31/01/2024
🌹 *ओम शांति* :
" *मैं रूद्र ज्ञान यज्ञ का सच्चा ब्राह्मण हूं* "
*के स्वमान में रहकर , स्वमान के कर्तव्य को पूरा करते है , जो दिव्यता और सत्यता का सहयोग देते है , वे ही सच्चे ब्राह्मण है और सिर्फ उन्ही की संभाल करते है सर्व शक्तिमान सत्य परमात्मा क्योंकि वे ही समय रहते सारे कर्तव्य पूरे कर परमात्मा से सुरक्षा के कवच का स्टैंप लगवा लेते है। पेपर शुरू होने पर रक्षा नही करते है इसलिए धारणा द्वारा स्टैंप पेपर से पहले ही लगवाना पड़ता है*।
*संगम युग में परमात्मा के पार्ट में रहते हुए सुप्रीम शिक्षक से मिले सारे होम वर्क पूरा कर , जो एवर रेडी रहते है , अंत तक अलर्ट रहते है वे ही अंतिम आठ पेपर में पास होते है । अलर्ट रहना जरूरी है क्योंकि अंतिम पेपर के पहले माया एक बार अनुभव कराएगी कि सब ठीक है ,यहां ही स्वर्ग है ,सभी को निश्चिंत करेगी ,फिर अचानक हमला होगा*।
*सत्य परमात्मा तो सदा ही अलर्ट रहने की , सावधान रहने की और हर घड़ी को अंतिम घड़ी समझ कर जागरूक रहने की समझ देते है*।
*रूद्र यज्ञ का सच्चा ब्राह्मण अर्थात* ....
*सदा मन ,वचन , कर्म से पवित्र* ,
*सदा शांत* ,
*सदा सुखी* ,
*सदा संतुष्ट* ,
*सदा खुश* ,
*सदा प्रेम स्वरूप* ,
*सदा आनंद स्वरूप*,
*सदा शक्तिशाली* ,
*सदा ज्ञान स्वरूप*,
*सदा स्वस्थ* ,
*प्रभु चिंतन , स्व दर्शन , स्व चिंतन चलता रहे*,
*सदा अंतर मुखी , एक बाप दूसरा न कोई* ,
*सदा कल्याणकारी , सदा परोपकारी , सिर्फ शुभ भावना ,शुभ कामना , सदा सभी का भला चाहना , सभी के प्रति आत्मिक भाव* ,
*सदा सिर्फ सकारात्मक , शुभ ,शुद्ध , समर्थ संकल्प करना* ,
*मन बुद्धि सदा एक परमात्मा में एकाग्र रहे , बाप ही संसार हो ,बाप संग सभी संबंध हो* ,
*ईश्वरीय कार्य में सदा* *स्नेही ,सदा सहयोगी , दिव्य गुणों का सहयोग देना* ,
*सदा त्रिकालदर्शी , सदा त्रिनेत्री , सदा फरमान बरदार , ईमानदार, वफादार , आज्ञाकारी* ,
*सदा निश्चयबुद्धी , विघ्न विनाशक ,सदा सारे पेपर में विजयंती* !
*ऊंची पढ़ाई , ऊंचा मर्तबा इसलिए मीठे परमात्मा स्पष्ट कर रहे है कि धारणा , चेकिंग और परीक्षाएं भी ऊंची होगी*।