10/10/2021
मेकैनिक की लड़की रूखसार ने बीडीओ बन साबित किया, दिल से किया मेहनत बेकार नही जाता
Source : ब्यरो रिपोर्ट हिन्द टीवी 24
दरभंगा के हायाघाट बिलासपुर निवासी एक सिलाई मशीन बनाने वाले मेकैनिक मो.आफताब आलम उर्फ चाँद ने नजफगढ़ में रहकर अपने बच्चों को इस तरह तालीम दिया कि उनकी छोटी लड़की ने 65वा बीपीएससी में 275 रैंक लाकर बीडीओ के पद पर उनका चयन हुआ। रूखसार ने बीपीएससी में सफलता हासिल कर ये साबित कर दिया है कि अगर दिल से मेहनत किया जाए तो वो कभी बेकार नही जाता, कामयाबी एक न एक दिन कदम चूमती है। आपको बताते चले कि हायाघाट के बिलासपुर के निवासी मो.आफताब आलम और शहज़ादी बेगम की सुपुत्री रूखसार ने अपने पहली कोशिश में ये कामयाबी हासिल की है। इनके पिता पेशे से मैकेनिक है और पढ़ना लिखना भी सही से नही जानते है। वे आपने परिवार के साथ फिलहाल गुड़गावं में रह रहे है। चार भाई बहनों में रूखसार छोटी बहन है। रूखसार की शिक्षा दीक्षा दिल्ली से हुई है। बहरहाल रूखसार की ये कामयाबी उन बहानेबाज और निकम्मे लोगो के लिए एक मिसाल हैं जो ये कहने से कभी परहेज नही करते कि जेनेरल कैटोगरी वाले के लिए बीपीएससी निकलना बहुत बड़ा चैलेंज है या जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नही है उनके लिए भी ये बड़ा चैलेंज है। सवाल ये है कि रूखसार और रूखसार के जैसे ऐसे कई सफल छात्रों ने ऐसा सोचा होता तो कभी कामयाबी नही मिलती।
उनके इस कामयाबी पर डॉ. शाहनवाज अहमद कैफ़ी, डॉ खुदादाद अब्दुल अली, तनवीर अहमद, शमा नज़र, एजाज़ अहमद रिज़वी, तुफैल अहमद, ज़की अशरफ, शादाब अतिकी, नसरे आलम, तौसीफ कामरान, मो.आज़म, मिन्टू, अफ़ज़ाल ने उन्हें दिली मोबारकबाद दी है। हज़रत आएशा दरसगाहे इस्लामी सिधौली के प्रिंसिपल मौलाना तनवीर अहमद ने भी मोबारकबाद देते हुए अपने एदारह के बच्चों खासकर लड़कियों को रूखसार से सीख लेने की सलाह दी है।