11/09/2025
घायल तो यहां हर परिंदा है। मगर जो फिर से उड़ सका वहीं जिंदा है..❣️❣️☺️
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11/09/2025
घायल तो यहां हर परिंदा है। मगर जो फिर से उड़ सका वहीं जिंदा है..❣️❣️☺️
14/04/2025
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती की सभी देश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ !
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आइए उनकी जयंती पर इस विशेष लेख के माध्यम से
उनको समझने की कोशिश करते हैं ।
14 अप्रैल, 2025 को भारत रत्न, विश्व रत्न, और ज्ञान के प्रतीक डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती हम पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मना रहे हैं।
बाबासाहेब के नाम से प्रसिद्ध डॉ. अंबेडकर न केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार थे, बल्कि सामाजिक समानता, शिक्षा, और मानव अधिकारों के लिए एक अथक योद्धा भी थे।
उनकी शिक्षाएं और योगदान आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें एक न्यायपूर्ण, समावेशी भारत की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।प्रारंभिक जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण:14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्मे भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन में असंख्य चुनौतियों का सामना किया।
दलित समुदाय से आने के कारण उन्हें सामाजिक भेदभाव का दंश झेलना पड़ा, लेकिन उनकी जिज्ञासा और शिक्षा के प्रति लगन ने उन्हें कभी पीछे नहीं हटने दिया।
उन्होंने एलफिंस्टन कॉलेज, मुंबई और कोलंबिया विश्वविद्यालय, अमेरिका से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल कर वे भारत के सबसे शिक्षित व्यक्तियों में से एक बने।
उनकी यह उपलब्धि उस दौर में एक मिसाल थी, जब दलितों को शिक्षा तक पहुंच भी मुश्किल थी।सामाजिक समानता के लिए संघर्ष:डॉ. अंबेडकर का जीवन सामाजिक असमानता और छुआछूत के खिलाफ एक सतत संघर्ष था। उन्होंने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और समाज में गहरी जड़ें जमाए जातिवाद को उखाड़ने का प्रयास किया।
1927 में महाड सत्याग्रह के माध्यम से उन्होंने दलितों के लिए सार्वजनिक जल स्रोतों तक पहुंच का अधिकार सुनिश्चित किया।
1930 में कालाराम मंदिर सत्याग्रह ने मंदिर प्रवेश के अधिकार की मांग को और मजबूती दी। उनकी ये लड़ाइयां न केवल अधिकारों की मांग थीं, बल्कि मानव गरिमा और समानता की स्थापना का आह्वान भी थीं। भारतीय संविधान के शिल्पकार:डॉ. अंबेडकर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान भारतीय संविधान का निर्माण है।
संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने एक ऐसे संविधान की रचना की, जो भारत की विविधता को एकजुट करते हुए सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है।
सविधान में निहित मौलिक अधिकार, सामाजिक न्याय, और समानता के सिद्धांत उनकी दूरदर्शिता के परिचायक हैं।
उन्होंने महिलाओं, दलितों, और अल्पसंख्यकों के अधिकार jay bhim 💙🙏
14/04/2024
विश्व विभूति, भारत रत्न, सिम्बल ऑफ नॉलेज, स्त्री के उद्धारक, राष्ट्र संविधान के निर्माता,गरीबो और पिछड़ों के मसीहा आधुनिक भारत के पितामह बोधिसत्व डॉ. भीमराव आंबेडकर साहब की 133 वी जन्म जयंती पर आप सभी को खूब खूब हार्दिक शुभकामनाएं।
🙏 जय भीम 🙏
🙏 जय भारत 🙏
🙏 जय संविधान 🙏
29/02/2024
"खुद से हर जाऊं वो अलग बात है,
वरना झुकने वाला इंसान नही हूं मैं,
मुसीबतों से कह दो दिशा बदल लें,
क्यों कि रुकने वाला इंसान नहीं हूं मैं," 📖📚🖊️
13/09/2023
03/07/2023
Happy guru purnima to all 🥰
Please One Time watch this video
31/05/2021
Time is most important.. Our Future... Don't waste..
Har pal hasi sa hua h...🥰🥰🌹😘