29/08/2022
ऐमज़ॉन के घने जंगलों में रहने वाली एक आदिवासी प्रजाति कल पूरी तरह समाप्त हो गई। इस प्रजाति का आख़िरी आदमी कल ब्राज़ील में मृत पाया गया। इसका नाम दुनिया के “सभ्य” लोगों ने indio do buraco या Indian of the Hole रखा था। ऐसा इसीलिए क्यूँकि ये “असभ्य” (Indelicate), अभद्र (Indecent), देशी (Indigenes), नासमझ (Indiscreet) और अनुशासनहीन (Indisciplined) होते हैं।
पूरी दुनिया में “सभ्य” लोग आदिवासियों को Indian ही बुलाते हैं। और हम भी इतने सीधे हैं कि दुनिया के “सभ्य” लोगों ने कब हमें खोजकर Indian कहा तो हमने अपनी इस पहचान को दिल से लगा लिया और कहने लगे “I am proud to be an Indian”
ख़ैर अभी बात इस व्यक्ति की जो अपने ट्राइब का आख़िरी आदमी था और अस्सी के दशक से अकेला रह रहा था, उसके सारे रिश्तेदारों को वहाँ के माइनिंग प्रेमियों ने मार दिया, ये किसी तरह से बच गया, और तबसे ये अकेला रह रहा था, इसे Indian of the Hole इसीलिए कहते थे क्यूँकि ये अपनी झोपड़ी में होल यानी गड्ढा खोद कर रहता था,बाद में इससे सम्पर्क करने की तमाम कोशिशें नाकामयाब रहीं क्यूँकि इसने सभ्य समाज के लोगों को अपना दुश्मन मान लिया था, इससे सम्पर्क करने की कोशिश करने पर ये उन पर हमला कर देता था। कल इसके साथ इसकी भाषा, इसका इतिहास सब दफ़न हो गया।
तो ऐमज़ॉन के घने जंगलों में रहने वाले एक नंगे, असभ्य, आदिवासी जिसका सब कुछ एक सुंदर कपड़े पहनने वाले, सभ्य और सुसंस्कृत समाज के लोगों ने छीन लिया था, वो अब इस संसार से सम्पूर्ण रूप से विदा हो गई।
वो प्रकृति जिससे हमने सब कुछ ले रखा है और लेते हो रहना चाहते हैं, वो अपने प्रकृति के संरक्षक लोगों की हत्या को चुपचाप देख रही है, लेकिन कब तक चुपचाप रहेगी ये नहीं पता…
वैसे सभ्य समाज के एक बहुत बड़े वैज्ञानिक न्यूटन ने इस संसार के अंत की डेट लिख कर गए हैं और उनके अनुसार ये दुनिया 2060 में समाप्त हो जाएगी। हालाँकि इंसान की बदमाशियाँ इस डेट तक पहुँचने की और ज़्यादा जल्दी में नज़र आती है।
ख़ैर, तब तक ऐसा कुछ हो नहीं जाता, हम लोग Proud to be an Indian कहके Red Indian, West Indian, Indian और Indonesian लोगों का एक समूह बनाकर ख़ुद को Indian कहे जाने का कारण तो ढूँढ ही सकते हैं…