29/09/2023
सदिश राशियाँ क्या है?http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/09/blog-post_97.html
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29/09/2023
सदिश राशियाँ क्या है?http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/09/blog-post_97.html
29/09/2023
What are vector quantities?http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/09/what-are-vector-quantities.html
27/09/2023
अदिश राशियाँ क्या है?http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/09/blog-post_27.html
27/09/2023
what are scaler quantity ?http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/09/what-are-scaler-quantity.html
27/09/2023
भौतिक विज्ञान किसे कहते है और इसके कितने भाग है? http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/09/blog-post_25.html
27/09/2023
What is physics and how many parts does it have?http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/09/what-is-physics-and-how-many-parts-does.html
01/09/2023
कौन से राज्यो की गुफाओ मे चित्र मिले थे :-http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_96.html
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है. यह आदि-मानव द्वारा बनाये गए शैलचित्रों और शैलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है. इन चित्रों को पुरापाषाण काल से मध्यपाषाण काल के समय का माना जाता है. ये चित्र भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन के प्राचीनतम चिह्न
01/09/2023
मानव ने सबसे पहले रहने की जगह कौन सी निर्धारित की:-
http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_82.html
भीमबेटका कुरनूल की गुफाँए मे आखेटको के खाद्य संग्राहको के होने के प्रमाण मिले है | कई पुरास्थल नदियो और झीलो के किनारे भी पाए गए है |
31/08/2023
आरंभिक मानव के बारे में जानकारी कैसे मिलती है :-http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_31.htmlप्राचीन मानव ने पत्थर, लकड़ियां और पत्थरों के औज़ार बनाए हैं इन्ही औज़ारों का अध्ययन करके मानव के बारे में जानकारी मिलती है |
Krishan Deshwal
Date:-31-08-2023
31/08/2023
आरंभिक मानव वो आखिर इधर उधर क्यों घूमते थे:-http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_30.html:-आखेटक खाद्ये संग्रहाक समुदाय के लोग एक जगह से दूसरी जगह घुमते रहते थे |
:-अगर वे एक ही जगह पर ज्यादा दिन रहते तो आस-पास के
पौधे-फलो और जानवरो को खाके नष्ट कर देते थे इसलिए भोजन की तलाश मे इन्हे दूसरी जगह जाना पडता था |
:-जानवर अपने शिकार के लिए या हिरण और मवेशी अपना चारा ढूढने के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाया करते थे इसलिए इन जानवरो का शिकार करने वाले लोग भी इनके पीछे-पीछे जाया करते होंगे |
:- पेडो और पौधे मे फल फूल अलग-अलग मौसम मे आते है
इसलिए लोग उनकी तलाश मे मौसम के अनुसार अलग - अलग स्थान पर घूमते होगें |
:- पानी के बिना किसी भी प्राणी या पेड पैधो का जीवन संभव नही है पानी झीलो -झरंनो तथा नदियो मे ही मिलता था | सूखे मौसम मे झीलो तथा नदियो की तलाश मे लोग इधर -उधर निकलते थे |
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Krishan Deshwal
Date:-31-08-2023
Date:-10:18Am
29/08/2023
अध्याय 1- क्या, कब, कहां और कैसे? ) विषय :- सामाजिक विज्ञान
http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/1.html
1.पृथ्वी पर सबसे पहला कौन आया था? (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post.html)
पुराणों के अनुसार इस धरती का पहला मनुष्य मनु को माना जाता है जो धरती पर सबसे पहले आया था जिसे पूरी मनुष्य जाति का पिता कहा जाता है|
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http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_14.html
लोग नर्मदा नदी के तट पर कई लाख (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post.html) वर्ष पहले रह्ते थे यहां रहने वाले आरभिंक लोगो में से कुछ कुशल संग्रह थे और वे जानवरो का आखेट भी करते थे.
