18/09/2026
📖 योगसूत्र-परिशीलन
महर्षि पतञ्जलि कृत
✍️ प्रो. ज्ञानप्रकाश शास्त्री
🕉️ योग को केवल आसन नहीं, जीवन-दर्शन के रूप में समझिए।
महर्षि पतञ्जलि के योगदर्शन को समझने के लिए प्रस्तुत ‘योगसूत्र-परिशीलन’ एक उपयोगी अध्ययन-ग्रंथ है। इसमें योगसूत्रों के दार्शनिक एवं साधनात्मक पक्ष को समझने का अवसर मिलता है।
योग केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं है। पतञ्जलि का योग चित्त की वृत्तियों के निरोध, आत्मानुशासन, मानसिक एकाग्रता और जीवन के उच्च उद्देश्य की ओर मार्गदर्शन करता है।
📚 यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी है—
🔹 योगदर्शन के विद्यार्थियों के लिए
🔹 संस्कृत एवं भारतीय दर्शन के अध्येताओं के लिए
🔹 शोधार्थियों एवं अध्यापकों के लिए
🔹 योगसूत्र को गहराई से समझने के इच्छुक जिज्ञासुओं के लिए
🌿 योग को जानिए।
🕉️ पतञ्जलि के दर्शन को समझिए।
📖 भारतीय ज्ञान-परम्परा से जुड़िए।
वेद ऋषि
वैदिक एवं भारतीय साहित्य का विश्वसनीय केंद्र
📞 पुस्तक की जानकारी एवं ऑर्डर: 9818704609
#योगसूत्र #योगदर्शन #महर्षिपतञ्जलि #योगसूत्रपरिशीलन #भारतीयदर्शन #संस्कृतसाहित्य #वैदिकसाहित्य #भारतीयज्ञानपरम्परा #वेदऋषि