Political Adhyayan

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“आनन्द केशकर्तनालय” अपने अस्तित्व के लिए लड़ता एक दुकान, जो हिंदी को जीवित रखने की कोशिश कर रहा है.. दुकान, दुकानदार और ...
06/05/2022

“आनन्द केशकर्तनालय” अपने अस्तित्व के लिए लड़ता एक दुकान, जो हिंदी को जीवित रखने की कोशिश कर रहा है.. दुकान, दुकानदार और ये बोर्ड कुछ बूढ़े से दिख रहे हैं.. लेकिन उनकी सोच, बुनियाद, प्राचीनता और भारतीयता को जीवित रखने का उनका जज़्बा साफ़ दिख रहा है .. !!

08/04/2022

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आतंकवादियों को हीरो बनाकर जहरीला नरेटिव स्थापित करने वाले बॉलीवुड ने जो जानबूझ कर कभी नही दिखाया पहली बार कश्मीर का वो स...
20/03/2022

आतंकवादियों को हीरो बनाकर जहरीला नरेटिव स्थापित करने वाले बॉलीवुड ने जो जानबूझ कर कभी नही दिखाया पहली बार कश्मीर का वो सच जुझारू विवेक अग्निहोत्री सामने लाए हैं।
बहुत पुरानी बात नही है, तीस साल पहले, हमारे ही देश में, कश्मीरी पंडितों का शर्मनाक निर्वासन हुआ, और सरकार, न्यायपालिका, मीडिया, कश्मीर और पूरे देश ने खामोशी से यह सब होने दिया। कोई नही रोया उनके लिए।
आज इतने बरस बाद भी, कश्मीर में कश्मीरी पंडितो पर हुए नरसंहार, अपहरण बलात्कार लूट पर, कोई अदालत नही बैठी। आतंकवादियों के लिए आधी रात में मुकदमा सुनने वाले आज तक कश्मीर फाइल्स न खोल सके।
इतिहास में आप इस अत्याचार पर एक शब्द नही पाएंगे। तथाकथित बुद्धिजीवियों का मानना है कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं। ऋषि कश्यप, आदिशंकराचार्य, अभिनव गुप्त, राजा ललितादित्य की धरती आतंकवादियों की क्रीड़ा स्थली बन गई, और एक लंबे समय तक सबने सबकुछ होने दिया!
तत्कालीन गृह मंत्री की बिटिया के अपहरण के बदले आतंकवादियों की रिहाई सबको याद है। हमारे बहुत आदरणीय श्रीनगर दूरदर्शन के डायरेकर लासा कौल जी की जघन्य हत्या की खबर आज भी दिल दहला जाती है।
कश्मीर की आजादी की बात रटने वाले इस बात में मौन रह जाते हैं कि क्या हुआ था ऐसा, जो कश्मीरी पंडितों को उनके ही घर से बेघर होना पड़ा।
यदि आप अपने घर से बेघर नही होना चाहते तो, कश्मीर फाइल्स देखिए, अपने बच्चो को दिखाइए। वह कड़वा सत्य जिस पर कोई फिल्म नहीं बनी, कोई किताब नहीं लिखी गई, कोई धरने प्रदर्शन नहीं हुए, कोई विशेष अदालतें नही बैठी।
फ़िल्म में अनुपम खेर जी का जीवंत अभिनय, अभिनय नही, इस दौर की भोगी हुई दास्तान है।
हर व्यक्ति को देखनी चाहिए, सपरिवार देखनी चाहिए।

08/01/2022

हो तिमिर कितना भी गहरा
रोशनी पर लाख पहरा
सूर्य को उगना पड़ेगा..💓
जय हिंद, जय हिंद की सेना।

तथाकथित किसान आंदोलन में आतंकवादी भिंडरावाले के T-shirt पहनना किस मानसिकता को दर्शाता हैं यह समझना होगा कि तथाकथित किसान...
05/10/2021

तथाकथित किसान आंदोलन में आतंकवादी भिंडरावाले के T-shirt पहनना किस मानसिकता को दर्शाता हैं यह समझना होगा कि तथाकथित किसान आंदोलन केवल सामाजिक सौहार्द के मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रहा हैं जो केवल राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं।