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http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_13.html
मानव का सबसे पहले विकास अफ़्रीका में हुआ, और अधिकांश मानव का विकास उसी महाद्वीप पर हुआ। 6 से 2 मिलियन वर्ष पहले रहने वाले मूल रूप से मूल रूप से अफ्रीका से आए थे। अधिकांश वैज्ञानिक वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा में लगभग 15 से 20 विभिन्न जनजातियों को पहचानते हैं|
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4.उत्तर पश्चिम में सुलेमान या किरथर की पहाड़ी (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_17.html)
उत्तर पश्चिम में सुलेमान (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_17.html) की पहाड़ी (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_17.html)
http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_17.htmlइस क्षेत्र में कुछ ऐसा स्थान जहां लगभग आठ हजार वर्ष पूर्व स्त्री पुरुष ने सबसे पहले गेंहू तथा जौ जैसी फसलो को उपजाना आरंभ किया और पशुओ को पालतु बनाना शूरू किया |
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5.उत्तर- पूर्व में गारो तथा मध्य भारत में विंध्य की पहाड़ी (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_90.html)
उत्तर- पूर्व में गारो
मध्य भारत में विंध्य की पहाड़ी (https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiWL7Ay53hAI5JFuoKdz-4XmIRcCpkbFY7ApxL0a53QBd-zTjPYw0MnCcikIZr7-EsFzorbdkXSJYYPNu1hwmXwFowpIT1YEzgogcXRmmmou5KvSySxW2jsqzb1gkI_R2lRLbYDYpKCi5v9RRGln_YUzUxVBFlguEZyyOpTbbMJTYzVVGwNsdfaJrOnncN4)
ये कुछ अन्य ऐसे छेत्र हे जहां कृषि का विकास हुआ जहां सबसे पहले चावल उपजाया गया वे स्थान विंध्य के उत्तर में स्थित है |
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6.सिन्धु तथा इसकी सहायक नदिया :- (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_20.html)
सहायक नदिया उन्हें कहते है 4700 वर्ष पहले इन्ही नदियो के किनारे कुछ आरंभिक नगर फले फुले | गंगा तथा इसकी सहायक नदियो के किनारे तथा समुन्दर तटवर्ती इलाको में नगरो का विकास 2500 वर्ष पूर्व हुआ |
_____________________________________________7.गंगा तथा इसकी सहायक नदिया सोन :- (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_21.html)
गंगा के दक्षिण में नदियो के आस पास के क्षेत्र को प्राचीन काल में " मगध " व्रतमान बिहार के नाम से जाने लगा |
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8.लोग यात्राए क्यू करते थे? (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_60.html) लोग पर्वत की उचाई छूकर, समुंदर को पार करके उपमहादीप के बहार से कुछ लोग आए या आकर बस गए, लोगो के इस आगमन ने हमारी संस्कृत परंपरा को स्मृद्ध किया , कई 100 वर्ष पहले या अभी लोग पत्थर को तरासने करने के लिए, संगीत रचने और यहां तक की भोजन बनाने के नए तरीको के बारे मे एक दूसरे से / के विचारो को अपनाते रहे |
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9.अतीत के बारे मे केैसे जाने :- (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_22.html)
:- अतीत में लिखी गई किताबों को ढूंढ़ना और पढ़ना है |
:-ये पुस्तके हाथ से लिखी होने के कारण पांडुलिपि कही जाती है |
:- अंग्रेजी में पांडुलिपि के लिए प्रयुक्त होने वाला "मेैनूस्क्रिप्ट" शब्द लेटिन शब्द " मेनू " जिसका अर्थ है- हाथ है |
:-ये पांडुलिपिया ताडप्त्रो अथवा हिमालय क्षेत्र में उगने वाले भुर्ज नामक पेड़ के छाल से विशेष तरीके से तैयार भोजपत्र पर लिखी जाती है|
:-इन पुस्तको में धार्मिक मान्यताओ व व्यवहारो राजाओ के जीवन ओैषधियो तथा विज्ञान आदि सभी प्रकार के विषयों की चर्चा मिलती है इसके अतिरिकत हमारे यहां महाकाव्य कविताए तथा नाटक भी है इनमे से कई संस्कृत में लिखे हुए मिलते है जबकि अन्य प्राकृत और तमिल मे है |
:-प्राकृतिक भाषा का प्रयोग तमिल लोग करते है |_____________________________________________
10.अभिलेख किसे कहते है (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_10.html):-
राजाओं तथा अन्य महत्त्वपूर्ण (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_90.html) लोगों के द्वारा अपने आदेशों को पत्थर व धातु जैसी कठोर सतह पर खुदवाये जाने वाले लेख अभिलेख होते है।
हम अभिलेखो का अध्ययन कर सकते है ऐसे लेख पत्थर अथवा धातु जेैसी अपेक्षाकृत कठोर स्तहो पर उत्कीरण किए गए मिलते है कभी-कभी शासक तथा अन्य लोग अपने आदेशो को इस तरह उत्कीरण करवाते थे ताकि लोग उन्हें देख सकें पढ सके तथा उनका पालन कर सके कुछ अन्य प्रकार के अभिलेख भी मिलते हैं जिनसे राजाओ तथा रानियो साहित अन्य स्त्री पुरुषो ने भी अपने कार्यों के विवरण उत्कीरण करवाए है
उदाहरण (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_22.html) :- शासक लडाईयो में अर्जित विजयो का लेखा जोखा रखा करते है
_____________________________________________ 11.इंडिया शब्द किससे निकला है :- (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_23.html)
इंडिया शब्द इण्डस से निकला है जिसको संस्कृत मे सिंधु कहा जाता है | (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_10.html)
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http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/who-are-called-iranians.html
ईरानी भारतीय उपमहाद्वीप में फैले एक नस्ली वर्ग को कहते हैं जो पिछले 1000 सालों में यहाँ आए हैं। अक्सर ईरानियों को पारसियों के समान समझने की भूल की जाती है। पारसी वो लोग हैं जो 1000 साल के पहले भारत में आए जबकि ईरानी वो लोग हैं जो उसके बाद आए। इन दोनों में इतनी समानता है कि वे ज़रथुष्ट्र के अनुयायी थे और इस्लाम की प्रताड़ना के बचने के लिए भारत आए। ईरानी लोग खासकर 1830 के बाद आए जब ईरान में क़जर राजवंश के समय गैर-मुसलमानों को सताया जाने लगा।
अधिकांश ईरानी, भारत में मुम्बई और पाकिस्तान में कराँची के आसपास रहते हैं।.....
