02/06/2026
हिंदुस्तान के हौसलों की दास्तान - CRA का नया न्यूज़लेटर
एक नए संकल्प और ताज़ा दृष्टिकोण के साथ CRA का यह नया अंक आपके समक्ष हाज़िर है। सुर्ख़ियों के शोर और चकाचौंध से परे, ज़िंदगी का एक ऐसा कोना भी है जहाँ वक़्त बहुत सादगी से करवट लेता है। हम अक्सर जिन रास्तों को अनदेखा कर गुज़र जाते हैं, वहीं असल बदलाव की सबसे खूबसूरत इबारत लिखी जा रही होती है। हमारा यह ताज़ा कोना उन खामोश हाथों के सम्मान में है, जो बिना कोई शोर किए, इस समाज की तक़दीर में बदलाव के नए रंग भर रहे हैं।
यह संस्करण उन ज़िद्दी हौसलों का है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने के बजाय, उन्हें ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।
शब्दों का यह नया ताना-बाना सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए है। आईये और इस नए अध्याय को हमारे साथ जिएं, क्योंकि हर अनसुनी कहानी में समाज को बदलने का एक नया रास्ता छिपा होता है।
26/05/2026
डॉ. आर. श्रीधर — जिन्होंने रेडियो को केवल तरंगों तक नहीं, बल्कि दिलों तक पहुँचाया।
राष्ट्रपति महोदया के करकमलों से पद्मश्री 2026 से सम्मानित होने का यह गौरवपूर्ण क्षण केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन करोड़ों आवाज़ों की जीत है जिन्हें वर्षों तक सुनने वाला कोई मंच नहीं मिला था।
5 दशकों से अधिक के अपने अद्भुत अनुभव, समर्पण और दूरदर्शी सोच के साथ डॉ. आर. श्रीधर ने भारत में संचार की दुनिया को एक नई दिशा दी। उन्हें यूँ ही “भारत में कम्युनिटी रेडियो के जनक” नहीं कहा जाता। वर्ष 2004 में उन्होंने भारत के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन की कल्पना की, उसका डिज़ाइन तैयार किया और उसे स्थापित कर यह सिद्ध कर दिया कि रेडियो केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन की एक सशक्त आवाज़ भी बन सकता है। उनकी अथक मेहनत, जनसेवा की भावना और ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के संकल्प ने देशभर में 300 से अधिक कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन स्टेशनों ने गाँवों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और दूर-दराज़ के समुदायों को अपनी बात कहने, अपनी पहचान बनाने और अपने सपनों को उड़ान देने का मंच प्रदान किया।
डॉ. श्रीधर का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि जब उद्देश्य समाज की भलाई हो और इरादे मजबूत हों, तो एक व्यक्ति भी पूरे देश में परिवर्तन की लहर ला सकता है। उनका सफर समर्पण, नवाचार और सेवा की ऐसी मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। उनकी उपलब्धियाँ केवल पुरस्कारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन अनगिनत मुस्कानों, आत्मविश्वास भरी आवाज़ों और जागरूक समुदायों में जीवित हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी सोच और प्रयासों से नई पहचान दी।
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18/05/2026
आज की समझदारी, कल का आत्मनिर्भर भारत
बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से और हमारे छोटे-छोटे प्रयासों से होती है।
आइए, प्रधानमंत्री जी की इस सार्थक अपील को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
देश की आर्थिक मजबूती और पर्यावरण की रक्षा में अपना एक जिम्मेदार कदम बढ़ाएं!
17/05/2026
अनकही आवाज़ों का कारवाँ - CRA का नया न्यूज़लेटर
मुख्यधारा की हेडलाइंस से दूर, ज़िंदगी का एक और पहलू भी है— सादगी से भरा, संघर्ष से निखरा हुआ। CRA का यह नया संस्करण आपके सामने उन्हीं रूहानी क़िस्सों की पोटली खोल रहा है, जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। यह सिर्फ खबरों का संकलन नहीं है, यह उन रूहों की गूँज है जो चुपचाप इस दुनिया को और खूबसूरत बनाने में जुटी हैं। इस बार हम आपको मिला रहे हैं उन ज़मीनी फ़रिश्तों से, जिनकी आवाज़ में पहाड़ों सा ठहराव है और इरादों में दरिया सी रवानी। चाहे वो गाँव की किसी पगडंडी का अकेला राही हो या शहर की भीड़ में अपनी पहचान गढ़ता कोई किरदार, यहाँ हर एक की धड़कन को लफ़्ज़ों में पिरोया गया है।
आइए, शब्दों के इस सफ़र में हमारे हमसफ़र बनिए, इसे सिर्फ अपनी आँखों से मत पढ़िएगा, बल्कि अपने दिल से महसूस कीजिएगा। क्योंकि जब तक हम इन आवाज़ों को अपनी ख़ामोशी नहीं देंगे, तब तक समाज में मुकम्मल बदलाव की गूँज कैसे सुनाई देगी?