गोली न चलाऊंगा मैं कभी कारसेवकों पेयुग न भुलायें इतिहास वो रचा गए,राम जन्मभूमि पे लगाई थी जो बाबर ने,जड़ के समेत विषबेल व...
22/08/2021

गोली न चलाऊंगा मैं कभी कारसेवकों पे
युग न भुलायें इतिहास वो रचा गए,

राम जन्मभूमि पे लगाई थी जो बाबर ने,
जड़ के समेत विषबेल वो हटा गए,

राम जी के काज हेतु त्याग दिए राजसुख
स्वाभिमान रघुकुल वंश का दिखा गए,

नाम अनुरूप धन्य हो गए कल्याण सिंह
चरणों में राम के स्थान आज पा गए,

नमन कल्याण सिंह जी
🙏🙏🙏

जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की पहली तस्वीर आयी सामने, हुई शुरुआत !!370 के खात्मे का परिणाम अब दिखने लगा...
28/07/2021

जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की पहली तस्वीर आयी सामने, हुई शुरुआत !!
370 के खात्मे का परिणाम अब दिखने लगा....... कश्मीरी पंडित भाई ने परिवार के साथ अपने घर की नींव रखी, प्रभु पूजा भक्ति और हवन किया, इस हवन के मंत्रों का उच्चारण पूरी कश्मीर वादियों में गूंजा ।
जिस सपने का दशको से था इंतजार वह मोदी सरकार ने पूरा किया।
सभी कश्मीर हिन्दू परिवार का कश्मीर की जनता स्वागत हेतु इंतजार कर रही हैं ।

ये वही रामभद्राचार्य जी है जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रामलला के पक्ष में वेद पुराण के उद्धारण के साथ गवाही दी थी।दृश्य ...
31/05/2021

ये वही रामभद्राचार्य जी है जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रामलला के पक्ष में वेद पुराण के उद्धारण के साथ गवाही दी थी।

दृश्य था उच्चतम न्यायलय का ... श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष में वादी के रूप में उपस्थित थे धर्मचक्रवर्ती, तुलसीपीठ के संस्थापक, पद्मविभूषण, जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी ... जो विवादित स्थल पर श्रीराम जन्मभूमि होने के पक्ष में शास्त्रों से प्रमाण पर प्रमाण दिये जा रहे थे ...
न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति मुसलमान था ...
उसने छूटते ही चुभता सा सवाल किया, "आप लोग हर बात में वेदों से प्रमाण मांगते हैं ... तो क्या वेदों से ही प्रमाण दे सकते हैं कि श्रीराम का जन्म अयोध्या में उस स्थल पर ही हुआ था?"
जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (जो प्रज्ञाचक्षु हैं) ने बिना एक पल भी गँवाए कहा , " दे सकता हूँ महोदय", ... और उन्होंने ऋग्वेद की जैमिनीय संहिता से उद्धरण देना शुरू किया जिसमें सरयू नदी के स्थान विशेष से दिशा और दूरी का बिल्कुल सटीक ब्यौरा देते हुए श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई गई है ।
कोर्ट के आदेश से जैमिनीय संहिता मंगाई गई ... और उसमें जगद्गुरु जी द्वारा निर्दिष्ट संख्या को खोलकर देखा गया और समस्त विवरण सही पाए गए ... जिस स्थान पर श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई गई है ... विवादित स्थल ठीक उसी स्थान पर है ...
और जगद्गुरु जी के वक्तव्य ने फैसले का रुख हिन्दुओं की तरफ मोड़ दिया ...
मुसलमान जज ने स्वीकार किया , " आज मैंने भारतीय प्रज्ञा का चमत्कार देखा ... एक व्यक्ति जो भौतिक आँखों से रहित है, कैसे वेदों और शास्त्रों के विशाल वाङ्मय से उद्धरण दिये जा रहा था ? यह ईश्वरीय शक्ति नहीं तो और क्या है ?"
"सिर्फ दो माह की उम्र में आंख की रोशनी चली गई, आज 22 भाषाएं आती हैं, 80 ग्रंथों की रचना कर चुके हैं

