Srishti Civil Classes

Srishti Civil Classes

Share

A leading and premier institute with holistic approach for preparation of IAS, PCS and other One-Day Exams. Jobs.

We (Srishti Civil Classes) are a Classroom Based Institute for the preparation of UPSC, SSC and State level Govt. Further, we are one of the largest and fast growing techno-education organization in Northern India, mainly focused on helping youth to fulfil their DREAMs by getting selected in Govt. Since 2004, we have established ourselves as brand “SRISHTI” and served hundreds and thousands of s

22/12/2025

अद्भुत....गणित में कोई भी संख्या 1 से 10 तक के सभी अंकों से नहीं कट सकती, लेकिन इस विचित्र संख्या को देखिये...

दरअसल, सदियों तक यह माना जाता रहा था कि ऐसी कोई भी संख्या नहीं है जिसे 1 से 10 तक के सभी अंको से विभाजित किया जा सके। लेकिन रामानुजन ने इन अंकों के साथ माथापच्ची करके इस मिथ को भी तोड़ दिया था। उन्होंने एक ऐसी संख्या खोजी थी जिसे 1 से 10 तक के सभी अंकों से विभाजित किया जा सकता है। यानी भाग दिया जा सकता है। यह संख्या है 2520 संख्या 2520 अन्य संख्याओं की तरह वास्तव में एक सामान्य संख्या नही है, यह वो संख्या है जिसने विश्व के गणितज्ञों को अभी भी आश्चर्य में किया हुआ है। यह विचित्र संख्या 1 से 10 तक प्रत्येक अंक से भाज्य है। ऐसी संख्या जिसे इकाई तक के किसी भी अंक से भाग देने के उपरांत शेष शून्य रहे, बहुत ही असम्भव/ दुर्लभ है - ऐसा प्रतीत होता है।

अब निम्न सत्य को देखें :-

2520 ÷ 1 = 2520
2520 ÷ 2 = 1260
2520 ÷ 3 = 840
2520 ÷ 4 = 630
2520 ÷ 5 = 504
2520 ÷ 6 = 420
2520 ÷ 7 = 360
2520 ÷ 8 = 315
2520 ÷ 9 = 280
2520 ÷ 10 = 252

महान गणितज्ञ अभी भी आश्चर्यचकित है : 2520 वास्तव में एक गुणनफल है《7 x 30 x 12》का। उन्हे और भी आश्चर्य हुआ जब प्रमुख गणितज्ञ द्वारा यह संज्ञान में लाया गया कि संख्या 2520 हिन्दू संवत्सर के अनुसार एकमात्र यही संख्या है जो वास्तव में उचित बैठ रही है, जो इस गुणनफल से प्राप्त हैः- सप्ताह के दिन (7) x माह के दिन (30) x वर्ष के माह (12) = 2520 यही है भारतीय गणना की श्रेष्ठता...

जय सनातन धर्म, जय श्रीराम, जय गोविंदा ✨🙏💖🕉️

19/12/2025

vs vs
Srishti Civil Classes

19/12/2025


Srishti Civil Classes

19/12/2025

13/12/2025

#देहरादून के #घंटाघर के बनने की कहानी:

देहरादून में एक प्रसिद्ध जज हुआ करते थे लालाजी बलवीर सिंह। उनकी याद में उनके बेटे कुंवर आनंद सिंह ने देहरादून में एक घंटाघर बनवाने का निश्चय किया। पर कुछ लोग नहीं चाहते थे कि शहर के बीच में बलवीर सिंह के नाम से घंटाघर बने। वहाँ पहले से ही पानी की दो टंकियाँ थीं और एक समाज की ज़मीन से जुड़ी होने के कारण विवाद भी हुआ।

देहरादून नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष आनंद स्वरूप गर्ग इस विचार के पक्ष में थे कि शहर की सुंदरता के लिए घंटाघर का निर्माण ज़रूरी है। उन्होंने कुंवर आनंद सिंह को सलाह दी कि अगर राज्यपाल सरोजिनी नायडू इसकी नींव रखेंगी तो किसी को आपत्ति नहीं होगी। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद 24 जुलाई 1948 को सरोजिनी नायडू ने शिलान्यास किया और ज़मीन का विवाद खत्म हो गया।

घंटाघर का निर्माण कुंवर आनंद सिंह ने अपने परिवार के सहयोग से पूरा कराया। इसमें लगभग पचास हजार रुपये का खर्च आया, जो बलवीर सिंह की पत्नी श्रीमती समभरी देवी और उनके बेटों आनंद सिंह, हरि सिंह, शेर सिंह और अमर सिंह ने मिलकर दिया।

अक्टूबर 1953 में तत्कालीन रेल और यातायात मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने इसका उद्घाटन किया। घंटाघर की ऊँचाई करीब 80 फीट रखी गई थी, और इसका निर्माण चौधरी नथूलाल, नरेंद्र देव सिंघल और ईश्वर प्रसाद ने किया। इंजीनियर हरिशंकर मित्तल और रामलाल ने इस काम को पूरा किया।

घंटाघर बनने के बाद कुछ लोगों ने अफवाह फैलाई कि इसकी मीनार टेढ़ी है और कभी भी गिर सकती है। लेकिन बाद में वास्तु विशेषज्ञों ने थियोडोलाइट से माप कर बताया कि मीनार एकदम सीधी है और जनता को डरने की कोई जरूरत नहीं है।

आख़िरकार घंटाघर का निर्माण पूरा हुआ और इसे नगर पालिका देहरादून को सौंप दिया गया जिसमें समय के हिसाब से आज तक बदलाव ही हो रहे हैं बदलाव जरूरी है लेकिन इसकी आधारशिला उसकी वास्तविकता से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

Srishti Civil Classes

20/11/2025
28/10/2025

भारतीय सेना में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार #परमवीर_चक्र किसने डिजाइन किया था? दरअसल परमवीर चक्र को डिज़ाइन करने वाला कोई पुरुष नहीं बल्कि महिला थी, जिनका नाम सावित्री खनोलकर था, असल नाम ईव यवन्नी मड़ाय मोडास था। जो एक स्विस नागरिक थीं। उन्होंने भारत फ़ौज के एक बड़े अफ़सर मेजर जनरल विक्रम रामजी खनोलकर से शादी की। और फिर भारत में ही रहने लगी। इसी दौरान उन्हें भारतीय सेना परमवीर चक्र डिज़ाइन करने का मौक़ा दिया गया, और उन्होंने डिज़ाइन किया।

ज्ञात रहे के भारत में पहला परमवीर चक्र मेजर सोमनाथ शर्मा को मिला, जो इसी परिवार से ताल्लुक़ रखते थे।



Srishti Civil Classes

28/10/2025

दक्षिण अमेरिका के प्रमुख पर्वत


Srishti Civil Classes

27/10/2025

भारत के प्रमाणु उर्जा केंद

Srishti Civil Classes

Want your school to be the top-listed School/college in Dehra Dun?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Telephone

Address


101, Above SBI ATM, Near Survey Chowk, KARANPUR
Dehra Dun
248001

Opening Hours

Monday 7am - 7pm
Tuesday 7am - 7pm
Wednesday 7am - 7pm
Thursday 7am - 7pm
Friday 7am - 7pm
Saturday 7am - 7pm