रूप में भी स्मरण करते हैं।
02/05/2026
Yesterday, on the invitation of my old friend Shri Satish Chandra Ji, I had the opportunity to visit his newly established UPSC and BPSC institute, “The Brilliant Bihar.” I extended my heartfelt best wishes to him for this new initiative.
I have known Satish Chandra Ji for a long time. He is a very humble and courteous person. The energy and coordination with which he is working on this project are truly inspiring.
I pray to God that his efforts achieve great success and continue to grow steadily. You have established two branches—one in Delhi and the other in Patna (Bihar)—and I sincerely wish that both centers reach new heights of success.
02/05/2026
कल श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी delhi के कुलपति आदरणीय प्रोफेसर श्री मुरलीमनोहर पाठक जी से भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
पहली ही भेंट में ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि यह हमारी पहली भेंट है।
एक कार्यक्रम के संदर्भ में मैं वहाँ गया था, और कुलपति महोदय ने उस पर तुरंत सहमति भी प्रदान की।
भेंट का यह अनुभव एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि कोई भी व्यक्ति केवल पद पर आसीन होने से महान नहीं बनता, बल्कि उसका व्यवहार ही उसकी वास्तविक महानता को परिभाषित करता है।
हम बचपन से पढ़ते आए हैं—“व्यक्ति जितना महान होता है, वह उतना ही सरल और सहज होता है।” यह सरलता और सहजता मैंने कुलपति महोदय से मिलकर प्रत्यक्ष रूप से अनुभव की।
उनसे मिलकर ऐसा लगा ही नहीं कि मैं किसी कुलपति से मिल रहा हूँ, बल्कि ऐसा प्रतीत हुआ जैसे अपने ही परिवार के किसी बड़े सदस्य से भेंट कर रहा हूँ।
संस्कृत के प्रति मेरा जुड़ाव बचपन से रहा है—दादाजी, पिताजी, माता जी और छोटे भाई के मुख से श्लोक, कथाएँ और संस्कृत की मधुरता सुनते हुए यह रुचि विकसित हुई। जिस विद्यालय में मैंने शिक्षा प्राप्त की, वहाँ भी संस्कृत का विशेष स्थान रहा। वही अपनापन और आकर्षण इस विश्वविद्यालय में भी अनुभव हुआ।
एक श्लोक इस भेंट के बाद मेरे मस्तिष्क में आ रहा है -
परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः।
परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थमिदं शरीरम्॥
आदरणीय कुलपति जी का हृदय से आभार, जिन्होंने अपने स्नेह और आत्मीयता से इस भेंट को अविस्मरणीय बना दिया।
आशीर्वाद स्वरूप दैनंदिन डायरी और पंचाग भी प्राप्त हुआ।
02/05/2026
कल मेरी भेंट श्री लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली के आदरणीय श्री प्रो. मार्कंडेय नाथ तिवारी जी (छात्र कल्याण संकाय) से हुई। उनसे मिलकर यह अनुभव हुआ कि वे एक अत्यंत ऊर्जावान, कर्तव्यनिष्ठ और छात्र-केन्द्रित व्यक्तित्व के धनी हैं।
भेंट के दौरान दो छोटी-छोटी बातों ने मुझ पर गहरा प्रभाव छोड़ा। जब हम विश्वविद्यालय परिसर में भ्रमण कर रहे थे, विश्वविद्यालय परिसर में कुछ विद्यार्थी अपने कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। प्रारंभ में उनके लिए जो स्थान था, वहाँ पंखों आदि की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। तिवारी जी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उनके लिए बेहतर स्थान की व्यवस्था कराई, जहाँ सुविधाएँ उपलब्ध थीं। चाहते तो नजरंदाज कर आगे बढ़ जाते। यह उनके कर्तव्यबोध और संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
दूसरी बात, उन्होंने मुझसे आग्रह किया कि आप सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराते हैं उनके विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करूँ। यह दर्शाता है कि वे निरंतर अपने छात्रों के हित और उनके भविष्य के प्रति सजग रहते हैं।
इसके अतिरिक्त, जिस आत्मीयता और ऊर्जा के साथ उन्होंने मुझे पूरे परिसर का भ्रमण कराया, अन्य आचार्यों से परिचित कराया और आगामी कार्यक्रमों में सहयोग का आश्वासन दिया, वह अत्यंत प्रेरणादायी रहा।
निस्संदेह, वे एक युवा, ऊर्जावान और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व हैं। सही ही कहा गया है—“Age is just a number”—जिसका साक्षात अनुभव कल हुआ।
तिवारी जी, आपके समय, सहयोग और आत्मीयता के लिए हृदय से धन्यवाद।
#कर्तव्यनिष्ठ #शिक्षा #प्रेरणा #युवा_ऊर्जा #सशक्त_भारत #संविधान_जानो
29/04/2026
“माननीय मुख्य न्यायाधीश, Supreme Court of India को मैंने एक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी एवं उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया जी द्वारा न्यायपालिका के संबंध में उठाए गए प्रश्नों के संदर्भ में उचित एवं गंभीर संज्ञान लेने का निवेदन किया है।
यदि आप भी न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता के समर्थन में इस अपील से सहमत हैं, तो कृपया 2–3 पंक्तियों में अपना समर्थन मुझे मेल या व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करें।”
27/04/2026
हर स्वाभिमानी संघर्षशील व्यक्ति के जीवन से जुड़ी है —
अगर मौका मिला कभी,
तो कागज पर अपनी थकान लिखूंगा।
मजबूत कंधों के पीछे छिपा,
वो छोटा इंसान लिखूंगा।
वो जो हर मुश्किल में मुस्कुरा कर कहता है, “सब ठीक है”
उस एक झूठ के पीछे दबे, हजारों बेबस तूफान लिखूंगा।
नहीं लिखूंगा मैं सिर्फ अपनी जीत के चर्चे,
हर बार हार कर भी जो मुस्कुराया,
वह लहूलुहान स्वाभिमान लिखूंगा।
लिखूंगा वो रातें, तकिया जब गवाह था मेरी सिसकियों का,
पर सुबह उठकर फिर से खड़ा हुआ,
चट्टान सा वह इंसान लिखूंगा।
लिख पाया अगर कभी,
तो मैं खुद को लिखूंगा।
अपने रूह के हर जख्म को,
अपना सम्मान लिखूंगा।।
#संघर्ष #स्वाभिमान #प्रेरणा #जीवनसत्य #आत्मसम्मान