07/09/2023
शिक्षा प्राप्त करना एक तपस्या है,इसके लिए वक्तिगत निगरानी का होना अत्यंत आवश्यक है,जो ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से कतई संभव और पूर्ण नहीं हो सकता...!!!
ऑनलाइन शिक्षा अधूरी शिक्षा की निशानी है।
एस. के.सिंह
17/06/2023
सफलता एक यात्रा है, मंजिल नहीं!
परिणाम से अधिक महत्वपूर्ण प्रयास है।
26/01/2023
पूजा के शुभ अवसर पर हमने छात्रों के आमंत्रण पर बिहार के कई जिला जिसमे दरभंगा,मधुबनी,एवम् सुपौल जिले तक लगभग 300km यात्रा की शुभकामनाएं एवम् बधाई दी...
कई छात्रों और मित्रो का मैसेज आया की आपने मेरे यहां नहीं आया...हम उन सभी छात्रों को वचन देते है अगली बार आप सभी के आमंत्रण पर जरूर पहुचेंगे..दरभंगा,मधुबनी,सुपौल के अलावे और कई जिले जैसे समस्तीपुर,सीतामढ़ी,मुजफ्फरपुर,अररिया,
पूर्णिया,सहरसा तक के सभी छात्रों से जरूर मिलेंगे
आप सबों से नहीं मिला पाया उसके लिए माफी चाहता हूं l
धन्यवाद
12/12/2022
आज 12th में ऑनलाइन टेस्ट ली गई जिसमे 70 नंबर के ऑब्जेक्टिव प्रश्न में से 70 का 70 सही जवाब ज्योति कुमारी ने दी जिसे हमने पुरस्कृत कर छात्र और छात्राओं में प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार कर दिया हूं। ताकि आने वाले समय में 1 नहीं सारे बच्चों में प्रथम स्थान लाने की होड़ हो और सभी अपनी पढाई में लगन से खूब मेहनत कर सके। आप सभी बायलॉजी एक्सिस के अमूल्य धरोहर है।
खूब मेहनत करें आपके
शिक्षक :-
े_सिंह
24/10/2022
दीपावली की आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं। प्रकाश का यह पर्व हर किसी के जीवन में खुशियां और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
े_सिंह
Wishing everyone a Happy Diwali. Diwali is associated with brightness and radiance. May this auspicious festival further the spirit of joy and well-being in our lives. I hope you have a wonderful Diwali with family and friends.
17/09/2022
प्रयास अच्छी लेकिन कितनी अच्छी है यह समय बताएगा क्यू की मीडिया ने जिस तरह अपनी व्यखान दी है,निश्चित रूप से उन्हें पढ़ाई की पूरी जरूरत है,बिना पढ़े लिखे आ जाते है ज्ञान देने.....
.क्या चीता भविष्य में अनुकूलित हो सकेगा..???
्या उसकी जान सुरक्षित रह सकेगी..??
#क्या उसे मौसम और दूसरे जानवरों से कितनी दिक्कत होगी..??
समय बताएगा यह आने वाले कुछ दिन अहम होने वाला है।
चीता के बारे में...जानकारी ले लिया जाए... नहीं है तो...
शेर हमेशा चीतों की जान ले लेता है....
भारत में नामीबिया के चीतों को बसाए जाने से कुछ लोग उत्साह में है। जाहिर है कि जानवरों के बारे में हमारी समझ बहुत ही अधूरी है। और हम उस समझ को बदलना भी नहीं चाहते। न ही इस बारे में कुछ पढ़ना-समझना चाहते हैं। यही कारण है कि कुछ पत्रकार इस तरह की खबरें चला रहे हैं कि भारत में शेर अब चीता लेकर आया है। लेकिन, उन्हें शायद पता नहीं कि जंगल में शेर जब भी मौका मिले चीते को मार देते हैं।
मांसाहारी जीव एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं। जब भी मौका मिलेगा एक बाघ किसी तेंदुए को मार देगा। जब भी मौका मिलेगा एक शेर चीते को मार डालेगा। जब भी मौका लगेगा बाघ और शेर में एक दूसरे को मारने की लड़ाई छिड़ जाएगी। वे एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं। यहां तक कि स्पाटेड हायना भी शेरों के बच्चों को मारने की फिराक में लगे होते हैं। शेर भी जहां मौका लगे हायना (लकड़बग्घा) को मार डालते हैं। हाथी को भी अगर मौका मिल जाए तो वो शेरों को बच्चों को मार डालते हैं।
इसके पीछे कुल मिलाकर मतलब पारिस्थितिक संतुलन बनाने से है। मांसाहारी जानवर एक-दूसरे की जान के पीछे पड़े रहते हैं। किसी चीते या लकड़बग्घे को मारने के बाद शेर उसे खाता नहीं है। क्योंकि, चीता या लकड़बग्घा उसके लिए खाना नहीं है। उसके लिए वह प्रतिद्वंद्वी है। दुश्मन है। आज अगर उसे नहीं मारा गया तो कल वह उसके शिकारों पर हमला करेगा। उसके साथ भोजन साझा करना पड़ेगा। इसीलिए वह जब भी मौका लगे वह उसे मार डालता है। इसलिए कृपया शेर लाया चीता जैसे मुहावरे का इस्तेमाल नहीं करें। इससे सिर्फ यही पता चलता है कि आप वन्यजीवों के मामले में कितने बड़े अनपढ़ हैं।
फिर गूंजी चीते की दहाड़ भी गलत है। क्योंकि, चीते दहाड़ते नहीं है। इसकी बजाय यह कहा जा सकता है कि भारत में फिर से फर्राटा भरेंगे चीते। क्योंकि, रफ्तार के ही वे प्रतीक हैं। रफ्तार ही उनका सबकुछ है। उनकी दहाड़ में जान नहीं है। उनकी रफ्तार में जान है।
इसलिए जैसे ही आप कहते हैं कि फिर गूंजेगी चीते की दहाड़, आप अपने आप को फिर से अनपढ़, जाहिर और अहमक सिद्ध करते हैं।
चित्र इंटरनेट से लिया गया है। इसमें एक शेरनी चीते की हत्या कर रही है। अफ्रीका के जंगलों में हत्या के ऐसे मामले अक्सर ही सामने आते रहते हैं।
04/09/2022
दिल को शिक्षित किए बिना दिमाग को शिक्षित करना कोई शिक्षा नहीं है
B.Sc(ZOOLOGY HONOURS)
2022-2025
TIME:-7AM,4PM
पता:- पंचमुखी हनुमान मंदिर भटियारीसराय,दरभंगा निकट
sky computer
12/08/2022
रक्षा बंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं एवम् बधाई... दुनियां की तमाम बहनों को...दो दिन होने के बाद भी, हम बिहारी भाई बहन स्वाभिमानी होते है,इसी लिए सवेरे सवेरे जल्दी उठकर स्नान कर राखी 12 तारीख को ही सुबह 7 बजे से पहले राखी बंधवा लिए , क्यू राखी को सावन में ही होना है। आगे सावन खत्म जो होने वाला है। नियम कुछ भी हो रास्ता ढूंढना हम भाई बहन बेहतर जानते है।
28/07/2022
“योग्यताएँ कर्म से पैदा होती हैं, जन्म से हर व्यक्ति शून्य होता है”