31/03/2026
*प्रेस–विज्ञप्ति*
आज दिनांक 31.03.2026 को जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहीद कॉमरेड चंद्रशेखर प्रसाद तथा श्याम नारायण यादव के शहादत दिवस के अवसर पर आइसा के तत्वावधान में लोहिया चरण सिंह कॉलेज के सभागार में ‘कॉमरेड चंद्रशेखर प्रसाद की क्रांतिकारी विरासत और आज के छात्र आंदोलन के एजेंडे’ विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यकम की अध्यक्षता जन संस्कृति मंच के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. रामबाबू आर्य ने की तथा मंच–संचालन आइसा नेता मिथिलेश कुमार यादव ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ एवं समापन जनगायक भोला जी के जनवादी गीतों से हुआ।
मुख्य वक्ता जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र प्रसाद सुमन ने कहा कि कॉमरेड चंद्रशेखर की शहादत 23 मार्च के सर्वोच्च बलिदान यानी शहीद–ए–आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत के सर्वोच्च बलिदान से होकर गुजरती है। जिस प्रकार भगत सिंह के आदर्श करतार सिंह सराभा थे उसी तरह चंद्रशेखर के आदर्श भगत सिंह और चे ग्वेरा थे। कॉमरेड चंद्रशेखर ने भगत सिंह की जिंदगी और चे ग्वेरा की मौत को आत्मसात कर समाजवादी–साम्यवादी सपने को साकार करने के लिए लड़ते हुए शहादत दी थी। आज उनके क्रांतिकारी विरासत की हिफाजत अपनी और आने वाली पीढ़ियों की हिफाजत है।
वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जसम के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. रामबाबू आर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार जनता का निरबुद्धीकरण कर रही है। आज के दौर में सरकार सार्वजनिक शिक्षा पर सबसे तीखा हमला कर रही है। ऐसे समय में कॉमरेड चंदू के सपने को याद करने का अर्थ है, सार्वजनिक शिक्षा को बचाने के लिए संघर्ष और यूजीसी समता एक्ट जैसे कानूनों को लागू करवा शिक्षण संस्थानों का वास्तविक मायने में जनतंत्रीकरण करें।
विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ.संतोष कुमार यादव ने कहा कि कॉम चंदू की विरासत तभी बचेगी, जब हम छात्र–नौजवान शिक्षा के साथ–साथ जनसरोकारों से जुड़ेंगे।
मौके पर जसम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य समीर, जय नारायण, अख्तर, अनिल, राहुल, लक्ष्मीनारायण , दीपक, गोलू, अमरेंद्र, मयंक,परवीन, दीपन... आदि ने अपनी बातें रखीं।
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