21/02/2022
#साहित्योत्सव2022
Hindi Department (हिंदी विभाग)
जीसस एंड मेरी कॉलेज
दिल्ली विश्वविद्यालय
नई दिल्ली
21/02/2022
#साहित्योत्सव2022
#साहित्योत्सव2022
जारी है....
17/02/2022
_*"शब्दों में सीमित है संवाद,*_
_*अर्थो में असीमित है संवाद"*_
*🌈 साहित्योत्सव*🌈
*जीसस एंड मेरी कॉलेज*, दिल्ली विश्वविद्यालय , *हिन्दी विभाग* द्वारा _"साहित्योत्सव"_ के उपलक्ष्य में _*' लेखक से संवाद '*_ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि *अल्पना मिश्र* जी है । अल्पना जी एक प्रसिद्ध लेखिका है और उनकी रचनायें अपने आप में अनोखी व प्रशंसनीय है ।
कार्यक्रम में सभी विद्यार्थी आमन्त्रित अतिथि से अपने प्रश्नो और अपने विचारों को माननीय वक्ता के समक्ष रख सकते है ।
_दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े सभी वर्ष के विद्यार्थी इस संगोष्ठी का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित है_ ।🦋
⚫इस महत्वपूर्ण साहित्योत्सव का हिस्सा बन अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
_*दिनांक: 18 फरवरी, 2022*_
_*समय: 1 बजे , मध्याह्न*_
_*स्थान: गूगल मीट*_
*विभागाध्यक्ष*
*डॉ अमिता तिवारी*
_अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें :_
अध्यक्ष: तेजस्वी( 8318825420)
उपाध्यक्ष: ख़ुशी(9315304664)
सचिव:आरोही(9907669667)
27/01/2022
#लेखक से संवाद, डॉ कमल कुमार जी🌸
26/01/2022
73 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🇮🇳
20/01/2022
बहुत बहुत शुभकामनाएं #मिस फ्रेशर 2022 💐💐
19/01/2022
स्वागत समारोह ( fresher's day ) #2022
10/01/2022
हिंदी भाषा भावों की अभिव्यक्ति है जो हमारे देश की सांस्कृतिक एवं भाषाई विविधता को एकसूत्र में पिरोने का काम करती है।
*हिन्दी विभाग की ओर से आप सभी को विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।*
01/01/2022
हिन्दी विभाग की मंगलकामनाओं के साथ हार्दिक बधाई।
17/11/2021
साहित्य जगत में ' महाभोज ' और 'आपका बंटी' जैसी कालजयी रचनाओं की प्रसिद्ध लेखिका मन्नू भंडारी जी (3 अप्रैल,1931- 15 नवंबर 2021 ) के दुखद निधन पर , हिंदी विभाग की ओर से उनकी स्मृति को सादर नमन।🙏
" _मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति में इतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख, अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके।"_
- मन्नू भंडारी
02/10/2021
शास्त्री जी कहते थे कि "हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं".
उन्होंने "जय जवान जय किसान" का नारा दिया जिसका अर्थ है "सैनिक की जय हो, किसान की जय हो".
महात्मा गांधी जिन्हें आज़ाद भारत का निर्माणकर्ता अर्थात राष्ट्रपिता माना जाता है । राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भारत की स्वत्रंता के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी । उन्होंने सत्य और अहिंसा के आदर्शों पर चलकर भारत को ब्रिटिश शासन की बेड़ियों से मुक्त कराया था ।
यह भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वह सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे। उनकी इस अवधारणा की नींव संपूर्ण अहिंसा के सिद्धांत पर रखी गयी थी जिसमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम कर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति आंदोलन के लिए प्रेरित किया।
उनका यह कथन अपने आप में ही पूर्णतः सार्थक है -
*"व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है,*
*वह जो सोचता है वही बन जाता है"।*
2 अक्टूबर के दिन को संपूर्ण भारत इनकी जन्मतिथि को हर्षोल्लास पूर्ण मनाकर इन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता है।
इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है । वस्तुतः गांधी जी विश्व भर में उनके अहिंसात्मक आंदोलनों के लिए जाने जाते है और यह दिवस उनके प्रति वैश्विक स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है ।
आज के विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी बापू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाये तथा देश हित के लिए अपना योगदान दे ,गाँधी जयंती को मनाने के कारणों में मुख्य उद्देश्यों में से एक है ।
विश्व शांति, परस्पर मैत्रीपूर्ण व्यवहार, और किसी भी संघर्ष के लिए अहिंसात्मक प्रतिरोध करने जैसी भावनाओं का सभी मानव जाति के हृदयो में उत्पन्न करना ही गाँधी जयंती को विशाल स्तर पर मनाये जाने का प्रबल आधार है ।
इस दिन शिक्षा संस्थानों में कई तरह की संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है।
गाँधी जी का जीवन समक्ष मानव जाति के लिए सर्वोत्तम उदहारण है , आदर्शों से परिपूर्ण जीवन जीने का व इसे समझने का ।
*दोनों महान व्यक्तित्व को उनके जन्मोत्सव पर शत शत नमन।*
09/09/2021
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी
दिनांक: 11 सितंबर,2021
समय: शाम 6 बजे
स्थान: गूगल मीट
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