02/12/2024
भारत की सबसे लंबी सड़क का नाम है NH44 यानी राष्ट्रीय राजमार्ग 44 है.. यह हाईवे उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता है। यह सड़क श्रीनगर से कन्याकुमारी तक बनाई गई है। इस सड़क की कुल लंबाई 4,112 किमी है जो दिल्ली, आगरा, ग्वालियर, झाँसी, सागर, नागपुर, हैदराबाद, बेंगलरू, मदुराई से होकर गुजरती है।
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17/11/2024
ससुर जी को गुजरे एक महीना हो चुका था। ननंद और नंदोई सासू मां को समझा रहे थे कि कौन से पैसे कहां रखने हैं, कैसे इन्वेस्ट करना है, गहने कहां रखना है, और घर का कौन सा हिस्सा किराए पर दे देना है। बेटे ने भी कुछ सलाह दी, लेकिन सासू मां का जवाब साफ था, "तुम तो चुप रहो। तुम दोनों तो पापा के जाने के बाद मुझे किनारे करके सब कुछ अपने कब्जे में करना चाहोगे।"
बेटा चुप हो गया, लेकिन बहू से यह बर्दाश्त नहीं हुआ। उसने कहा, "अपनी ही संपत्ति, जो कल को हमें ही मिलनी है, उसे हड़पकर आपको किनारे करके हमें क्या मिलेगा?"
सासू मां ने गुस्से में कहा, "तुम लोग क्यों पाओगे? मैं जिसे चाहूं उसे दूंगी। और तुम कौन होती हो, हमारे घर के मामले में बोलने वाली?" पति ने बहू को चुप रहने के लिए कहा, "हमें क्या लेना देना है। मां को जो करना है, करने दो। हम खुद अच्छा कमाते खाते हैं।"
लेकिन बहू ने जवाब दिया, "क्यों नहीं बोलूंगी मैं? घर की जिम्मेदारियां निभाना, सबका ध्यान रखना, अगर ये फर्ज मेरे हैं, तो हक भी मेरा है। पापा के अंतिम दिनों में मैंने ही उनकी सेवा की थी, दिन-रात एक कर दिया था। और आज जब संपत्ति की बात आई, तो बेटी-दामाद सामने आ गए। तब कहां थे ये सब?"
सासू मां ने कहा, "तुम्हें इस घर के मामलों में बोलने का कोई हक नहीं है।" बहू ने पलटकर कहा, "जब पापा अस्पताल में थे, तब कौन था उनकी सेवा करने वाला? जब आपकी तबीयत खराब होती है, तो कौन आपकी देखभाल करता है? तब आप मुझसे उम्मीद करती हैं, लेकिन जब संपत्ति की बात आती है, तो मैं बाहरी हो जाती हूं?"
सासू मां गुस्से में चिल्लाई, "ज्यादा जबान मत चलाओ, वरना घर से निकाल दूंगी। भूलो मत कि सब कुछ अभी भी मेरे नाम पर है।" बेटे ने कहा, "चलो, हम यहां से चले जाते हैं। जो करना है, मम्मी को करने दो। लोग कहेंगे कि हमने सब कुछ ले लिया।"
बहू ने दृढ़ता से कहा, "आप मुझे इस घर से नहीं निकाल सकतीं। मैंने इस घर का हर काम अपनी जिम्मेदारी समझकर किया है, और अब मैं अपने हक के लिए भी खड़ी रहूंगी। फर्ज निभाने में तो बेटा-बहू सबसे आगे होते हैं, लेकिन जब हक की बात आती है, तो हमें चुप करा दिया जाता है। ऐसा नहीं चलेगा। अब जैसा मैं चाहती हूं, वैसा ही होगा।"
फिर बहू ने मेहमानों को इशारा करते हुए कहा, "जल्दी अपने घर जाएं। मेहमान बनकर किसी के घर में ज्यादा दिन रहना सही नहीं।" सासू मां चिल्लाईं, "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसा बोलने की? धक्के मारकर निकाल दूंगी तुम दोनों को!"
बहू ने फिर कहा, "जो करना है कर लीजिए। यह सब नाटक इसलिए किए जाते हैं ताकि बेटा-बहू अपना हक छोड़ दें और फर्ज निभाने के लिए तैयार रहें। लेकिन मैं ऐसा नहीं करने वाली। मैं अपने फर्ज भी निभाऊंगी और अपना हक भी लेकर रहूंगी।"
कहकर बहू अपने कमरे में चली गई, और सासू मां, ननंद और नंदोई चुपचाप खड़े देखते रह गए। उन्हें समझ में आ गया कि बहू के रूप में एक सशक्त व्यक्तित्व से उनका सामना है।
04/07/2024
now dismis name from goverment school who read in private school
19/12/2023
एक बार अमेरिकी प्लेन बनाने वाली कंपनी बोइंग ने अमेरिकी एरोनॉटिकल साइंस के प्रोफेसर्स को फ्री हवाई यात्रा का न्योता दिया। सारे अध्यापक पहुंच गए और प्लेन में जाकर बैठ गए।
जब प्लेन का दरवाजा बंद हो गया तब पायलट ने अनाउंस किया की सभी सज्जनों की सूचित किया जाता है की यह प्लेन आपके द्वारा पढ़ाए गए छात्रों द्वारा बनाया गया है। जो पिछली साल ही पास हुए थे। और आज इस प्लेन की पहली टेस्टिंग उड़ान है। क्या आपको गर्व महसूस हो रहा है ?
ये सुन के अध्यापकों के पसीने छूट गए। सब आनन फानन में सीट बेल्ट खोल के उतरने को भागे। उतरने के लिए प्लेन में भगदड़ मच गई। लोग चीखने पुकारने लगे की नीचे उतारो। लेकिन एक प्रोफेसर आराम से बैठा था।
उतरने की लाइन में लगे एक प्रोफेसर ने उसे शांत बैठे देख के पूछा कि आप बड़े शांत लग रहे। अपको नही लगता की टेस्टिंग फ्लाइट में बैठना... वो भी हाल में पास हुए स्टूडेंट की बनी हुई.. कुछ ज्यादा ही खतरनाक है.. इस पर अध्यापक ने बड़ा प्यारा मेसेज दिया की, "हो सकता है की ये जहाज उतना मजबूत न हो लेकिन ..मुझे अपने विद्यार्थियों पर पूरा भरोसा है। "... उसकी बात अधूरी छोड़ भाई साहब लाइन में आगे बढ़ गए..
प्रोफेसर ने बात पूरी की.... "कि अगर ये प्लेन सच में मेरे विधार्थियों ने बनाया है तो साला स्टार्ट भी नहीं होगा... उड़ना तो दूर की बात है.. बैठो आराम से"..😂😂
#कालचक्र
04/12/2023
I have reached 400 followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉
03/09/2023
ACS केo केo पाठक का नया पत्र
●जो बच्चा लगातार 15 दिन विद्यालय ना आये उसका नामांकन रद्द किया जाये
●जो बच्चे निजी स्कूल में नामांकित हैं और केवल DBT के लाभ के लिये 15 दिन में 1-2 बार स्कूल आते हैं उनका भी नामांकन रद्द किया जाये।
#बिहार #ब्रेकिंग