24/09/2019
भारतीय संविधान के आरंभ में उद्देशिका (प्रस्तावना) का वर्णन है। यह संविधान का सार है। 42वें संशोधन होने के बाद उद्देशिका निम्नलिखित है-
*भारतीय संविधान की उद्देशिका*
_हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ई. को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।_
*उद्देशिका के विषय में महत्त्वपूर्ण तथ्य*
संविधान की शक्ति का स्त्रोत भारत की जनता है।
*शासन व्यवस्था का स्वरूप*- संपूर्ण-प्रभुत्व सम्पन्न अर्थात भारत एक संप्रभु राष्ट्र है।
*समाजवादी*- सभी का कल्याण अर्थात मिश्रित अर्थव्यवस्था।
*पंथनिरपेक्ष*- राज्य का कोई धर्म नहीं होगा। राज्य सभी धर्मों को समान दृष्टि से देखेगा।
*लोकतांत्रिक*- जनता का शासन
*गणराज्य*- राज्य का अध्यक्ष जनता द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाएगा।
*उद्देश्य*
*न्याय*- सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक तीन प्रकार का।
*स्वतंत्रता*- विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना पांच प्रकार की।
*समता*- राज्य द्वारा प्रदत्त अवसरों की समानता एवं सभी की समान प्रतिष्ठा
*बंधुता*- न्याय, स्वतंत्रता और समता की कामना का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा प्राप्त करना है। विविधता में एकता बनाए रखना। राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करना है।
*प्रस्तावना के संबंधित वाद*
_बेरुबाड़ी संघ वाद 1960- में कहा गया कि प्रस्तावना संविधान का भाग नहीं है और इसमें संशोधन नहीं किया जा सकता है।_
*केशवानन्द भारती वाद 1973* - में कहा गया कि प्रस्तावना भी संविधान का भाग है।
*42वें संविधान संशोधन* द्वारा 1976 में प्रस्तावना में समाजवादी,पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए।
प्रस्तावना अमरीका के संविधान से प्रभावित है तथा यह 13 दिसम्बर 1946 को प. जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा में प्रस्तुत उद्देश्य-संकल्प से उद्भूत है।
26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था तथा 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था।
*प्रस्तावना के विषय में विद्वानों के कथन*-
"प्रस्तावना भारतीय संविधान का परिचय पत्र है"
- *नानी पालकीवाला*
"उद्देशिका भारत के संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य की जन्म कुंडली है"
- *के. एम. मुंशी*
22/09/2019
भारतीय संविधान 22 भागों में विभजित है तथा इसमे 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां है ।
*भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद*
अनुच्छेद महत्ता
*अनुच्छेद 12 –35* मूलभूत अधिकारों का विवरण
*अनुच्छेद 36-50* राज्य की नीति के निदेशक तत्व
*अनुच्छेद 51A* प्रत्येक नागरिक के मूल कर्तव्यों का विवरण
*अनुच्छेद 80* राज्यसभा की सरंचना
*अनुच्छेद 81* लोकसभा की सरंचना
*अनुच्छेद 343* राजभाषा के रूप में हिन्दी
*अनुच्छेद 356* राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के विषय मे
*अनुच्छेद 368* संविधान का संशोधन
*अनुच्छेद 370* जम्मू और कश्मीर के सम्बंध मे उपबंध
*अनुच्छेद 395* भारत स्वतंत्रता अधिनियम और भारत सरकार अधिनियम, 1935 का निरसन
*भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ*
अनुसूचियाँ 1 – 12
*प्रथम अनुसूची* राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों का वर्णन
*दूसरी अनुसूची* राष्ट्रपति , राज्यों के राज्यपाल, लोकसभा के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, राज्य सभा के सभापति तथा उप-सभापति, विधान सभा के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति तथा उप-सभापति, उच्चतम तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक के सम्बंध में उपबंध
