IAS & Other Competitive Exam Preparation

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10/06/2022

Good morning....

05/06/2022
04/06/2022

प्रिय विद्यार्थी,

यदि आप 2022 की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हो रहे हैं तो आपको प्रारंभिक परीक्षा के लिये बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

*कृपया परीक्षा के दौरान निम्नलिखित सुझावों का ध्यान रखें*

1) तनावमुक्त होकर परीक्षा दें। मन शांत रहेगा तो ही आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकेंगे।

2) प्रश्नपत्र कठिन लगे तो घबराएँ नहीं क्योंकि ऐसी स्थिति में कट-ऑफ अपने आप नीचे आ जाती है। हो सकता है कि कुछ कठिन प्रश्न एक साथ सामने आ जाएँ। चिंता न करें, आगे के प्रश्न आसान हो सकते हैं।

3) समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखें। कोई प्रश्न न आता हो तो उसे छोड़कर तुरंत आगे बढ़ें।

4) जिन प्रश्नों में दुविधा हो, उन पर निशान लगाकर आगे बढ़ जाएँ। अंत में समय मिले तो उन्हें हल करने की कोशिश करें।

5) कोई प्रश्न एकदम न आता हो तो उसे छोड़ देना चाहिये ताकि नेगेटिव मार्किंग की वजह से नुकसान न हो।

6) जिस प्रश्न में सही उत्तर की पहचान 50% निश्चितता के साथ करना संभव हो, उसमें प्रयास कर लेना बेहतर होगा।

7) सीसैट में कम से कम 55-60 प्रश्न ज़रूर किये जाने चाहियें ताकि नेगेटिव मार्किंग के बावजूद ज़रूरी स्कोर तक पहुँचा जा सके। हाँ, अगर आप अपने उत्तरों की सटीकता को लेकर पूर्णतः आश्वस्त हैं तो 40-45 प्रश्न भी काफी हो सकते हैं।

8) सामान्य अध्ययन में 80+ प्रश्न करने पर चयन की बेहतर संभावना बनती है। इतने प्रश्न ज़रूर करें।

9) 5-5 प्रश्नों को हल करने के बाद OMR शीट पर उन्हें अंकित करते जाएँ। इससे समय प्रबंधन बेहतर रहेगा।

10) OMR शीट भरते समय प्रश्न संख्या को बार-बार चेक करें। उसमें होने वाली गलती सबसे अधिक नुकसान करती है।

11) GS और CSAT पेपर के अंतराल में किसी से GS पेपर संबंधी चर्चा करने और आन्सर की से मिलान करने से बचें।

12) CSAT पेपर के पहले यदि आपको उचित लगे तो मैथ्स और रीजनिंग के कुछ प्रश्न हल करें ताकि लय (Rhythm) बन सके।

13) परीक्षा के दिन बाहर का कुछ भी खाने से बचें।

*एक बार फिर, परीक्षा के लिये बहुत शुभकामनाएँ* 💐

04/06/2022

वह मरा नहीं, आईएएस बन गया :-

साल 2004 ।अलीगढ़ के डोरी नगर निवासी रिंकू सिंह राही ने उत्तर प्रदेश की पीसीएस परीक्षा पास कर ली। आटा चक्की चलाने वाले उनके पिता शिवदान सिंह खुशी से फूले नहीं समाए । रिंकू के परिवार को लगा कि अब खुशियों की बरसात होगी लेकिन भविष्य का किसे पता ?

