03/09/2026
कितना शर्मनाक है कि एक शख्स "स्वतंत्र भारद्वाज" खुलेआम पॉडकास्ट में दावा करता है कि उसने एक लड़की के पिता (एक दलित व्यक्ति) का सिर फोड़ा और लड़की के साथ बदतमीज़ी की—लेकिन इसके बावजूद उसे जेल नहीं हुई।
वह बड़े गर्व से दावा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, दिल्ली के नेता कपिल मिश्रा और सांसद मनोज तिवारी उसके “बड़े भाई जैसे” हैं, इसलिए उसका बाल भी बांका नहीं हो सकता। वह बेफ़िक्री से इन नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवा रहा है और खुलेआम घूम रहा है।
अगर ये दावे सच हैं, तो सवाल बेहद गंभीर है—दिल्ली पुलिस और शासन-प्रशासन की कार्रवाई कहाँ है? क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है और रसूखदारों के लिए सारे नियम ताक पर रख दिए जाते हैं? किसी भी सरकार के Law & Order की असली परीक्षा यही होती है कि वह ताकतवर अपराधियों के खिलाफ भी उतनी ही सख्ती से पेश आए।
दक्षिणपंथी मानसिकता के इन रसूखदारों को सरंक्षण देकर क्या भाजपा यही ‘GenZ’ के सामने यही उदाहरण पेश कर रही है?
आज निशु है, कल कोई और बेटी या परिवार इस अराजकता का शिकार हो सकता है। इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आवाज़ उठाइए, क्योंकि चुप्पी किसी भी व्यवस्था को जवाबदेह नहीं बनाती।