23/08/2026
कर्नाटक में कावेरी नदी के तट पर स्थित तलकाडू एक रहस्यमयी, रेत से ढका ऐतिहासिक कस्बा है। 4वीं से 10वीं शताब्दी तक यह पश्चिमी गंगा राजवंश की राजधानी रहा और बाद में चोल, होयसल तथा विजयनगर साम्राज्यों द्वारा शासित हुआ। 17वीं सदी में मैसूर के वाडियार वंश के अधीन आने से पहले यह 30 से अधिक भव्य मंदिरों का समृद्ध केंद्र था।
लोककथा के अनुसार 1610 में रानी अलमेलम्मा ने राजा वाडियार से बचते हुए कावेरी में कूदने से पहले एक त्रिपक्षीय श्राप दिया - तलकाडू का रेत में तब्दील होना, मालंगी में भंवर बनना और मैसूर राजपरिवार का निःसंतान रहना। हालांकि, भूवैज्ञानिकों के अनुसार रेत का जमाव हवा और नदी के प्राकृतिक बहाव के कारण हुआ है।
यहाँ भगवान शिव के पांच चेहरों को समर्पित पांच पवित्र मंदिर हैं, जहां 9 से 12 वर्षों में एक बार खगोलीय संयोग पर प्रसिद्ध पंचलिंग दर्शन महोत्सव आयोजित होता है।