फुलपरास (मधुबनी, बिहार) में जदयू उम्मीदवार शीला मंडल के रोड शो के दौरान एक दुखद दुर्घटना हुई है। आरोप है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से हार की बौखलाहट के कारण रोड शो में शामिल वाहनों की भीड़ और लापरवाही के चलते एक 8 वर्षीय मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में यह आरोप लगाया जा रहा है कि सत्ता के लालच में उम्मीदवार की गाड़ी या काफिले ने बच्चे को कुचल दिया। लोग बिहार चुनाव आयोग से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना से इलाके में आक्रोश है और लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं।यह बेहद दुखद है कि चुनावी उत्साह के नाम पर मासूमों की जान खतरे में डाली जा रही है। उम्मीद है चुनाव आयोग इस पर संज्ञान लेगा और दोषियों पर सख्त एक्शन होगा। बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। #न्याय_की_मांग #बचाओ_मासूम_को
एक बिहारी
News updates.... A step towards success...
शीला मंडल ने १ रुपया भी खर्च नहीं किया पूरे विधान सभा क्षेत्र में ५ साल में सब पैसा घोटाला कर लिया परिवहन मंत्री रहते हुए ५ साल तक एक बस स्टैंड भी नहीं बनवाया फुलपरास को भ्रष्टाचारी के चंगुल से बाहर निकाले।
06/11/2025
एनडीए के नाम पर हम वोट देते हैं, लेकिन बिहार की सबसे अधिक पिछड़ी विधानसभा फूलपरास है। यहाँ गरीबी और कुव्यवस्था चरम पर है। गरीबों के हित में उनकी बुनियादी आवश्यकताएँ पूरी करने के लिए ही विधायक चुना जाता है — न कि व्यापार के लिए।
गरीब लोग इलाज की कमी के कारण मर रहे हैं; कभी सरकारी अस्पताल जाकर देखिए। महोदया अपने साम्राज्य के विस्तार में लगी हैं और आने वाली कई पीढ़ियों के लिए धन संचय कर रही हैं।
गरीबों को रोजगार नहीं है। महिलाएँ गाँव में अकेली रहती हैं क्योंकि उनके पति दूसरे राज्यों में नौकरी करते हैं — उन्हें भी अपने परिवार के साथ रहने का अधिकार है।
महोदया समाज को बाँटकर वर्षों तक राज करना चाहती हैं। अतः सभी लोग एकजुट होकर इनके अलावा किसी और को चुनें; अन्यथा क्या होगा, वह अकल्पनीय है।
एनडीए के नाम पर हम इन्हें चुनते हैं, और ये वीर कुंवर सिंह का अपमान करती हैं।
ऐसे घमंडी और असामाजिक लोगों को सत्ता सौंपना एक बड़ी भूल होगी।
जन सुराज को चुनें।
जलेन्द्र मिश्रा के स्कूल का बस्ता छाप बटन दबाकर भारी मतों से विजयी बनाएं।
प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री बनाएं।
सतर्क रहें, सजग रहें, अपने अधिकारों को समझें।
जय बिहार! 🇮🇳
🗳️ फुलपरास की जनता के नाम संदेश 👇
🇮🇳 एनडीए के नाम पर हम वोट देते हैं,
लेकिन बिहार की सबसे पिछड़ी विधानसभा फुलपरास आज भी गरीबी और कुव्यवस्था से जूझ रही है।
गरीबों के हित में, उनकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने के लिए विधायक चुना जाता है —
न कि नितीश चाचा की सेवा के लिए।
🏥 गरीब लोग इलाज के अभाव में मर रहे हैं,
कभी सरकारी अस्पताल जाकर देखिए, क्या स्थिति है,
और उधर “महोदया” अपने साम्राज्य के विस्तार और आने वाली पीढ़ियों के लिए धन संचय में व्यस्त हैं।
💼 लोग रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों में भटक रहे हैं।
उन्हें भी अपने परिवार के साथ रहने का अधिकार है।
🗳️ एनडीए के नाम पर हम इन्हें चुनते हैं,
और ये वीर कुंवर सिंह का अपमान करती हैं।
ऐसे घमंडी और असामाजिक लोगों को सत्ता सौंपना
एक बड़ी भूल होगी।
✊ सतर्क रहें, सजग रहें, अपने अधिकारों को पहचानें।
जय बिहार! 🇮🇳
🔴 आखिर क्यों हो रहा है?
फुलपरास की निवर्तमान विधायक एवं परिवहन मंत्री शीला मंडल के खिलाफ जनता का भारी विरोध —
जनता का सवाल सीधा है 👇
पाँच साल के कार्यकाल में क्षेत्र में क्या बदलाव आया?