*तीसरी अनुसूची* शपथ या प्रतिज्ञान के प्ररूप ।
*चौथी अनुसूची* राज्य सभा में सीटों का आबंटन ।
*पांचवीं अनुसूची* अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध ।
*छठी अनुसूची* असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में उपबंध ।
*सातवीं अनुसूची* संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची ।
*आठवीं अनुसूची* मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची ।
*नौवीं अनुसूची* विशिष्ट अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन के प्रावधान ।
*दसवीं अनुसूची* दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के बारे में उपबंध ।
*ग्यारहवीं अनुसूची* पंचायतों के अधिकार, प्रधिकार और दायित्व ।
*बारहवीं अनुसूची* नगरपालिकाओं की के अधिकार, प्रधिकार और दायित्व ।
22/09/2019
भारतीय संविधान के अनेक देशी और विदेशी स्त्रोत हैं, लेकिन भारतीय संविधान पर सबसे अधिक प्रभाव भारतीय शासन अधिनियम 1935 का है। भारत के संविधान का निर्माण 10 देशो के संविधान से प्रमुख तथ्य लेकर बनाया गया है। भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।भारत के संविधान के निर्माण में निम्न देशों के संविधान से सहायता ली गई है:
(1) *संयुक्त राज्य अमेरिका*: मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, संविधान की सर्वोच्चता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निर्वाचित राष्ट्रपति एवं उस पर महाभियोग, उपराष्ट्रपति, उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हटाने की विधि एवं वित्तीय आपात, न्यायपालिका की स्वतंत्रता
(2) *ब्रिटेन*: संसदात्मक शासन-प्रणाली, एकल नागरिकता एवं विधि निर्माण प्रक्रिया, विधि का शासन, मंत्रिमंडल प्रणाली, परमाधिकार लेख, संसदीय विशेषाधिकार और द्विसदनवाद
(3) *आयरलैंड*: नीति निर्देशक सिद्धांत, राष्ट्रपति के निर्वाचक-मंडल की व्यवस्था, राष्ट्रपति द्वारा राज्य सभा में साहित्य, कला, विज्ञान तथा समाज-सेवा इत्यादि के क्षेत्र में ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों का मनोनयन
(4) *ऑस्ट्रेलिया*: प्रस्तावना की भाषा, समवर्ती सूची का प्रावधान, केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध तथा शक्तियों का विभाजन, व्यापार-वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता, संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक
(5) *जर्मनी*: आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां, आपातकाल के समय मूल अधिकारों का स्थगन
(6) *कनाडा*: संघात्मक विशेषताएं, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास, केंद्र द्वारा राज्य के राज्यपालों की नियुक्ति और उच्चतम न्यायालय का परामर्श न्याय निर्णयन
(7) *दक्षिण अफ्रीका*: संविधान संशोधन की प्रक्रिया प्रावधान, राज्यसभा में सदस्यों का निर्वाचन
(8) *सोवियत संघ (पूर्व)*: मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान, मूल कर्तव्यों और प्रस्तावना में न्याय (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) का आदर्श
(9) *जापान*: विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया।
(10) *फ्रांस*: गणतंत्रात्मक और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता, बंधुता के आदर्श
*नोट*: भारतीय संविधान के अनेक देशी और विदेशी स्त्रोत हैं, लेकिन भारतीय संविधान पर सबसे अधिक प्रभाव *भारतीय शासन अधिनियम: 1935* का है. भारतीय संविधान के 395 अनुच्छेदों में से लगभग 250 अनुच्छेद ऐसे हैं, जो 1935 ई० के अधिनियम से या तो शब्दश: लिए गए हैं या फिर उनमें बहुत थोड़ा परिवर्तन किया गया है।
*भारत शासन अधिनियम, 1935*- संगीय तंत्र, राज्यपाल का कार्यकाल, न्यायपालिका, लोक सेवा आयोग, आपातकालीन उपबंध व प्रसानिक विवरण