#हिंदी दिवस
कहानी : किस्मत
नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम किशोर है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूं , बी.टेक का विद्यार्थी हूं |नए ज़माने का मगर पुराने ख्यालों का हूं | जहां आजकल लड़के बादशाह का रैप पसंद करते हैं वहां मैं अपने नाम के मुताबिक किशोर दा के गानो का दीवाना हूं | मुझे बारिश पसंद है और पसंद है मधुबाला...आज भी जब किशोर दा का वो गाना सुनता हूं...हम्म्म्म....एक लड़की भीगी भागी सी
सोई रातों में जागी सी
तो सोचता हूं ऐसी ही किसी भीगी रात मे मुझे भी मिलेगी मेरी मधुबाला , तो दोस्तो चलिए चलते हैं मेरी किस्मत के इस सफर में.......
जुलाई का महीना था, मैं बी.टेक का आखिरी एग्जाम देकर कॉलेज से घर के लिए अपनी मोटर साईकिल से निकला | एग्जाम का प्रेशर खत्म हो चुका था, इसलिए मन बहुत शांत था | अचानक से मेरे मन के हालात दर्शाती हल्की हल्की बारिश भी शुरू हो गई | कुछ ही दूर एक चौराहे से पहले मेरी नज़र एक पार्क की तरफ चली गई, एक मासूमियत से भरा चेहरा बारिश की बूंदो से खेल रहा था, मैं सब भूलकर उसी को देखता रह गया | भीगे होंठ, भुरी आंखे, बूंदो से अठखेलियाँ करती वो चंचलता से भरी हुई, मुझे स्वर्ग से उतरी अप्सरा सी लगी | उसकी ओर देखता मै चौराहे से मोड़ मुड़ना ही भूल गया |अचानक से एक कार मुझे ओवरटेक करती उसी चौराहे की तरफ मुड़ी और सामने से आते ट्रक से टकरा गई |अचानक हुई इस टक्कर से अफरा तफरी मच गई | ट्रक ड्राईवर के सिर पर चोट आई थी | कारचालक की हालत थोड़ी नाज़ुक लग रही थी | दोनो को हॉस्पिटल ले जाया गया, किस्मत से दोनो बच गए | कुछ लोग आपस में बात करने लगे अगर कोई स्कूटर, बाईक पर होता तो जान भी जा सकती थी,ये सुनकर मेरे दिमाग में बिजली सी कौंध गई क्योंकि अगर वो कार वाला मुझे ओवरटेक न करता तो मेरा ही कल्याण पक्का था | फिर मुझे वो लड़की याद आई जिसकी झलक से मैं रूक गया था | उस दिन के बाद वो मुझे नहीं दिखी, फिर कुछ महीनों बाद मेरे रिज़ल्ट के दिन वो फिर से उसी पार्क मे बारिश में भीगती हुई दिखी, जी हां ये नवम्बर महीने की बिन मौसम बरसात थी, जिसमे वो भीगी सी सुंदरता की मूरत लग रही थी, अचानक फिर से एक ट्रक हम दोनों के बीच सड़क से निकला, फिर वो गायब हो गई , मै भी अपना रिज़ल्ट देखने कॉलेज आ गया, मैने कॉलेज में टॉप किया था | घर आकर रह रह कर उसी भीगे होंठों वाली का ख्याल आ रहा था | मन में उमंग सी जागने लगी थी उस अजनबी सी हसीना के लिए मगर फिर से कई महीने पूरा शहर खंगालने पर भी वो मिली नहीं | छः महीने बाद मेरा नौकरी के लिए इंटरव्यू का दिन था , फिर उसी चौराहे पर सबब कहो या किस्मत बरसात का ही दिन था वो फिर से वहीं दिखी अपने उसी अंदाज़ में बूंदो से खेलती हुई सी, मै फिर उसकी मासूमियत में खो गया और फिर से वो निगौड़ा ट्रक मेरी चाहत का दुश्मन वहीं हमारे बीच की सड़क से गुज़रा और वो गायब , क्या टाइमिंग थी उसकी भी खैर मुझे इंटरव्यू के लिए निकलना था सो मैं भी निकल गया और इंटरव्यू रिज़ल्ट की तरह ही सफल रहा, मगर मुझे पोस्टिंग बेंगलुरु में मिली..