20/06/2022
Doon Ayurvedic Paramedical College, Dehradun
Medical & Health
20/06/2022
03/08/2020
सभी छात्र छात्रा आपको आपके परिजनों को और मित्रों को भाई बहिन के अटूट विश्वास , आस्था , श्रद्धा , असीम प्यार और सौहार्द के प्रतीक रक्षाबंधन के पावन पर्व पर हार्दिक बधाई एवं ढ़ेर सारी शुभकामनायें । 839381000
12/10/2019
Admissions open for Session 2019-20
प्रवेश सूचना:
आयुर्वेदिक फार्मेसी व पंचकर्म टैकनीशियन की सरकारी/सरकारी सीटों पर प्रवेश व छात्रवृत्ति की जानकारी हेतु संपर्क करें.
-दून आयुर्वेदिक पैरामेडिकल कॉलेज (देहरादून).
15/10/2017
17/04/2017
अलसस्य कुतो विद्या, अविद्यस्य कुतो धनम् |
अधनस्य कुतो मित्रम्, अमित्रस्य कुतः सुखम् ||
अर्थात् : आलसी को विद्या कहाँ अनपढ़ / मूर्ख को धन कहाँ निर्धन को मित्र कहाँ और अमित्र को सुख कहाँ |
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श्लोक 2 :
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः |
नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति ||
अर्थात् : मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |
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श्लोक 3 :
यथा ह्येकेन चक्रेण न रथस्य गतिर्भवेत् |
एवं परुषकारेण विना दैवं न सिद्ध्यति ||
अर्थात् : जैसे एक पहिये से रथ नहीं चल सकता है उसी प्रकार बिना पुरुषार्थ के भाग्य सिद्ध नहीं हो सकता है |
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श्लोक 4 :
बलवानप्यशक्तोऽसौ धनवानपि निर्धनः |
श्रुतवानपि मूर्खोऽसौ यो धर्मविमुखो जनः ||
अर्थात् : जो व्यक्ति धर्म ( कर्तव्य ) से विमुख होता है वह ( व्यक्ति ) बलवान् हो कर भी असमर्थ, धनवान् हो कर भी निर्धन तथा ज्ञानी हो कर भी मूर्ख होता है |
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श्लोक 5 :
जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यं,
मानोन्नतिं दिशति पापमपाकरोति |
चेतः प्रसादयति दिक्षु तनोति कीर्तिं,
सत्संगतिः कथय किं न करोति पुंसाम् ||
अर्थात्: अच्छे मित्रों का साथ बुद्धि की जड़ता को हर लेता है,वाणी में सत्य का संचार करता है, मान और उन्नति को बढ़ाता है और पाप से मुक्त करता है | चित्त को प्रसन्न करता है और ( हमारी )कीर्ति को सभी दिशाओं में फैलाता है |(आप ही ) कहें कि सत्संगतिः मनुष्यों का कौन सा भला नहीं करती |
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