रिंकू ने मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी पद पर नौकरी जॉइन कर ली । युवा अधिकारी में नैतिकता और ईमानदारी का भूत सवार था। उसने देखा कि 100 करोड़ रुपये का स्कालरशिप घोटाला धड़ल्ले से चल रहा है। उसने इस घोटाले को उजागर किया।स्वभावत: इतनी बड़ी रक़म का घोटाला सरकारी अधिकारियों और बाहरी माफिया की मिलीभगत ही से चल रहा था।

अपराधी माफिया रिंकू राही पर बौखला गये। 26 मार्च 2009 में अपराधियों ने मुजफ्फरनगर के आर्य समाज रोड स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में बैडमिंटन खेल रहे रिंकू राही पर जानलेवा हमला किया। उनके शरीर में सात गोलियाँ मारी गयी । इनमें तीन उनके चेहरे पर लगी थीं। चेहरा बिगड़ गया। एक आँख जाती रही। एक कान चला गया।

पर रिंकू बच गये।

लेकिन संघर्षों के अंत नहीं हुआ था। इसके बाद घोटाला खोलने के लिए उन्होंने RTI के तहत विभाग से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। लेकिन एक साल का समय दिए जाने के बावजूद उन्हें सूचनाएं नहीं दी गईं। इस पर 26 मार्च 2012 को रिंकू राही ने लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया। पुलिस ने रिंकू राही को वहां से उठाकर मेंटल हास्पिटल लखनऊ भेज दिया था। रिंकू राही ने बताया कि एक दिन के बाद उन्हें वहां से अलीगढ़ के सरकारी अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया।

उन्हें मारने की कोशिश मायावती की बसपा सरकार के समय हुई थी। अखिलेश यादव की समाजवादी सरकार ने उन्हें भ्रष्टाचार पर बहुत ज़्यादा विरोध करने के नाते पागलखाने भेज दिया ।

बाद में सरकार ने उन्हें बहाल किया भदोही जिले में पोस्टिंग दी। इसके बाद कई और जिलों में तैनाती पाई। हापुड़ में जब वे समाज कल्याण अधिकारी थे, तब सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे सिविल कोचिंग संस्थान में निदेशक बना दिया। यहां वे छात्रों को पढ़ाते भी थे और सिविल सर्विस की तैयारी कराते। एक दिन छात्रों ने उन्हीं से कहा कि सर आप भी परीक्षा दीजिए। रिंकू को बात जंच गई। उन्होंने भी तैयारी शुरू कर दी।

रिंकू गोली लगने के बाद विकलांग श्रेणी में आ गये थे तो यूपीएससी में 42 वर्ष की अर्हता आयु का लाभ रिंकू राही को मिल गया। वर्ष 2021 की परीक्षा उनका अंतिम प्रयास थी।इस प्रयास मेंरिंकू ने कमाल कर दिया है। उन्होंने बीते सोमवार को जारी हुई यूपीएससी-2021 परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनकी 683वीं रैंक आई और वे आईएएस बन गए।

बहरहाल, अब रिंकू स्वयं आईएस अधिकारी हैं। अपने आदर्शों और सपनों को क्रियान्वित करें, प्रशासन को ईमानदार ही नहीं, संवेदनशील बनाने में भी जो भूमिका निभा सकते हैं, निभाएँ। तंत्र और व्यवस्था के भीतर व्यक्तिगत प्रभाव की सीमाएँ होती हैं। लेकिन व्यक्तिगत प्रयत्न भी महत्व रखते हैं, इसमें संदेह नहीं।

रिंकू का जीवन प्रसंग मौत से लड़कर और फिर व्यवस्था से लड़कर अनोखी उपलब्धि का उदाहरण है। इसमें आस्तिक और धर्मभीरु मन के लिए चमत्कारिक व्याख्या की बड़ी गुंजाइश है लेकिन दूसरी तरफ़ मृत्यु को चुनौती देकर ईमानदारी के लिए संघर्ष की अदम्य प्रेरणा भी है।

मैं इस मृत्युंजय युवक को बधाई और शुभकामना देता हूँ कि वह अपने बड़े ध्येय में सफल हों 🙏

04/06/2022

05/06/2022
All the best for UPSC 2022
जीत तो हमारी ही होगी 🔥🔥🔥👍

31/05/2022

अगर जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो मेहनत पर विश्वास करें! किस्मत की आजमाईश तो जुए में होती हैं..

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