अपनी पार्क वाली की यादों को दिल से लगाए निकल गया अपनी नौकरी के लिए , सब अच्छा चल रहा था साथ ही उसकी यादें भी जब भी मिली मेरे साथ अच्छा ही हुआ , कभी ज़िन्दगी मिली, कभी सफलता और अब आजीविका | मुझे लगा वो मेरी किस्मत बनके आई है मेरी ज़िन्दगी में, इसलिए मैंने उसका नाम ही किस्मत रख दिया | बैंगलुरू मैं दो साल रहा , साथ रहीं उसकी याद अब दिल्ली वापस आना हुआ मन खुश था उसके पास होने का सा अहसास जो था | सोच लिया इस बार उसे जी जान से ढूंढुगा | मगर क्या पता था किस्मत को क्या मंजुर था, फिर वही बारिश वही चौराहा और वही मै और वो मगर इस बार उस निगौड़े ट्रक को बीच मे आने नहीं देना था सो भिड़ गया सड़क पार करने को सामने किस्मत जो थी .....ये लगी टक्कर मगर मेरी किस्मत ने मुझे देख लिया और भागी सी आई मेरे पास और सामने अॉल इंडिया मेडिकल अस्पताल हो गया भर्ती | पता नहीं आज किस्मत मेरी बुलंद थी दोस्तों या उसकी क्योंकि मेरा ब्लड ग्रुप ओ नेगिटिव और ट्रक से टकराया मगर खरोंचे भर आईं बस लेकिन आज मेरी किसी को जरूरत थी मेरी किस्मत को.....उसका अॉपरेशन था और उसे जरूरत थी ओ नेगिटिव की ...जी हां मेरा ब्लड ग्रुप | आज मुझे पता चला वो तीन साल से यू.पी से यहां अपना इलाज करवाने आती थी जब भी मुझे मिली इसी हॉस्पिटल के सामने, उसे कैंसर है और आज वहां उसके ग्रुप का ब्लड मौजूद नहीं था इसलिए जब मैं वहां ले जाया गया तो मुझे सच पता चला और मै सुन्न पड़ गया क्योंकि आज तक जिसे अपनी किस्मत समझ रहा था वो यहां दर्द में थी, तभी मैने खुद से वादा किया इसकी किस्मत बदल के रहूंगा और उसे ही अपनी किस्मत बनाऊंगा|
आज 2 साल बाद वो मेरे पास मेरे साथ है और साथ है वो बारिश और मेरे किशोर दा और दोस्तों जानते हो उसका नाम क्या है..........जी हां .........मधुबाला
और उसके लिए पेश है ....एक लड़की भागी सी
सोई रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से
कोई आगे न पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात है....
Preet Kaur Rana
ਮਾਂ ਬੋਲੀ ਨਾਲ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਇਕ ਨਿਮਾਣੀ ਜਿਹੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼
17/09/2024
ਅਹਿਸਾਸਾਂ ਦੀ ਭਾਸ਼ਾ ਅਹਿਸਾਸ ਹੀ ਹੁੰਦੇ,
ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦੀ ਭਾਸ਼ਾ ਜਜ਼ਬਾਤ ਹੀ ਹੁੰਦੇ।
ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਾ ਜਾਈਏ,
ਓਹ ਲਫਜ਼ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਖਾਸ ਹੀ ਹੁੰਦੇ।
ਰੱਬ ਦਾ ਖਿਡੌਣਾ 🧍
22/09/2023
ਮੇਰੀ ਗੁਰਮੁਖੀ
18/09/2023
ਪਹਿਲੀ ਕਲਾਸ....ੳ ਤੋਂ ਣ ਤਕ ਲਿਖਿਆ ਦੂਜੀ ਜਮਾਤ ਦੇ ਬੱਚੇ ਨੇ।
ਤਿਲਕ ਨਗਰ ਏਰੀਏ ਦੀ ਸੰਗਤ ਜੀ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰ ਭੇਜੋ, ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਸ਼ਾ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਹੇਤ।
ਚਰਨ ਕਮਲ ਅਧਾਰੁ ਜਨ ਕਾ ਰਾਸ ਪੂੰਜੀ ਏਕ।।
ਤਾਣੁ ਮਾਣੁ ਦੀਬਾਣੁ ਸਾਚਾ ਨਾਨਕ ਕੀ ਪ੍ਰਭ ਟੇਕ।।🙏
Punjabi Class recited by 4years old student
07/09/2023
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Contact the school
Telephone
Website
Address
Tilak Nagar
Delhi
110018