02/05/2026
अनकहे अल्फाज़, अनसुने नायक – CRA का नया न्यूज़लेटर
खबरें तो सब पढ़ते हैं, पर क्या आप उन आवाजों को 'सुन' पा रहे हैं जो समाज की दिशा बदल रही हैं? CRA (Community Radio Association) का नया न्यूज़लेटर अब आपके बीच है— एक ऐसा मंच जहाँ हर कहानी एक क्रांति है। हमने उन आवाजों को सहेजा है जो मुख्यधारा की चकाचौंध से दूर, अपने दम पर नई इबारत लिख रही हैं। यह अंक आपको उन नायकों से मिलाएगा जो खामोशी से बदलाव की मशाल थामे खड़े हैं। गाँव की पगडंडी हो या शहर का छोटा सा कोना, यहाँ हर आवाज़ को मुकाम मिलता है।
पढ़िए, जुड़िए और इस संवाद का हिस्सा बनिए। क्योंकि जब तक हम सुनेंगे नहीं, तब तक बदलाव दिखेगा नहीं।
16/04/2026
आवाज़ें जो अनसुनी नहीं रहेंगी – सी.आर.ए. का नया संवाद पत्र
क्या आप उन कहानियों को जानना चाहते हैं जो सच में इस देश की धड़कन हैं? जहाँ हर आवाज़ के पीछे एक संघर्ष, एक बदलाव और एक उम्मीद छिपी है? Community Radio Association लेकर आया है अपना नया न्यूज़लेटर— एक ऐसा मंच, जहाँ जमीनी सच्चाइयाँ सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि महसूस की जाती हैं।
इस अंक में आपको मिलेंगी वो कहानियाँ— जो अक्सर खबरों की भीड़ में खो जाती हैं, लेकिन असल में वही हमारे समाज की असली तस्वीर बनाती हैं। गाँव की पगडंडियों से लेकर शहरों की रफ्तार तक, हर कोना, हर आवाज़… यहाँ अपनी बात खुद कहती है।
01/04/2026
हिंदुस्तान की आवाज़ों का नया दस्तावेज़ - सी. आर. ए. न्यूज़लैटर
देश की असली कहानियों, जमीनी हकीकत और बदलाव की पहल को करीब से जानना है?
तो Community Radio Association का नया न्यूज़लेटर आपके लिए ही है।
इस अंक में छुपी हैं वो आवाज़ें, जो अक्सर सुर्खियों से दूर रह जाती हैं—
गांवों की गलियों से लेकर शहरों की हलचल तक, हर कोने की कहानी यहाँ बोलती है।
31/03/2026
International Women’s Day Celebration by KLE Venudhwani 90.4 FM
KLE’s Venudhwani 90.4 FM Community Radio Centre organized an International Women’s Day celebration on Monday, 30th March 2026.
Speaking as the chief guest, Regional Commissioner of Belagavi Division, Smt. Janaki K. M., appreciated the efforts of KLE Venudhwani Radio Centre in identifying and showcasing women achievers from various fields through the “Stree Dhwani” program.
She stated, “Change is the rule of the world. But where we need to change is in ensuring that a woman’s voice is heard by men and responded to. Mutual respect and cooperation help in building an ideal and progressive society. When a man stands behind a woman and says ‘I am there for you,’ it gives her a unique sense of confidence and comfort. Such sensitivity should develop within us by observing achievers and through occasions like this—not only in men but also in women.”
She further emphasized that merely listening to motivational words is not enough; they must be implemented in life to achieve growth.
Dr. Sucheta Kurundkar, Research Director of KLE University, said that without any discrimination between men and women, women today are leading in all fields.
“In today’s fast-paced world, earning money alone is not enough for success. Balance, social responsibility, and human values are equally important. There is no age limit to learning something new. Therefore, the principle of ‘Learn, Earn and Return’ helps in balancing one’s life,” she added.
Presiding over the function, Registrar of KLE University, Dr. V. M. Pattanashhetti, said that women are the pillars of society. Education, financial independence, and self-confidence empower women.
He noted that women are progressing in every field by recognizing their own potential. Their achievements contribute to the progress of both family and society. It is not enough to simply understand good values; it is important to implement them in life.
He also highlighted that women play a vital role in everyone’s life—as mothers, sisters, and wives, they bring light to life. Along with managing household responsibilities, women today are excelling in multiple fields and reaching great heights despite societal challenges, especially in this era of modern technology.
On this occasion, Station Manager of Venudhwani Community Radio, Dr. Vireshkumar Nandagav, spoke about the journey of the radio centre and introduced the chief guests.
Women achievers from various fields were felicitated during the program, and participants shared their views.
Program Coordinator Manjunath Ballari, Program Executive Manisha P. S., and staff were present. The event was compered by Manjunath Pai and Smt. Anupama K.
21/03/2026
आवाज़ जो बदले समाज… वही है सलाम नमस्ते!
जब रेडियो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि जागरूकता का माध्यम बन जाए, जब हर आवाज़ समाज को जिम्मेदार बनाने की ताकत रखे, तभी जन्म लेती है एक पहचान — सलाम नमस्ते कम्युनिटी रेडियो
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर इस आवाज़ को मिला सम्मान — सामुदायिक जागरूकता और जनसंपर्क में उत्कृष्ट योगदान के लिए , यह सम्मान सिर्फ एक सर्टिफिकेट नहीं, यह उन अनगिनत प्रयासों की पहचान है, जो हर दिन, हर कार्यक्रम, हर शब्द के साथ हम समाज तक सच, जागरूकता और जिम्मेदारी पहुँचाने में लगाते हैं।
“सलाम नमस्ते” लगातार उपभोक्ता अधिकार, गुणवत्ता मानक और सुरक्षित उत्पादों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जन-जागरूकता फैलाने में जुटा है—ताकि हर नागरिक बने सजग और सशक्त उपभोक्ता। यह सम्मान बीआईएस गाजियाबाद शाखा के वैज्ञानिक-डी राजू शर्मा और मानक प्रोत्साहन अधिकारी आयुष राज द्वारा प्रदान किया गया। यह उपलब्धि केवल एक टीम की नहीं, बल्कि उस हर आवाज़ की है जो समाज में जागरूकता की गूंज बनती है। "सलाम नमस्ते"—जहां हर आवाज़ मायने रखती है, और हर संदेश बदलाव लाता है।