🚧 न सड़कें बनीं
💼 न रोज़गार बढ़ा
🏥 न अस्पताल की समस्या सुलझी
🚉 रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं
🎓 डिग्री कॉलेज में पढ़ाई की व्यवस्था नहीं
🚏 बस स्टॉप तक नहीं
🏚️ गरीबों को घर नहीं मिला
🏫 विद्यालय है तो भवन नहीं
💧 जलजमाव की समस्या का कोई समाधान नहीं
💢 मोहतर्मा अपना व्यापार चलाती रहीं —
पद और धन का दुरुपयोग कर गरीबों को सताया जा रहा है।
अतिक्रमण के नाम पर उनके घर उजाड़े जा रहे हैं।
🏥 सरकारी अस्पताल को घोघरडीहा से अपने निजी आवास (बेलहा) के बगल में स्थानांतरित किया जा रहा है,
ताकि नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र को निजी हित में संचालित किया जा सके।
⚠️ जनता अब वादा नहीं, जवाब चाहती है!
🗣️ फुलपरास की आवाज़ साफ़ है — बदलाव ज़रूरी है!
💪 अब काम ही पहचान बनेगा, पद नहीं।
30/10/2025
एक बार प्रेम से बोलिए — 🌾 जय बिहार! 🙏💫
बिहार की राजनीति आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ जनता असमंजस में है —
एक तरफ आरजेडी है जो सत्ता के लिए किसी भी समझौते को तैयार है,
तो दूसरी तरफ भाजपा है जो सम्राट चौधरी को अगला सीएम चेहरा बनाना चाहती है।
लेकिन सच्चाई यह है कि —
➡️ एक तरफ “जंगलराज” का डर है,
➡️ दूसरी तरफ “विवादों” से घिरे नेता।
जनता सोच रही है कि आखिर किस पर भरोसा किया जाए?
क्योंकि ये दोनों ही बिहार को विकास की राह पर ले जाने में असमर्थ साबित हुए हैं।
अब वक्त आ गया है कि बिहार की जनता “दल” नहीं, “योग्यता” देखे —
📚 शिक्षित उम्मीदवार,
🫱 ईमानदार नेतृत्व,
🤝 समाजसेवा से जुड़ा प्रतिनिधि —
चाहे वह किसी पार्टी से हो या निर्दलीय ही क्यों न हो।
हमारा लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए —
👉 जाति नहीं, योग्यता को वोट दो!
👉 भाषण नहीं, काम को वोट दो!
👉 दल नहीं, देश और राज्य के विकास को वोट दो!
क्योंकि असली विकल्प कोई नेता नहीं — जनता खुद है।
जब जनता ठान ले, तो बदलाव निश्चित है। 🙏
26/10/2025
अमित शाह जी ने कहा था कि अगर एन.डी.ए. की सरकार बनेगी तो सभी बंद चीनी मिलों को फिर से चालू कराया जाएगा।
लेकिन हकीकत तो यह है कि सरकार बनने के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने उन चीनी मिलों की ज़मीन पर ही कब्ज़ा कर लिया।
अब सवाल यह है —
👉 क्यों नहीं कहा जाता उन नेताओं से कि वादे के मुताबिक चीनी मिलों को चालू करवाएं?
👉 क्यों जनता से किए गए वादों को भुला दिया गया?
👉 क्या किसानों और मजदूरों की उम्मीदों के साथ ऐसा व्यवहार सही है?
जनता अब सब समझ रही है — वादे चुनाव के वक्त याद आते हैं, और कुर्सी मिलते ही भूल जाते हैं।
24/10/2025
#फुलपरास #जनता_का_सवाल
😏 फुलपरास की विधायक शीला मंडल की 5 साल की “महान” उपलब्धियाँ…..!
1️⃣ घोघरडीहा अस्पताल को बेलहा ले जाना ❌
2️⃣ पैसे लेकर परिवहन विभाग में नौकरी देना 💸❌
3️⃣ अरबों की प्रॉपर्टी बनाना 🏠💰❌
4️⃣ जनता के साथ बदसलूकी 😡❌
5️⃣ और हाँ, सड़क, बिजली ⚡ और जल-जमाव 💦 जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान न करना 😅
❓ क्या यही है जनता की सेवा? या बस दिखावे का खेल?
❓ फिर किस आधार पर जनता उन्हें दोबारा चुने? 🧐
#फुलपरास #राजनीति #व्यंग्य #जनता_का_सवाल
39-फुलपरास विधानसभा से शीला मंडल को छोड़कर आप किसे चुनना चाहेंगे?
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