सनातन धर्म को दुनिया का सबसे पुराना धर्म कहा जाता है. वेदों और पुराणों के मुताबिक सनातन धर्म तब से है जब ये सृष्टि ईश्वर ने बनाई. जिसे बाद में साधू और संन्यासियों ने आगे बढ़ाया. ऐसे ही आठवीं सदी में शंकराचार्य आए, जिन्होंने सनातन धर्म को आगे बढ़ाने में मदद की.
पद्मविभूषण रामभद्राचार्यजी एक ऐसे संन्यासी के हैं जो अपनी दिव्यांगता को हराकर जगद्गुरू बने.

1. जगद्गुरु रामभद्राचार्य चित्रकूट में रहते हैं. उनका वास्तविक नाम गिरधर मिश्रा है, उनका जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हुआ था.

2. रामभद्राचार्य एक प्रख्यात विद्वान्, शिक्षाविद्, बहुभाषाविद्, रचनाकार, प्रवचनकार, दार्शनिक और हिन्दू धर्मगुरु हैं.

3. वे रामानन्द सम्प्रदाय के वर्तमान चार जगद्गुरु रामानन्दाचार्यों में से एक हैं और इस पद पर साल 1988 से प्रतिष्ठित हैं.

4. रामभद्राचार्य चित्रकूट में स्थित संत तुलसीदास के नाम पर स्थापित तुलसी पीठ नामक धार्मिक और सामाजिक सेवा स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक हैं और आजीवन कुलाधिपति हैं.

5. जगद्गुरु रामभद्राचार्य जब सिर्फ दो माह के थे तभी उनके आंखों की रोशनी चली गई थी.

6. वे बहुभाषाविद् हैं और 22 भाषाएं जैसे संस्कृत, हिन्दी, अवधी, मैथिली सहित कई भाषाओं में कवि और रचनाकार हैं.

7. उन्होंने 80 से अधिक पुस्तकों और ग्रंथों की रचना की है, जिनमें चार महाकाव्य (दो संस्कृत और दो हिन्दी में ) हैं. उन्हें तुलसीदास पर भारत के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों में गिना जाता है.

8. चिकित्सक ने गिरिधर की आँखों में रोहे के दानों को फोड़ने के लिए गरम द्रव्य डाला, परन्तु रक्तस्राव के कारण गिरिधर के दोनों नेत्रों की रोशनी चली गयी.

9. वे न तो पढ़ सकते हैं और न लिख सकते हैं और न ही ब्रेल लिपि का प्रयोग करते हैं. वे केवल सुनकर सीखते हैं और बोलकर अपनी रचनाएं लिखवाते हैं.

10. साल 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया था।

💓💓💓💖

“मैं 85 वर्ष का हो चुका हूँ, जीवन देख लिया है, लेकिन अगर उस स्त्री का पति मर गया तो बच्चे अनाथ हो जायेंगे, इसलिए मेरा कर...
27/04/2021

“मैं 85 वर्ष का हो चुका हूँ, जीवन देख लिया है, लेकिन अगर उस स्त्री का पति मर गया तो बच्चे अनाथ हो जायेंगे, इसलिए मेरा कर्तव्य है कि मैं उस व्यक्ति के प्राण बचाऊं।'' ऐसा कह कर कोरोना पीडित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक श्री नारायण जी ने अपना बेड उस मरीज़ को दे दिया।

दूसरे व्यक्ति की प्राण रक्षा करते हुए श्री नारायण जी तीन दिनों में इस संसार से विदा हो गये।

समाज और राष्ट्र के सच्चे सेवक ही ऐसा त्याग कर सकते हैं, आपके पवित्र सेवा भाव को प्रणाम!

आप समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। दिव्यात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति!

यह शंखनाद है उस जंग का जिसके सेनापति भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सैनिक हम सभी भारतीय हैं। यह उत्सव ...
08/04/2021

यह शंखनाद है उस जंग का जिसके सेनापति भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सैनिक हम सभी भारतीय हैं। यह उत्सव नहीं, संकल्प है। 😀

😍😍😍
07/04/2021

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