03/01/2026
सावित्रीबाई फुले जी का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था और उनका निधन 10 मार्च 1897 को हो गया।
सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षक और समाज सुधारक थीं जिन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर महिलाओं और दलितों की शिक्षा के लिए अभूतपूर्व काम किया । उन्होंने देश का पहला बालिका विद्यालय 1848 में पुणे में खोला और विधवा पुनर्विवाह, छुआछूत उन्मूलन, सामाजिक आंदोलनों का नेतृत्व किया। जिससे वे 'भारतीय नारी आंदोलन की जननी' कहलाईं और शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया।
1848 में ज्योतिराव फुले के साथ पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला और 18 स्कूलों का संचालन किया, जहाँ उन्होंने स्वयं शिक्षा प्राप्त कर दूसरों को प्रेरित किया।
विधवा पुनर्विवाह, बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई; अछूतों और शोषितों के लिए शिक्षा को हथियार बनाया।
उनका योगदान: 'काव्य फुले' और 'बावन काशी सुबोध रत्नाकर' जैसी रचनाएँ लिखीं।
उनके जन्मदिन पर 3 जनवरी को महाराष्ट्र में बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है और पुणे विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय खोला गया।