25/04/2022
हाँ मैं बिहार हूँ
बस्ती बस्ती,शहर शहर मैंने यहाँ का देखा है
जिसको देखो खुद में मस्त लोग यहाँ का पाया है
सुबह जो घूमने खेत को जाओ चिड़िया कू कू करती है
रोज सबेरे लोग यहाँ के नैन बसेरा करते हैं
हाँ मैं बिहार हूँ
पेड़ को देखा,खेत को देखा,नदियाँ देखी और जान-वर
गेहूं देखा,मक्का देखा तोरी देखी तिलहन देखा
सब खेती करते हैं लोग बस नफरत को छोड़ कर
फिर ना जाने रोज़ सवेरे कौवा, कांय- कांय चिल्लाता है।
~~मीर