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13.क्या पूरातत्वविदो को बहुदा कपड़ो के अवशेष मिलते होंगे या नही ? (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_24.html)
नही (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_24.html) पूरातत्वविदो को बहुदा कपड़ो के अवशेष नही मिलते (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_24.html)होगे |
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14.अतीत के बारे में जाने (अतीत एक या अनेक) (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_25.html)
•अतीत शब्द का प्रयोग बहुवचन के रूप में किया जाता है|
•अतीत शब्द के अलग अलग समुह के लिए अलग अलग मायने है|
•आज अंडमान द्वीप के लोग अपना भोजन मछली पकड़ कर, शिकार करके तथा फल-फुल के संग्रह द्वार प्राप्त करते थे|
•उस समय शासक अपनी जीत का लेखा जोखा रखते थे, यही कारण था कि हम उन शासको द्वारा लड़ी गई लड़इयो के बारे में बहुत कुछ जानते थे|
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http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_44.html• अपने देश के लिए हम लोग इंडिया तथा भारत जैसे नाम का प्रयोग करते है |
• इंडिया शब्द से इण्डस से निकला है जिसको संस्कृत मे सिंधु कहा जाता है |
•लगभाग 2500 वर्ष पूर्व उत्तर पश्चिम के और से आने वाले ईरानियो या युनानियो ने सिंधु को हिंदोस अथवा इंदोस और इसी नदी के पूर्व में स्थित भूमि प्रदेश को इंडिया कहा |
• भारत नाम का प्रयोग उत्तर पश्चिम में रहने वाले लोगो के एक समूह के लिए किया जाता है |
• इस स्मुह का उल्लेख संस्कृत की आरंभिक (लगभग 3500 वर्ष पुरानी) कृति ऋग्वेद में भी मिलता है और बाद मे इसका प्रयोग देश के लिए होने लगा |
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16.इतिहास और तिथियां क्या है
•अंग्रेजी मैं बी सी (हिंदी मे ई. पू) (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_4.html) का तात्पर्य बिफोर क्राइस्ट (ईसा पूर्व) होता है|
•कभी कभी तिथियों से पहले ए.डी (हिंदी मे ई.) (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_26.html) लिखा पाता है
•यह एनो डांमिनी नाम दो लैटिन शब्दो से बना है इसका तात्पर्य ईसा मसीह के जन्म के वर्ष से है |
•सी. ई : कांमन एरा
•बी सी ई : बिफोर कांमन एरा
के लिए प्रयोग होता है.
•हम इन शब्दों का प्रयोग इस लिए करते हैं क्योकी विश्व के अधिकांश देशो मे इस कैलेडर का उपयोग सामान्य हो गया है|
•भारत मे इस तिथियो का उपयोग लगभग दौ सौ साल पहले हुआ था |
•कभी कभी अंग्रेजी के *बी. पी* (http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_28.html) शब्द का प्रयोग होता है जिसका मतलब -बिफोर प्रेजेन्ट है
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Krishan Deshwal
Date:-29-08-2023
Date:-01:51Pm
28/08/2023
अंग्रेजी के बी. पी (तिथियो) मे किसे कहते है :-http://upscsscstudy.blogspot.com/2023/08/blog-post_28.html