25/11/2025
स्मरण में— आदरणीय श्री जे. डी. शर्मा जी
हम सबकी श्रद्धांजलि महान व्यक्तित्व *स्वर्गीय जे. डी. शर्मा सर* को,
बाल वाटिका विद्यालय के *संस्थापक और मार्गदर्शक*,
जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन शिक्षा, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया।
शर्मा सर केवल एक नाम नहीं,
बल्कि *एक विचार, एक आंदोलन और एक प्रकाश स्तंभ* थे,
जिसने अनगिनत बच्चों के जीवन में ज्ञान का दीप जलाया।
उन्होंने पुस्तकालय, विद्यालय और कोचिंग संस्थान स्थापित कर
ऐसे अनगिनत विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर दिया,
जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थे।
वे सदैव जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस भरते,
स्टेशनरी और पुस्तकें वितरित करते,
और शिक्षा को हर व्यक्ति का अधिकार मानते थे।
उनका जीवन सिद्धांत था—
“सादा जीवन, उच्च विचार”
और
“सबका साथ, सबका विकास।”
वे महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी थे और अहिंसा एवं शांति के पथ पर चलकर
लोगों को प्रेरित करते रहे।
धर्म, जाति, समुदाय की सभी सीमाओं से ऊपर उठकर
उन्होंने विभिन्न धार्मिक समितियाँ बनाईं
और समाज में *एकता, प्रेम और सद्भावना* का संदेश दिया।
इसी कारण वे सबके लिए *एक सच्चे राजा* थे—
ऐसे राजा, जो राज सिंहासन पर नहीं,
बल्कि *लोगों के दिलों में विराजमान* रहते थे।
आज भी उनकी हर संस्था और समिति
उनके विचारों और आशीर्वाद से
सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है।
25 नवम्बर 2018 को उनका शारीरिक रूप हमसे विदा हो गया,
परन्तु उनकी सीख, उनकी सोच और उनके आदर्श
सदैव हमारे साथ रहेंगे।
“मनुष्यता का सबसे बड़ा मंदिर शिक्षा है,
और शिक्षा का सबसे बड़ा पुजारी एक सच्चा शिक्षक।”
शर्मा सर इस सत्य का जीवंत उदाहरण थे।
हम सब उन्हें शत-शत नमन करते हैं।
उनकी आत्मा को परम शांति मिले।
उनकी प्रेरणा हमारे हृदयों में सदैव जलती रहेगी।
🌹🙏🌹
जय हिन्द।
शत्-शत् श्रद्धांजलि। 🌼